प्रकाश और प्रकाशिकी (भौतिक विज्ञान) (Part-IV)

Total Questions: 50

1. Sin i और Sin r का अनुपात क्या कहलाता है ? [RRC Group D 11/10/2022 (Morning)]

Correct Answer: (c) अपवर्तनांक
Solution:
  • इसे दो माध्यमों में प्रकाश की गति के अनुपात के बराबर किया जा सकता है।
  • विक्षेपण वह गुण है जिसके द्वारा प्रकाश किसी वस्तु से गुजरने पर उसके रंग के अनुसार फैलता है।
  • अपवर्तनांक की परिभाषा
    • अपवर्तनांक (μ) को आपतन कोण (i) की ज्या और अपवर्तन कोण (r) की ज्या के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है:
    • μ = sin i / sin r।
    • यह दो माध्यमों के बीच प्रकाश के झुकाव का माप है, जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे में जाता है।
  • स्नेल का नियम
    • स्नेल का नियम कहता है कि दो माध्यमों के लिए: n₁ sin i = n₂ sin r, जहाँ n₁ और n₂ अपवर्तनांक हैं।
    • इसलिए, sin i / sin r = n₂ / n₁, जो एक स्थिरांक होता है।
    • यह नियम लेंस, प्रिज्म आदि के कार्य को समझाने के लिए आधारभूत है।
  • महत्वपूर्ण गुण
    • अपवर्तनांक विमाहीन राशि है और निर्वात में 1 होता है।
    • उच्च अपवर्तनांक वाले माध्यम में प्रकाश अधिक झुकता है (घनत्व अधिक होने पर अभिलम्ब की ओर)।
    • यह तापमान और प्रकाश की तरंगदैर्ध्य पर निर्भर करता है, जिससे प्रकीर्णन (स्कैटरिंग) होता है।

2. नेत्र लेंस की अत्यधिक वक्रता के कारण.......... होता है।

Correct Answer: (d) मायोपिया
Solution:
  • मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) प्रतिबिंब रेटिना की सतह के बजाय ठीक उसके सामने बनता है।
  • अवतल लेंस (अपसारी लेंस) का प्रयोग करके इसे ठीक किया जा सकता है।
  • हाइपरमेट्रोपिया (दूर दृष्टि दोष) आस-पास की वस्तुएं धुंधली दिखाई देती हैं
  • इसे उत्तल लेंस (अभिसरण लेंस) का उपयोग करके ठीक किया जा सकता है।
  • मोतियाबिंद - हमारी आंख के लेंस में धुंधला क्षेत्र ।
  • वर्णान्धता (Color blindness) - यह बीमारी अक्सर अनुवांशिकता (नीले, हरे और लाल जैसे रंगों की पहचान करने में परेशानी) से प्राप्त होती है।
  • कारण
    • नेत्र लेंस की अत्यधिक वक्रता से लेंस की फोकस दूरी कम हो जाती है
    • जिससे दूर की वस्तुओं का प्रतिबिंब रेटिना के सामने बनता है बजाय रेटिना पर के।
    • दूसरा कारण नेत्र गोलक का लंबा होना भी है, जो एक ही प्रभाव पैदा करता है।
    • यह आनुवंशिक और पर्यावरणीय कारकों (जैसे अधिक किताब पढ़ना) से जुड़ा होता है।
  • लक्षण
    • दूर की वस्तुएँ अस्पष्ट दिखना, जैसे बोर्ड या सड़क के साइन।
    • सिरदर्द या आँखों में तनाव महसूस होना।
    • निकट की वस्तुएँ सामान्य दिखना।
  • उपचार
    • इसे अवतल लेंस (डायवर्जिंग लेंस) से ठीक किया जाता है, जो किरणों को फैलाकर रेटिना पर फोकस करता है।
    • लेजर सर्जरी (LASIK) या कॉन्टैक्ट लेंस भी विकल्प हैं।
    • नियमित आँखों की जाँच से शुरुआती पता चल जाता है।

3. वर्णक्रम के दो रंगों में से कौन सा रंग दूरतम सीमा बनाता है [RRB NTPC CBT-1 (07/01/2021) Evening]

