पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी (भारत का भूगोल) (भाग-I)

Total Questions: 30

21. बांस, अधिपादप, ऐनी, सेमुल, गुटेल और मुंडेन जैसी पौधों की किस्में किस प्रकार के भारतीय वनों में पाई जाती हैं? [CGL (T-I) 24 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) आर्द्र उष्णकटिबंधीय वन
Solution:
  • प्रश्नगत पौधों की किस्में भारत के आर्द्र उष्णकटिबंधीय वनों में पाए जाते हैं।
  • इन जंगलों में पेड़ों, झाड़ियों और लताओं के साथ एक बहुस्तरीय संरचना है।
  • नम उष्णकटिबंधीय वन
    • बांस, अधिपादप (एपिफाइट्स), ऐनी, सेमुल, गुटेल और मुंडेन जैसी पौधों की किस्में मुख्य रूप से भारत के नम उष्णकटिबंधीय वनों में पाई जाती हैं।
    • ये वन उच्च वर्षा वाले क्षेत्रों जैसे पूर्वोत्तर भारत, पश्चिमी घाट के कुछ भागों और हिमालय की तलहटी में फैले हुए हैं, जहां वार्षिक वर्षा 200 सेमी से अधिक होती है।​
  • इन वनों की विशेषताएं
    • नम उष्णकटिबंधीय वन घने और बहुस्तरीय होते हैं, जिसमें ऊपरी स्तर पर ऊंचे वृक्ष, मध्य स्तर पर अधिपादप और निचले स्तर पर बांस जैसी घास प्रजातियां प्रमुख हैं।
    • अधिपादप पेड़ों की छाल पर उगते हैं और नमी पर निर्भर रहते हैं, जबकि बांस तेजी से बढ़ने वाली घास है
    • जो इन वनों की understory को बनाता है। ऐनी (Artocarpus chaplasha), सेमुल (Bombax ceiba या सालमलिया मालाबारिका), गुटेल (Gmelina arborea) और मुंडेन (Mitragyna parvifolia) जैसे वृक्ष इन वनों के प्रमुख घटक हैं
    • जो नम मिट्टी और आर्द्र जलवायु में फलते-फूलते हैं।​
  • वितरण क्षेत्र
    • ये वन असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में व्यापक हैं
    • साथ ही ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और केरल के नम क्षेत्रों में भी मिलते हैं।
    • बांस विशेष रूप से पूर्वोत्तर के नम उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में प्रचुर है, जहां 100 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं।
    • सेमुल जैसे वृक्ष इन वनों में वसंत ऋतु में लाल फूलों से जगमगा उठते हैं, जबकि गुटेल कठोर लकड़ी के लिए जाना जाता है।​
  • अन्य संबंधित वन प्रकार
    • हालांकि ये प्रजातियां मुख्यतः नम उष्णकटिबंधीय वनों से जुड़ी हैं, बांस कभी-कभी शुष्क उष्णकटिबंधीय वनों में भी दिखता है
    • लेकिन अधिपादप और ऐनी जैसी प्रजातियां उच्च नमी पर निर्भर होने से नम वनों तक सीमित रहती हैं।
    • ये वन जैव विविधता के गढ़ हैं, जहां 70% से अधिक भारत के उष्णकटिबंधीय वन इसी श्रेणी में आते हैं।​

22. बंगाल की खाड़ी में स्थित विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा सुंदरवन किस प्रकार की वनस्पति को दर्शाता है? [MTS (T-I) 04 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) मैंग्रोव वन
Solution:
  • बंगाल की खाड़ी में स्थित विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा सुंदरबन मैंग्रोव वन वनस्पति को दर्शाता है।
  • भारत में मैंग्रोव वनस्पतियों का अत्यधिक विकास पश्चिम बंगाल के सुंदरबन डेल्टा क्षेत्र में हुआ है।
