Correct Answer: (b) भूमध्यसागरीय क्षेत्र
Solution:- भारत में पश्चिमी चक्रवाती विक्षोभ का प्रवेश पश्चिमी प्रवाह द्वारा भूमध्य सागरीय क्षेत्र से होता है।
- पश्चिमी चक्रवाती विक्षोभ मध्य-अक्षांश क्षेत्र में विकसित होते हैं, उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में नहीं।
- पश्चिमी चक्रवाती विक्षोभ शीतकालीन मौसम की घटनाएं हैं
- जो भूमध्य सागरीय क्षेत्र से पश्चिमी प्रवाह द्वारा लाई जाती हैं
- मौसम पर प्रभाव
- सर्दी के महीनों में यह विक्षोभ भारतीय उपमहाद्वीप में शीतकालीन वर्षा (winter rains) का प्रमुख स्रोत होता है
- कई बार हिमालयी क्षेत्र के आस-पास बनने वाले चक्रवातीय प्रणालियों के साथ मिलकर उत्तर भारत में वर्षा/बरफ गिरावट का कारण बनता है.
- विज्ञान/तत्व
- ये विक्षोभ मौसम प्रणालियाँ हैं जो भूमध्यसागरीय क्षेत्र में ठंडी ध्रुवीय वायुओं और गर्म उष्णकटिबंधीय वायुओं के संपर्क से बनती हैं
- पश्चिमी जेट स्ट्रीम की स्थिति में वे उत्तर-पश्चिम से पूर्व की ओर भारत के उत्तर-पश्चिमी राज्यों तक पहुँचती हैं.
- संलग्न संदर्भ (संक्षेप)
- भूमध्य सागर से उत्पन्न होकर पश्चिमी प्रवाह से नहीं बल्कि उष्णकटिबंधीय-समेंद्रित झटकों के कारण भारतीय उपमहाद्वीप तक विस्तृत प्रभाव पहुँचता है।
- यह प्रवाह भारतीय क्षेत्र में मुख्यतः पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में वर्षा/बरफ के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता है.
- सर्दियों के मौसम के दौरान पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत के लिए वर्षा का एक प्रमुख स्रोत रहते हैं
- भूमध्य सागर से उत्पन्न होकर पश्चिमी जेट स्ट्रीम के साथ उनकी उड़ान/पथ निर्धारित होता है.