Correct Answer: (d) मन्नार की खाड़ी बायोस्फीयर रिजर्व
Solution:- मन्नार की खाड़ी बायोस्फीयर रिजर्व लुप्तप्राय समुद्री स्तनपायी डुगोंग अर्थात् ड्यूगोंग और समुद्री कछुओं की विभिन्न प्रजातियों की सबसे बड़ी आबादी का घर है।
- यह रिजर्व भारत के तमिलनाडु राज्य में स्थित है।
- बायोस्फीयर रिजर्व का अवलोकन
- जो लगभग 10,500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है।
- यह क्षेत्र समुद्री घास के मैदानों, प्रवाल भित्तियों और मैंग्रोव वनों से समृद्ध है
- जो डुगोंग के प्रमुख भोजन स्रोत समुद्री घास प्रदान करते हैं।
- यहां डुगोंग की सबसे बड़ी आबादी निवास करती है
- साथ ही ओलिव रिडले, हरे समुद्री कछुए और अन्य प्रजातियां भी पाई जाती हैं।
- डुगोंग की विशेषताएं और महत्व
- डुगोंग (Dugong dugon) दुनिया का एकमात्र पूरी तरह समुद्री शाकाहारी स्तनपायी है
- जिसे "समुद्री गाय" कहा जाता है। यह IUCN रेड लिस्ट में संकटग्रस्त (Vulnerable) श्रेणी में है
- मुख्य रूप से उथले तटीय जल में समुद्री घास पर निर्भर रहता है।
- मन्नार की खाड़ी में इसकी बड़ी आबादी होने के कारण यह रिजर्व वैश्विक संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है
- जहां यह प्रवाल भित्तियों और मछली प्रजातियों के पारिस्थितिक संतुलन में योगदान देता है।
- समुद्री कछुओं का निवास
- इस रिजर्व में चार प्रजातियों के समुद्री कछुए पाए जाते हैं, जिनमें ओलिव रिडले (Lepidochelys olivacea) सबसे प्रमुख है
- जो यहां घोंसला बनाते हैं। ये कछुए समुद्री घास और प्रवालों पर निर्भर हैं, जो डुगोंग के समान आवास साझा करते हैं।
- रिजर्व प्रबंधन इनकी सुरक्षा के लिए निगरानी और संरक्षण प्रयास करता है।
- संरक्षण चुनौतियां और प्रयास
- डुगोंग और कछुओं को मछली पकड़ने के जाल, आवास विनाश और प्रदूषण से खतरा है।
- भारत सरकार ने यहां डुगोंग संरक्षण रिजर्व स्थापित किया है, साथ ही समुद्री कछुआ कार्य योजना लागू की है।
- स्थानीय मछुआरों को जागरूकता और वैकल्पिक आजीविका प्रदान की जा रही है।