प्रकाश और प्रकाशिकी (भौतिक विज्ञान) (Part-IV)

Total Questions: 50

11. वह लेंस जो बीच में पतला और परिधि पर मोटा होता है, ______ कहलाता है। [RRB NTPC CBT-1 (30/01/2021) Morning]

Correct Answer: (a) अवतल लेंस
Solution:
  • बेलनाकार लेंस एक प्रकार का लेंस जिसकी X और Y अक्षों में अलग-अलग त्रिज्याएँ होती हैं।
  • उत्तल लेंस - एक लेंस जो प्रकाश की किरणों को परिवर्तित करती है जो इसके मुख्य अक्ष के समानांतर होती हैं।
  • अवतल लेंस की पहचान
    • संरचना: बीच में पतला, किनारों पर मोटा।
    • सतह: कम से कम एक सतह भीतर की ओर धंसी (अंदर की ओर वक्र) होती है।
  • प्रकाश पर प्रभाव
    • यह अपसारी (diverging) लेंस है, समानांतर किरणों को फैलाता है।
    • हमेशा आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिंब बनाता है, वस्तु की किसी भी स्थिति पर।
  • उपयोग
    • निकट दृष्टि दोष (मायोपिया) के चश्मों में।
    • लेजर बीम को फैलाने, दरवाज़े की झिरी (spy hole) आदि में

12. आकाश का नीला रंग किसके कारण होता है? [RRB NTPC CBT-1 (03/02/2021) Evening]

Correct Answer: (b) प्रकाश का प्रकीर्णन
Solution:
  • प्रकीर्णन के अन्य उदाहरण - सूर्योदय और सूर्यास्त के समय सूर्य का लाल रंग, खतरे का संकेत लाल रंग में होना।
  • प्रकाश के अपवर्तन के उदाहरण - साफ़ आकाश में तारों का टिमटिमाना, कैमरा लेंस, पानी का तालाब वास्तव में जितना गहरा है
  • उससे कम गहरा प्रतीत होता है। प्रकाश के वर्ण विक्षेपण के उदाहरण - इंद्रधनुष का निर्माण, पानी में पेट्रोल डालने पर अलग-अलग रंग दिखाई देंगे।
  • प्रकाश के विवर्तन के उदाहरण इंद्रधनुष के रंगों को प्रतिबिंबित करने वाली CD, होलोग्राम, दरवाजे के कोनों पर प्रकाश का झुकना।
  • प्रकीर्णन का सिद्धांत
    • श्वेत सूर्य प्रकाश में सभी रंग होते हैं, लेकिन नीले रंग की तरंगदैर्ध्य (~450 nm) लाल (~650 nm) से कम होती है।
    • रेleigh का नियम: प्रकीर्णन ∝ , इसलिए नीला रंग 10 गुना अधिक प्रकीर्णित होता है।
    • वायु अणु (N₂, O₂) प्रकाश से टकराकर सभी दिशाओं में नीले प्रकाश को बिखेरते हैं।
  • अन्य रंगों का भाग्य
    • लाल/नारंगी: कम प्रकीर्णन, सीधी पहुँच।
    • सूर्योदय/सूर्यास्त: लंबा पथ → नीला प्रकीर्णित, लाल बचता है।
    • बादल सफेद: बड़े जलकण सभी रंग समान बिखेरते हैं।

13. अपने सात घटक रंगों में 'प्रकाश के विक्षेपण की घटना की खोज.............. ने 1666 में की थी। [RRB NTPC CBT-1 (09/02/2021) Morning]

Correct Answer: (b) आइजैक न्यूटन
Solution:
  • प्रकाश का विक्षेपण एक पारदर्शी माध्यम से गुजरने पर सफेद प्रकाश की किरण को उसके सात घटक रंगों में विभाजित करने की घटना है।
  • अपने सात घटक रंगों में प्रकाश के विक्षेपण की घटना की खोज सर आइजैक न्यूटन ने 1666 में की थी।
  • उन्होंने प्रिज्म प्रयोग से सिद्ध किया कि श्वेत प्रकाश सात रंगों (VIBGYOR) से बना होता है।
  • न्यूटन का प्रिज्म प्रयोग
    • न्यूटन ने अंधेरे कमरे में सूर्य प्रकाश को त्रिकोणीय काँच के प्रिज्म से गुजारा।
    • प्रकाश प्रिज्म के विभिन्न अपवर्तनांक के कारण बैंगनी से लाल तक विक्षेपित होकर स्पेक्ट्रम बना।
    • दूसरे प्रिज्म से सभी रंग पुनः श्वेत प्रकाश में मिल गए, जिससे श्वेत प्रकाश की संरचना सिद्ध हुई।
  • विक्षेपण का कारण
    • अपवर्तनांक तरंगदैर्ध्य के व्युत्क्रमानुपाती होता है
    • बैंगनी ( nm) सबसे अधिक, लाल ( nm) सबसे कम विक्षेपित।
    • इसलिए VIBGYOR क्रम: बैंगनी, नील, नीला, हरा, पीला, नारंगी, लाल।
  • महत्व
    • यह प्रयोग प्रकाशिकी का आधार बना और इंद्रधनुष, प्रिज्म, स्पेक्ट्रमस्कोप आदि को समझाया।
    • न्यूटन ने 1704 में "ऑप्टिक्स" पुस्तक में इसे प्रकाशित किया।

