Correct Answer: (a) माघ, कृष्ण पक्ष, चतुर्दशी
Solution:- महाशिवरात्रि का त्योहार द्रिक पंचांग के अनुसार, माघ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को पड़ता है।
- इस दिन भक्त उपवास, रुद्राभिषेक और भगवान शिव की पूजा करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
- तिथि और समय
- द्रिक पंचांग में महाशिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि फाल्गुन कृष्ण पक्ष में पड़ती है, जो सामान्यतः फरवरी या मार्च में आती है।
- 2026 में यह तिथि 15 फरवरी (रविवार) को शाम 5:04 बजे से प्रारंभ होकर 16 फरवरी को शाम 5:34 बजे तक रहेगी, इसलिए व्रत और मुख्य पूजा 15 फरवरी को ही की जाती है।
- निशीथ काल, जो पूजा का सबसे शुभ समय माना जाता है
- 15 फरवरी की रात्रि को करीब 12:09 से 1:01 बजे तक होता है।
- चार प्रहर पूजा के लिए अलग-अलग मुहूर्त होते हैं, जैसे पहला प्रहर रात्रि में जलाभिषेक, दूसरा बेलपत्र अर्पण आदि।
- महत्व और कथा
- यह पर्व शिव-पार्वती विवाह, शिव का विषपान और तांडव नृत्य से जुड़ा है।
- व्रत रखने से पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष प्राप्ति होती है। रात्रि जगरण कर चारों प्रहर शिवलिंग पर दूध, जल, बेलपत्र चढ़ाना चाहिए।
- द्रिक पंचांग इसकी सटीक गणना प्रदान करता है, जो वैदिक खगोलीय आधार पर होती है।
- पूजा विधि
- सुबह स्नान कर शिव मंदिर जाएं, शिवलिंग का जलाभिषेक करें।
- रात्रि में निशीथ काल में रुद्राभिषेक और ध्यान करें।
- फलाहार या निर्जला व्रत रखें, पारण अगले दिन प्रातःकाल करें।
- 2026 विशेष
- इस वर्ष चतुर्दशी लगभग 48 घंटे चलने से कुछ भ्रम है
- लेकिन पंचांगनुसार व्रत 15 फरवरी को ही। सर्वार्थ सिद्धि योग भी संभवतः हो सकता है।
- यह जानकारी द्रिक पंचांग-आधारित स्रोतों से ली गई है।