दिन/दिवस (परम्परागत सामान्य ज्ञान)

Total Questions: 10

1. हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार, भारत में गुरु नानक जयंती कब मनाई जाती है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 22 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) कार्तिक पूर्णिमा
Solution:
  • गुरु नानक जयंती, जिसे गुरुपर्व के नाम से भी जाना जाता है।
  • यह पहले सिख गुरु, गुरु नानक देव की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
  • यह त्योहार कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है।
  • कार्तिक पूर्णिमा हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार, कार्तिक महीने में पंद्रहवां चंद्र दिवस है।
  • तिथि का निर्धारण
    • हिंदू चंद्र कैलेंडर में कार्तिक पूर्णिमा को गुरु नानक देव जी का जन्मदिन माना जाता है
    • जो सिखों के प्रथम गुरु हैं। यह तिथि कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा पर निर्भर करती है
    • जब चंद्रमा पूरी तरह गोला होता है। 2026 में यह 24 नवंबर (मंगलवार) को मनाई जाएगी
    • जहां पूर्णिमा तिथि 23 नवंबर रात 11:42 बजे शुरू होकर 24 नवंबर रात 8:23 बजे तक रहेगी।
    • उदाहरण के लिए, 2025 में यह 5 नवंबर को थी, जब पूर्णिमा 4 नवंबर रात से शुरू हुई।
    • यह चंद्र मास की प्रकृति के कारण हर साल 1-2 दिन आगे-पीछे होती है।
  • ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
    • गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 में तलवंडी (अब ननकाना साहिब, पाकिस्तान) में हुआ था।
    • वे सिख धर्म के संस्थापक हैं और एकेश्वरवाद, समानता, तथा भक्ति पर जोर देते थे।
    • जयंती को गुरुपर्व या प्रकाश पर्व भी कहते हैं, जो उनके उपदेशों 'नानक नाम चढ़दी कला' को दर्शाता है।
  • भारत में उत्सव
    • भारत के गुरुद्वारों जैसे अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में तीन दिन पहले अखंड पाठ शुरू होता है।
    • मुख्य दिन जुलूस (नगर कीर्तन), शबद कीर्तन, कथा, और लंगर का आयोजन होता है।
    • दिल्ली, पंजाब, हरियाणा में भव्य शोभायात्राएं निकलती हैं, जहां लोग क्विज, रक्तदान और सेवा कार्य करते हैं।
    • राष्ट्रीय अवकाश होने से स्कूल-कार्यालय बंद रहते हैं।
    • सिख समुदाय के अलावा हिंदू भी कार्तिक पूर्णिमा पर त्रिपुरी पूर्णिमा या देव-दिवाली मनाते हैं।​
  • महत्वपूर्ण परंपराएं
    • अखंड पाठ: गुरु ग्रंथ साहिब का 48 घंटे nonstop पाठ।
    • नगर कीर्तन: पवित्र ग्रंथ को सजाकर जुलूस।
    • लंगर: सभी के लिए मुफ्त भोजन, समानता का प्रतीक।
    • दीपदान: चंद्रमा की पूर्णिमा पर दीये जलाना।

2. निम्नलिखित में से किस वर्ष में भारत ने राष्ट्रीय खेल दिवस मनाना शुरू किया था? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 2 दिसंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) 2012
Solution:
  • भारत में पहला राष्ट्रीय खेल दिवस, 29 अगस्त, 2012 को मनाया गया था।
  • यह दिन राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में भारतीय हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
  • इस दिन का मकसद लोगों को खेलों के महत्व के बारे में जागरूक करना और उन्हें शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए प्रोत्साहित करना है।
  • उद्देश्य और पृष्ठभूमि
    • राष्ट्रीय खेल दिवस हर साल 29 अगस्त को मनाया जाता है, जो महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती पर आधारित है।
