कंप्यूटर (भौतिक विज्ञान) (भाग-I)

Total Questions: 30

1. एक पूर्ण रूप से संयोजित नेटवर्क में, 6 नोड को जोड़ने के लिए कितनी लाइनों की आवश्यकता होती है? [CHSL (T-I) 15 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) 15
Solution:
  • एक पूर्ण रूप से संयोजित नेटवर्क में 6 नोड को जोड़ने के लिए 15 लाइनों की आवश्यकता होती है।
  • वह नेटवर्क होता है जिसमें प्रत्येक नोड हर अन्य नोड से सीधे जुड़ा होता है।
  • 6 नोड्स को जोड़ने के लिए कुल 15 लाइनों (या किनारों) की आवश्यकता होती है।
  • यह गणना संयोजन गणित (combinatorics) पर आधारित है।
  • गणना सूत्र
    • पूर्ण ग्राफ में n नोड्स के लिए किनारों (लाइनों) की संख्या का सूत्र E=n(n−1)2 है।
    • यह सूत्र इसलिए लागू होता है क्योंकि प्रत्येक नोड अन्य सभी n-1 नोड्स से जुड़ता है
    • लेकिन प्रत्येक कनेक्शन दो नोड्स के बीच होता है
    • इसलिए दोहराव से बचने के लिए 2 से भाग देते हैं।
    • n=6
    • n−1=5
    • n(n−1)=6×5=30
    • E=302=15
  • नोड्स के बीच कनेक्शन उदाहरण
    • नोड्स को A, B, C, D, E, F मानें। कनेक्शन इस प्रकार होंगे:
    • A से: B, C, D, E, F (5 लाइनें)
    • B से: C, D, E, F (4 अतिरिक्त, A पहले कवर)
    • C से: D, E, F (3 अतिरिक्त)
    • D से: E, F (2 अतिरिक्त)
    • E से: F (1 अतिरिक्त)
    • कुल: 5 + 4 + 3 + 2 + 1 = 15 लाइनें। यह त्रिकोणीय संख्या (triangular number) का 5वां सदस्य है।
  • व्यावहारिक महत्व
    • कंप्यूटर नेटवर्क में यह फुली मेश टोपोलॉजी कहलाती है
    • जहां कोई सिंगल पॉइंट फेल्योर नहीं होता।
    • हालांकि, बड़े नेटवर्क (जैसे 10+ नोड्स) में लाइनों की संख्या तेजी से बढ़ती है
    • (उदाहरण: 10 नोड्स के लिए 45), इसलिए हाइब्रिड मेश इस्तेमाल होता है।
    • यह SSC जैसी परीक्षाओं में सामान्य प्रश्न है।

2. MS Word 365 में कर्सर को एक शब्द के बाईं ओर ले जाने के लिए निम्न में से किस शॉर्टकट (key) का इस्तेमाल किया जाता है? [CHSL (T-I) 10 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) Ctrl + Left arrow key
Solution:
  • MS Word 365 में कर्सर को एक शब्द के बाईं ओर ले जाने के लिए शॉर्टकट (Key) Ctrl + left arrow का प्रयोग किया जाता है
  • Ctrl + Page Up (Key) का प्रयोग डॉक्यूमेंट के पिछले पेज पर जाने के लिए किया जाता है
  • शॉर्टकट का कार्य
    • Ctrl दबाए रखते हुए Left Arrow कुंजी दबाने पर कर्सर वर्तमान शब्द के प्रारंभ (beginning) पर चला जाता है।
    • उदाहरण: यदि कर्सर "विश्व" शब्द के बीच में है
    • तो यह शॉर्टकट कर्सर को "विश्व" के ठीक बाईं ओर (शब्द-प्रारंभ) ले जाएगा।
    • यह सामान्य Left Arrow (जो एक-एक कैरेक्टर ले जाता है) से अलग है।
    • विपरीत दिशा के लिए Ctrl + Right Arrow शब्द के अगले प्रारंभ पर ले जाता है।
    • यह सभी Windows संस्करणों (Word 365 सहित) में मानक है।
  • चयन (Selection) के साथ उपयोग
    • कर्सर मूवमेंट: Ctrl + Left Arrow (चुनाव के बिना)।
    • शब्द चयन: Ctrl + Shift + Left Arrow - पिछला शब्द चुन लेता है।