14. छाया तब बनती है जब........... वस्तुएँ प्रकाश के मार्ग में आती हैं। [RRB NTPC CBT-1 (15/02/2021) Evening]

Correct Answer: (d) अपारदर्शी
Solution:
  • एक वस्तु जो किसी भी प्रकाश को अपने से होकर गुजरने नहीं देती है। उदाहरण लकड़ी, पत्थर, धातु।
  • पारभासीः एक वस्तु जो केवल कुछ प्रकाश को अपने से गुजरने देती है।
  • उदाहरण बटर पेपर, धूप का चश्मा, विभिन्न प्रकार के प्लास्टिक।
  • पारदर्शी एक वस्तु जो सभी प्रकाश को इसके माध्यम से गुजरने देती है।
  • उदाहरण हवा, पानी, साफ कांच। प्रकाशिक एक वस्तु जो स्वयं का प्रकाश या ऊर्जा उत्सर्जित करती है। उदाहरण - सूर्य, तारे, मोमबत्तियाँ।
  • छाया निर्माण की शर्तें
    • छाया बनने के लिए तीन मुख्य आवश्यकताएँ हैं:
    • प्रकाश स्रोत (जैसे सूर्य, बल्ब)।
    • अपारदर्शी वस्तु (जैसे लकड़ी, व्यक्ति, भवन) जो प्रकाश रोकती है।
    • स्क्रीन/पर्दा (जैसे दीवार, जमीन) जहाँ छाया दिखे।
  • छाया के प्रकार
    • पूर्ण छाया (Umbra): प्रकाश पूरी तरह अवरुद्ध, पूर्ण अंधेरा।
    • अधोछाया (Penumbra): कुछ प्रकाश पहुँचता है, आंशिक अंधेरा।
    • प्रकाश स्रोत का आकार बड़ा होने पर अधोछाया बनती है।
  • कारण
    • प्रकाश सीधी रेखा में चलता है, इसलिए अपारदर्शी वस्तु के पीछे प्रकाश नहीं पहुँच पाता।
    • पारदर्शी वस्तुएँ (काँच) छाया नहीं बनातीं क्योंकि प्रकाश उनसे गुजर जाता है।

15. LASER का पूर्ण रूप क्या है? [RRB NTPC CBT-1 (22/02/2021) Evening]

Correct Answer: (d) Light Amplification by Stimulated Emission of Radiation
Solution:
  • यह एक उपकरण है जो उत्तेजित उत्सर्जन नामक प्रक्रिया के माध्यम से सुसंगत और केंद्रित प्रकाश उत्सर्जित करता है।
  • यह प्रकाश की एक संकीर्ण और तीव्र किरण उत्पन्न करता है
  • जो आम तौर पर मोनोक्रोमैटिक (एकल तरंग दैर्ध्य) और अत्यधिक दिशात्मक होती है। लेज़र अनुप्रयोगों के उदाहरण
  • लेज़र नेत्र शल्य चिकित्सा, लेज़र प्रिंटर, बारकोड स्कैनर, फाइबर ऑप्टिक संचार।
  • LASER की परिभाषा
    • LASER एक विशेष उपकरण है जो उत्तेजित उत्सर्जन (stimulated emission) प्रक्रिया द्वारा एकवर्णी समांतर (coherent) और एकदिश (directional) प्रकाश किरण उत्पन्न करता है।
    • यह सामान्य प्रकाश से भिन्न होता है क्योंकि इसमें प्रकाश तरंगें पूर्णतः समांतर और समूहबद्ध होती हैं।
  • कार्य सिद्धांत
    • पॉम्पिंग: परमाणुओं को उच्च ऊर्जा स्तर पर उत्तेजित किया जाता है।
    • जननन: एक फोटॉन उच्च ऊर्जा वाले परमाणु से टकराकर समान फोटॉन उत्पन्न करता है।
    • प्रवर्धन: दर्पणों के बीच प्रकाश की पुनरावृत्ति से तीव्रता बढ़ती है।
    • निकास: एक आंशिक दर्पण से लेजर बीम बाहर निकलती है।
  • LASER के गुण
    • एकवर्णी: एक ही तरंगदैर्ध्य।
    • कला सम्बद्ध: तरंगें पूर्णतः समन्वित।
    • एकदिश: बहुत संकीर्ण बीम।