  • संक्षेप में जवाब: सुंदरवन डेल्टा की वनस्पति मुख्यतः मैंग्रोव जंगल है
  • जिसमें मीठे और खारे पानी के मिश्रण में पनप सकने वाली विशिष्ट प्रजातियाँ प्रमुख हैं।
  • इसमें सुंदरि/हेरिटिएरा लिटोरालिस (Sundari tree) सबसे प्रमुख पेड़ समूह हैं
  • एविसेनिया, गेंगवा, निपा पाल्म (Nypa fruticans) आदि नमक- सहिष्णु प्रजातियाँ भी बहुतायत में पाई जाती हैं।
  • इसके अलावा देवा, केवड़ा, तर्मजा, आमलोपी, गोरान जैसे अन्य पेड़-पौधों की विविधता भी देखी जाती है।
  • सुंदरवन डेल्टा में यह सब मिलाकर एक प्रमुख मैंग्रोव-समृद्ध ईकोसिस्टम बनाते हैं, जो जैव विविधता, तटीय सुरक्षा और प्राकृतिक स्थिरता के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है
  • [यह जानकारी सामान्य स्रोतों के आधार पर है; यदि चाहें तो मैं यहाँ से विशिष्ट स्रोतों के उद्धरण भी दे सकता हूँ।]
  • मैंग्रोव वन: डेल्टा क्षेत्र में जड़ से लेकर शाखा तक नम-जल-समृद्ध वातावरण में विकसित।
  • यह क्षेत्र पृथ्वी की सबसे समृद्ध मैंग्रोव प्रणालियों में से एक माना जाता है। [संदर्भ दिए जा सकते हैं]
  • प्रमुख पेड़ प्रजातियाँ: सुंदरि (Heritiera littoralis) को नाम से ही सुंदरवन का मुख्य पेड़ माना जाता है
  • इसके साथ एविसेनिया, गेंगवा (Excoecaria agallocha), निपा फ्रूटिका (Nypa fruticans) आदि नमक-सहिष्णु प्रजातियाँ मुख्य घटक हैं। [संदर्भ दिए जा सकते हैं]
  • अन्य वनों के साथ इंटरफेस: तेज़ी से विकसित होने वाले मैंग्रोव के जंगल जलक्षेत्रों, दलदलों और किनारों पर फैले हुए होते हैं
  • यह क्षेत्र बाघ, बंगाली शार्कनौका के आश्रय सहित कई लुप्तप्राय प्रजातियों के लिए भी घर है। [संदर्भ दिए जा सकते हैं]

23. सुंदरी वृक्ष ....... में पाए जाते हैं। [MTS (T-I) 06 जुलाई, 2022 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा
Solution:
  • दिए गए विकल्पों में से सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान बांग्लादेश के साथ अपनी सीमाओं को साझा करता है।
  • यह गंगा, ब्रह्मपुत्र तथा मेघना के डेल्टा में स्थित है। इसका क्षेत्र भारत के साथ-साथ बांग्लादेश में भी पड़ता है।
  • सुंदरबन में सुंदरी वृक्ष की बहुलता है, जिसके नाम से ही इसे सुंदरबन कहा जाता है।
  • स्थान
    • सुंदरी वृक्ष (वैज्ञानिक नाम: Heritiera fomes) भारत के पश्चिम बंगाल में स्थित सुंदरबन के मैंग्रोव वनों में प्रचुर मात्रा में उगते हैं
    • जो विश्व का सबसे बड़ा निरंतर मैंग्रोव क्षेत्र है।
    • यह गंगा, ब्रह्मपुत्र और मेघना नदियों के डेल्टा पर बंगाल की खाड़ी के किनारे फैला हुआ है
    • जो भारत और बांग्लादेश दोनों में विस्तृत है।
    • सुंदरबन का नाम ही इन सुंदरी वृक्षों की बहुतायत के कारण पड़ा है, और यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।​
  • विशेषताएँ
    • ये वृक्ष खारे-मीठे पानी दोनों के लिए अनुकूलित होते हैं तथा उच्च समुद्री ज्वारों को सहन कर सकते हैं।
    • इनकी जटिल जड़ प्रणाली तटीय क्षेत्रों को चक्रवात, तूफानों और कटाव से बचाती है
    • साथ ही कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषण कर जलवायु परिवर्तन में मदद करती है।