  • अन्य संबंधित शॉर्टकट्स
    • MS Word 365 में कर्सर नेविगेशन के प्रमुख शॉर्टकट्स:
    • Home: लाइन के प्रारंभ पर।
    • End: लाइन के अंत पर।
    • Ctrl + Home: दस्तावेज़ के प्रारंभ पर।
    • Ctrl + End: दस्तावेज़ के अंत पर।
    • Ctrl + Up/Down Arrow: पैराग्राफ अप/डाउन।
    • ये शॉर्टकट माउस पर निर्भरता कम करते हैं, उत्पादकता बढ़ाते हैं। परीक्षाओं (SSC आदि) में यह सामान्य प्रश्न है।
  • टिप्स और सावधानियां
    • कुछ कीबोर्ड लेआउट (जैसे हिंदी) में काम करता है
    • लेकिन Num Lock चालू रखें। Mac पर Option + Left Arrow समकक्ष है।
    • यदि काम न करे, तो File > Options > Customize Ribbon में जाकर शॉर्टकट सत्यापित करें।

3. कागज की शीट या कंप्यूटर स्क्रीन जैसी द्वि-आयामी सतह का उपयोग करके अणुओं की त्रि-आयामी संरचनाओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए किस सूत्र का उपयोग किया जाता है? [C.P.O.S.I. (T-I) 11 नवंबर, 2022 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) डैश-वेज सूत्र (Dash-wedge formula)
Solution:
  • कागज की शीट या कंप्यूटर स्क्रीन जैसी द्वि-आयामी सतह का उपयोग करके अणुओं की त्रि-आयामी संरचनाओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए डैश-वेज सूत्र (Dash-Wedge Formula) का उपयोग किया जाता है।
  • डैश-वेज सूत्र क्या है?
    • डैश-वेज सूत्र, जिसे वेज-एंड-डैश नोटेशन भी कहा जाता है, एक ग्राफिकल प्रतिनिधित्व है
    • जो सामान्य बंधनों को साधारण रेखाओं से, पृष्ठ की ओर आते बंधनों को मोटी त्रिकोणीय वेज (∧) से और पृष्ठ के पीछे जाते बंधनों को टूटी हुई डैश रेखा (--) से दर्शाता है।
    • यह तरीका 2D माध्यम पर 3D गहराई का भ्रम पैदा करता है
    • जैसे कि केंद्रीय परमाणु के चारों ओर बंधों की व्यवस्था tetrahedral हो।
    • उदाहरणस्वरूप, अमीनो अम्लों जैसे एलानिन (alanine) की संरचना में चिरल कार्बन पर हाइड्रोजन को डैश से, मिथाइल को वेज से और अन्य को रेखा से दिखाया जाता है।
  • कार्यप्रणाली और प्रतीक
    • सामान्य रेखा (-): बंध जो सतह के समतल (plane of paper) पर स्थित होते हैं।
    • वेज (Solid Wedge, ∧ या →): बंध जो दर्शक की ओर (above the plane) आते हैं
    • जो मोटी रेखा से भरा त्रिकोण दर्शाता है।
    • डैश (Dashed Wedge, – – –): बंध जो दर्शक से दूर (below the plane) जाते हैं, टूटी रेखा से चिह्नित।
    • यह नोटेशन न्यूमैन प्रोजेक्शन या फिशर प्रोजेक्शन से भिन्न है
    • क्योंकि फिशर मुख्यतः चिरल कार्बनों के लिए क्षैतिज/लंबवत रेखाओं का उपयोग करता है
    • जबकि डैश-वेज सामान्य tetrahedral ज्योमेट्री के लिए अधिक लचीला है।
  • उपयोग और महत्व
    • यह सूत्र कार्बनिक यौगिकों की स्टीरियोज़ॉमर (enantiomers, diastereomers) को अलग करने में सहायक है
    • जैसे कि ब्रोमोक्लोरोमिथेन (BrCHClCH3) में R/S कॉन्फ़िगरेशन निर्धारित करने के लिए।
    • आबंध-रेखीय सूत्र केवल कनेक्टिविटी दिखाते हैं
    • लुईस संरचना इलेक्ट्रॉनों पर केंद्रित है, और संक्षिप्त संरचनात्मक सूत्र सरलीकृत रूप है
