चट्टानें (विश्व का भूगोल)

Total Questions: 11

1. ग्रेनाइट किस प्रकार का शैल है? [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) अंतर्भेदी आग्नेय शैल
Solution:
  • ग्रेनाइट अंतर्भेदी आग्नेय प्रकार की शैल है।
  • इनका निर्माण पृथ्वी के आंतरिक भाग में मैग्मा तथा वाह्य भाग में लावा से होता है।
  • परिचय
    • ग्रेनाइट वह चट्टान है जो नीचे या गहराई में ठंडा होते हुए मैग्मा से बनकर क्रिस्टलीय संरचना प्राप्त करती है।
    • इसका दाने मोटे या मध्यम आकार का हो सकता है, इसलिए इसे अक्सर “क्रिस्टलीय आग्नेय शिला” कहा जाता है ।​
  • गठन और भौतिक गुण
    • गठन प्रक्रिया: ग्रेनाइट magma के धीरे-धीरे ठंडकर क्रिस्टलीकृत होने से बनती है
    • जिससे क्वार्ट्ज, फेल्डस्पार (विशेषकर प्लैजियोक्लेज़) और मिका जैसी खनिज प्रमुख बन जाते हैं ।​
    • प्रमुख खनिज एकरूपता: क्वार्ट्ज 20–60% तक, फेल्डस्पार 40–60% के आस-पास, और मिका 5–10% तक हो सकती है (स्थानीय विविधता के साथ) ।​
    • रंग और बनावट: ग्रेनाइट आमतौर पर हल्के रंग का होता है
    • चॉकलेटी, गुलाबी, ग्रे या लाल-भूरा शेड संभव—खनिजों के अनुपात पर निर्भर करता है ।​
    • घनत्व और कठोरता: यह अत्यंत कठोर और स्थायित्व वाला पत्थर है
    • जो निर्माण और सजावट में लोकप्रिय है; कंक्रीट की तुलना में अधिक दबाव सहन कर सकता है
    • भारी तापमान/अपेक्षाओं को भी बेहतर झेलता है (उद्धरण विविध स्रोतों में मिलता है) ।​
  • रचना और वर्गीकरण
    • रासायनिक संरचना: सिलिका-समृद्ध (SiO2) मैग्मेटिक आग्नेय चट्टान है
    • जिसमें क्षारीय तत्वों के साथ अल्प मात्रा में लोहा, कैल्शियम और मैग्नीशियम शामिल होते हैं ।​
    • दो मुख्य घटक: ग्रेनाइट की प्रमुख रासायनिक बनावट अक्सर SiO2 और Al2O3 पर केंद्रित होती है
    • आंशिक रूप से K2O, Na2O आदि मिलकर खनिज संरचना बनाते हैं ।​
    • सामान्य विश्लेषण: ग्रेनाइट दो प्रमुख खनिजों का उत्पाद माना जाता है
    • क्वार्ट्ज और फेल्डस्पार—मिका इसके साथ छोटा हिस्सा देती है
    • यह उसे हल्के रंग की आग्नेय चट्टान के रूप में स्थापित करती है ।​
  • उपयोग और महत्व
    • संरचना-उपयोग: इसके मजबूत और दीर्घकालिक गुणों के कारण स्मारक, फर्श, काउंटरटॉप, बाहरी सजावट आदि में व्यापक उपयोग होता है।
    • भारी दबाव/अपघटन के विरुद्ध यह अच्छी तरह टिकती है ।​
    • भौगोलिक वितरण: पृथ्वी की पर्पटी में सबसे सामान्य प्लूटोनिक चट्टान में से एक है
    • खासकर पर्वतीय निर्माण और महाद्वीपीय डॉल्ड क्षेत्रों में मिलती है ।​
  • अक्सर पूछे जाने वाले तथ्य ( succinct table )
    • क्या ग्रेनाइट आग्नेय है? हाँ, यह आग्नेय चट्टान का उदाहरण है जो मैग्मा के ठंडने से बनती है ।​
    • ग्रेनाइट के मुख्य חומר कौन से हैं? क्वार्ट्ज और फेल्डस्पार प्रमुख होते हैं, साथ में मिका का छोटा हिस्सा रहता है ।​
    • ग्रेनाइट का रंग कैसे तय होता है? खनिज अनुपात और trace mineral की मात्रा रंग निर्धारित करती है
    • हल्के से गहरे रंग तक विविधता मिलती है ।​
    • ग्रेनाइट क्यों टिकाऊ है? क्रिस्टलीय संरचना और सख्त खनिजों के कारण यह उच्च कठोरता और मौसम-प्रतिरोध दिखाती है ।​

2. निम्नलिखित में से किस शैल में उन पौधों, जानवरों और अन्य सूक्ष्मजीवों के जीवाश्म भी हो सकते हैं, जो कभी उन पर रहते थे? [CHSL (T-I) 15 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) अवसादी शैल
Solution:
  • परतदार या अवसादी चट्टानों का निर्माण चट्टानों की टूट-फूट से प्राप्त मलबे के जल में समायोजित होने से होता है।
  • इस प्रकार की शैलों में जीवों के अवशेष एवं वनस्पतियों के अंश पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं।
  • जीवाश्म क्या होते हैं
    • जीवाश्म वे अवशेष, निशान या संरचनात्मक ब्रह्मभंग के प्रमाण होते हैं
    • जो किसी प्राचीन जीव के बारे में जानकारी देते हैं। यह अवशेष पूरी तरह से चलता हुआ जीव भी हो सकता है
    • उसकी गतिविधि/आकृति के आंशिक प्रमाण भी हो सकते हैं।
    • इनमें पौधे, जानवरों के मजबूत हिस्से (जैसे हड्डियाँ, खोल, पंख) और सूक्ष्मजीवों के अवशेष शामिल हो सकते हैं।