Correct Answer: (a) बैंगनी और लाल
Solution:
  • रंगों का वर्णक्रम (VIBGYOR) बैंगनी, इंडिगो, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल। प्रकाश की तरंग दैर्ध्य प्रकाश के रंग को दर्शाती है
  • वर्णक्रम का क्रम
    • बैंगनी रंग सबसे अधिक विक्षेपित होकर एक छोर पर आता है
    • जबकि लाल रंग सबसे कम विक्षेपित होकर विपरीत दूरतम छोर पर।
    • यह तरंगदैर्ध्य पर निर्भर करता है
    • लाल का तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक (~700 nm) और बैंगनी का सबसे कम (~400 nm)।
  • कारण
    • अपवर्तनांक (n) तरंगदैर्ध्य के व्युत्क्रमानुपाती होता है
    • लंबी तरंगदैर्ध्य वाले लाल रंग का अपवर्तन कम होता है।
    • इसलिए प्रिज्म के ऊपरी भाग में बैंगनी और निचले भाग में लाल सीमा बनती है।
    • रामन प्रभाव या प्रकीर्णन में भी यही क्रम दिखता है।

4. मरीजों के दांतों की बड़ी प्रतिबिंब को देखने के लिए दंत चिकित्सक किस प्रकार के दर्पण का उपयोग करते हैं? [RRB NTPC CBT-1 (09/01/2021) Morning]

Correct Answer: (a) अवतल दर्पण
Solution:
  • अवतल दर्पणः वाहन हेडलाइट्स, शेविंग मिरर, सौर भट्टियां, सर्चलाइट, माइक्रोस्कोप, फ्लैशलाइट, टॉर्च आदि के रूप में उपयोग किया जाता है।
  • उत्तल दर्पण के उपयोग - सभी वाहनों के पीछे के दृश्य दर्पणों, इमारतों या भवनों के अंदर, आवर्धक कांच, सुरक्षा उद्देश्यों आदि में किया जाता है।
  • अवतल दर्पण के गुण
    • अवतल दर्पण प्रकाश किरणों को अभिसरित (कन्वर्ज) करता है, जिससे छोटी वस्तु का बड़ा प्रतिबिंब मिलता है।
    • दंत चिकित्सक दांतों को फोकस (f) और वक्रता केंद्र (R) के बीच रखते हैं, तब प्रतिबिंब बड़ा (m > 1), आभासी और सीधा होता है।
    • ENT डॉक्टर भी गले की जाँच के लिए इसी का उपयोग करते हैं।
  • व्यावहारिक लाभ
    • यह दर्पण दांतों की बारीक दरारें, कीड़े या मसूड़ों की समस्या स्पष्ट दिखाता है।
    • दर्पण को मुँह के अंदर आसानी से घुमाया जा सकता है।

5. आंखों की अपनी फोकस लंबाई को समायोजित करके, निकट और दूर की वस्तुओं दोनों पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को आंख का ______ कहा जाता है। [RRB NTPC CBT-1 (11/01/2021) Morning]

Correct Answer: (a) समंजन
Solution:
  • समंजन (Accommodation) - यह प्रक्रिया आंख में सिलिअरी मांसपेशियों द्वारा प्राप्त की जाती है
  • जो लेंस के आकार को बदलकर उसकी फोकस दूरी को बदल देती है।
  • सामान्य स्वस्थ आंखों के लिए सबसे कम स्पष्ट दूरी 25 सेमी है।
  • फोकस दूरी - गोलाकार दर्पण के ध्रुव और मुख्य फोकस के बीच की दूरी।
  • अनुकूलन की प्रक्रिया
    • सिलियरी मांसपेशियाँ (ciliary muscles) लेंस के चारों ओर स्थित होती हैं
    • जो संकुचित होकर लेंस को मोटा बनाती हैं (निकट वस्तुओं के लिए कम फोकस दूरी)।
    • शिथिल होने पर लेंस पतला हो जाता है (दूर वस्तुओं के लिए अधिक फोकस दूरी)।
    • यह पक्ष्मात्रिका (ciliary body) के नियंत्रण में होता है।
  • महत्व
    • यह क्षमता 10-25 cm तक की निकट दृष्टि (near point) और अनंत तक दूर दृष्टि को स्पष्ट बनाती है।
    • उम्र बढ़ने पर (पрес्ब्योपिया) यह क्षमता कम हो जाती है।
  • दोषों से संबंध
    • अनुकूलन की कमी से दूरदृष्टि दोष या निकटदृष्टि दोष हो सकते हैं, जिन्हें चश्मे से ठीक किया जाता है।
    • यह मानव नेत्र अध्याय का मूल सिद्धांत है।

6. रेगिस्तान में यात्रियों को अक्सर पानी की एक शीट का प्रकाशीय भ्रम होता है जहां वास्तव में कुछ भी मौजूद नहीं होता है। इसे क्या कहा जाता है? [RRB NTPC CBT-1 (11/01/2021) Evening]