16. प्रकाश की शक्तिशाली समानांतर किरणें प्राप्त करने के लिए सामान्यतः टॉर्च, सर्चलाइट और वाहन हेडलाइट में किस प्रकार के दर्पण का उपयोग किया जाता है? [RRB NTPC CBT - I (27/02/2021) Evening]

Correct Answer: (c) अवतल
Solution:
  • जब प्रकाश की किरणें पड़ती हैं तो वे अंदर की ओर परावर्तित होती हैं और एक बिंदु पर एकत्रित होती हैं
  • जिसे केंद्र बिंदु कहा जाता है। अवतल दर्पण का उपयोगः शेविंग दर्पण, खगोलीय दूरबीन, हेडलाइट्स, सौर भट्टियाँ।
  • अवतल दर्पण का सिद्धांत
    • अवतल दर्पण की परावर्तक सतह अंदर की ओर मुड़ी होती है।
    • मुख्य अक्ष के समांतर आने वाली किरणें फोकस (F) पर अभिसरित हो जाती हैं।
    • फोकस पर स्थित बल्ब से निकलने वाली किरणें परावर्तन के बाद समांतर हो जाती हैं, जिससे लंबी दूरी तक प्रकाश पहुँचता है।
    • वक्रता त्रिज्या R = 2f होती है।
  • उपयोग का कारण
    • समांतर किरणें: दूर तक एकसमान प्रकाश पूंज।
    • उच्च तीव्रता: सभी किरणें एक दिशा में केंद्रित।
    • व्यावहारिक: छोटे आकार में शक्तिशाली बीम।

17. वाहनों में पश्च दृश्य दर्पण के रूप में किस प्रकार के दर्पण का उपयोग किया जाता है? [RRB NTPC CBT - I (03/03/2021) Evening]

Correct Answer: (d) उत्तल
Solution:
  • उत्तल दर्पण के उपयोग - प्रकाशीय उपकरण, कॉलिंग बेल, आवर्धक लेंस, धूप के चश्मे में।
  • समतल दर्पणों के उपयोग घरेलू दर्पण, पेरिस्कोप और केलाइडोस्कोप।
  • उत्तल दर्पण के गुण
    • उत्तल दर्पण की परावर्तक सतह बाहर की ओर उभरी होती है, जो प्रकाश किरणों को अपसारित (diverging) करती है।
    • यह छोटा, सीधा और आभासी प्रतिबिंब बनाता है, चाहे वस्तु कहीं भी हो।
    • दर्पण सूत्र:  में f हमेशा ऋणात्मक।
  • उपयोग का कारण
    • विस्तृत दृश्य क्षेत्र: चालक को पीछे का बड़ा क्षेत्र (wide field of view) दिखता है।
    • सुरक्षा: ओवरटेकिंग वाहन, पैदल यात्री सभी दिखते हैं।
    • छोटा प्रतिबिंब: दूरी का अनुमान आसान।

18. सूर्य के क्षितिज से वास्तविक रूप से गुजरने और पृथ्वी पर उसकी प्रतिबिम्ब देखने में सक्षम होने के बीच समय का अंतर क्या है? [RRB NTPC CBT - I (03/03/2021) Evening]