    • भारत सरकार ने खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों की उपलब्धियों का सम्मान करने के लिए 2012 में इसकी शुरुआत की।
    • मेजर ध्यानचंद (1905-1979) को "हॉकी का जादूगर" कहा जाता है
    • जिन्होंने 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक में भारत को स्वर्ण पदक दिलाए।
  • महत्वपूर्ण आयोजन
    • इस दिन राष्ट्रपति राष्ट्रीय खेल पुरस्कार जैसे खेल रत्न, अर्जुन अवॉर्ड और द्रोणाचार्य अवॉर्ड प्रदान करते हैं।
    • स्कूलों, कॉलेजों और खेल संस्थानों में फिटनेस कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं और जागरूकता अभियान आयोजित होते हैं।
    • 2018 में इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "खेलो इंडिया" कार्यक्रम शुरू किया, जबकि 2019 में "फिट इंडिया मूवमेंट" की शुरुआत हुई।
  • मेजर ध्यानचंद का योगदान
    • मेजर ध्यानचंद ने अपने करियर में 400 से अधिक अंतरराष्ट्रीय गोल किए और भारत की हॉकी को विश्व पटल पर स्थापित किया।
    • उनके सम्मान में ही इस दिन को चुना गया, जो खेलों के माध्यम से एकता, अनुशासन और स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करता है।
    • 2025 में यह दिन "एक घंटा, खेल के मैदान में" थीम के साथ मनाया गया।

3. द्रिक पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि कब मनाई जाती है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 14 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) माघ, कृष्ण पक्ष, चतुर्दशी
Solution:
  • महाशिवरात्रि का त्योहार द्रिक पंचांग के अनुसार, माघ महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को पड़ता है।
  • इस दिन भक्त उपवास, रुद्राभिषेक और भगवान शिव की पूजा करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
  • तिथि और समय
    • द्रिक पंचांग में महाशिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि फाल्गुन कृष्ण पक्ष में पड़ती है, जो सामान्यतः फरवरी या मार्च में आती है।
    • 2026 में यह तिथि 15 फरवरी (रविवार) को शाम 5:04 बजे से प्रारंभ होकर 16 फरवरी को शाम 5:34 बजे तक रहेगी, इसलिए व्रत और मुख्य पूजा 15 फरवरी को ही की जाती है।
    • निशीथ काल, जो पूजा का सबसे शुभ समय माना जाता है
    • 15 फरवरी की रात्रि को करीब 12:09 से 1:01 बजे तक होता है।
    • चार प्रहर पूजा के लिए अलग-अलग मुहूर्त होते हैं, जैसे पहला प्रहर रात्रि में जलाभिषेक, दूसरा बेलपत्र अर्पण आदि।​
  • महत्व और कथा
    • यह पर्व शिव-पार्वती विवाह, शिव का विषपान और तांडव नृत्य से जुड़ा है।
    • व्रत रखने से पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष प्राप्ति होती है। रात्रि जगरण कर चारों प्रहर शिवलिंग पर दूध, जल, बेलपत्र चढ़ाना चाहिए।
    • द्रिक पंचांग इसकी सटीक गणना प्रदान करता है, जो वैदिक खगोलीय आधार पर होती है।
  • पूजा विधि
    • सुबह स्नान कर शिव मंदिर जाएं, शिवलिंग का जलाभिषेक करें।
    • रात्रि में निशीथ काल में रुद्राभिषेक और ध्यान करें।
    • फलाहार या निर्जला व्रत रखें, पारण अगले दिन प्रातःकाल करें।
  • 2026 विशेष
    • इस वर्ष चतुर्दशी लगभग 48 घंटे चलने से कुछ भ्रम है
    • लेकिन पंचांगनुसार व्रत 15 फरवरी को ही। सर्वार्थ सिद्धि योग भी संभवतः हो सकता है।
    • यह जानकारी द्रिक पंचांग-आधारित स्रोतों से ली गई है।

4. अंतरराष्ट्रीय ओजोन परत संरक्षण दिवस ........ को मनाया जाता है। [CHSL (T-I) 16 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) 16 सितंबर