    • लेकिन डैश-वेज ही 3D अभिविन्यास को सटीक रूप से 2D पर चित्रित करता है।
    • यह रसायनशास्त्रियों को अणुओं की वास्तविक आकारिकी समझने में मदद करता है
    • विशेषकर दवाओं और जैविक अणुओं के डिज़ाइन में।
  • उदाहरण
    • CHBrClF (क्लोरोफ्लोरोब्रोमोमिथेन) के लिए: केंद्रीय C को क्रॉस से दर्शाएं, Br को वेज, Cl को डैश, H और F को रेखा से।
    • इससे स्पष्ट होता है कि यह चिरल है और 3D में असममित।
    • इसी प्रकार, ग्लूकोज़ की हॉथोर्थ प्रोजेक्शन में α/β एनोमर को डैश-वेज से बेहतर समझा जा सकता है।

4. C++ किस प्रकार की कंप्यूटर लैग्वेंज का एक उदाहरण है? [CHSL (T-I) 20 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड लैंग्वेज
Solution:
  • C++ एक ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड (Object-Oriented) प्रोग्रामिंग भाषा का उदाहरण है
  • जिसका अर्थ है कि यह डेटा और कार्यों को ऑब्जेक्ट के रूप में संगठित करने पर केंद्रित है
  • C++ किस प्रकार की भाषा है
    • C++ एक General-purpose प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है
    • यानी इसका उपयोग तरह-तरह के सॉफ्टवेयर (सिस्टम, एप्लिकेशन, गेम्स आदि) बनाने में किया जा सकता है।
    • यह Object-Oriented Programming (OOP) को सपोर्ट करती है
    • जिसमें क्लास, ऑब्जेक्ट, इनहेरिटेंस, पॉलिमॉर्फिज़्म, एनकैप्सुलेशन जैसे कॉन्सेप्ट शामिल होते हैं।
    • C++ को अक्सर मिड-लेवल लैंग्वेज कहा जाता है
    • क्योंकि इसमें हाई-लेवल (जैसे क्लास, टेम्पलेट्स) के साथ लो-लेवल (जैसे पॉइंटर, डायरेक्ट मेमरी एक्सेस) फीचर्स भी होते हैं।
  • C++ की मुख्य विशेषताएँ
    • हाई लेवल: क्लास, फंक्शन, टेम्पलेट्स, STL आदि, जिससे कोड लिखना और समझना आसान होता है।
    • लो लेवल: पॉइंटर्स, बिट-लेवल ऑपरेशन, मेमरी मैनेजमेंट, जिससे हार्डवेयर के काफ़ी नज़दीक काम किया जा सकता है।
  • अन्य वर्गीकरण (क्लासिफिकेशन)
    • C++ को पहले कम्पाइलर द्वारा मशीन कोड में बदला जाता है
    • फिर वह कोड सीधे CPU पर रन होता है। इससे इसका परफ़ॉर्मेंस तेज़ होता है।
    • वेरिएबल का डेटा टाइप कम्पाइल टाइम पर तय हो जाता है
    • जैसे int a;, float b; आदि, जिससे टाइप से जुड़ी कई गलतियाँ पहले ही पकड़ी जा सकती हैं।
    • C++ में Main, MAIN और main तीनों अलग-अलग माने जाते हैं; सही main() ही होता है।
  • ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड भाषा के रूप में
    • Encapsulation: डेटा और उससे जुड़े फंक्शन को एक ही क्लास में बांधना।
    • Inheritance: एक क्लास दूसरी क्लास की खूबियाँ (प्रॉपर्टीज, मेथड्स) ले सकती है।
    • Polymorphism: एक नाम, लेकिन अलग-अलग रूप; जैसे एक ही draw() फंक्शन अलग-अलग शेप के लिए अलग तरह से काम करे।
    • Abstraction: अनावश्यक डिटेल छुपाकर सिर्फ ज़रूरी चीज़ें दिखाना।
  • C और मशीन से संबंध
    • C++ को C भाषा के विस्तार (extension) के रूप में विकसित किया गया
    • इसलिए इसमें C की procedural स्टाइल भी मौजूद है।
    • लो-लेवल फीचर्स (जैसे पॉइंटर, एड्रेसिंग) होने के कारण C++ हार्डवेयर के काफ़ी नज़दीक काम कर सकती है
