गोलमेज सम्मेलन (आधुनिक भारतीय इतिहास)Total Questions: 51. लंदन में गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किसकी चर्चा के लिए किया गया था? [C.P.O. S.I. 5 जून, 2016 (II-पाली)](a) प्रांतीय स्वायत्तता की व्यवस्था(b) भारत का भावी संविधान(c) सविनय अवज्ञा आंदोलन वापस लेने के लिए गांधीजी की मांगें(d) भारतीयों के एकमात्र प्रतिनिधि होने का कांग्रेस का दावाCorrect Answer: (b) भारत का भावी संविधानSolution:ये सम्मेलन 1930 से 1932 तक ब्रिटिश सरकार द्वारा आयोजित किए गए थे। इनका उद्देश्य साइमन कमीशन की रिपोर्ट पर विचार करना और भारत के संवैधानिक सुधारों, विशेष रूप से भावी संविधान की रूपरेखा तैयार करने के लिए भारतीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से परामर्श करना था।लंदन में गोलमेज सम्मेलन का आयोजन भारत में संवैधानिक सुधारों पर चर्चा करने के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा किया गया था। इन सम्मेलनों का मुख्य उद्देश्य था।भारत के लिए नए कानून और संवैधानिक सुधारों का मसौदा तैयार करना ताकि भारत के राजनीतिक प्रशासन को बेहतर बनाया जा सके।जिनमें भारत के विभिन्न राजनीतिक प्रतिनिधि शामिल हुए, लेकिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पहले सम्मेलन का बहिष्कार किया था।इस सम्मेलन की पृष्ठभूमि में साइमन कमीशन की रिपोर्ट थी,जिसके खिलाफ भारत में व्यापक विरोध हुआ था, और ब्रिटिश सरकार ने संवैधानिक सुधारों पर बातचीत के लिए यह सम्मेलन बुलाया था।गोलमेज सम्मेलन प्रमुख रूप से भारत के भविष्य के संवैधानिक विकास, स्वशासन की मांग, और भारतीयों को शासन में हिस्सेदारी देने के विषयों पर केंद्रित थे।पहली गोलमेज सम्मेलन का उद्घाटन 12 नवंबर 1930 को लंदन में हुआ था, और इसके बाद दो और सम्मेलन आयोजित हुए।गांधीजी ने दूसरे सम्मेलन में भाग लिया और गांधी-इरविन समझौते का भी इसी समय हस्ताक्षर हुआ।हालांकि, ये सम्मेलनों संपूर्ण समाधान नहीं दे सके क्योंकि विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने रहे,लेकिन इन सम्मेलनों ने ब्रिटिश सरकार को भारत में कांग्रेस को बातचीत में शामिल करने को मजबूर किया।मुख्य कारणों में शामिल थे:भारत में तेजी से बढ़ रहे स्वतंत्रता संग्राम को शांत करना।ब्रिटिश सरकार द्वारा संवैधानिक सुधारों और प्रशासन की समीक्षा।भारतीय नेताओं से संवाद स्थापित कर शासन प्रबंधन में सुधार करना।स्वशासन और भारतीय भागीदारी की मांगों पर चर्चा करना।इस प्रकार, गोलमेज सम्मेलन भारत के संवैधानिक सुधारों और ब्रिटिश भारत के भावी शासन के मसले की चर्चा और प्रस्ताव के लिए आयोजित किए गए थे.2. लंदन में पहला गोलमेज सम्मेलन किस वर्ष आयोजित किया गया था? [CGL (T-I) 9 मार्च, 2020 (I-पाली)](a) 1930(b) 1907(c) 1923(d) 1919Correct Answer: (a) 1930Solution:नवंबर, 1930 में पहला गोलमेज सम्मेलन सेंट जेम्स महल (लंदन) में आयोजित किया गया था। इस सम्मेलन में 89 प्रतिनिधियों ने भाग लिया; किंतु कांग्रेस ने इसमें भाग नहीं लिया।इस सम्मेलन में भारतीय ईसाइयों का प्रतिनिधित्व के. टी. पॉल ने किया था। इस सम्मेलन का उद्घाटन ब्रिटिश सम्राट ने किया तथा इसकी अध्यक्षता ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैम्जे मैक्डोनॉल्ड ने की थी।इसका उद्घाटन 12 नवंबर 1930 को ब्रिटिश राजा जॉर्ज पंचम ने लंदन के रॉयल गैलरी हाउस ऑफ लॉर्ड्स में किया था।