Correct Answer: (c) मृगतृष्णा
Solution:
  • यह दूर की वस्तुओं से प्रकाश के पूर्ण आंतरिक परावर्तन के कारण होने वाली एक ऑप्टिकल घटना है।
  • जब प्रकाश ठंडी हवा (सघन) से गर्म हवा (विरल) की ओर गुजरता है
  • तो यह अभिलम्ब से दूर झुक जाता है और पूर्ण आंतरिक परावर्तन से गुजरता है
  • जिससे प्रेक्षक को दृष्टिभ्रम (illusion) हो जाता है कि प्रकाश जमीन से आ रहा है।
  • कारण
    • गर्म रेगिस्तान में रेत सूर्य की गर्मी से तपती है, जिससे निचली वायु परतें गर्म होकर विरल (कम घनत्व) हो जाती हैं।
    • ऊपरी ठंडी वायु परतें सघन होती हैं, इसलिए अपवर्तनांक का gradient बनता है।
    • प्रकाश की किरणें नीचे की ओर मुड़कर पूर्ण आंतरिक परावर्तन करती हैं, जैसे पानी के ऊपर से परावर्तन।
  • प्रकार
    • निचली मृगमरीचिका (Lower/Inferior): रेगिस्तान या गर्म सड़क पर पानी जैसा भ्रम।
    • ऊपरी मृगमरीचिका (Superior): आकाश में वस्तुएँ तैरती दिखना।
  • भौतिकी सिद्धांत
    • प्रकाश नीचे से ऊपर की सघन वायु में अपवर्तित होता है (sin i > sin c), इसलिए आभासी प्रतिबिंब ऊपर बनता है।
    • यह टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन (TIR) का उदाहरण है।
  • अन्य उदाहरण
    • गर्म सड़क पर भी यही भ्रम होता है।
    • NCERT कक्षा 10/12 भौतिकी में वर्णित।

7. एक माध्यम की प्रकाश को अपवर्तित करने की क्षमता को _______ के संदर्भ में भी व्यक्त किया जाता है। [RRB NTPC CBT-1 (12/01/2021) Evening]

Correct Answer: (b) प्रकाशीय घनत्व
Solution:
  • प्रकाशीय भ्रम मूल रूप से वास्तविकता और हमारा मस्तिष्क जो सोचता है उसके बीच का अंतर है।
  • द्रव्यमान घनत्व किसी पदार्थ के प्रति इकाई आयतन का द्रव्यमान है।
  • एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाने वाली तरंग की दिशा में परिवर्तन को अपवर्तन कहते हैं।
  • अपवर्तनांक की परिभाषा
    • अपवर्तनांक (n) = निर्वात में प्रकाश की चाल (c) / माध्यम में प्रकाश की चाल (v), अर्थात् 。
    • यह विमाहीन राशि है जो माध्यम के प्रकाशीय घनत्व को दर्शाती है।
    • स्नेल के नियम में  के रूप में व्यक्त होता है।
  • महत्व
    • उच्च अपवर्तनांक वाले माध्यम (जैसे काँच, हीरा) प्रकाश को अधिक झुकाते हैं।
    • निर्वात में n = 1, वायु में लगभग 1, जल में 1.33, काँच में 1.5।
    • प्रिज्म, लेंस और ऑप्टिकल फाइबर इसके सिद्धांत पर कार्य करते हैं।
  • मापन
    • सामान्य अपवर्तनांक () सोडियम प्रकाश के लिए, जबकि परिक्षेपण के लिए विभिन्न रंगों के लिए अलग-अलग।
    • यह तापमान, तरंगदैर्ध्य और दाब पर निर्भर करता है।

8. गोलीय दर्पण के परावर्तक पृष्ठ का केंद्र बिंदु क्या कहलाता है ? [RRB NTPC CBT - I (12/01/2021) Evening]