    • इसीलिए इसे सिस्टम प्रोग्रामिंग (जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम, ड्राइवर, गेम इंजन आदि) के लिए भी बहुत इस्तेमाल किया जाता है।

5. किसी अन्य स्तरीय भाषा में कोड लिखने से पहले ....... किसी उद्देशित प्रोग्राम में इच्छित प्रोग्राम की बुनियादी कार्यक्षमता का प्रतिनिधित्व करने में मदद करता है। [CHSL (T-I) 20 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) स्युडोकोड
Solution:
  • किसी उच्च स्तरीय भाषा में कोड लिखने से पहले छद्मकोड (Pseudo Code) किसी उद्देशित प्रोग्राम में इच्छित प्रोग्राम की बुनियादी कार्यक्षमता का प्रतिनिधित्व करने में मदद करता है।
  • प्रोटोटाइप और प्लानिंग का महत्व
    • प्रोटोटाइप एक प्रारंभिक, कार्यशील मॉडल होता है
    • जो सॉफ्टवेयर के मुख्य फीचर्स को सरल रूप से दर्शाता है।
    • यह उच्च-स्तरीय भाषा (जैसे C++, Java, Python) में कोड लिखने से पहले प्रोग्रामर को लॉजिक
    • यूजर इंटरफेस और बेसिक फंक्शनैलिटी टेस्ट करने की सुविधा देता है।
    • फ्लोचार्ट या एल्गोरिदम डिज़ाइन इसकी बुनियाद रखता है
    • जो प्रोग्राम के स्टेप्स को विज़ुअली मैप करता है।
    • इससे जटिल कोडिंग से पहले गलतियाँ पकड़ी जा सकती हैं।
  • प्रक्रिया के चरण
    • एल्गोरिदम/फ्लोचार्ट बनाना: प्रोग्राम की स्टेप-बाय-स्टेप लॉजिक को डायग्राम या स्यूडोकोड में लिखना
    • जैसे "इनपुट लो → कैलकुलेट → आउटपुट दो"।
    • प्रोटोटाइप विकास: सरल कोड या वायरफ्रेम बनाकर मुख्य कार्यक्षमता चेक करना, बिना फुल इम्प्लीमेंटेशन के।
    • टेस्टिंग और रिफाइन: प्रोटोटाइप पर फीडबैक लेकर सुधार, फिर असल उच्च-स्तरीय कोड में जाना।
    • यह निम्न-स्तरीय भाषाओं (मशीन/असेंबली) से अलग है
    • जहाँ डायरेक्ट हार्डवेयर कोड लिखा जाता है बिना अमूर्तन के।
  • लाभ और उदाहरण
    • प्रोटोटाइप से समय, लागत बचती है
    • प्रोग्राम की बुनियादी कार्यक्षमता साफ़ हो जाती है।
    • उदाहरण: गेम ऐप के लिए पहले फ्लोचार्ट से लेवल स्ट्रक्चर प्लान करें, प्रोटोटाइप से कंट्रोल्स टेस्ट करें
    • फिर C++ में फुल कोड लिखें। उच्च-स्तरीय भाषाएँ प्रोटोटाइपिंग को आसान बनाती हैं
    • क्योंकि इनमें अंग्रेजी-जैसे सिंटेक्स होते हैं।

6. कोरल ड्रा (Corel Draw), ....... का उदाहरण है। [CHSL (T-I) 04 अगस्त, 2021 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) डेस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर
Solution:
  • कोरल ड्रा (Corel Draw) एक डेस्कटॉप पब्लिशिंग सॉफ्टवेयर है।
  • यह एक पेशेवर ग्राफिक्स संपादक होता है
  • जिसमें वेक्टर चित्र, ले आउट, फोटो संपादन और टाइपोग्राफी इत्यादि बनाने के लिए सभी आवश्यक उपकरण सम्मिलित होते हैं।
  • मुख्य विशेषताएँ
    • CorelDRAW को Corel Corporation द्वारा विकसित किया गया
    • जो 1989 में पहली बार लॉन्च हुआ।
    • यह सॉफ्टवेयर लोगो, ब्रोशर, विजिटिंग कार्ड, पोस्टर, बैनर और वेब ग्राफिक्स बनाने में विशेषज्ञता रखता है।
    • वेक्टर फॉर्मेट के कारण इसके डिजाइनों को जितना भी ज़ूम किया जाए, क्वालिटी बनी रहती है
