Solution:अवध का विलय अन्य राज्यों की तुलना में काफी अलग और विवादास्पद था। जहाँ डलहौजी ने सतारा, झांसी और नागपुर जैसे राज्यों को 'व्यपगत के सिद्धांत' के तहत हड़पा था, वहीं अवध के मामले में यह नीति लागू नहीं हो सकती थी क्योंकि नवाब वाजिद अली शाह के कई उत्तराधिकारी मौजूद थे। लॉर्ड डलहौजी के काल में कुशासन के आरोप में अवध का विलय (1856 ई.) किया।
• सतारा का विलय (1848): वारिस न होने के कारण डलहौजी ने इस राज्य को 'व्यपगत सिद्धांत' के तहत सबसे पहले ब्रिटिश साम्राज्य में शामिल किया।
• पंजाब का विलय (1849): द्वितीय आंग्ल-सिख युद्ध (1848-49) में सिखों की हार के बाद लॉर्ड डलहौजी ने मार्च 1849 में पंजाब का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय कर लिया।
• झांसी का विलय (1853-54): राजा गंगाधर राव की मृत्यु के बाद, उनके दत्तक पुत्र को मान्यता न देते हुए, डलहौजी ने हड़प नीति के तहत झांसी को ब्रिटिश राज में मिलाया।