Solution:विकल्पगत किसी भी सुल्तान ने खलीफा की शक्ति का विरोध नहीं किया। इल्तुतमिश ने खलीफा से मान्यता प्राप्त जरूर की थी; परंतु बंगाल के सुल्तान गयासुद्दीन ने भी खलीफा से मान्यता प्राप्त की थी। जिस पर आक्रमण कर इल्तुतमिश ने एक तरीके से खलीफा की सत्ता का विरोध भी किया था। अलाउद्दीन खिलजी, बलबन, मुहम्मद बिन तुगलक सभी व्यावहारिक रूप में स्वतंत्र शासक ही थे, लेकिन किसी ने खलीफा की शक्ति या सत्ता का विरोध नहीं किया था। केवल मुबारक खलजी था, जिसने स्वयं खलीफा की उपाधि ली थी। इस तरह उसने खलीफा की सत्ता का विरोध किया था।