Solution:
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा (U.N. General Assembly) द्वारा 16 सितंबर को वायुमंडल में ओजोन (0₂) की परत (layer) के संरक्षण हेतु अंतरराष्ट्रीय ओजोन परत संरक्षण दिवस (ओजोन परत के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस) के रूप में निश्चित किया गया है।
  • अंतरराष्ट्रीय ओजोन परत संरक्षण दिवस 16 सितंबर को मनाया जाता है।
    • यह दिन ओजोन परत के क्षय के बारे में जागरूकता फैलाने और उसके संरक्षण के उपायों पर जोर देता है।
    • संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 19 दिसंबर 1994 को इसे आधिकारिक रूप से घोषित किया
    • जो 16 सितंबर 1987 को मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर की वर्षगांठ पर आधारित है।
  • इतिहास
    • मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल संयुक्त राष्ट्र और 45 अन्य देशों द्वारा ओजोन-क्षयकारी पदार्थों जैसे क्लोरोफ्लोरोकार्बन (सीएफसी) पर प्रतिबंध लगाने के लिए हस्ताक्षरित ऐतिहासिक संधि है।
    • यह पर्यावरण संरक्षण की सबसे सफल वैश्विक पहल मानी जाती है, जिसे 197 देशों ने अपनाया।
    • 1995 से हर साल 16 सितंबर को विश्व ओजोन दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो ओजोन परत की रक्षा के सामूहिक प्रयासों को याद दिलाता है।​
  • महत्व
    • ओजोन परत स्ट्राटोस्फीयर में एक सुरक्षात्मक ढाल है जो सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (यूवी) किरणों को अवशोषित करती है।
    • इसकी कमी से त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद, फसल नुकसान और पारिस्थितिकी तंत्र पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
    • यह दिवस पर्यावरण संरक्षण, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और विज्ञान-आधारित कार्रवाई पर बल देता है, साथ ही जलवायु परिवर्तन से जुड़े लाभों को रेखांकित करता है।​
  • ओजोन परत क्या है
    • ओजोन (O₃) तीन ऑक्सीजन परमाणुओं से बना त्रिपरमाण्विक गैस है
    • जो 15-35 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है।
    • यह यूवी-बी किरणों को 97-99% तक रोकती है, जो जीवन के लिए आवश्यक है।​
    • मानवजनित कारणों जैसे एयर कंडीशनर, फ्रिज और स्प्रे में इस्तेमाल होने वाले सीएफसी से यह क्षतिग्रस्त हुई, खासकर अंटार्कटिका के ऊपर छेद के रूप में।​
  • वैश्विक प्रयास
    • मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के तहत 99% से अधिक क्षयकारी पदार्थों का उन्मूलन हो चुका है
    • जिससे ओजोन परत का पुनरुद्धार प्रगति पर है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) हर साल थीम के साथ कार्यक्रम आयोजित करता है।
    • भारत ने 1992 में प्रोटोकॉल को अपनाया और सीएफसी उत्पादन सीमित किया। 2026 तक ओजोन छेद के पूर्ण ठीक होने का अनुमान है।​
  • मनाने के तरीके
    • दुनिया भर में सेमिनार, कार्यशालाएं, पोस्टर प्रदर्शन और सोशल मीडिया अभियान चलाए जाते हैं। स्कूलों-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम होते हैं।​
    • हर साल बदलती थीम जैसे "ओजोन परत की रक्षा, जीवन की रक्षा" लोगों को प्रेरित करती है। भारत में पर्यावरण मंत्रालय और NGOs सक्रिय रहते हैं।​
  • चुनौतियां और भविष्य
    • अवैध सीएफसी व्यापार और नए रसायनों से खतरा बरकरार है
    • लेकिन प्रोटोकॉल की संशोधन जैसे कि किगाली समझौता (HFC चरणबद्ध) मदद कर रहे हैं। सतत जीवनशैली अपनाकर हम योगदान दे सकते हैं।​