    • सुंदरी की लकड़ी मजबूत, टिकाऊ और दीमक प्रतिरोधी होती है, जो फर्नीचर और निर्माण में उपयोगी है।​
  • पारिस्थितिक महत्व
    • सुंदरबन में वनस्पतियों का लगभग 70% भाग सुंदरी वृक्षों का होता है, जो मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र का आधार हैं।
    • ये वन जैव विविधता के खजाने हैं, जहाँ रॉयल बंगाल टाइगर, कछुए, मगरमच्छ और विभिन्न पक्षी पाए जाते हैं।
    • हालांकि, जलवायु परिवर्तन, समुद्र स्तर वृद्धि और अवैध कटाई से इनकी संख्या घट रही है।​
  • संरक्षण चुनौतियाँ
    • मैंग्रोव वनों की रक्षा के लिए संरक्षण प्रयास चल रहे हैं
    • लेकिन प्रदूषण और मानवीय हस्तक्षेप खतरा बने हुए हैं।
    • ये वृक्ष तटीय सुरक्षा प्रदान करते हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं।​

24. भारत में जंगली गधे और ऊंट किस प्रकार के वनों में पाए जाते हैं? [MTS (T-I) 14 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) कांटेदार वन और झाड़ियां
Solution:
  • भारत में जंगली गधे और ऊंट उष्णकटिबंधीय कंटीले वन अथवा कांटेदार वन और झाड़ियों वाले क्षेत्र में पाए जाते हैं।
  • ये वन भारत के उन क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जहां वर्षा 70 सेमी. से कम होती है। ये वन मुख्यतः भारत के उत्तर-पश्चिमी भागों में पाए जाते हैं।
  • जंगली गधों का आवास
    • जंगली गधे (Equus hemionus khur) भारत के गुजरात राज्य में स्थित भारतीय जंगली गधा अभयारण्य (कच्छ के छोटे रण) में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं
    • जो लगभग 4954 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। यह क्षेत्र खारा रेगिस्तान, नमक दलदल, शुष्क घास के मैदान और झाड़ीदार भूमि का मिश्रण है
    • जहाँ मानसून के दौरान जल भराव होता है लेकिन अधिकांश समय शुष्क रहता है।
    • अभयारण्य कच्छ के बड़े और छोटे रण को जोड़ता है
    • यहाँ की अनूठी नमक दलदली पारिस्थितिकी तंत्र इनकी सहनशक्ति और 70 किमी/घंटा की गति को समर्थन देती है।​​
  • ऊंटों का आवास
    • भारत में जंगली ऊंट (Camelus dromedarius की खाराई नस्ल) मुख्य रूप से राजस्थान के थार रेगिस्तान के शुष्क कठोर वनों, रेतीले मैदानों और अर्ध-रेगिस्तानी झाड़ियों में पाए जाते हैं।
    • ये क्षेत्र जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर जिलों में फैले हैं, जहाँ कम वर्षा, उच्च तापमान और कांटेदार वनस्पति होती है।
    • खाराई ऊंट रणथंभौर और अन्य रेगिस्तानी अभयारण्यों में अनुकूलित हैं, जो पानी की कमी और कठोर जलवायु को सहन कर सकते हैं।​
  • पारिस्थितिक विशेषताएँ
    • जंगली गधे खारे पानी और घास पर निर्भर रहते हैं, जबकि ऊंट पत्तियों, झाड़ियों और रेगिस्तानी पौधों पर जीवित रहते हैं।
    • दोनों प्रजातियाँ शुष्क डेजर्ट बायोम का हिस्सा हैं, जहाँ चिंकारा, भेड़िये, लोमड़ी और प्रवासी पक्षी साथ रहते हैं।
    • कच्छ के रण में जंगली गधों की आबादी 6500 से अधिक हो चुकी है, जो संरक्षण की सफलता दर्शाती है।​​
  • संरक्षण प्रयास
    • ये अभयारण्य अवैध खनन, अतिक्रमण और जलवायु परिवर्तन से खतरे में हैं
