मुगलों एवं मेवाड़ के राणा के मध्य ऐतिहासिक 'चित्तौड़ की संधि' मुगल बादशाह जहांगीर के शासनकाल में 1615 ईस्वी में हस्ताक्षरित हुई थी। अकबर के तमाम प्रयासों के बावजूद जो मेवाड़ अधीन नहीं आया था, उसे जहाँगीर ने कूटनीति और सैन्य दबाव के माध्यम से संधि के लिए तैयार किया। मुगलों ने चित्तौड़ का किला और मेवाड़ का अन्य क्षेत्र राणा को वापस सौंप दिया