    • यह दिवस याद दिलाता है कि वैश्विक एकजुटता से पर्यावरण संकट हल हो सकते हैं।​

5. विश्व पर्यावरण दिवस हर वर्ष ....... को आयोजित किया जाता है। [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) 5 जून
Solution:
  • विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) प्रति वर्ष 5 जून को मनाया जाता है।
  • इतिहास
    • जहां संयुक्त राष्ट्र ने पर्यावरण मुद्दों पर वैश्विक ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया।
    • पहला विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 1973 को जेनेवा, स्विट्जरलैंड में मनाया गया
    • जिसकी थीम "Only One Earth" थी। तब से यह हर साल 5 जून को विभिन्न देशों में उत्साहपूर्वक मनाया जाता है, जिसमें 143 से अधिक देश भाग लेते हैं।
    • भारत ने भी इस दिवस की मेजबानी कई बार की है, जैसे 1975 में चंडीगढ़, 1977 में दिल्ली, 2011 में फिर दिल्ली और 2018 में नई दिल्ली।
    • ये आयोजन पर्यावरणीय चुनौतियों जैसे वनों की कटाई, प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पर फोकस करते हैं।​
  • उद्देश्य
    • यह दिवस पर्यावरण की रक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाने, कार्रवाई को प्रोत्साहित करने और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने का मंच प्रदान करता है।
    • हर वर्ष एक विशेष थीम चुनी जाती है जो समकालीन पर्यावरणीय मुद्दों पर केंद्रित होती है
    • जैसे प्लास्टिक प्रदूषण, वन्यजीव संरक्षण या जल संकट। गैर-सरकारी संगठन, व्यवसाय, सरकारें और आम नागरिक इसमें भाग लेते हैं।
    • इसके माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार करने और ठोस कदम उठाने के लिए प्रेरित किया जाता है
    • जैसे पेड़ लगाना, प्लास्टिक का उपयोग कम करना और ऊर्जा संरक्षण।​
  • थीम्स और मेजबान शहर
    • हर साल थीम बदलती रहती है ताकि विभिन्न मुद्दों पर ध्यान दिया जा सके। नीचे कुछ प्रमुख थीम्स और मेजबान शहरों की तालिका दी गई है:
    • ये आयोजन स्थानीय और वैश्विक स्तर पर प्रदर्शनियां, कार्यशालाएं, रैलियां और नीति चर्चाएं शामिल करते हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, 2025 में प्लास्टिक प्रदूषण समाप्ति पर जोर दिया गया।
  • भारत में महत्व
    • भारत जैसे देश में जहां प्रदूषण, वनों की कटाई और जल संकट प्रमुख चुनौतियां हैं, यह दिवस विशेष रूप से प्रासंगिक है।
    • दिल्ली जैसे शहरों में कई बार मेजबानी करने से स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ी है।
    • स्कूलों, कॉलेजों और समुदायों में पेड़रोपण अभियान, सफाई ड्राइव और सेमिनार आयोजित होते हैं।
  • वैश्विक प्रभाव
    • विश्व पर्यावरण दिवस ने समुद्री प्रदूषण, वैश्विक तापमान वृद्धि, सतत विकास और वन्यजीव अपराध जैसे मुद्दों पर वैश्विक बहस को बढ़ावा दिया है।
    • यह संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा समर्थित है
    • हर साल लाखों लोगों को पर्यावरणीय कार्रवाई के लिए प्रेरित करता है।

6. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कब मनाया जाता है? [CHSL (T-I) 13 मार्च, 2023 (II-पाली]

Correct Answer: (b) 8 मार्च
Solution:
  • अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस प्रतिवर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है।
  • इतिहास
    • 1908 में न्यूयॉर्क में 15,000 महिलाओं ने बेहतर कामकाजी स्थितियों, उचित वेतन और वोटिंग अधिकारों की मांग की।