    • माइक्रोफॉसिल्स जैसे बैक्टीरिया, पराग इत्यादि सूक्ष्म स्तर के जीवाश्म भी होते हैं
    • जिन्हें लौह-सीमेंटेड या अन्य चयनित चट्टानों में संरक्षित किया जा सकता है। यह जानकारी स्टडी के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है.​
  • किन चट्टानों में जीवाश्म मिलते हैं
    • अवसादी चट्टानें: सबसे सामान्य स्थान जिनमें जीवाश्म मिलते हैं।
    • पैंकाश्म, शेल, चूना पत्थर आदि जैसी तलछट-आधारित चट्टानें जीवाश्मों के लिए सर्वोत्तम संरक्षण प्रदान करती हैं
    • क्योंकि वे बड़ी मात्रा में तलछट के परतों के रूप में जमा होती हैं और समय के साथ सख्त होकर चट्टान बन जाती हैं।
    • यह परतें दबाव के कारण किसी जीव के संरक्षित अवशेषों को कई लाखों वर्षों तक सुरक्षित रख सकती हैं.​
    • अन्य प्रकार: रूपांतरित (मॉडिफाइड) चट्टानें अक्सर जीवाश्मों को नष्ट कर देती हैं
    • (जैसे मार्बल, स्लेट), जबकि आग्नेय चट्टानें (ज्वालामुखी से बनी) अधिकांशतः जीवाश्म नहीं रखने के कारण कम प्रचलित हैं।
    • इसलिए शैल-विकल्पों में जीवाश्म मिलने की संभावना अवसादी चट्टानों में सबसे अधिक है.​
  • जीवाश्म बनने की सामान्य प्रक्रियाएं
    • मृत्यु के पश्चात् जीव के नरम भागों की विकृतियाँ/घुलन हो जाती हैं, लेकिन कठोर भाग (हड्डियाँ, कवच, पंख आदि) तलछट में दब जाते हैं।
    • समय के साथ तलछटें जमा होकर पेल्ट, शिलाएं बनाती हैं
    • खनिजों द्वारा उनके अंदर के रसायन-निर्माण परिवर्तन होते हैं
    • कुछ जीवाश्म संरक्षित रहते हैं। इसके कारण विभिन्न प्रकार के فوتो-आयत (कार्बन फॉसिल्स, कास्ट/मोल्ड, ठप्पा आदि) बनते हैं।
    • इस प्रक्रिया के विभिन्न मॉडल्स का वर्णन भी किया गया है.​
  • पूरक जानकारी – कौन से प्रमुख प्रकार के जीवाश्म होते हैं
    • पूर्ण-जीवाश्म: पूरा शरीर संरक्षित हो सकता है (जैसे बर्फ या बोराह में), हालांकि यह अत्यल्प स्थितियों में होता है.​
    • प्रस्तरीकृत जीवाश्म (petrified fossils): जीव के कठोर भाग खनिज से प्रतिस्थापित होकर_stone-like_ रूप लेते हैं
    • आंतरिक संरचना भी सुरक्षित रहती है (हड्डियों की संरचना देखी जा सकती है).​
    • सांचे/ठप्पा/कास्ट जीवाश्म: जीव की आकृति के सांचे बने रहते हैं; कभी-कभी अंदर खनिज से बना जीव भी सांचे में दिख सकता है.​
    • कार्बन फॉसिल्स (carbonized): पौधों और कुछ जीवों के नरम ऊतकों के संरचनात्मक विवरण कार्बन के रूप में सुरक्षित रहते हैं
    • जिससे बारीक विवरण मिलते हैं.​
  • संक्षेप में, core takeaways
    • यदि प्रश्न किसी शैल में जीवाश्म मिले होने की संभावना पूछ रहा है तो उत्तर है
    • अवसादी शैल। ये तलछट-आधारित चट्टानें पौधों, जानवरों और सूक्ष्मजीवों के जीवाश्म की संरक्षित रिकॉर्ड बनाती हैं.​
    • अन्य चट्टान प्रकारों में जीवाश्म मिलना संभव है
    • कम संभावना के कारण कम प्रचलित हैं, खासकर आग्नेय और रूपांतरित चट्टानें.​
  • उद्धरण:
    • अवसादी चट्टानें जीवाश्मों के सबसे सामान्य संरक्षण स्थान हैं.​
    • पैंकाश्म, शेल और चूना पत्थर जैसी तलछट-चट्टानें अक्सर जीवाश्म रखती हैं.​
    • जीवाश्म के प्रकारों में प्रस्तरीकृत, सांचे/कास्ट, कार्बन आदि प्रमुख प्रकार हैं.​
    • माइक्रोफॉसिल्स जैसे बैक्टीरिया/पराग भी संरक्षित हो सकते हैं.​

3. दिए गए विकल्पों में से असत्य कथन का चयन कीजिए। [CGL (T-I) 14 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) बैकाल चट्टानें विलयन से अवक्षेपित घुलित सामग्री से बनती हैं।
Solution:
  • बैकाल चट्टान को चट्टानों के प्रकार के अंतर्गत शामिल नहीं किया जाता है।
  • अतः विकल्प (b) त्रुटिपूर्ण है। जबकि प्रश्न में दिए गए अन्य विकल्प सत्य हैं।
  • संभावित विकल्पों में से असत्य कथन चुनना एक सामान्य लक्ष्य है, लेकिन सही उत्तर तभी दिया जा सकता है
  • जब दिए गए विकल्पों की पूरी सूची और संदर्भ स्पष्ट हों।
  • अभी आपके संदेश में विकल्पों की सूची नहीं दी गई है
  • इसीलिए यहां असत्य कथन निर्धारित करने के लिए आवश्यक जानकारी मौजूद नहीं है।
  • यदि आप चाहें, तो
    • कृपया असत्य कथन वाले विकल्प सहित सभी विकल्प साझा करें.