Correct Answer: (d) 2 मिनट
Solution:
  • वायुमंडल द्वारा प्रकाश के अपवर्तन के कारण हम सूर्य को वास्तविक सूर्योदय से 2 मिनट पहले और वास्तविक सूर्यास्त के 2 मिनट बाद देख पाते हैं।
  • सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी की सतह तक पहुँचने में 8 मिनट 20 सेकंड का समय लगता है।
  • चंद्रमा की प्रकाश को पृथ्वी की सतह तक पहुंचने में लगभग 1.3 सेकंड का समय लगता है।
  • सूर्य के क्षितिज से वास्तविक रूप से गुजरने और पृथ्वी पर उसकी प्रतिबिंब देखने में सक्षम होने के बीच समय का अंतर लगभग 2 मिनट है। यह वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण होता है।
  • कारण
    • सूर्योदय/सूर्यास्त के समय सूर्य के प्रकाश की किरणें वायुमंडल की घनी परतों से तिरछे कोण पर गुजरती हैं।
    • वायु के विभिन्न घनत्व स्तरों के कारण अपवर्तनांक gradient बनता है, जिससे किरणें अभिलंब की ओर मुड़ जाती हैं।
      परिणामस्वरूप सूर्य वास्तविक सूर्योदय से 2 मिनट पहले दिखाई देता है और वास्तविक सूर्यास्त के 2 मिनट बाद तक दिखता रहता है।
  • भौतिकी सिद्धांत
    • सूर्य के केंद्र से प्रकाश पृथ्वी तक 8 मिनट 20 सेकंड लेता है (दूरी ~150 मिलियन किमी)।
    • लेकिन क्षितिज के पास अतिरिक्त अपवर्तन पथ ~30-40 किमी लंबा होता है।
    • प्रकाश गति (3×10⁸ m/s) पर भी यह ~0.1-0.2 सेकंड लेता है
    • लेकिन अपवर्तन कोण के कारण दृश्यमान अंतर 2 मिनट बनता है।
  • अन्य प्रभाव
    • चपटी चक्रिका: ऊपरी भाग अधिक अपवर्तित, सूर्य चपटा दिखता है।
    • लाल रंग: लंबा पथ → नीले रंग का प्रकीर्णन, लाल बचता है।
  • महत्व
    • यह अग्रिम सूर्योदय और विलंबित सूर्यास्त कहलाता है।
    • दिन की अवधि ~4 मिनट बढ़ जाती है। कक्षा 10 NCERT मानव नेत्र अध्याय का उदाहरण।

19. निम्नलिखित में से कौन वस्तु से बड़ा आभासी प्रतिबिम्ब उत्पन्न कर सकता है? [RRB NTPC CBT - I (08/03/2021) Evening]

Correct Answer: (d) अवतल दर्पण
Solution:
  • अवतल दर्पण जब वस्तु दर्पण के ध्रुव और फोकस के बीच रखी जाती है। उत्तल दर्पण और अवतल लेंस हमेशा आभासी प्रतिबिंबयाँ बनाते हैं
  • जो वस्तु से छोटी होती हैं। समतल दर्पण आभासी प्रतिबिंबयाँ उत्पन्न करते हैं जो वस्तु के आकार के समान होती हैं।
  • अवतल दर्पण में बड़ा आभासी प्रतिबिंब
    • वस्तु की स्थिति: ध्रुव (P) और फोकस (F) के बीच।
    • प्रतिबिंब की स्थिति: दर्पण के पीछे, आभासी, सीधा और वस्तु से बड़ा (m > 1)।
    • आवर्धन सूत्र: , जहाँ u ऋणात्मक और छोटा, v धनात्मक और बड़ा।
  • व्यावहारिक उपयोग
    • शेविंग/मेकअप मिरर: चेहरे का बड़ा प्रतिबिंब।
    • दंत चिकित्सक दर्पण: दांतों की बारीक जाँच।
    • टॉर्च/हेडलाइट: फोकस पर बल्ब → समांतर किरणें।
  • गणना उदाहरण
    • यदि f = -10 cm, u = -7 cm:
    • v = -17.5 cm (आभासी), m = +2.5 (2.5 गुना बड़ा)।

20. प्रकाश यात्रा करता है [RRB NTPC CBT-1 (12/03/2021) Morning]

Correct Answer: (c) सीधी रेखा
Solution:
  • प्रकाश विद्युत चुम्बकीय विकिरण है और तरंग-समान और कण-सदृश दोनों है।
  • गुणः यह फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव और डबल-स्लिट प्रयोग जैसी घटनाओं द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
  • प्रकाश अपनी तरंग प्रकृति को प्रदर्शित करते हुए व्यतिकरण और विवर्तन घटनाएँ प्रदर्शित करता है।
  • प्रकाश को ऊर्जा के अलग-अलग पैकेटों के रूप में वर्णित किया जा सकता है
  • जिन्हें फोटॉन कहा जाता है। प्रकाश बल्ब के आविष्कारक थॉमस एडिसन।
  • प्रकाश के गमन के गुण
    • सीधी रेखा: अपारदर्शी वस्तु के पीछे छाया इसी कारण बनती है।
    • न्यून समय का सिद्धांत: प्रकाश सबसे कम समय (और दूरी) वाला मार्ग चुनता है।
    • गति: निर्वात में  m/s, माध्यमों में कम।
  • महत्वपूर्ण तथ्य
    • विद्युत चुम्बकीय तरंग: माध्यम की आवश्यकता नहीं, निर्वात में भी चलता है।
    • सूर्य प्रकाश: पृथ्वी तक 8 मिनट 20 सेकंड लगते हैं।
    • प्रकीर्णन: वायु अणुओं से टकराकर आकाश नीला दिखता है।