    • जो बिटमैप इमेज से अलग है।
  • उपयोग के क्षेत्र
    • प्रिंट मीडिया: फ्लेक्स, बैनर, मैगज़ीन लेआउट और इनविटेशन कार्ड डिजाइन।
    • डिजिटल डिजाइन: लोगो, आइकॉन और वेबसाइट ग्राफिक्स।
    • उन्नत टूल्स: नोड एडिटिंग, टेक्स्ट-टू-पाथ, RGB/CMYK कलर मोड और इफेक्ट्स जैसे मिरर इमेज।
  • इतिहास और संस्करण
    • CorelDRAW मूल रूप से Windows के लिए था, लेकिन अब macOS पर भी उपलब्ध है।
    • नवीनतम वर्जन CorelDRAW Graphics Suite 2021 (v23) है
    • जिसमें Corel PHOTO-PAINT भी शामिल है जो बिटमैप एडिटिंग के लिए है।
    • यह छोटे व्यवसायों से बड़ी प्रिंटिंग कंपनियों तक लोकप्रिय है।

7. निम्नलिखित में से कौन-सी शॉर्टकट की MS Word 365 में दस्तावेज या चयनित टेक्स्ट में वर्तनी और व्याकरण की जांच करने के लिए टास्क पेन प्रदर्शित करती है? [CHSL (T-I) 16 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) F7
Solution:
  • MS Word 365 में F7 शॉर्टकट की का प्रयोग दस्तावेज या चयनित टेक्स्ट में वर्तनी और व्याकरण की जांच करने के लिए टास्क पेन प्रदर्शित करती है।
  • F10 का प्रयोग रिबन पर सक्रय टैब का चयन करने व एक्सेस कुंजी को सक्रिय करने के लिए किया जाता है।
  • F1 शॉर्टकट-की का प्रयोग वर्ड हेल्प टॉस्क पेन (Pane) को डिस्प्ले करने के लिए किया जाता है।
  • कार्यक्षमता
    • जो पूरे दस्तावेज़ या चयनित टेक्स्ट को स्कैन करके वर्तनी त्रुटियों (लाल वेवी अंडरलाइन) और व्याकरण समस्याओं (नीली वेवी अंडरलाइन) को हाइलाइट करता है।
    • यह सुधार सुझाव देता है, जैसे सही शब्द, वाक्य संरचना या शैली सुधार।
    • एआई-संचालित यह टूल स्पष्टता, संक्षिप्तता और औपचारिकता भी जांचता है।**
  • उपयोग की चरणबद्ध प्रक्रिय
    • दस्तावेज़ खोलें और यदि आवश्यक हो तो टेक्स्ट चयन करें।
    • F7 दबाएं; एडिटर पेन तुरंत सक्रिय हो जाएगा।
    • सुझावों की समीक्षा करें: "स्वीकारें", "अनदेखा करें" या "अधिक विकल्प" चुनें; पूर्ण जांच के बाद "पूर्ण" बटन दबाएं।**
  • अतिरिक्त विशेषताएं
    • फ़ाइल > विकल्प > प्रूफ़रीडिंग से नियम अनुकूलित करें
    • जैसे इंटरनेट शब्दों को अनदेखा करना। समीक्षा टैब से भी एडिटर बटन उपलब्ध है।
    • हिंदी टेक्स्ट के लिए भाषा सेटिंग्स (रीव्यू > भाषा > हिंदी सेट करें) में F7 समर्थन करता है।*

8. निम्नलिखित में से किसे कंप्यूटर के मस्तिष्क के नाम से भी जाना जाता है? [SSCऑनलाइन CHSL (T-I) 11 जनवरी, 2017 (II-पाली), JE सिविल परीक्षा 23 मार्च, 2021 (II-पाली), C.P.O. S.I. 5 जून, 2016 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) सीपीयू
Solution:
  • केंद्रीय विश्लेषक इकाई या सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (C.P.U.) को कंप्यूटर का मस्तिष्क कहा जाता है।
  • इसके नाम से ही स्पष्ट है कि यह कंप्यूटर का वह भाग है
  • जहां पर कंप्यूटर प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण करता है।
  • इसके प्रमुख भाग हैं - कंट्रोल यूनिट (C.U.), अरिथमेटिक लॉजिकल यूनिट (A.L.U.), रजिस्टर तथा स्मृति।
  • सीपीयू क्या है?