    • लेकिन पारिस्थितिक पर्यटन और स्थानीय समुदायों की भागीदारी से संरक्षण हो रहा है।
    • जंगली गधे की संख्या में वृद्धि हुई है, जबकि ऊंटों की खाराई नस्ल लुप्तप्राय है।​

25. निम्न में से कौन-सा भारत और विश्व का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान है? [CGL (T-I) 24 अगस्त, 2021 (III-पाली), CHSL (T-I) 5 अगस्त, 2021 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) कीबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान
Solution:
  • कीबुल (केबुल) लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान भारत और विश्व का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान है।
  • यह उद्यान मणिपुर राज्य के विष्णुपुर जिले में स्थित है, जो लोकटक झील का एक अभिन्न हिस्सा है।
  • स्थान और पहचान
    • केयबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान मणिपुर राज्य के बिष्णुपुर जिले में स्थित है और लोकतक झील का एक हिस्सा है
    • यह संरचना द्वार बना कर कई छोटे-छोटे टापुओं से बना एक जल-आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र है.​
  • इतिहास और नामकरण
    • पहली बार 1953 के आसपास इसे संगाई हिरण की सुरक्षा के लिए जाना गया था
    • फिर 1966 में इसे राष्ट्रीय अभयारण्य घोषित किया गया और 1977 के आसपास इसे केयबुल लामजाओ नामक राष्ट्रीय उद्यान के रूप में घोषित किया गया
    • यह क्रमशः संरक्षण के दायरे में अधिक स्पष्ट रूप से संरक्षित क्षेत्र बना।​
  • जैव विविधता
    • यह पार्क संगाई (संगई) हिरण के लिए प्रसिद्ध है, जिसे IUCN द्वारा लुप्तप्राय प्रजाति के रूप में सूचीबद्ध किया गया था
    • पार्क के भीतर इसे नृत्य करने वाला हिरण भी कहा जाता है
    • इसके अलावा यहाँ जलपक्षी, hog deer, wild boar, large Indian civet, wildcat और otter जैसे जीव-जन्तुओं के साथ कई प्रवासी पक्षी भी देखे जाते हैं
    • खासकर नवंबर से मार्च के महीनों में.​
  • पर्यटक आकर्षण
    • लोकतक झील के बीच-बीच बने इस पार्क को देखने के लिए विविध टूरिस्ट गतिविधियाँ और बर्ड-वॉचिंग के अवसर मिले रहते हैं
    • उद्यान के बहु-आकर्षण संरचना इसे एक विशिष्ट अनुभव बनाती है
    • कई स्रोत इसे “दुनिया का एकमात्र तैरता हुआ राष्ट्रीय उद्यान” के रूप में मान्यता देते हैं.​
  • महत्व और संरक्षण
    • राष्ट्रीय उद्यान के रूप में इसका दर्जा इसे संरक्षण और प्राकृतिक आवास के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनाता है
    • खासकर दुर्लभ प्रजातियों के संरक्षण और जल-आधारित पारिस्थितिकी तंत्र के अध्ययन के लिए.​

26. बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है? [MTS (T-I) 12 मई, 2023 (I-पाली), CHSL (T-I) 20 जनवरी, 2017 (III-पाली), CGL (T-I) 6 जून, 2019 (I-पाली), कांस्टेबिल 14 फरवरी, 2019 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) कर्नाटक
Solution:
  • बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान कर्नाटक राज्य में स्थित है।
  • यहां मुख्य रूप से बाघ, सांभर, चीतल, जंगली कुत्ते आदि पाए जाते हैं।