Correct Answer: (b) ध्रुव
Solution:
  • यह गोलाकार दर्पण के छिद्र का मध्यबिंदु है और आमतौर पर इसे P अक्षर द्वारा दर्शाया जाता है।
  • मुख्य अक्ष, लेंस या गोलीय दर्पण के प्रकाशिक केंद्र और वक्रता केंद्रों से गुजरने वाली रेखा है।
  • वक्रता केंद्र उस गोले का केंद्र होता है जिसका एक भाग गोलीय दर्पण होता है।
  • इसे 'C' द्वारा दर्शाया जाता है। जब अनंत से किरणें गोलीय दर्पण के प्रकाशिक अक्ष के समानांतर आती हैं
  • तो वे मुड़ जाती हैं ताकि वे या तो एक बिंदु पर एकत्रित और प्रतिच्छेद करें, या वे एक बिंदु से अलग होती हुई प्रतीत हों। अभिसरण या विचलन के बिंदु को फोकस कहा जाता है।
  • परिभाषा
    • गोलीय दर्पण का परावर्तक पृष्ठ गोले का एक भाग होता है, और इस गोले का केंद्र ही वक्रता केंद्र (C) कहलाता है।
    • यह दर्पण के ध्रुव (P) से वक्रता त्रिज्या (R) की दूरी पर स्थित होता है।
    • अवतल दर्पण में C दर्पण के सामने और उत्तल दर्पण में पीछे होता है।
  • महत्व
    • फोकस बिंदु (F) वक्रता केंद्र का मध्य बिंदु होता है: 。
    • मुख्य अक्ष पर स्थित सभी किरणें वक्रता केंद्र से गुजरने पर परावर्तन के बाद समान্তर हो जाती हैं।
    • दर्पण सूत्र में R का उपयोग प्रतिबिंब निर्माण के लिए होता है।

9. निम्नलिखित में से कौन सा सिद्धांत सौर ऊर्जा प्रणालियों से संबंधित है? [RRB NTPC CBT - I (13/01/2021) Morning]

Correct Answer: (a) प्रकाशवोल्टीय प्रभाव
Solution:
  • प्रकाश विद्युत प्रभाव इलेक्ट्रॉनों का उत्सर्जन है जब विद्युत चुम्बकीय विकिरण, जैसे प्रकाश, किसी पदार्थ से टकराता है।
  • प्रकाशगतिक प्रभाव का सिद्धांत प्रकाश की किरण (beam of light) द्वारा लगाए गए बलों और टॉर्क को व्यक्त करता है।
  • फोटोवोल्टिक प्रभाव
    • सौर सेल (पीएन जंक्शन डायोड) पर सूर्य प्रकाश पड़ने से इलेक्ट्रॉन-होल जोड़े उत्पन्न होते हैं।
    • विद्युत क्षेत्र के कारण इलेक्ट्रॉन और होल विपरीत दिशाओं में बहते हैं, जिससे धारा उत्पन्न होती है।
    • यह सिलिकॉन जैसे अर्धचालकों में होता है।
  • सौर प्रणाली के घटक
    • सौर पैनल: फोटोवोल्टिक कोशिकाएँ।
    • इन्वर्टर: DC को AC में बदलता है।
    • बैटरी: ऊर्जा भंडारण।
    • सौर कुकर में ग्रीनहाउस प्रभाव (परावर्तन + अवरक्त अवशोषण) उपयोग होता है।
  • लाभ
    • नवीकरणीय, प्रदूषण-मुक्त, कम रखरखाव।
    • भारत में सौर पार्क (जैसे भादला) इसका उदाहरण।

10. निम्नलिखित में से कौन प्रकाश के अपवर्तन का उदाहरण नहीं है? [RRB NTPC CBT-1 (19/01/2021) Morning]

Correct Answer: (c) सूर्यास्त का लाल रंग
Solution:
  • सूर्यास्त का लाल रंग प्रकाश के प्रकीर्णन का उदाहरण है।
  • प्रकाश प्रकीर्णन के अन्य उदाहरण - आकाश का नीला रंग, तारों का टिमटिमाना, हीरे की तरह चमकता हुआ दिखना, शल्य चिकित्सा में लेजर का उपयोग।
  • अपवर्तन के उदाहरण पानी का तालाब वास्तव में जितना गहरा है उससे कम गहरा प्रतीत होता है, कैमरा लेंस, चश्मा।
  • निम्नलिखित में से मृगतृष्णा (मरीचिका) प्रकाश के अपवर्तन का उदाहरण नहीं है।
  • यह पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) पर आधारित है।
  • अपवर्तन के उदाहरण
    • लकड़ी का चम्मच पानी में टूटा दिखना।
    • तालाब का तल ऊपर उठा दिखना।
    • लेंस/प्रिज्म में प्रकाश का मुड़ना।
  • मरीचिका क्यों अपवर्तन का उदाहरण नहीं
    • रेगिस्तान में गर्म हवा (विरल माध्यम) और ठंडी हवा (सघन माध्यम) के बीच अपवर्तनांक gradient बनता है।
    • प्रकाश किरणें महत्वपूर्ण कोण से अधिक होने पर परावर्तित होकर आभासी जल-स्तर बनाती हैं।
    • यह स्नेल नियम के अनुसार TIR है, न कि सरल अपवर्तन।