    • सीपीयू, जिसे सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट या प्रोसेसर भी कहा जाता है, कंप्यूटर का केंद्रीय नियंत्रण इकाई है।
    • यह बुनियादी अंकगणितीय, तार्किक, इनपुट/आउटपुट और नियंत्रण संचालन करता है।
    • प्रोग्राम के निर्देशों को पढ़कर उन्हें पूरा करने का काम यही करता है
    • ठीक वैसे ही जैसे मानव मस्तिष्क सोच-विचार करता है।
  • सीपीयू के मुख्य कार्य
    • कंप्यूटर प्रोग्राम के निर्देशों को निष्पादित करता है।
    • अंकगणितीय और तार्किक गणनाएँ करता है, जैसे जोड़-घटाव, तुलना।
    • इनपुट डेटा को संसाधित कर आउटपुट उत्पन्न करता है।
    • सभी हार्डवेयर घटकों को नियंत्रित करता है।
  • सीपीयू की संरचना
    • ALU (Arithmetic Logic Unit): गणितीय और तार्किक कार्यों के लिए।
    • CU (Control Unit): निर्देशों को नियंत्रित और समन्वयित करने के लिए।
    • इनके अलावा रजिस्टर्स डेटा को अस्थायी रूप से संग्रहीत करते हैं।
    • आधुनिक सीपीयू एक एकीकृत परिपथ (चिप) के रूप में होते हैं, जिसमें अरबों ट्रांजिस्टर समाए होते हैं।
  • क्यों कहा जाता है मस्तिष्क?
    • कंप्यूटर के बिना सीपीयू कुछ नहीं कर सकता
    • क्योंकि सभी प्रसंस्करण का केंद्र यही है।
    • यह लगातार डेटा प्राप्त करता है, प्रोसेस करता है
    • परिणाम देता है। मेमोरी (RAM), GPU या अन्य भाग सहायक हैं
    • लेकिन सीपीयू ही मुख्य प्रोसेसर है।

9. पाइथन (Python) एक ....... है। [CHSL (T-I) 17 मार्च, 2020 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) उच्च स्तरीय भाषा
Solution:
  • पाइथन (Python) एक उच्च स्तरीय भाषा (High Level Language) है।
  • यह बोलचाल और लेखन में प्रयुक्त भाषा के काफी करीब है
  • अतः प्रयोक्ता के लिए इसे समझना आसान होता है।
  • इतिहास
    • आज यह दुनिया की सबसे लोकप्रिय भाषाओं में से एक है
    • खासकर डेटा साइंस, वेब डेवलपमेंट और ऑटोमेशन में।
  • मुख्य विशेषताएँ
    • पाइथन इंटरप्रेटेड, ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड और डायनामिक टाइपिंग वाली भाषा है।
    • कोड की पठनीयता पर जोर: इंडेंटेशन से ब्लॉक बनते हैं, ब्रैकेट्स की जरूरत नहीं।
    • विस्तृत स्टैंडर्ड लाइब्रेरी: itertools, functools जैसी सुविधाएँ फंक्शनल प्रोग्रामिंग सपोर्ट करती हैं।
    • मेमोरी मैनेजमेंट: रेफरेंस काउंटिंग और गार्बेज कलेक्टर का उपयोग।
  • उपयोग क्षेत्र
    • वेब डेवलपमेंट: Django, Flask फ्रेमवर्क से।
    • डेटा साइंस: NumPy, Pandas, Matplotlib से विश्लेषण और विज़ुअलाइज़ेशन।
    • मशीन लर्निंग: TensorFlow, Scikit-learn लाइब्रेरी।
    • ऑटोमेशन, गेम डेवलपमेंट और सिस्टम स्क्रिप्टिंग के लिए भी आदर्श।
    • यह सर्वर-साइड ऐप्स, बिग डेटा हैंडलिंग और रैपिड प्रोटोटाइपिंग में मजबूत है।
  • लाभ और सीमाएँ
    • पाइथन सीखना आसान है, जिससे शुरुआती डेवलपर्स आकर्षित होते हैं
    • क्रॉस-प्लेटफॉर्म सपोर्ट सभी प्रमुख OS पर उपलब्ध है।
    • हालांकि, यह कम्पाइल्ड भाषाओं जैसे C++ से धीमी हो सकती है
    • इसलिए परफॉर्मेंस-क्रिटिकल ऐप्स में सीमित। फिर भी
    • इसके इकोसिस्टम ने इसे AI और क्लाउड कंप्यूटिंग में प्रमुख बना दिया है।