  • विस्तृत जानकारी:
    • स्थान और भूगोल: बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान कर्नाटक के दक्षिणी भाग में स्थित है
    • यह पश्चिमी घाट के हिस्से के रूप में गिना जाता है।
    • यह नागरहोल, मुदुमलाई जैसे संरक्षित क्षेत्रों के साथ एक जाल बनाकर जैव विविधता को संरक्षित करता है.​
    • ऐतिहासिक पृष्टभूमि: 1974 में प्रोजेक्ट टाइगर के तहत बाघ अभयारण्य के रूप में स्थापित किया गया
    • इसके पहले यह मैसूर राजाओं के शिकारगाह के रूप में जाना जाता था और बाद में संरक्षण के लिए राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया.​
    • पारिस्थितिकी और महत्त्व: यह क्षेत्र 874 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्रफल में फैला है
    • नीलगिरि बायोस्फीयर रिजर्व का हिस्सा है, जिससे बाघ, हाथी, हिरण आदि जीव विविध प्रजातियाँ संरक्षित रहती हैं.​
    • निकटता और संपर्क: बांदीपुर का भूगोल अन्य प्रमुख संरक्षित क्षेत्रों से जुड़ा है
    • जैसे वायनाड (केरल) और मुदुमलाई (तमिलनाडु) के अभयारण्यों के साथ, जो एक वन्यजीव गलियारा बनाते हैं.​
  • यदि चाहें, तो इस विषय पर मैं:
    • बांदीपुर के पर्यटन विकल्पों (जंगल सफारी, हाथी रिजर्व, गोपलस्वामी बेट्टा जैसे स्थान) और सर्वोत्तम पर्यटन काल के बारे में विस्तार से बताऊँ।
    • बांदीपुर vs नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान जैसे पास-पास के संरक्षित क्षेत्र तुलना का सारांश बना दूँ।
    • इतिहास, भूगोल, जैव विविधता से जुड़ी अधिक संदर्भित जानकारी के साथ स्रोत उद्धृत कर दूँ।

27. निम्नलिखित में से कौन-सा राष्ट्रीय उद्यान महाराष्ट्र में स्थित नहीं है? [MTS (T-I) 10 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान
Solution:
  • बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश राज्य में स्थित है। शेष तीनों महाराष्ट्र राज्य में स्थित हैं।
  • परिचय
    • प्रश्न का आशय: निम्नलिखित में से कौन-सा राष्ट्रीय उद्यान महाराष्ट्र में स्थित नहीं है, यह बताना।
    • महाराष्ट्र के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यानों में शामिल हैं ताडोबा अंधारी, पेंच (नागपूर), मेळघाट (अमरावती), गुगामल (अमरावती), चांदोली (सांगली) आदि।
    • इनमे से अधिकांश महाराष्ट्र के भीतर ही स्थित हैं, जबकि कुछ अभयारण्य महाराष्ट्र के बाहर के क्षेत्रों से सूची में आते हैं या भ्रम की स्थिति पैदा कर सकते हैं।
  • महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उद्यानों का सार
    • ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान: महाराष्ट्र में स्थित, छत्तीसगढ़-सीमा के पास, नागपूर जिले में। यह महाराष्ट्र का पहला राष्ट्रीय उद्यान है
    • टाइगर प्रोजेक्ट के अंतर्गत आता है [संदर्भ: महाराष्ट्र के राष्ट्रीय उद्यानों की सूची]।
    • पेंच राष्ट्रीय उद्यान: नागपुर क्षेत्र में स्थित; पेंच व्याघ्र परियोजना का भाग है और एक प्रमुख स्तर पर संरक्षित क्षेत्र है [संदर्भ: महाराष्ट्र के राष्ट्रीय उद्यानों की सूची]।
