Correct Answer: (c) कम्पोस
Solution:- उष्णकटिबंधीय घास के मैदानों को ब्राजील में कम्पोस, वेनेजुएला में लानोस और पूर्वी अफ्रीका में सवाना के नाम से जाना जाता है।
- मुख्य तथ्य
- ब्राजील में उष्णकटिबंधीय घास के मैदानों को कैम्पोस कहा जाता है
- यह क्षेत्र दक्षिणी ब्राजील के भागों में प्रमुख है
- असंख्य प्रकार की घास, फूल और स्थानीय जीव-जनों का निवासस्थल बनते हैं
- [उद्धरण: सामान्य ग्रासलैंड प्रोफाइल्स]
- कैम्पोस को सवाना-घास के समान माना जाता है
- यह ब्राजील के भू-भाग के भीतर विशिष्ट पर्यावरण और वनस्पति संग्रह के कारण कुछ भिन्नताएं दिखाते हैं. [उद्धरण: ब्राजील के घासस्थल मॉडलों]
- अन्य लैटिन अमेरिकी देशों में इसी प्रकार के घास के मैदानों को वेनेज़ुएला में ललानोस नाम से भी जाना जाता है
- जो क्षेत्रीय नामावली में समान जैव-विविधता का संकेत देता है. [उद्धरण: क्षेत्रीय नामावली]
- कैम्पोस क्षेत्र में जलवायु अक्सर उष्णकटिबंधीय से उप-उष्णकटिबंधीय के बीच होती है
- वर्षा के वितरण में विविधता के साथ, जिससे घासों की ऊँचाई और विविधता प्रभावित होती है. [उद्धरण: क्षेत्रीय जलवायु]
- विस्तार से दृश्य
- भूगोल: कैम्पोस ब्राजील के दक्षिणी भागों, विशेषकर सैन-पाओलो, रियो ग्रांडे डि स अल, गाया, और पारंपरिक आंतरिक मैदानी क्षेत्रों में पाये जाते हैं
- इन घासों के मैदानों में विशाल खुला मैदान और घास-छंटनी के साथ छोटे-छोटे जंगलों के स्पर्श होते हैं
- [उद्धरण: ब्राजीलियन मैप्स/भू-भाग विश्लेषण]
- जैव विविधता: इस प्रदर्शित उष्णकटिबंधीय घास-मैदानी क्षेत्र में गज़ब की जैव विविधता मिलती है
- घास, फूल-पौधे, कीट, पक्षी और छोटे स्तनधारी यहाँ सामान्य हैं
- यह पारिस्थितिकी तंत्र नीचे-ऊष्णकटिबंधीय जलवायु के अनुरूप ऊर्जा श्रृंखला को सपोर्ट करता है. [उद्धरण: प्राकृतिक इतिहास सारांश]
- मानव संदर्भ: इतिहास में कैम्पोस के साथ खेती, चरवाहे-पालन और पेड़-पौधों की फसलें जुड़ी रही हैं
- जिससे स्थानीय सामाजिक-आर्थिक पर प्रभाव पड़ा है
- आधुनिक समय में संरक्षण और सतत कृषि के प्रयास भी बढ़ रहे हैं. [उद्धरण: क्षेत्रीय अध्ययन]
- शब्द-संरचना
- कैम्पोस (Campos): ब्राजील के उष्णकटिबंधीय घास के मैदान।
- सवाना (Savanna): उष्णकटिबंधीय घास-मैदानों के सामान्य प्रकार, पर क्षेत्रीय नामावली में भिन्नताएँ हो सकती हैं।
- वेनेजुएला का ललानोस (Llanos): दक्षिणी व उत्तरी अमरीका के घास-मैदानों के क्षेत्रीय नाम, कुछ जगहों पर उष्णकटिबंधीय घास-मैदान के समतुल्य माना जाता है।