कांग्रेस ने सविनय अवज्ञा आंदोलन को रोकने और ब्रिटिश सामानों के बहिष्कार को खत्म करने के लिए सहमति दी।
ब्रिटिश सरकार ने सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए राजनीतिक बंदियों को रिहा किया, लेकिन हिंसा में शामिल अपराधों को छोड़कर।
ब्रिटिश सरकार ने नमक पर कर हटाने का आश्वासन दिया, जिससे भारतीयों को कानूनी रूप से नमक उत्पादन, व्यापार, और उपयोग करने की अनुमति मिली।
आंदोलन के दौरान जब्त की गई सम्पत्तियां वापस की जाएंगी।
कांग्रेस ने द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने का वादा किया।