खिलजी वंश (UPPCS)

Total Questions: 31

1. कौन-सा सुल्तान नया धर्म चलाना चाहता था; किंतु उलेमा लोगों ने विरोध किया? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2003]

Correct Answer: (b) अलाउद्दीन
Solution:

अलाउद्दीन खिलजी एक महत्वाकांक्षी सुल्तान था। उसने 'सिकंदर-ए- सानी' (द्वितीय सिकंदर) की उपाधि धारण की और उसे अपने सिक्कों पर अंकित करवाया। वह संपूर्ण विश्व को जीतने की अभिलाषा रखता था और साथ ही एक नवीन धर्म चलाने की भी; किंतु अपने वफादार मित्र एवं कोतवाल अलाउल-मुल्क की सलाह पर उसने अपना विचार त्याग दिया।

2. दिल्ली के किस सुल्तान ने 'सिकंदर सानी' की मानोपाधि धारण की थी? [U.P. Lower Sub. (Pre) 2008]

Correct Answer: (b) अलाउद्दीन खिलजी
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।

3. "जब उसने राजत्व प्राप्त किया, तो वह शरियत के नियमों और आदेशों से पूर्णतया स्वतंत्र था।" बरनी ने यह कथन किस सुल्तान के लिए कहा ? [46th B.P.S.C. (Pre) 2004]

Correct Answer: (c) अलाउद्दीन खिलजी
Solution:

इतिहासकार जियाउद्दीन बरनी ने यह प्रसिद्ध कथन अलाउद्दीन खिलजी के लिए कहा था। बरनी का यह कहना कि वह "शरियत के नियमों से स्वतंत्र था", अलाउद्दीन की उस प्रशासनिक नीति को दर्शाता है जहाँ उसने धर्म को राजनीति से पूरी तरह अलग कर दिया था। उसने अपनी पुस्तक 'तारीख-ए- फिरोजशाही' में इसका वर्णन किया है।

4. अलाउद्दीन खिलजी के प्रसिद्ध सेनापतियों में किसकी मंगोलों के विरुद्ध लड़ते हुए मृत्यु हुई ? [41st B.P.S.C. (Pre) 1996]

Correct Answer: (a) जफर खां
Solution:

अलाउद्दीन खिलजी के प्रसिद्ध सेनापतियों में जफर खां की मृत्यु मंगोलों के विरुद्ध लड़ते हुए हुई थी। जफर खां को अपने समय का 'रुस्तम' (महान योद्धा) कहा जाता था। उसकी वीरता और रणकौशल से न केवल अलाउद्दीन खिलजी, बल्कि स्वयं मंगोल भी अत्यधिक भयभीत रहते थे। कीली का युद्ध जो दिल्ली के पास हुआ था। इस युद्ध में जफर खां ने मंगोलों का पीछा करते हुए उनके सैन्य व्यूह को तोड़ दिया था। वह इतनी वीरता से लड़ा कि मंगोल सेना पीछे हटने पर मजबूर हो गई। इसी युद्ध में मंगोलों ने उसे मार दिया।

5. रानी पद्मिनी का नाम अलाउद्दीन की चित्तौड़ विजय से जोड़ा जाता है। उनके पति का नाम है- [43rd B.P.S.C. (Pre) 1999]

Correct Answer: (d) राणा रतन सिंह
Solution:

रानी पद्मिनी (पद्मावती) के पति का नाम राणा रतन सिंह था। चित्तौड़गढ़ के राजा रतन सिंह और अलाउद्दीन खिलजी के बीच हुआ युद्ध भारतीय इतिहास की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक है। जब राजा रतन सिंह युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए, तब रानी पद्मिनी ने अन्य राजपूत महिलाओं के साथ 'जौहर' (अग्नि कुंड में आत्मदाह) कर लिया था। यह चित्तौड़ का पहला साका कहलाता है। चित्तौड़ जीतने के बाद अलाउद्दीन ने इसका नाम बदलकर अपने बेटे के नाम पर 'खिज्राबाद' रख दिया था।

6. 'हजार दीनारी' नाम से किसे जाना जाता था? [Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2021]

Correct Answer: (b) मलिक काफूर
Solution:

'हजार दीनारी' के नाम से मलिक काफूर को जाना जाता था। मलिक काफूर, अलाउद्दीन खिलजी का सबसे भरोसेमंद सेनापति था। उसे यह नाम इसलिए मिला क्योंकि अलाउद्दीन के सेनापति नुसरत खां ने उसे गुजरात विजय (1299 ई.) के दौरान खंभात के बाजार से 1,000 दीनार में खरीदा था। अलाउद्दीन खिलजी की दक्षिण भारत विजय का पूरा श्रेय मलिक काफूर को जाता है। उसने देवगिरि, वारंगल, होयसल और मदुरै (पाण्ड्य राज्य) को जीता। कहा जाता है कि वारंगल के शासक प्रतापरुद्र देव ने मलिक काफूर को ही प्रसिद्ध कोहिनूर हीरा भेंट किया था, जिसे उसने बाद में अलाउद्दीन को सौंप दिया।

7. कथन (A): अलाउद्दीन के दक्षिणी अभियान धन-प्राप्ति के अभियान थे। [U.P. P.C.S. (Pre) 1997]

कारण (R): यह दक्षिणी राज्यों को कब्जे में करना चाहता था।

कूट :

Correct Answer: (c) (A) सही है; परंतु (R) गलत है।
Solution:

डॉ. के. एस. लाल ने लिखा है कि "धन के लालच और गौरव की लालसा ने अलाउद्दीन को भी दक्षिण के सभी राज्यों पर एक के बाद एक आक्रमण करने की प्रेरणा दी।" दक्षिण भारत के इन राज्यों पर आक्रमण करने का अलाउद्दीन का मुख्य उद्देश्य धन और विजय की लालसा ही थी, उनकी आंतरिक नीति में हस्तक्षेप नहीं था। वह इन दक्षिणी राज्यों को अपने कब्जे में नहीं करना चाहता था। अतः (A) सत्य है और (R) गलत। इस प्रकार विकल्प (c) सही उत्तर है।

8. अलाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय देवगिरि का शासक कौन था? [47th B.P.S.C. (Pre) 2005 & 53rd to 55th B.P.S.C. (Pre) 2011]

Correct Answer: (a) रामचंद्र देव
Solution:

अलाउद्दीन के आक्रमण के समय देवगिरि का शासक रामचंद्रदेव था। 1296 ई. में देवगिरि के शासक रामचंद्रदेव ने अलाउद्दीन के सफल आक्रमण से बाध्य होकर उसे प्रतिवर्ष एलिचपुर की आय भेजने का वायदा किया था; परंतु 1305 ई. अथवा 1306 ई. में उसने उस कर को दिल्ली नहीं भेजा। जिस कारण 1307 ई. में अलाउद्दीन ने मलिक काफूर के नेतृत्व में एक सेना देवगिरि पर आक्रमण करने के लिए भेजी। राजा रामचंद्रदेव युद्ध में पराजित हुआ और उसने आत्मसमर्पण कर दिया।

9. सूची - I को सूची - II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए - [U.P.R.O./A.R.O. (Pre) 2017]

सूची - Iसूची - II
A. रणथम्भौर1. कर्णदेव
B. चित्तौड़2. राजा राय रामचंद्र
C. देवगिरि3. हमीरदेव
D. गुजरात4. राणा रतन सिंह


कूट :

ABCD
(a)4321
(b)1432
(c)2413
(d)3421
Correct Answer: (d)
Solution:

सूची-I का सूची-II से सुमेलन है-

सूची - Iसूची - II
रणथम्भौरहमीरदेव
चित्तौड़राणा रतन सिंह
देवगिरिराजा राय रामचंद्र
गुजरातकर्णदेव

10. अलाउद्दीन खिलजी की निम्नलिखित विजयों को कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए। [U.P. P.C.S. (Pre) 2022]

1. रणथम्भौर
2. गुजरात
3. वारंगल
4. चित्तौड़

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर का चयन कीजिए-
कूट :

Correct Answer: (d) 2, 1, 4, 3
Solution:

अलाउद्दीन खिलजी की विजयों का कालक्रम है-गुजरात (1299 ई.), रणथम्भौर (1301 ई.), चित्तौड़ (1303 ई.) तथा वारंगल (1310 ई.)। अतः इसका अभीष्ट उत्तर विकल्प (d) होगा।