    • मेळघाट राष्ट्रीय उद्यान: अमरावती जिले में स्थित; मेळघाट व्याघ्र परियोजना का हिस्सा है।
    • गुगामल राष्ट्रीय उद्यान: अमरावती जिले के धारणी-चिखलदरा क्षेत्र में स्थित, मेळघाट के हिस्से के रूप में पहचाना जाता है।
    • चांदोली राष्ट्रीय उद्यान: सांगली जिले में स्थित; यह भी महाराष्ट्र के भीतर है।
  • निम्न विकल्पों के आधार पर निष्कर्ष
    • यदि विकल्प “कर्नाटक में स्थित बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान” है, तो वह महाराष्ट्र में नहीं है।
    • बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान कर्नाटक के भीतर स्थित है और महाराष्ट्र से भिन्न राज्य है।
    • इस तरह यह सवाल का स्पष्ट उत्तर बनेगा कि यह महाराष्ट्र में नहीं स्थित है [उद्धृत स्रोतों में बांदीपुर के स्थान की जानकारी मिलती है]।
    • अन्य प्रमुख महाराष्ट्र के राष्ट्रीय उद्यान जैसे ताडोबा, पेंच, मेळघाट, गुगामल, चांदोली—ये सभी महाराष्ट्र ही है
    • अतः इनमें से महाराष्ट्र में स्थित नहीं होने वाला उत्तर बांदीपुर जैसे बाहर का उद्यान ही होगा यदि विकल्पों में वही हो।
  • रिक्वेस्ट के अनुसार अधिक विस्तृत विश्लेषण
    • महाराष्ट्र के राष्ट्रीय उद्यानों की संख्या और उनके स्थान का इतिहास: महाराष्ट्र में छह मुख्य राष्ट्रीय उद्यानों की पहचान है
    • जिनमें ताडोबा, पेंच, मेळघाट, गुगामल, चांदोली आदि शामिल हैं। इन सभी का भूगोल और प्रशासनिक नियंत्रण महाराष्ट्र राज्य के अंतर्गत है।
    • यह जानकारी राज्यस्तरीय स्रोतों और शिक्षा‑समाचार साइटों पर मिलती है [उद्धरण: महाराष्ट्रीय राष्ट्रीय उद्यानों की सूची, विकल्‍प साइटें]।
    • बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान का स्थान: बांदीपुर भारत के दक्षिण-पन मध्य हिस्से में स्थित है, खासकर कर्नाटक राज्य की सीमा के आस-पास, पश्चिमी घाट क्षेत्र का हिस्सा है।
    • यह महाराष्ट्र से अलग राज्य है, इसलिए प्रश्न के अनुसार “निम्नलिखित में से कौन-सा राष्ट्रीय उद्यान महाराष्ट्र में स्थित नहीं है
    • संदर्भ में बांदीपुर एक स्पष्ट उत्तर होगा यदि विकल्पों में हो [उद्धरण: बांदीपुर स्थान से संबंधित विश्वसनीय पन्ने]।
  • आगे कैसे मदद कर सकता हूँ
    • अगर आप चाहें तो मैं विकल्पों के साथ एक स्पष्ट सूची बना दूँ
    • हर एक उद्यान के राज्य, स्थापना वर्ष, क्षेत्रफल आदि सूचनाओं को टेबल के रूप में प्रस्तुत कर दूँ ताकि सही उत्तर स्पष्ट हो जाए।
    • साथ ही मैं प्रत्येक उद्यान के साथ एक छोटा संदर्भ-उद्धरण दे दूँ ताकि आप प्रमाणित स्रोत देख सकें।

28. जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान भारत के किस राज्य में स्थित है? [MTS (T-I) 09 मई, 2023 (I-पाली), JE मैकेनिकल 22 मार्च, 2021 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) उत्तराखंड
Solution:
  • भारत में वर्ष 1936 में स्थापित प्रथम राष्ट्रीय उद्यान 'हेली राष्ट्रीय उद्यान' को जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान के नाम से जाना जाता है। यह उत्तराखंड राज्य में स्थित है।
  • लोकेशन: जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान उत्तराखंड राज्य के नैनीताल जिले के अंदर व्याप्त है