    • या एक उदाहरण दें कि किन तरह के प्रश्न-प्रकार (जैसे सत्य-असत्य, बहुविकल्पीय, आदि) हैं
    • किन विषयों से संबंधित हैं (जैसे विज्ञान, सामाजिक शिक्षा, साहित्य आदि)।
  • संकेतित मार्गदर्शिका (यदि आप चाहें तो इस तरह तैयारी करें):
    • प्रत्येक विकल्प की गणना-यथार्थता की जांच करें: क्या कथन स्पष्ट रूप से सत्य है, असत्य या अस्थिर/अनिश्चित है?
    • प्रमाण के लिए ठोस तथ्य/आधार देखें (उदा. विज्ञानिक तथ्य, ऐतिहासिक तारीखें, साहित्यिक तथ्य आदि) और हर कथन के साथ तर्क क्रमानुसार जोड़ें।
    • असत्य कथन सामान्यतः सत्य से विरोधाभासी हो, या तर्क/नियम के किसी मानक नियम को गलत तरीके से प्रस्तुत करे।
    • कृपया विकल्पों के साथ उत्तर दें ताकि ठीक-ठीक असत्य कथन की पहचान कर सकूं और स्पष्ट, विस्तृत विश्लेषण दे सकूं।
    • साथ ही मैं प्रत्येक कथन के तर्क, स्रोत और संक्षिप्त व्याख्या सहित उत्तर दूंगा।

4. वातावरण की कुछ भौतिक और रासायनिक एजेंसियों द्वारा भूपर्पटी की चट्टानों के यांत्रिक विघटन और रासायनिक अपघटन की एक प्राकृतिक प्रक्रिया को निम्न में से किस रूप में जाना जाता है? [CGL (T-I) 27 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) अपक्षय
Solution:
  • वातावरण की कुछ भौतिक और रासायनिक एजेंसियों द्वारा भूपर्पटी के चट्टानों के यांत्रिक विघटन या रासायनिक विघटन की एक प्राकृतिक प्रक्रिया को अपक्षय के रूप में जाना जाता है।
  • चूंकि अपक्षय में पदार्थों का बहुत थोड़ा अथवा नगण्य संचलन होता है। यह एक स्वस्थाने या तदस्थन प्रक्रिया है।
  • अपक्षय क्या है
    • अपक्षय वह प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसमें चट्टानें वातावरण, जल, तापमान, पिघलन-बारीकियाँ आदि की क्रिया से टूट-फूटकर छोटे कणों में बदਲती हैं
    • मिट्टी/रेगोलिथ का निर्माण होता है। यह भू-तंजीर (geological) परिवर्तन का पहला चरण है
    • मिट्टी के निर्माण, जल चक्र, तथा खनिज संचयन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है.​
  • प्रकार और प्रमुख कारक
  • भौतिक (फिजिकल) अपक्षय
    • प्रक्रियाएं: तापमान-विस्तार/संकोचन, ठंडी गर्मी के चक्र, फ्रोस्ट वेजिंग, एक्सफोलिएशन आदि।
    • परिणाम: चट्टानें तुकड़ों में टूटती हैं, सतह बढ़ती है
    • प्रतिक्रियाशील सतहें उजागर होती हैं, जिससे अन्य प्रकार के अपक्षय तेज़ होते हैं.​
  • रासायनिक अपक्षय
    • प्रक्रियाएं: जल-विसर्जन/हाइड्रोलिसिस, कार्बोनेशन, ऑक्सीकरण-समावेशन, जलयोजन आदि।
    • परिणाम: mineralogic परिवर्तन से नए पदार्थ बनते हैं
    • (जैसे फेल्डस्पार का मिट्टी में रूपांतरण), चट्टानें रासायनिक रूप से टूटती/घुलित होती हैं.​
  • जैविक (बायोजेनिक) अपक्षय
    • कारक: पौधों की जड़ें, लीकेन, सूक्ष्म जीव आदि।
    • भूमिका: रासायनिक घटकों में अम्ल बनाते हैं
    • जलवाष्प/पानी के साथ प्रतिक्रिया कर फेल्डस्पार आदि खनिजों के विघटन को तेज करते हैं; साथ ही भौतिक क्षरण में वृद्धि करते हैं.​
  • आपके प्रश्न के अनुरूप पूर्ण विवरण
    • यह प्राकृतिक प्रक्रिया भू-आकृति बनाने में भी अहम है: मिट्टी, रेजोलिथ (Regolith), घाटी-निर्माण आदि का निर्माण अपक्षय के कारण होता है
    • साथ ही खनिजों की पंरपरा, पोषक तत्वों का पुनर्चक्रण और जलवायु-आधारित निकासी/स्थिरता में योगदान देता है.​​
    • अपक्षय के साथ-साथ क्षरण (erosion) और जमावट (weathering) का संयोजन सतही भूगर्भीय परिवर्तन में निर्णायक भूमिका निभाता है।
    • क्षरण द्वारा टूटे भाग व जल/वातावरण द्वारा परिवहन होते हैं