    • 1910 में जर्मन कार्यकर्ता क्लारा ज़ेटकिन ने अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन में हर साल इस दिन मनाने का प्रस्ताव रखा
    • जिसके बाद 1911 में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्जरलैंड में पहली बार इसे मनाया गया।
    • 1917 में रूस में महिलाओं की हड़ताल के बाद 8 मार्च की तारीख तय हुई, और 1975 में संयुक्त राष्ट्र ने इसे आधिकारिक रूप से मान्यता दी।
  • महत्व
    • यह दिन महिलाओं की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों का सम्मान करता है।
    • यह लैंगिक भेदभाव को समाप्त करने, समान अवसर प्रदान करने और महिलाओं के उत्थान के लिए जागरूकता फैलाता है।
    • दुनिया भर में सेमिनार, मार्च, वर्कशॉप और पुरस्कार समारोह आयोजित होते हैं, जो महिलाओं को सशक्त बनाने पर केंद्रित होते हैं।
  • थीम्स और उत्सव
    • हर साल एक नई थीम रखी जाती है। 2025 की थीम "तेजी से कार्रवाई करें" (Accelerate Action) थी
    • जो महिलाओं के जीवन में तेजी से बदलाव लाने पर जोर देती है।
    • भारत में भी स्कूलों, कॉलेजों, कार्यालयों और एनजीओ द्वारा कार्यक्रम होते हैं
    • जैसे महिला सशक्तिकरण पर व्याख्यान और प्रदर्शनियां। संयुक्त राष्ट्र इसकी अगुवाई करता है।
  • भारत में प्रासंगिकता
    • भारत में यह दिन महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने, शिक्षा और रोजगार में समानता पर फोकस करता है।
    • सरकारें योजनाएं जैसे बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को बढ़ावा देती हैं।
    • यह दिन पुरुषों को भी महिलाओं के योगदान को मान्यता देने के लिए प्रेरित करता है।

7. अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस कब मनाया जाता है? [CGL (T-I) 01 दिसंबर, 2022 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) 2 अक्टूबर को
Solution:
  • अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस प्रतिवर्ष 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी के जन्मदिन के अवसर पर मनाया जाता है।
  • स्थापना और इतिहास
    • संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 15 जून 2007 को प्रस्ताव A/RES/61/271 पारित कर 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस घोषित किया।
    • यह निर्णय 140 देशों के सहयोग से लिया गया, ताकि शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से अहिंसा का संदेश फैलाया जा सके।
    • महात्मा गांधी (1869-1948) ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अहिंसा को हथियार बनाया, जो नमक सत्याग्रह और अन्य आंदोलनों में दिखा।
  • उद्देश्य
    • यह दिवस शांति, सहिष्णुता और संघर्ष समाधान को बढ़ावा देता है।
    • संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने 2025 में कहा कि बढ़ते तनाव के दौर में गांधी का संदेश प्रासंगिक है।
    • दुनिया भर में कार्यक्रम आयोजित होते हैं
    • जैसे सेमिनार, प्रदर्शनियां और शांति मार्च, जो विविधता को खजाना मानने का संदेश देते हैं।​
  • महत्व और वैश्विक प्रभाव
    • भारत में यह गांधी जयंती के रूप में राष्ट्रीय अवकाश है
    • जहां स्कूलों में निबंध, चित्रकला और सत्याग्रह नाटक होते हैं।
    • गांधी की अहिंसा ने मार्टिन लूथर किंग जूनियर और नेल्सन मंडेला जैसे नेताओं को प्रेरित किया।
    • यह दिवस आतंकवाद, युद्ध और हिंसा के खिलाफ जागरूकता फैलाता है, तथा सतत विकास लक्ष्यों से जुड़ता है।​
  • मनाने के तरीके
    • शांतिपूर्ण सभाएं और ध्यान सत्र।