इस सम्मेलन की अध्यक्षता ब्रिटिश प्रधानमंत्री रामसे मैकडोनाल्ड ने की थी। इसे भारत में संवैधानिक सुधारों पर चर्चा करने के लिए बुलाया गया था,खासकर साइमन कमीशन की रिपोर्ट के संदर्भ में। हालांकि, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इसका बहिष्कार किया था क्योंकि वह अपनी पूर्ण स्वराज की मांग पर विचार किए बिना इसमें भाग लेने के खिलाफ थी।यह सम्मेलन 19 जनवरी 1931 तक चला और इसमें भारत के विभिन्न राजनीतिक दलों और रियासतों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था, लेकिन कांग्रेस की अनुपस्थिति के कारण कोई ठोस परिणाम नहीं निकला था।इस सम्मेलन ने ब्रिटिश सरकार और भारतीय नेताओं के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास किया था, लेकिन भारत की आजादी की मांगों को पूरा नहीं कर सका था3. निम्नलिखित में से INC के किस नेता ने दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया? [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (III-पाली), MTS (T-I) 11 सितंबर, 2023 (III-पाली)](a) सुचेता कृपलानी(b) सुभाष चंद्र बोस(c) महात्मा गांधी(d) जवाहरलाल नेहरूCorrect Answer: (c) महात्मा गांधीSolution:7 सितंबर, 1931 से 1 दिसंबर, 1931 तक चले द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में महात्मा गांधी ने कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में हिस्सा लिया।इनके अलावा सरोजिनी नायडू तथा मदन मोहन मालवीय ने भी इस सम्मेलन में हिस्सा लिया था। एनी बेसेंट ने भी इस सम्मेलन में भाग लिया था।गांधीजी के साथ उनके सचिव महादेव देसाई, प्यारेलाल, मीराबेन और देवदास गांधी भी लंदन गए थे।इस सम्मेलन में प्यारेलाल नैयर, सरोजिनी नायडू, एनी बेसेंट, मदन मोहन मालवीय, महादेव देसाई, बी.आर. अंबेडकर सहित 31 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।लेकिन जवाहरलाल नेहरू ने भाग नहीं लिया। अतः सही उत्तर जवाहर लाल नेहरू है।Other Information कांग्रेस प्रतिनिधि- महात्मा गांधी, रंगास्वामी अयंगर, मदन मोहन मालवीय शोषित वर्ग के प्रतिनिधि - डॉ. बी.आर. अंबेडकरमहिला प्रतिनिधि - सरोजिनी नायडूImportant Points नवंबर 1930 में पहला गोलमेज सम्मेलन हुआ था।सितम्बर 1931 में दूसरा गोलमेज सम्मेलन हुआ था। नवंबर 1932 में तीसरा गोलमेज सम्मेलन हुआ था। गांधीजी और कांग्रेस ने केवल दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया था।बी.आर. अंबेडकर ने तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया था। सभी तीन गोलमेज सम्मेलन लंदन में आयोजित किए गए थे।4. गोलमेज सम्मेलन के दूसरा सत्र का आयोजन ........ में किया गया था? [Phase XI 30 जून, 2023 (IV-पाली)](a) 1930(b) 1929(c) 1932(d) 1931Correct Answer: (d) 1931Solution:7 सितंबर, 1931 से 1 दिसंबर, 1931 तक चले द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में महात्मा गांधी ने कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में हिस्सा लिया।इनके अलावा सरोजिनी नायडू तथा मदन मोहन मालवीय ने भी इस सम्मेलन में हिस्सा लिया था। एनी बेसेंट ने भी इस सम्मेलन में भाग लिया था। गांधीजी के साथ उनके सचिव महादेव देसाई, प्यारेलाल, मीराबेन और देवदास गांधी भी लंदन गए थे।यह सम्मेलन लंदन के सेंट जेम्स पैलेस में आयोजित हुआ था। इस सम्मेलन में महात्मा गांधी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया।सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत में संवैधानिक सुधारों, विशेषकर संघीय ढांचे और अल्पसंख्यकों के लिए पृथक निर्वाचक मंडलों के मुद्दों पर चर्चा करना था। हालांकि साम्प्रदायिक विवादों के कारण यह सम्मेलन सफल नहीं हो सका।इस सम्मेलन में कांग्रेस और अन्य प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे, लेकिन गांधीजी सांप्रदायिक पृथक निर्वाचन के खिलाफ थे।इसके परिणामस्वरूप सम्मेलन कोई ठोस निर्णय नहीं ले पाया और गांधीजी भारत लौट कर 1932 में सविनय अवज्ञा आंदोलन पुनः शुरू करने लगे।इस प्रकार, दूसरा गोलमेज सम्मेलन 1931 में लंदन के सेंट जेम्स पैलेस में आयोजित हुआ था.5. निम्नलिखित में से किसने लंदन में आयोजित तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 1 दिसंबर, 2023 (II-पाली)](a) महात्मा गांधी(b) राजेंद्र प्रसाद(c) सरोजिनी नायडू(d) तेज बहादुर सप्रूCorrect Answer: (d) तेज बहादुर सप्रूSolution:तेज बहादुर सप्रू ने तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया। इनके अलावा भीमराव अंबेडकर ने तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया। महात्मा गांधी ने द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया। तीनों सम्मेलनों के दौरान इंग्लैंड का प्रधानमंत्री रैम्जे मैकडोनॉल्ड था।तेज बहादुर सप्रू एक प्रमुख भारतीय वकील, राजनीतिक नेता और स्वतंत्रता सेनानी थे, जो अपने उदारवादी विचारों के लिए जाने जाते थे।वे उन कुछ भारतीय नेताओं में से एक थे जिन्होंने 1930 और 1932 के बीच लंदन में आयोजित तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग लिया था। सप्रू ने चर्चाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, संवैधानिक सुधारों और भारत के लिए अधिक स्वायत्तता की वकालत की। तीनों सम्मेलनों में उनकी भागीदारी भारत की स्वतंत्रता के लिए एक शांतिपूर्ण और बातचीत से निपटारे को प्राप्त करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को उजागर करती है। Other Information गोलमेज सम्मेलन: गोलमेज सम्मेलन तीन सम्मेलनों की एक श्रृंखला थी जो भारत में संवैधानिक सुधारों पर चर्चा करने के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा आयोजित की गई थी।पहला सम्मेलन नवंबर 1930 से जनवरी 1931 तक, दूसरा सितंबर से दिसंबर 1931 तक और तीसरा नवंबर से दिसंबर 1932 तक आयोजित किया गया था। इन सम्मेलनों में ब्रिटिश सरकार, भारतीय रियासतों और भारत के विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। मुख्य उद्देश्य भारत के भविष्य के शासन पर चर्चा करना और संवैधानिक सुधारों पर आम सहमति तक पहुँचना था। सरोजिनी नायडू: वे एक भारतीय स्वतंत्रता कार्यकर्ता, कवयित्री और राजनीतिज्ञ थीं। नायडू भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष बनने वाली पहली महिला और स्वतंत्र भारत में राज्यपाल के रूप में सेवा करने वाली पहली महिला थीं। हालांकि वे एक प्रमुख नेता थीं, लेकिन उन्होंने तीनों गोलमेज सम्मेलनों में भाग नहीं लिया। महात्मा गांधी: गांधी भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक प्रमुख व्यक्ति और अहिंसक असहयोग के प्रस्तावक थे। उन्होंने केवल 1931 में आयोजित दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया था। राजेंद्र प्रसाद:राजेंद्र प्रसाद एक भारतीय स्वतंत्रता कार्यकर्ता- वकील और विद्वान थे जो बाद में भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने। उन्होंने किसी भी गोलमेज सम्मेलन में भाग नहीं लिया।Submit Quiz