Correct Answer: (a) झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल
Solution:- प्रमाणित कोयला भंडार (कोयला मंत्रालय, भारत सरकार 2018 तक की प्राप्त जानकारी के अनुसार) के संदर्भ में राज्यों के अवरोही क्रम क्रमशः इस प्रकार हैं
- झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल। 1 अप्रैल, 2021 तक की स्थिति के अनुसार, प्रमाणित कोयला भंडार की दृष्टि से शीर्ष चार राज्य क्रमशः इस प्रकार है
- झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ तथा पश्चिम बंगाल । (स्रोत-इंडियन मिनरल्स ईयरबुक, 2021)
- प्रमाणित कोयला भंडारों का अवरोही क्रम (2018 तक)
- कोयला मंत्रालय के आंकड़ों के आधार पर भारत के कुल प्रमाणित कोयला भंडार लगभग 319 बिलियन टन हैं
- जिनमें से अधिकांश गोंडवाना कोयला क्षेत्रों (गोंडwana Coalfields) में केंद्रित हैं। अवरोही क्रम इस प्रकार है:
- झारखंड: सबसे अधिक भंडार (लगभग 26% कुल का), धनबाद, बोकारो, गिरिडीह आदि क्षेत्रों में।
- ओडिशा: दूसरे स्थान पर (लगभग 24-25%), तालचेर, अंगुल, इब वेली प्रमुख।
- छत्तीसगढ़: तीसरे स्थान पर (लगभग 15-20%), कोरबा, रायगढ़, कोरिया क्षेत्र।
- पश्चिम बंगाल: चौथे स्थान पर (लगभग 10-12%), रानीगंज, झरिया (आंशिक रूप से साझा)।
- मध्य प्रदेश: पांचवें स्थान पर (लगभग 9-10%), सिंगरौली, शहडोल, सोन घाटी।
- यह क्रम प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, SSC आदि) में मानक माना जाता है
- क्योंकि ये राज्य गोंडवाना सुपरग्रुप की प्राचीन संरचनाओं पर आधारित हैं।
- भंडारों के वितरण के कारण
- भूवैज्ञानिक कारण: अधिकांश भंडार गोंडवाना युग (200-300 मिलियन वर्ष पुराने) के हैं
- जो पूर्वी और मध्य भारत के डांगो-क्षेत्रों (Dangri Belts) में पाए जाते हैं। झारखंड-ओडिशा पट्टी सबसे समृद्ध।
- गुणवत्ता: ककिंग कोयला (Coking Coal) झारखंड-बंगाल में अधिक, थर्मल कोयला (Thermal) छत्तीसगढ़-ओडिशा में।
- उत्पादन vs भंडार: भंडार के क्रम में झारखंड-ओडिशा शीर्ष हैं, लेकिन उत्पादन में छत्तीसगढ़-ओडिशा आगे (2025 तक ओडिशा सबसे बड़ा उत्पादक)।
- अन्य महत्वपूर्ण राज्य (निम्न क्रम)
- तेलंगाना (सिंगरेनी क्षेत्र): ~7-8%
- महाराष्ट्र (चंदा-वर्धा): ~5%
- आंध्र प्रदेश (सिंगरेनी साझा): सीमित
- ये शीर्ष 5 की तुलना में कम हैं।
- परीक्षा उपयोगिता
- प्रश्न अक्सर MCQ रूप में आते हैं, जहां विकल्पों में झारखंड > ओडिशा > छत्तीसगढ़ > प.बंगाल > म.प्र. सही होता है।
- 2018 के बाद आंकड़े थोड़े बदले (ओडिशा कभी-कभी शीर्ष), लेकिन मंत्रालय के प्रमाणित डेटा के लिए यही मानक क्रम है।
- सिंगरौली जैसे क्षेत्र सीमावर्ती होने से कभी विवादित लगते हैं।