    • गांधी के सिद्धांतों पर व्याख्यान।
    • पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा गतिविधियां।
    • हर साल यूएन मुख्यालय में विशेष कार्यक्रम होते हैं, जैसे 2025 में भारत के सहयोग से।

8. भारत में अभियंता दिवस ....... की स्मृति में मनाया जाता है। [MTS (T-I) 17 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) डॉ. एम. विश्वेश्वरैया
Solution:
  • भारत रत्न प्राप्त भारतीय सिविल इंजीनियर एम. विश्वेश्वरैया का जन्मदिन 'इंजीनियर दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
  • ध्यातव्य है कि प्रति वर्ष 'राष्ट्रीय अभियंता दिवस' 15 सितंबर को मनाया जाता है
  • भारत में अभियंता दिवस डॉ. एम. विश्वेश्वरैया की स्मृति में मनाया जाता है।
  • यह दिन हर वर्ष 15 सितंबर को उनके जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किया जाता है।
  • इतिहास
    • अभियंता दिवस की शुरुआत 1960 में हुई, जब भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया के योगदान को सम्मानित करने का सुझाव दिया।
    • डॉ. एम. विश्वेश्वरैया का जन्म 15 सितंबर 1861 को कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर जिले के मुडेनहल्ली गांव में हुआ था।
    • वे आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महान अभियंता, राज्यकर्ता, विद्वान और दार्शनिक थे।
    • उन्हें 1955 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया और 1915 में ब्रिटिश सरकार ने नाइटहुड प्रदान किया।
    • उनका निधन 14 अप्रैल 1962 को हुआ, लेकिन उनके आदर्श आज भी अभियंताओं को प्रेरित करते हैं।
    • भारत सरकार ने 2019 में 22 मार्च को राष्ट्रीय अभियंता दिवस घोषित किया
    • जो औद्योगिक अभियांत्रिकी को समर्पित है, लेकिन मुख्य अभियंता दिवस 15 सितंबर को ही मनाया जाता है।​
  • प्रमुख योगदान
    • डॉ. विश्वेश्वरैया ने मैसूर राज्य में कृष्णराज सागर बांध (KRS बांध) का निर्माण करवाया
    • जो आज भी जल प्रबंधन और बिजली उत्पादन में सहायक है।
    • उन्होंने हैदराबाद में बाढ़ नियंत्रण प्रणाली, स्वचालित स्लुइस गेट्स का आविष्कार किया और पुणे, हैदराबाद, मैसूर जैसे शहरों में जल आपूर्ति योजनाएं विकसित कीं।
    • मैसूर राज्य के दीवान (1912-1918) के रूप में उन्होंने भारी उद्योगों, स्टील प्लांट और बैंकिंग प्रणाली की स्थापना की।
    • उन्होंने मैसूर विश्वविद्यालय की नींव रखी और भोपाल में भोपाल स्टेट बैंक की स्थापना में मदद की।
    • पुणे के पास मोसे ब्रिज का निर्माण उनका एक और उल्लेखनीय कार्य था, जो बिना सहारे खड़ा दिखता है।
    • उनकी दूरदृष्टि ने भारत को औद्योगिक रूप से मजबूत बनाया।​
  • मनाने का तरीका
    • इस दिन देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों, संस्थानों और संगठनों में सेमिनार, वर्कशॉप, पुरस्कार वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
    • अभियंता अपने कार्यों का आत्ममूल्यांकन करते हैं और राष्ट्र निर्माण के प्रति संकल्प लेते हैं।
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे नेता भी सोशल मीडिया पर अभियंताओं को बधाई देते हैं और विश्वेश्वरैया के योगदान को याद करते हैं।
    • कई राज्यों में सरकारी भवनों पर उनकी तस्वीरें प्रदर्शित की जाती हैं।
    • यह दिन युवा अभियंताओं को नवाचार और नैतिकता की प्रेरणा देता है।​
  • महत्व
    • अभियंता दिवस अभियंत्रण के क्षेत्र में योगदान को मान्यता देता है।