    • जबकि जमावट/अपक्षय नई मिट्टी बनाते हैं और सतह को पुनः सुरक्षित बनाते हैं.​​
  • संबंधित अवधारणाओं के समकक्ष नोट
    • कई स्रोतों में “यांत्रिक अपक्षय” (mechanical weathering) और “रासायनिक अपक्षय” को स्पष्ट विभाजित किया गया है
    • जहाँ यांत्रिक अपक्षय चट्टान के आकार को छोटा करता है जबकि रासायनिक अपक्षय चट्टान के संरचना को बदले देता है.​
    • कई शैक्षिक स्रोत इसे “अपक्षय” के साथ-साथ जैविक योगदान को भी मान्यता देते हैं
    • क्योंकि जैविक क्रियाओं से मिश्रित अम्ल बनते हैं जो रासायनिक अपघटन को बढ़ाते हैं

5. ग्रेनाइट के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है? [CHSL (T-I) 25 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) यह सबसे सामान्य अवसादी शैल (rock) है।
Solution:
  • ग्रेनाइट एक अवसादी शैल नहीं है, यह एक आग्नेय चट्टान है।
  • आग्नेय चट्टानें पृथ्वी के अंदर मैग्मा या वाह्य भाग में लावा के ठंडा होने और जमने से बनती हैं।
  • ग्रेनाइट सामान्यतः क्वार्ट्ज, फेल्ड्स्पार, अभ्रक, बायोटाइट, एम्फीबोल एवं पाइरॉक्सीन से बना होता है
  • यह अपनी मोटे या मध्यम दाने वाली संरचना के लिए जाना जाता है।
  • क्यों गलत मान लिया जाता है (सम्पूर्ण विवरण)
    • बनावट और ठंडन की दर: ग्रेनाइट सामान्यतः मोटे दानेदार (coarse-grained) होती है
    • जिसका कारण यह है कि magma पृथ्वी की पपड़ी के नीचे धीरे-धीरे ठंडा होता है
    • जिससे क्रिस्टल बड़े होते हैं। अगर कथन में कहा गया हो कि ग्रेनाइट में बड़े दाने होते ही नहीं, या कोई बात यह कि दाने छोटें हैं
    • तो वह गलत होगी। इस धारणा को नीचे स्पष्ट किया गया है.​
    • निर्माण प्रक्रिया: ग्रेनाइट intrusibo magma से बनती है, जो सतह के नीचे ठंडता है
    • जबकि basalts आदि extrusive चट्टानें सतह पर जल्दी ठंडती हैं और छोटे दाने बनाते हैं। यह ठंडन-तत्त्व ग्रेनाइट की सही पहचान है.​
    • प्रमुख घटक और रासायनिक संरचना: सामान्य तौर पर ग्रेनाइट में सिलिका (SiO2) और एल्यूमिना (Al2O3) जैसे घटक प्रमुख रहते हैं
    • क्वार्ट्ज, फेल्सपार और मॅग्नेशियम-लोहा-containing mineral भी भाग होते हैं
    • यह बात दाने के आकार से अलग है। यदि कथन में दो मुख्य घटक गलत बताए जाते हों, तो वह भी गलत हो सकता है
    • इन बिंदुओं के साथ अक्सर पूछे गए सवाल विकिपीडिया जैसी स्रोतों में सही उत्तर दीखता है.​
  • फैक्ट-चेक पॉइंट्स (महत्वपूर्ण निष्कर्ष)
    • प्रकार: ग्रेनाइट intrusives; घनत्व सामान्यतः ~2.5–2.7 g/cm3 के आसपास पाई जाती है.​
    • दाने का आकार: बड़ी क्रिस्टलीय दाने; mantel की धीमी ठंडन के कारण। Basalt या other extrusive चट्टानें छोटे दाने बनाती हैं.​
    • सामान्य प्रयोग: इमारत-पत्थर के रूप में प्रचलित, टिकाऊ और सजावटी गुणों के कारण प्रचलित है.​
  • यदि चाहें, नीचे सेगमेंट-वार विवरण भी दे सकता हूँ:
    • गहराई में बनना vs सतह पर बनना: ग्रेनाइट subterranean ठंडन से बनती है; basalt जैसी चट्टानें surface-आउटपुट हैं।
    • आम रूपरेखा प्रश्नों के उत्तर: कई शिक्षण प्लेटफॉर्म पर यह स्पष्ट किया गया है
    • ग्रेनाइट के दो प्रमुख घटक सिलिका और एल्यूमिना होते हैं; साथ ही अन्य प्रमुख खनिज भी मिलते हैं.​
  • उपयुक्त स्रोत और उद्धरण
    • ग्रेनाइट की दानेदार बनावट और निर्माण प्रक्रिया: धीमे ठंडन के कारण बड़े क्रिस्टल, intrusives प्रकृति.​
    • ग्रेनाइट के प्रमुख खनिज और संरचना: सिलिका एवं एल्यूमिना प्रमुख घटक के रूप में आम चर्चा.​
    • विकिपीडिया पर ग्रेनाइट का सामान्य विवरण और रंग/घनत्व: बहु-रंग और खनिज संरचना का संक्षिप्त सार.