  • पार्क का मुख्य प्रवेश स्थल रामनगर है।​
  • क्षेत्र और बनावट: यह पार्क 520 वर्ग किलोमीटर से भी अधिक क्षेत्रफल में फैला है
  • इसमें पहाड़ियाँ, दलदली क्षेत्र, नदी किनारे और घास के मैदान शामिल हैं
  • जो इसे विविध वनों और बायोडायवर्सिटी का घर बनाते हैं।​
  • इतिहास और पहचान: जिम कॉर्बेट को भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है
  • इसकी स्थापना 1936 में बंगाल टाइगर के संरक्षण के लिए हेली ने की थी और बाद में इसका नाम जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क रखा गया।
  • यह प्रोजेक्ट टाइगर के तहत 1973 में शामिल पहला पार्क है।​
  • संरक्षित क्षेत्रों का भाग: यह कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व का हिस्सा है
  • जो भारत के टाइगर संरक्षण कार्यक्रम का एक प्रमुख केंद्र रहा है।​
  • पहुँच और पर्यटन: रामनगर से पार्क तक पहुँचना सरल है
  • यह दिल्ली, उत्तराखंड के प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है
  • जिससे पर्यटक आसानी से पहुँच पाते हैं।​
  • उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान भारत का सबसे पुराना और सर्वाधिक प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान है
  • जो कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व का हिस्सा है।​

29. दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान (Dachigam National Park) निम्नलिखित में से किस राज्य केंद्रशासित प्रदेश में स्थित है? [MTS (T-I) 19 जून, 2023 (II-पाली), CHSL (T-I) 21 जनवरी, 2017 (II-पाली), CHSL (T-I) 19 मार्च, 2020 (III-पाली), C.P.O.S.I. 4 जून, 2020 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) जम्मू और कश्मीर
Solution:
  • भारत में 'दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान' जम्मू और कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश के श्रीनगर में स्थित है।
  • यह राष्ट्रीय उद्यान हंगुल (कश्मीरी हिरण) के लिए प्रसिद्ध है
  • स्थान विवरण
    • यह उद्यान श्रीनगर से लगभग 22 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में जबरवान पर्वतमाला के क्षेत्र में फैला हुआ है
    • जो पश्चिमी हिमालय का हिस्सा है। इसका कुल क्षेत्रफल 141 वर्ग किलोमीटर है
    • यह निचला दाचीगाम (1,600 मीटर ऊंचाई) तथा ऊपरी दाचीगाम (4,300 मीटर तक) में विभाजित है।
    • नाम "दाचीगाम" का अर्थ "दस गांव" है
    • जो उन दस गांवों की स्मृति में पड़ा जो उद्यान स्थापना के लिए विस्थापित किए गए थे।​​
  • इतिहास
    • 1910 में जम्मू-कश्मीर रियासत के महाराजा द्वारा श्रीनगर के स्वच्छ पेयजल की रक्षा के लिए संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया।
    • 1951 में इसे वन्यजीव अभयारण्य और 1981 में राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा मिला।
    • पहले यह राजाओं का शिकार स्थल था, बाद में संरक्षण पर जोर दिया गया।​
  • वन्यजीव और महत्व
    • यह कश्मीरी हिरण (हंगुल) का अंतिम प्रमुख आवास है, जो संकटग्रस्त प्रजाति है।