    • भारत जैसे विकासशील देश में इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी और स्पेस जैसे क्षेत्रों में अभियंताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
    • यह दिन हमें याद दिलाता है कि कैसे एक व्यक्ति ने बुनियादी ढांचे को मजबूत कर देश की प्रगति सुनिश्चित की।
    • विश्वेश्वरैया का प्रसिद्ध कथन "निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी है" आज भी प्रासंगिक है।

9. भारत में, राष्ट्रीय मतदाता दिवस ....... को मनाया जाता है। [MTS (T-I) 02 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) 25 जनवरी
Solution:
  • भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 25 जनवरी को 'राष्ट्रीय मतदाता दिवस' मनाया जाता है।
  • 25 जनवरी, 2024 को 14वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस (एन.वी.डी.) मनाया गया।
  • इस वर्ष इस दिवस का विषय (Theme) "वोट जैसा कुछ नहीं, वोट जरूर डालेंगे हम" (Nothing Like Voting, I Vote for Sure) था।
  • इतिहास और स्थापना
    • जो देश के पहले आम चुनाव की तैयारी कर रहा था।
    • तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने इसका उद्घाटन किया
    • जिसमें 'समावेशी भागीदारी' और 'कोई मतदाता पीछे न छूटे' जैसे लक्ष्य रखे गए।
    • तब से यह दिवस 16वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है (2026 में)।
  • उद्देश्य
    • इसका मुख्य लक्ष्य नागरिकों, खासकर युवाओं और नए मतदाताओं को मतदान के अधिकार व कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना है।
    • यह मतदाता पंजीकरण बढ़ाने, स्वच्छ मतदाता सूचियों को प्रोत्साहित करने और चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर केंद्रित होता है।
    • नए मतदाताओं को मतदाता पहचान पत्र (EPIC) वितरित कर उन्हें सम्मानित किया जाता है, जिससे लोकतंत्र में उनकी भूमिका मजबूत होती है।
  • 2026 की थीम और विशेषताएं
    • 2026 में थीम "मेरा भारत, मेरा वोट" रखी गई, जिसकी टैगलाइन "भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में नागरिक" है।
    • यह नागरिक-केंद्रित सुधारों पर जोर देती है, जैसे प्रौद्योगिकी का उपयोग (ECI नेट प्लेटफॉर्म), प्रशिक्षण और अनुसंधान।
    • 25 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि रहीं, जहां नए मतदाताओं को प्रमाण-पत्र सौंपे गए।
    • पूरे देश में जागरूकता अभियान, सेमिनार और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
  • गतिविधियां और प्रभाव
    • पूरे भारत में स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम होते हैं, जिसमें स्कूलों, कॉलेजों में मतदाता शिक्षा दी जाती है।
    • नए मतदाताओं का विशेष सम्मान, ऑनलाइन पंजीकरण ड्राइव और सोशल मीडिया कैंपेन चलाए जाते हैं।
    • यह दिवस मतदान प्रतिशत बढ़ाने में सफल रहा है, जैसे युवा भागीदारी को प्रोत्साहित कर।
    • उदाहरणस्वरूप, महामारी के दौरान भी सुरक्षित मतदान पर फोकस किया गया।

10. ईस्टर सप्ताह के निम्नलिखित में से किस दिन मनाया जाता है? [Phase-XI 30 जून, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) रविवार
Solution:
  • दुनिया भर में ईस्टर रविवार को धूमधाम से मनाया जाता है।
  • यह उत्सव ईसाई समुदाय के लोग गुड फ्राइडे के तीन दिन बाद सेलिब्रेट करते हैं।
  • मान्यता है कि प्रभु यीशु को सूली पर चढ़ाए जाने के तीन दिन बाद यह मृत्यु पर विजय प्राप्त करते हुए पुनर्जीवित हो गए थे। इस घटना को ईस्टर रविवार के रूप में मनाया जाता है।
  • ईस्टर सप्ताह क्या है?