6. निम्नलिखित में से कौन चट्टान का प्रकार नहीं है? [JE मैकेनिकल परीक्षा 22 मार्च, 2021 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) गोखुर
Solution:
  • गोखुर (Ox-bow) एक प्रकार की झील है। समय के साथ विसर्प लूप (Meander loop) नदी से कट जाते हैं
  • एक अलग झील बनाते हैं, जिसे गोखुर झील (Ox-bow lake) कहते हैं। इसे 'चापाकार' झील भी कहते हैं
  • जबकि आग्नेय, अवसादी तथा रूपांतरित चट्टानों के प्रकार हैं।
  • विस्तृत विभाजन
  • आग्नेय चट्टानें
    • निर्माण प्रक्रियाओं के आधार पर दो प्रमुख उप-वर्ग होते हैं: प्लूटॉनिक (Intrusive) आग्नेय और विकस्मी (Extrusive) आग्नेय.
    • उदाहरण: ग्रेनाइट (Intrusive),_basalt (Extrusive), ओब्सीडियन (Extrusive) आदि.​
  • तीन प्रमुख समूहों में वर्गीकृत की जाती हैं:
    • यांत्रिक (Detrital/Clastic): जैसे बलुआ पत्थर (sandstone), शेल (shale), चूना पत्थर (limestone) आदि (नोट: चूना पत्थर कई जगह अवसादी/कार्बनयुक्त प्रकार में भी गिने जाते हैं).​
    • कार्बनिक (Organic): जैसे कोयला (coal), जैव अवशेषों से बनती चट्टानें (कई पाठ पर इन्हें भी शामिल किया जाता है).​
    • रासायनिक (Chemical): जैसे च quartz (quartzite नहीं, बल्कि चर्ट/समतलीय रासायनिक क्रिया से बनने वाली अन्य अवसादी चट्टानें)
    • यह भाग आम तौर पर विविध स्रोतों में बतलाया गया है.​
    • रूप और बनावट के अनुसार अक्सर परतदार (stratified) और गैर-परतदार (non-stratified) चट्टानें उल्लेखित होती हैं
    • उदाहरण: बलुआ पत्थर, चूना पत्थर, शेल आदि रूपांतरित नहीं परन्तु अवसादी के उदाहरण हैं.​
  • रूपांतरित चट्टानें (Metamorphic rocks)
    • मौजूदा चट्टानों पर उच्च ताप/दबाव/केमिकल परिवर्तन से बनती हैं।
    • प्रकार: परतदार (foliated) जैसे स्लेट, शिस्ट, स्लेट आदि; गैर-परतदार (non-foliated) जैसे मार्बल, क्वार्टजाइट आदि.​
  • नोट्स और गलत धारणाओं के विरुद्ध
    • चट्टानें कभी भी “चुंबकीय” प्रकार नहीं है
    • चुंबकत्व कुछ खनिजों में हो सकता है, पर चट्टान की मानक श्रेणी नहीं मानी जाती.​
    • चूना पत्थर (limestone) मुख्य रूप से कैल्साइट से बना होता है
    • अवसादी चट्टान का एक प्रमुख उदाहरण है.​
  • संक्षिप्त तुलना (उच्च-स्तरीय)
    • आग्नेय: मैग्मा/लावा से ठंडा होने पर बनती हैं; क्रिस्टल संरचना भिन्न होती है।
    • अवसादी: तलछटों के जमा होने, संघनन से बनती हैं; कई उदाहरण बलुआ पत्थर, चूना पत्थर, शेल आदि।
    • रूपांतरित: ताप/दबाव/घulkke से मौजूदा चट्टानें बदली जाती हैं; उदाहरण मार्बल, स्लेट, गनीस आदि।

7. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प पृथ्वी की सतह के ऊपर या उसकी ओर लावा के संचलन में शामिल है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 23 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) बहिर्जनिक प्रक्रिया
Solution:
  • बहिर्जनिक प्रक्रिया पृथ्वी की सतह के ऊपर या उसकी ओर लावा के संचलन में शामिल है।
  • परिभाषा और प्रमुख भाग
    • लावा क्या है: पृथ्वी के भीतरी भागों में स्थित पिघला मैग्मा जब सतह तक पहुँचकर जमता है तो उसे लावा कहते हैं
    • यह सतह पर बहिर्गत होने वाले मैग्मा से बना ठंडी, ठोस आग्नेय चट्टानें बनाता है.​
  • सतह के ऊपर लावा के संचलन के मुख्य प्रकार:
    • Lava flow (लावा प्रवाह): हॉट पिघला हुआ मैग्मा सतह पर ढलानों के अनुसार बहता है
    • आग्नेय चट्टानें बनाता है। बहते समय इसके प्रकार में पतला पाउना-या फ्लो, पीन-प्रकार, ब्रेसी आदि विविध रूप बनते हैं.​
