दिल्ली सल्तनत : साहित्य (UPPCS)

Total Questions: 40

11. अमीर खुसरो निम्नलिखित में से किसके शासनकाल से संबंधित थे? [M.P. P.C.S. (Pre) 2012]

Correct Answer: (a) अलाउद्दीन खिलजी
Solution:

अमीर खुसरो का संबंध मुख्य रूप से अलाउद्दीन खिलजी के शासनकाल से था।
हालाँकि उन्होंने दिल्ली सल्तनत के कई सुल्तानों का काल देखा था, लेकिन उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और रचनात्मक समय अलाउद्दीन खिलजी के दरबार में ही बीता। अलाउद्दीन खिलजी के सैन्य अभियानों (जैसे चित्तौड़ और दक्षिण विजय) का आंखों देखा वर्णन खुसरो ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'खजाइन-उल-फुतूह' में किया है।

12. अमीर खुसरो एक ... थे। [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2011]

Correct Answer: (d) ये तीनों
Solution:

अमीर खुसरो एक कवि, संगीतकार और इतिहासकार थे। उन्हें बहुमुखी प्रतिभा का धनी माना जाता है। इन्होंने सबसे पहले अपनी रचनाओं में लोकभाषा (हिंदवी/खड़ी बोली) का प्रयोग किया। इन्हें 'सितार' और 'तबले' का आविष्कारक माना जाता है। इन्होंने ईरानी और भारतीय रागों का मेल करके 'कव्वाली' गायन शैली और 'ख्याल' गायन को लोकप्रिय बनाया। इन्हें 'भारत का तोता' कहा जाता है क्योंकि इन्हें अपनी मातृभूमि और यहाँ की संस्कृति से बहुत प्रेम था। ये प्रसिद्ध चिश्ती संत हजरत निजामुद्दीन औलिया के सबसे प्रिय शिष्य थे।

13. नयी फारसी काव्य-शैली 'सबक-ए-हिंदी' अथवा 'हिंदुस्तानी शैली' के जन्मदाता थे- [R.A.S./R.T.S. (Pre) 1999]

Correct Answer: (d) अमीर खुसरो
Solution:

हिंदी खड़ी बोली का जनक अमीर खुसरो को माना जाता है। नई फारसी काव्य शैली 'सबक-ए-हिंदी' या 'हिंदुस्तानी शैली' का जन्मदाता अमीर खुसरो को माना जाता है। उसका कहना था-'न लफ्जे हिन्दीवस्त अज फारसी कम' अर्थात हिंदी का शब्द फारसी से कम नहीं है।

14. निम्न में से किसने 'हिंदी खड़ी बोली का जनक' माना जाता है? [U.P. P.C.S. (Mains) 2012]

Correct Answer: (a) अमीर खुसरो
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।

15. हिंदी और फारसी दोनों भाषाओं का विद्वान था- [U.P. P.C.S. (Pre) 1990]

Correct Answer: (c) अमीर खुसरो
Solution:

अमीर खुसरो हिंदी एवं फारसी दोनों भाषाओं का विद्वान था। जियाउद्दीन सज्जादी के अनुसार-" फारसी भाषा तथा साहित्य के भारत में विकास तथा इसके कारण दो देशों के मध्य निकट संबंध स्थापित होने का उल्लेख तब तक पूरा नहीं होता, जब तक अमीर खुसरो का उल्लेख न हो, जो निश्चित रूप से इस अद्भुत घटना का मुख्य पात्र था।" अमीर खुसरो स्वयं कहता है-"वह संस्कृत एवं अन्य भारतीय भाषाएं, जो हिंदवी के भाग हैं, जानता है।" एक दोहे में वह कहता है" मै एक भारतीय तुर्क हूं, मैं हिंदवी बोलता हूं। मुझे अरबी में बोलने की मधुरता नही है।"

16. निम्नलिखित में से कौन फारसी का प्रथम कवि था, जिसने अपनी कविता में भारतीय पर्यावरण को चित्रित किया? [U.P.P.C.S. (Mains) 2017]

Correct Answer: (a) अमीर खुसरो
Solution:

वह प्रसिद्ध कवि अमीर खुसरो ही थे। अमीर खुसरो फारसी के पहले ऐसे कवि माने जाते हैं जिन्होंने अपनी रचनाओं में भारतीय पर्यावरण, पशु-पक्षियों, जलवायु और यहाँ की संस्कृति का बेहद खूबसूरती और गर्व के साथ चित्रण किया है। उन्होंने भारत को 'धरती का स्वर्ग' कहा। वे पहले मुस्लिम कवि थे जिन्होंने फारसी के साथ-साथ हिंदवी (पुरानी हिंदी/खड़ी बोली) का प्रयोग किया और खुद को 'हिंदुस्तानी तुर्क' कहा। खुसरो ने भारत की जलवायु की तुलना खुरासान (ईरान/मध्य एशिया) से की और भारत को हर मामले में श्रेष्ठ बताया।

17. निम्न कथनों पर विचार कीजिए- [I.A.S. (Pre) 2003]

1. हिंदू देवी-देवताओं तथा मुस्लिम संतों की प्रशंसा में रचित गीतों का संग्रह किताब-ए-नौरस इब्राहिम आदिल शाह II द्वारा लिखा गया था।
2. भारत में कव्वाली से जानी जाने वाली संगीत शैली के प्रारंभिक रूप के आरंभकर्ता अमीर खुसरो थे।

इन कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Correct Answer: (c) दोनों 1 तथा 2
Solution:

बीजापुर के सुल्तान इब्राहिम आदिल शाह II ने गीतों का संग्रह 'किताब- ए-नौरस' की रचना की। उसने 'नौरसपुर' नगर की स्थापना भी की तथा उसे अपनी राजधानी बनाया। भारत में कव्वाली नामक संगीत शैली के प्रारंभिक रूप के आरंभकर्ता अमीर खुसरो थे।

18. 'तबकात-ए-नासिरी' का लेखक कौन था? [42nd Bihar P.C.S. (Pre) 1997]

Correct Answer: (c) मिनहाज-उस-सिराज
Solution:

'तबकात-ए-नासिरी' मिनहाज-उस-सिराज का ग्रंथ है, जो ममलूक सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद को समर्पित किया गया है। यह ग्रंथ 23 अध्यायों में है। एच.जी. रावर्टी ने इसका अंग्रेजी में अनुवाद किया। इस पुस्तक में मुहम्मद गोरी की भारत विजय का प्रत्यक्ष वर्णन मिलता है। ज्ञातव्य है कि मिनहाज प्रथम इतिहासकार हैं, जिसने यह कहा था कि कुतुबुद्दीन ऐबक ने अपने नाम की मुद्राएं प्रसारित की और खुतबा पढ़वाया।

19. निम्नलिखित ग्रंथों पर विचार कीजिए और उनको कालाक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए- [U.P.P.C.S. (Pre) 2020]

1. फतवा - ए - जहांदारी
2. पृथ्वीराज - रासो
3. किताब - उल - हिंद
4. तबकात - ए - नासिरी

नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए।
कूट :

Correct Answer: (d) 3, 2, 4, 1
Solution:

'फतवा-ए-जहांदारी' पुस्तक के लेखक जियाउद्दीन बरनी हैं। 'पृथ्वीराजरासो' के लेखक चंदरबरदाई, 'किताब-उल-हिंद' की रचना अलबरूनी ने की तथा 'तबकात-ए- नासिरी', मिनहाज-उस-सिराज का ग्रंथ है, जो उसने ममलूक सुल्तान नासिरुद्दीन महमूद को समर्पित किया था।
अतः इनका सही कालक्रम है- किताब-उल- हिंद, पृथ्वीराजरासो, तबकात-ए-नासिरी, फतवा-ए-जहांदारी।

20. बिहार पर बख्तियार खिलजी के हमले का पहला विवरण प्राप्त हुआ- [64th B.P.S.C. (Pre) 2018]

Correct Answer: (b) तबकात-ए-नासिरी से
Solution:

बिहार पर बख्तियार खिलजी के हमले का पहला और प्रमुख विवरण मिन्हाज-ए-सिराज की पुस्तक 'तबकात-ए-नासिरी' से प्राप्त होता है। इस विवरण के अनुसार, 1200 ईस्वी के आसपास खिलजी ने एक बौद्ध मठ (जिसे वे "बिहार" कहते थे) पर हमला किया, जिसमें भिक्षुओं का नरसंहार और ओदंतपुरी व विक्रमशिला जैसे विश्वविद्यालय संस्थानों को नष्ट कर दिया गया।