    • ईस्टर सप्ताह ईस्टर संडे से ठीक पहले का सप्ताह होता है, जो पाम संडे (खजूर रविवार) से शुरू होता है और ईस्टर संडे पर समाप्त होता है।
    • यह सप्ताह यीशु मसीह के यरूशलेम में प्रवेश, उनके अंतिम भोज, सूली पर चढ़ाए जाने और पुनरुत्थान की घटनाओं को याद करने के लिए मनाया जाता है।
    • ईसाई परंपरा में यह बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह लेंट (उपवास काल) के अंत को चिह्नित करता है।
  • ईस्टर सप्ताह के प्रमुख दिन
    • ईस्टर सप्ताह के मुख्य दिन निम्नलिखित हैं, जो क्रमबद्ध तरीके से मनाए जाते हैं:
    • पाम संडे (खजूर रविवार): सप्ताह का पहला दिन, जब यीशु यरूशलेम में खजूर की डालियों के साथ स्वागत किए गए थे। चर्चों में खजूर की डालियां वितरित की जाती हैं।​
    • पवित्र सोमवार: यीशु द्वारा मंदिर के व्यापारियों को भगाने की घटना को याद किया जाता है।
    • पुण्य बृहस्पतिवार (मॉंडी थर्सडे): यीशु का अंतिम भोज (लास्ट सपर), जहां उन्होंने शिष्यों के पैर धोए और रोटी-शराब को अपने शरीर और रक्त का प्रतीक बताया।​
    • गुड फ्राइडे: यीशु के सूली पर चढ़ाए जाने और मृत्यु का शोक दिवस। उपवास और प्रार्थना का दिन।
    • पवित्र शनिवार (होली सैटरडे या मौन शनिवार): यीशु के समाधि में रहने का दिन, शोक और प्रतीक्षा का प्रतीक।
    • ईस्टर संडे (रविवार): सप्ताह का मुख्य दिन, जब यीशु का पुनरुत्थान (रेजर्रेक्शन) हुआ।
    • यह खुशी का पर्व है, जिसमें अंडे, खरगोश और विशेष प्रार्थनाएं शामिल होती हैं।
  • ईस्टर संडे का विशेष महत्व
    • ईस्टर सप्ताह का चरमोत्कर्ष ईस्टर संडे है, जो हमेशा रविवार को मनाया जाता है।
    • बाइबल के अनुसार, गुड फ्राइडे को सूली पर चढ़ने के तीन दिन बाद यीशु जीवित हो उठे
    • जो मृत्यु पर जीवन की विजय का प्रतीक है। यह तिथि चंद्र कैलेंडर पर आधारित होती है
    • वसंत विषुव के बाद पहली पूर्णिमा के बाद का पहला रविवार।
    • 2025 में यह 20 अप्रैल को था, और यह 22 मार्च से 25 अप्रैल के बीच कहीं भी पड़ सकता है।
  • परंपराएं और उत्सव
    • ईस्टर सप्ताह में उपवास, प्रार्थना, चर्च सेवाएं और जुलूस प्रमुख होते हैं।
    • ईस्टर संडे पर रंग-बिरंगे अंडे (नए जीवन का प्रतीक), चॉकलेट खरगोश और पारिवारिक भोज आयोजित होते हैं।
    • पश्चिमी देशों में यह छुट्टी का दिन होता है, जबकि भारत में ईसाई समुदाय चर्चों में विशेष आयोजन करता है।
    • पूर्वी और पश्चिमी ईसाई अलग-अलग कैलेंडर (ग्रेगोरियन vs जूलियन) मानते हैं, इसलिए तिथियां भिन्न हो सकती हैं।