    • Viscous lava flows: लावा की विज़्कोसिटी सतह पर प्रवाह की गति और धाराओं को निर्धारित करती है
    • उच्च विज़्कोसिटी वाले लावा टेढ़े-मेढ़े जमा बनाते हैं और कम विज़्कोसिटी वाले सीधे प्रवाह दिखाते हैं.​
    • Lava domes and lava fountains: कभी-कभी सतह पर उच्च शिखर के गुंबद बन जाते हैं
    • उत्साही फव्वारों के रूप में लावा ऊपर आ सकता है; ये घटना-ज्वालामुखी के सक्रियपन के संकेत हो सकते हैं.​
  • प्रमुख प्रक्रियाएं (संकलन)
  • लिहाज़ा सतह से जुड़ी प्रक्रियाएं:
    • Magma chamber से लावा सतह पर पहुँचता है; जब दबाव बढ़ता है
    • लावा फटकर बाहर आ सकता है और सतह पर प्रवाह बनाता है.​
    • लावा सतह के ऊपर या पानी के नीचे निकल सकता है
    • सतह पर निकलने पर उसे लावा कहा जाता है और उसका ठंडा होना आग्नेय चट्टानें बनाता है.​
    • सतह पर विज़्कोसिटी के अनुसार प्रवाह का स्वरूप बदलता है
    • पतला लावा जल की तरह बह सकता है, जबकि मोटा लावा चट्टानी धारा बनाता है.​
  • सतह के ऊपर लावा के बनावट/आकृतियाँ:
    • पिघला हुआ लावा जब तेजी से ठंडा होता है, बाह्य अवशेष स्वरूपों (जैसे पायरोक्लास्टिक राल, पल्प) बन सकता है
    • लेकिन मुख्यतः आग्नेय चट्टानें बनती हैं जब लावा जमता है.​
    • कुछ लावो-घटनों में lava tubes (लावा गुफा) बन सकती हैं
    • जहाँ फ्यूमर से लावा नीचे से ऊपर की ओर बहता है और ऊपर के भाग पहले जम जाता है.​
  • ऐसे प्रश्नों के उत्तर कैसे तय करें
    • यदि विकल्प पूछा गया है कि कौन-सा प्रक्रिया “पृथ्वी की सतह के ऊपर या उसकी ओर लावा के संचलन में शामिल है
    • सामान्यतः ऊपर बताए गए लावा प्रवाह, सतह पर फटाव/बाहर आना, और सतह पर जमना इन सभी को कवर करते हैं।
    • लावा का लम्बे समय तक सतह पर प्रवाह बनना, सतह पर आग्नेय चट्टानें बनाना और विस्फोटजनित घटनाओं में सतह से लावा बाहर आना, ये सभी लावा के संचलन से जुड़े हैं.​
  • संदर्भ उद्धरण
    • लावा की परिभाषा और सतह पर इसके जमाव के बारे में: लावा पिघला हुआ मैग्मा है जिसे सतह पर निष्कासित किया गया हो.​
    • सतह पर लावा प्रवाह और आग्नेय चट्टानें बनने का सामान्य सिद्धांत: लावा के ठंडा होने से आग्नेय चट्टानें बनती हैं.​
    • सतह पर लावा प्रवाह की विविधता और संरचना: विज़्कोसिटी के कारण प्रवाह के प्रकार व संरचनाएँ भिन्न होती हैं.​
    • ज्वालामुखी से सतह पर आकर जमना और लावा-गुफाओं/डोम्स जैसे संरचनाओं के बारे में: सतह पर फटने और जमने से आग्नेय चट्टानें बनती हैं और कभी-कभी लावा ट्यूब बनते हैं.​

8. किस प्रकार की चट्टानों के निर्माण के लिए गलित अवस्था और अति उच्च तापमान महत्वपूर्ण मानदंड हैं? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 24 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) अवसादी चट्टान
Solution:
  • अवसादी चट्टानों के निर्माण के लिए गलित अवस्था और अति उच्च तापमान महत्वपूर्ण मानदंड हैं।
  • रूपांतरण चट्टानें और गलन अवस्था का मतलब
    • रूपांतरण चट्टानें ऐसी चट्टानें हैं जो दबाव (डायलेनिंग/डायप्रेसिंग) और तापमान के बढ़ने पर मूल चट्टान की संरचना और खनिज संरचना बदलकर नए प्रकार की चट्टान बना देती हैं
    • बिना पूर्ण पिघलन के. यह प्रक्रिया अक्सर उच्च दबाव-तापमान स्थितियों में होती है
    • जिसमें गलन से कुछ स्तर तक गरम होने के बावजूद ठोस अवस्था बनी रहती है ।​
    • तापमान की बढ़ोतरी चट्टान के भीतर खनिज-क्रिस्टल्स की रचना, क्रिस्टल आकार, और रेंगन (creep) जैसे गुणों को प्रभावित करती है
    • अगर तापमान अत्यधिक हो, तो कुछ स्थितियों में सीमित पिघलन याPartial melting संभव हो सकता है, जिससे चट्टान के गुण बदलते हैं ।​
