Correct Answer: (b) नम उष्णकटिबंधीय अर्द्ध सदाबहार वनस्पति
Solution:- मेघालय के पठार, सह्याद्रि और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के मध्य और दक्षिणी द्वीप उष्णकटिबंधीय जलवायु और अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में स्थित है।
- इस प्रकार वनस्पति के ये क्षेत्र नम उष्णकटिबंधीय अर्द्ध सदाबहार वनस्पति के अंतर्गत आते हैं।
- प्रमुख विशेषताएं
- ये वन उच्च वर्षा (1500-4000 मिमी से अधिक) वाले क्षेत्रों में विकसित होते हैं, जहां पेड़ों की ऊंचाई 30-50 मीटर तक पहुंचती है
- घनी लियानाएं, एपिफाइट्स तथा कवक प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
- मेघालय पठार पर खासी, जयंतिया और गारो पहाड़ियों में ये वन 1200 मीटर तक फैले हैं
- जबकि सह्याद्री के पठारी भागों में केरल और कर्नाटक के पश्चिमी ढलानों पर समान वनस्पति है।
- निकोबार द्वीपों के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में उष्णकटिबंधीय आर्द्र वन मैंग्रोव से मिश्रित रूप में पाए जाते हैं, जो समुद्री प्रभाव से समृद्ध हैं।
- प्रमुख प्रजातियां
- वृक्ष: कास्टानोप्सिस इंडिका, डायसोक्सिलम, एलियोकार्पस फ्लोरिबंडस, डिलेनिया इंडिका, शोरेा रोबस्टा, टेक्टोना ग्रैंडिस, टर्मिनालिया मायリオकार्पा।
- उपवृक्ष और झाड़ियां: सिम्प्लोकोस पैनिकुलाटा, सैपिंडस रराक, रोडोडेंड्रॉन आर्बोरियम, माइरिका एसकुलेंटा।
- अन्य: ऑर्किड की 300+ प्रजातियां, कीटभक्षी पौधे जैसे नेपेंथेस खासियाना, ड्रोसेरा प्रजातियां, बांस और लियानाएं।
- निकोबार में अतिरिक्त रूप से महोगनी, सागवान और उष्णकटिबंधीय फलदार वृक्ष जैसे एपेल (महोगनी) प्रमुख हैं।
- क्षेत्रीय भिन्नताएं
- मेघालय पठार पर उपोष्णकटिबंधीय पाइन वन (पाइनस केसिया) ऊंचाई वाले क्षेत्रों (900-1500 मीटर) में सीमित हैं
- जबकि निचले भागों में आर्द्र सदाबहार वन। सह्याद्री में वर्षा छाया वाले पूर्वी ढलानों पर आर्द्र पर्णपाती वन मिश्रित हैं।
- निकोबार के दक्षिणी द्वीपों (जैसे ग्रेट निकोबार) में उष्णकटिबंधीय वर्षावन अधिक शुद्ध रूप में हैं
- जहां एंडेमिक प्रजातियां जैसे प्टेरोस्पर्मम एसिरिफोलियम पाई जाती हैं।
- ये सभी क्षेत्र जैव-विविधता हॉटस्पॉट हैं, जहां 70% से अधिक क्षेत्र वनाच्छादित है।
- पारिस्थितिक महत्व
- ये वन जल संरक्षण, मिट्टी कटाव रोकथाम और वन्यजीव आवास प्रदान करते हैं
- जिसमें हॉर्नबिल, बाघ और हाथी शामिल हैं। हालांकि, अवैध कटाई, खनन और जलवायु परिवर्तन से खतरा है
- जिसके कारण कई प्रजातियां IUCN रेड लिस्ट में हैं।
- संरक्षण के लिए राष्ट्रीय उद्यान जैसे सुंदरबन-निकोबार और मेघालय के बायोडायवर्सिटी हॉटस्पॉट संरक्षित हैं।