10. हार्ड डिस्क किस प्रकार का संग्रहण उपकरण (स्टोरेज डिवाइस) है? [CHSL (T-I) 05 अगस्त, 2021 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) माध्यमिक
Solution:
  • हार्ड डिस्क, कंप्यूटर से संबंधित एक सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस है।
  • सेकेंडरी स्टोरेज एक मेमोरी है, जिसे कंप्यूटर के बाहर स्टोर किया जाता है।
  • यह मुख्य रूप से कार्यक्रमों (Programmes) और डाटा के स्थायी (Non Volatile) और दीर्घकालिक भंडारण के लिए उपयोग किया जाता है।
  • सीडी, DVD, Flash Drive, SSD आदि भी सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस हैं।
  • हार्ड डिस्क का मूल प्रकार
    • हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD) मुख्य रूप से चुंबकीय तकनीक पर आधारित माध्यमिक संग्रहण (secondary storage) उपकरण है।
    • इसमें एल्यूमीनियम या कांच के समतल, गोलाकार प्लेटर (platters) होते हैं
    • जिन पर चुंबकीय कोटिंग लगी होती है।
    • डेटा को इन प्लेटरों पर चुंबकीय सिर (read/write heads) द्वारा लिखा और पढ़ा जाता है
    • जो प्लेटरों के ऊपर-नीचे हवा में तैरते हुए काम करते हैं।
    • यह मैकेनिकल गति पर निर्भर करता है, जहां प्लेटर 5400 से 15000 RPM तक घूमते हैं।
  • कार्यप्रणाली
    • हार्ड डिस्क में डेटा को सर्कुलर ट्रैक्स और सेक्टरों में विभाजित करके संग्रहीत किया जाता है।
    • लिखने के दौरान चुंबकीय सिर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है
    • जो प्लेटर पर बिट्स (0 या 1) को उल्टा-पुल्टा करके स्टोर करता है।
    • पढ़ने के लिए सिर प्लेटर के चुंबकीय क्षेत्रों का पता लगाता है।
    • आधुनिक HDD में पेरपेंडिकुलर मैग्नेटिक रिकॉर्डिंग (PMR) या शिंगल्ड मैग्नेटिक रिकॉर्डिंग (SMR) जैसी तकनीकें उपयोग होती हैं
    • जो डेटा घनत्व बढ़ाती हैं। स्टोरेज क्षमता 256 GB से लेकर 20 TB तक हो सकती है।
  • तकनीकी आधार पर:
    • पारंपरिक HDD (मैग्नेटिक), SSD (सॉलिड-स्टेट ड्राइव, फ्लैश मेमोरी आधारित, लेकिन कभी-कभी हार्ड डिस्क श्रेणी में शामिल), हाइब्रिड ड्राइव (HDD + SSD का संयोजन)।
    • इंटरफेस आधार पर: SATA (आम घरेलू उपयोग), SCSI/SAS (सर्वर के लिए उच्च प्रदर्शन), फाइबर चैनल (उद्यम स्तर)।
    • उपयोग आधार पर: आंतरिक (कंप्यूटर के अंदर), बाहरी (USB से जुड़ने वाली), सर्वर HDD, नोटबुक HDD। SSD तेज लेकिन महंगे होते हैं
    • जबकि HDD सस्ते और उच्च क्षमता वाले।
  • विशेषताएं और लाभ
    • उच्च क्षमता: बड़ी फाइलें जैसे वीडियो, सॉफ्टवेयर और OS स्टोर करने के लिए आदर्श।
    • गैर-वाष्पशील: पावर ऑफ होने पर डेटा सुरक्षित रहता है।
    • लागत-प्रभावी: प्रति GB कीमत कम। लेकिन गति धीमी (SSD से तुलना में) और शोर/गर्मी उत्पन्न करता है।
    • नुकसान: मैकेनिकल पार्ट्स के कारण फेलियर का खतरा, झटके सहन नहीं कर पाता।
  • आधुनिक संदर्भ
    • आजकल HDD को SSD से प्रतिस्पर्धा मिल रही है
    • लेकिन उच्च क्षमता वाले डेटा सेंटरों में HDD प्रचलित हैं।
    • हाइब्रिड मॉडल दोनों के लाभ देते हैं।
    • रखरखाव के लिए डिफ्रैगमेंटेशन और बैकअप आवश्यक है।