  • गलन अवस्था (Fusion/Melting) और उच्च ताप का प्रभाव
    • गलनांक वह तापमान है जिस पर कोई पदार्थ ठोस से द्रव अवस्था में जाता है
    • उच्च गलनांक वाली चट्टानों और मैटेरियल्स का चयन तब किया जाता है
    • जब उच्च तापमान स्थायित्व चाहिए, जैसे कि टर्बाइन ब्लेड, विज्ञान-धातु अनुप्रयोग आदि. उदाहरण मिलाकर: टंगस्टन का गलनांक लगभग 3422°C है
    • जो अत्यधिक तापमान पर स्थिर रहने के लिए उपयुक्त माना जाता है ।​
    • प्लेटिनम और कुछ निकल-आधारित सुपरमिश्रधातु भी उच्च तापमान-स्थायित्व के लिए लोकप्रिय हैं
    • क्योंकि वे उच्च तापमान पर लंबी समय तक संरचना बनाए रखते हैं और ऑक्सीकरण/क्रीप-रेजिस्टेन्स दिखाते हैं ।​
  • चट्टान प्रकारों के साथ वास्तविक अनुप्रयोग
    • रूपांतरित चट्टानें: गरम वातावरण और उच्च दबाव में बनती हैं
    • जैसे संगमरमर (चूना पत्थर से) और स्लेट (शेल से)। यह प्रक्रियात्मक जानकारी बताती है
    • उच्च ताप और दबाव एक-सा ही नहीं होते—खनिज संरचना बदलती है लेकिन पूरी तरह पिघलन नहीं होता ।​
    • उच्च तापमान-स्थिरता के लिए चयनित सामग्री: ऐसे पदार्थ जो तापमान के कारण दीर्घकालिक डैमेज/क्रैकिंग में कम झेलते हैं
    • वे औद्योगिक उच्च तापमान चट्टानी-यांत्रिकी या धातु-निर्माण में उपयोगी रहते हैं।
    • उदाहरण के तौर पर टंगस्टन, प्लेटिनम-आधारित मिश्रधातुएँ आदि, जिन्हें तापमान-स्थिरता और ऑक्सीकरण-रोधक गुणों के कारण प्राथमिकता मिलती है ।​
  • तत्वों और गुणों की तुलना (संक्षेप)
    • तापमान सहिष्णुता: उच्च तापमान पर संरचना बनाए रखने की क्षमता; गलनांक ऊँचा होना निर्णय-योग्य है ।​
    • क्रिस्टल-गुण ಮತ್ತು रेंगन प्रतिरोध: उच्च तापमान पर दीर्घकालिक तनाव के कारण विरूपण रोकना आवश्यक है
    • इसलिए चयनित सामग्री में अच्छा creep resistance चाहिए ।​
    • रासायनिक स्थिरता: ऑक्सीकरण/संक्षारण से बचाव भी मायने रखता है, खासकर तंतुभंग और चिमटा-चक्र के समय ।​
  • निष्कर्ष
    • गलन अवस्था और अति उच्च तापमान का सही मूल्यांकन चट्टानों के निर्माण, विशेषकर metamorphic या high-temperature-grade materials के चयन के लिए central होता है।
    • उच्च गलनांक और तापमान-स्थायित्व वाले पदार्थ (जैसे टंगस्टन, प्लेटिनम-आधारित मिश्रधातु) ऐसे अनुप्रयोगों के लिए उपयुक्त रहते हैं
    • जहाँ तापमान अत्यधिक होता है और संरचना को विघटित होने से बचना होता है ।​
    • रूपांतरण प्रेरित चट्टानें उच्च दबाव-तापमान स्थितियों में बनती हैं
    • इन प्रक्रियाओं के दौरान पूरी तरह पिघलन नहीं होता, जिससे खनिज संरचना बदली रहती है ।​

9. मीना अवसादी शैल के एक उदाहरण के बारे में चर्चा करती है। निम्न में से वह कौन-सा हो सकता है? [MTS (T-I) 16 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) बलुआ पत्थर
Solution:
  • बलुआ पत्थर, पिंड शिला, चूना पत्थर, शेल, लोएस, कांग्लोमेरेट, सिल्ट आदि अवसादी शैलों के उदाहरण हैं।
  • संक्षिप्त उत्तर
    • सही उदाहरण: बलुआ पत्थर (sandstone)।
    • कारण: बलुआ पत्थर रेत के दाने से बना एक सामान्य अवसादी शैमेल है।
    • आयतनिक रूप से जमा हो कर समय के साथ दबकर एक ठोस चट्टान बन जाता है।
    • अन्य प्रमुख अवसादी शैल प्रकार: चूनापत्थर (calcium carbonate से बना जैविक/रासायनिक अवसादी), शैल-चूर्ण/क्ले (clays), शैल-गैह (siltstone) आदि।
  • विस्तार में समझाइए
    • अवसादी शैल कैसे बनती है: जल, हवा या हिमनद से आने वाले छोटे कण (रेत, सिल्ट, क्ले आदि) क्रमशः जमा होते हैं
    • समय के साथ ऊपर-नीचे की परतों में संगृहीत होते रहते हैं।