    • यहां तेंदुआ, हिमालयी काला भालू, मस्क हिरण, लोमड़ी और 145 से अधिक पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं।
    • वनस्पति में ओक, मेपल, चेस्टनट और अल्पाइन घास के मैदान शामिल हैं।​​
  • पहुंच और संरक्षण
    • श्रीनगर हवाई अड्डे से 22 किमी, रेलवे स्टेशन से 310 किमी दूर।
    • प्रवेश के लिए परमिट जरूरी है, ट्रेकिंग और वन्यजीव अवलोकन के लिए लोकप्रिय।
    • हंगुल संरक्षण के लिए पुनर्वास परियोजनाएं चल रही हैं, पर्यटकों को पर्यावरण नियमों का पालन करना होता है।​​

30. काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान भारत के किस राज्य में स्थित है? [MTS (T-I) 08 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) असम
Solution:
  • असम स्थित काजीरंगा नेशनल पार्क एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध है।
  • यहां विश्व के लगभग दो-तिहाई एक सींग वाले गैंडे पाए जाते हैं।
  • यह गैंडों का प्राकृतिक निवास स्थल है। यह विश्व विरासत स्थल भी है। इसे वर्ष 2006 में टाइगर रिजर्व भी घोषित किया गया है।
  • स्थान और भूगोल
    • स्थिति: असम राज्य, पूर्वोत्तर भारत
    • जिले: गोलाघाट और नागांव
    • क्षेत्रफल: लगभग 430 वर्ग किमी का संरक्षित क्षेत्र
    • जल निकाय: ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियाँ पार्क के चारों ओर बहती हैं
  • इतिहास और संरक्षण
    • शुरुआत: काजीरंगा की सुरक्षा ऐतिहासिक रूप से क्षेत्रीय संरक्षण के उद्देश्य से शुरू हुई
    • आधुनिक संरक्षित क्षेत्र के रूप में इसका दर्जा 1905 से शुरू माना जाता है
    • राष्ट्रीय उद्यान घोषित: 1974
    • विश्व धरोहर: UNESCO द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता (1985)
  • जैव विविधता और जीव-जंतु
    • प्रमुख आकर्षण: एक सींग वाला भारतीय गैंडा (राइनो कॉनसेरटस एकसीफॉनस)
    • अन्य प्रजातियाँ: बाघ, हाथी, बाघ-गिराफ-तथा विभिन्न स्तनपायी, पक्षी और उभयचर-रेशमीजीव
    • संरक्षण महत्व: दुनिया में एक सींग वाले गैंडों की दो-तिहाई आबादी यहीं पाई जाती है
  • पर्यटन और संरचना
    • भ्रमण केंद्र: पार्क के भीतर और निकट के क्षेत्र में पर्यटक केंद्र, रस्ते और दोपहर-शाम 視
    • अवसर: घुड़सवारी, नाव भ्रमण, जैव-विविधता का अवलोकन, पक्षी-प्रणालियाँ
    • सुरक्षा और मानक: पर्यटकों के लिए नियम औरónicas सुरक्षा उपाय; संरक्षण प्रयासों में स्थानीय समुदाय का भागीदारी
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • काजीरंगा का दर्जा: भारतीय एक सींग गैंडे के संरक्षण के लिए प्राथमिक केंद्र
    • दूरी/यात्रा: गुवा/गोलाघाट से पहुँच संभव; पास के हवाई अड्डे और रेल मार्ग से सेवा उपलब्ध
    • पंरपरा और संस्कृति: स्थानीय समुदायों का संरक्षण-आधारित सहयोग
  • यदि चाहें, इसमें आप चाहें तो मैं:
    • आपकी पसंद के अनुरूप यात्रा योजना बना दूँ (कब जाएँ, कहाँ रुकें, किन अवधि में देखें प्रमुख जीव-जीव)
    • ज्ञान-आधारित तुलना कर दूँ (काजीरंगा बनाम अन्य विश्व धरोहर वन्यजीव अभयारण्य)
    • बच्चों/शिक्षार्थी के लिए एक सरल क्विज़ या ज्ञान-पत्र भी बना दूँ