    • इन जमा दानों पर दबाव बढ़ने पर वे लम्बे समय में घनत्वीय रूप से संकुचित होकर ठोस चट्टान बनाते हैं। इस प्रक्रिया को लिथिफिकेशन कहा जाता है।
    • बलुआ पत्थर के गठन: बलुआ पत्थर में मुख्य रूप से रेत के दाने होते हैं
    • जिन्हें लाखों वर्षों में जमा-घुलन और दबाव से एक मजबूत, क्रिस्टलाइन चट्टान में बदला जाता है।
    • यह चट्टान अक्सर खनन, सड़कों, इमारतों आदि में सहायक ठोस निर्माण सामग्री के रूप में उपयोगी होती है।
    • क्यों यह लाभदायक उदाहरण है: बलुआ पत्थर एक प्रसिद्ध, स्पष्ट, और शिक्षण के लिए आसान उदाहरण है
    • विद्यार्थियों को अवसादी चट्टानों की संरचना, घनत्व, और परतों की जमा-घटाव प्रक्रिया समझ में आए।
  • अन्य समझने योग्य बिंदु
    • जैविक अवसादी शैल: कुछ अवसादी शैल जीव-जंतु या पौधों के अवशेषों के जमा से बनते हैं
    • जैसे चूना पत्थर या煤 (कोयला) आदि। इनमें कार्बनिक पदार्थों का योगदान होता है।
    • अवसादी शैल के उपयोग: भवन निर्माण, सजावट, सड़क निर्माण आदि में इन चट्टानों का व्यापक उपयोग होता है।
    • बलुआ पत्थर विशेषकर वास्तु-शिल्प में प्रसिद्ध है।
  • यदि चाहें तो इसे और भी अच्छी तरह संलग्न कर सकते हैं:
    • विशिष्ट चित्रणात्मक मॉडेल: बलुआ पत्थर की संरचना और दानों के आकार का वर्णन।
    • अभ्यास के प्रश्न: “बताइए कौन-सा अवसादी शैल है—बलुआ पत्थर, ग्रेनाइट, या गहवराइट?” इत्यादि।
    • अन्य उदाहरणों के साथ तुलना तालिका: बलुआ पत्थर बनावट, दाने का प्रकार, और प्राकृतिक उपयोग।

10. निम्नलिखित में से कौन तीन प्रमुख प्रकार की शैलों में से एक 'नहीं' है? [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) चुंबकीय शैल
Solution:
  • चुंबकीय शैल प्रमुख शैलों की श्रेणी में नहीं आती। आग्नेय, अवसादी व कायांतरित तीन प्रमुख प्रकार की शैलें होती हैं।
  • मुख्य प्रकारों की परिभाषा
    • आग्नेय शैल (Ignaceous/Intrusive or Extrusive rocks): मैग्मा या लावा के ठंडा होने से बनने वाली चट्टानें हैं।
    • उदाहरण: संगमरमर नहीं, बल्कि گرम पिसाने के समय बनने वाली पथरीय चट्टानें।
    • एक सामान्य पाठ्य-संदर्भ में आग्नेय चट्टानें तीन उपवर्गों में भी आ सकती हैं
    • बहिर्वेधी (एलिफेंट) और अंतर्वेधी (इंट्रूज़िव) आदि। [fact source के अनुसार]
    • अवसादी शैल (Sedimentary rocks): कार्बनिक अवशेष, एंट्रावेधी/रासायनिक अवक्षेपण आदि से बनने वाली चट्टानें
    • जैसे क्लास्टिक, रासायनिक, और कार्बनिक प्रकार। [fact source के अनुसार]
    • कायान्तरण शैल (Metamorphic rocks): पूर्व में बन चुकी चट्टानें, जिनमें गर्मी/दबाव/रासायनिक परिवर्तन से नया रूप बनता है
    • आग्नेय, अवसादी चट्टानों में से कुछ परिवर्तन भी मिलते हैं। [fact source के अनुसार]
  • ध्यान दें:
    • यदि विकल्पों में से एक शैल “नहीं” प्रकार के रूप में पूछा गया है, तो अक्सर यह कहा जाता है
    • शैल तीन प्रमुख प्रकार हैं: आग्नेय, अवसादी, और कायान्तरण।
    • इसलिए अगर प्रश्न में “तिन प्रकारों में से कौन सा शैल नहीं है
    • पूछा गया हो, तो सही उत्तर आम तौर पर वह विकल्प होगा जो इन तीनों में से नहीं जुड़ता या सामान्य पाठ्यक्रम में सहमत सूची से बाहर हो।
    • पाठ्य-स्रोतों के अनुसार कुछenschaften पाठ्यपुस्तकों में “कायान्तरण” को तीन प्रमुख वर्गों में गिनते समय आग्नेय, कायांतरित (metamorphic), और अवसादी को मानते हैं
    • कुछ में कायान्तरण को आग्नेय/अवसादी के साथ अलग वर्गीकृत किया जाता है।
    • मौलिक रूप से तीन प्रमुख प्रकार आग्नेय, अवसादी, कायान्तरण ही सामान्यतः मान्य हैं। [उल्लेखित स्रोत]