जनसंख्या एवं नगरीकरण (भारत का भूगोल) (भाग-I)

Total Questions: 35

1. भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2004-05 में छत्तीसगढ़ में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाली जनसंख्या का प्रतिशत कितना था? [CHSL (T-I) 07 अगस्त, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) 40.9%
Solution:
  • भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2004-05 में छत्तीसगढ़ में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाली जनसंख्या का प्रतिशत 40.9 था
  • पृष्ठभूमि
    • यह आंकड़ा योजना आयोग (वर्तमान में नीति आयोग) द्वारा राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन (एनएसएसओ) के उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण पर आधारित था
    • जिसे सामाजिक न्याय मंत्रालय ने कल्याण योजनाओं के लिए उपयोग किया।
    • उस समय छत्तीसगढ़ एक नया राज्य था (2000 में गठित), जहां ग्रामीण गरीबी अधिक थी
    • मुख्यतः आदिवासी बहुल क्षेत्रों और खनिज-आधारित अर्थव्यवस्था के कारण।​
  • विधि और संदर्भ
    • गरीबी का अनुमान तेंदुलकर समिति की सिफारिशों पर आधारित था
    • जो मिश्रित संदर्भ काल (मासिक प्रति व्यक्ति उपभोक्ता व्यय) का उपयोग करती थी।
    • मंत्रालय ने इन्हीं आंकड़ों का हवाला दिया, हालांकि कुछ स्रोतों में भिन्नताएं (जैसे 49%) दिखती हैं, लेकिन आधिकारिक संदर्भ में 40.9% ही मान्य है।​
  • प्रभाव और संदर्भ
    • इस उच्च दर ने मंत्रालय की योजनाओं जैसे अंत्योदय अन्न योजना और अन्य कल्याण कार्यक्रमों को प्रभावित किया
    • जहां छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता मिली। बाद के वर्षों में यह घटकर 2011-12 में लगभग 39.8% हो गई
    • लेकिन 2004-05 का आंकड़ा नीतिगत आधार प्रदान करता रहा।​

2. भारत की जनगणना 2011 के अनुसार, भारतीय जनसंख्या का कितना प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है? [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (I-पाली), CHSL (T-I) 4 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) 68.9%
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, भारतीय जनसंख्या का 68.9 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में तथा 31.1 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में रहती है।
  • पृष्ठभूमि और संदर्भ
    • 2011 की जनगणना भारत की पांचवी संपूर्ण जनगणना है जिसमें ग्रामीण-शहरी विभाजन को नए मानदंडों के अनुसार पुनर्मूल्यांकन किया गया।
    • इस समय के अनुसार ग्रामीण आबादी की ऊपरी सीमा 68.84% और शहरी 31.16% पाई गईं।​
    • 2011 के आंकड़े भारत की कुल आबादी 1.21 अरब के आसपास बताए गए, जिसमें ग्रामीण आबादी 83.3 करोड़ से अधिक बताई गई
    • कुछ स्रोतों में 83.3–83.5 करोड़ के आसपास भी दर्शाए जाते हैं।​
    • शहरीकरण के स्तर में वृद्धि 2001 से 2011 के बीच दर्ज की गई
    • जहां शहरी आबादी का अनुपात 27.81% से बढ़कर 31.16% हुआ, और ग्रामीण हिस्सेदारी घटकर 68.84% हो गई।​
  • महत्वपूर्ण शेयर और अंतर
    • ग्रामीण भारत का भौगोलिक और सामाजिक-आर्थिक ढांचा, उच्च कृषि-आधारित नौकरी and बुनियादी सेवाओं तक पहुँच में असमानता को उजागर करता है।​
    • 2011 के ग्रामीण-शहरी वितरण का यह क्रम भविष्य की urbanization नीति, ग्रामीण जल-विद्युत, सड़क-आधार और सार्वजनिक सेवाओं के योजना-निर्माण पर सीधा प्रभाव डालता है।​
  • नोट्स
    • आंकड़े आधिकारिक जनगणना/अनुमान से आते हैं
    • समय के साथ सीमांकन/पारिशुद्धता में विविधताएं हो सकती हैं।
    • यदि चाहें तो मैं नवीनतम उपलब्ध संदर्भों के साथ एक विस्तृत स्रोत-उद्धरण सूची बना दूँ
    • अगर संभव हो तो क्षेत्रीय वितरण (राज्य/जिले अनुसार) की अधिक विशिष्ट जानकारी भी दे दूँ।

3. भारत की जनगणना 2011 के अनुसार, भारतीय जनसंख्या का कितना प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में रहती है? [CHSL (T-I) 4 अगस्त, 2023 (II-पाली), MTS (T-I) 15 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) 31.1%
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, भारतीय जनसंख्या का 68.9 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में तथा 31.1 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में रहती है।
  • विस्तार जानकारी
    • संदर्भ और परिभाषा: भारत की शहरीकरण दर को वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार मापा गया
    • जिसमें कुल जनसंख्या का भाग जो शहरों/नगरों में रहता है, उसे शहरी आबादी कहा गया।
    • इस देशव्यापी आंकड़े के अनुसार उत्तर है 31.16% [जनगणना 2011 कुछ प्रमुख सारांश]।
    • राज्य-स्तर पर विविधता: शहरीकरण का प्रतिशत राज्यों के बीच बड़े से बड़ा अंतर दिखाता है
    • गोवा जैसे राज्यों में शहरी आबादी अधिक है (लगभग 60% से ऊपर), जबकि उत्तर-पूर्व और कुछ राज्यों में यह कम हो सकता है
    • [जनगणना 2011 के राज्य-सारिणी संबंधी जानकारी]।
    • इतिहासिक क्रम और ट्रेंड: 1951 में शहरी आबादी लगभग 17% के करीब थी
    • जबकि 2011 तक यह लगभग 31% पर पहुंची, और आगे के वर्षों में यह और बढ़ने की उम्मीद है oder है।
    • यह ट्रेंड देश के औद्योगीकरण और औपचारिक क्षेत्र के विस्तार से जुड़ा है [जनगणना-इतिहास]।
  • महत्वपूर्ण बिंदु
    • 2011 की अनुमानित कुल शहरी आबादी लगभग 377 मिलियन से अधिक थी
    • जो कुल जनसंख्या का लगभग 31.16% रहा। यह संख्या बताती है
    • ग्रामीण आबादी अभी भी बड़े हिस्से के रूप में बनी रही, पर शहरी क्षेत्र तेजी से बढ़ रहे हैं [जनगणना 2011 के संख्यात्मक तथ्य]।
    • शहरीकरण के स्तर का एक प्रमुख संकेतक यह है कि कौन से जिले और नगर अधिक शहरीकृत हैं
    • बड़े शहरों/राजधानीकरण वाले क्षेत्रों में यह प्रतिशत उच्च होता है
    • जबकि दूर-दराज के जिले में कम रहता है [जनगणना-स्थानीय स्तर के डेटा]।
  • ध्यान दें
    • अगर चाहें तो मैं 2011 की गणना-सूची से राज्य/जिले-स्तर के विशिष्ट आंकड़े भी दे सकता हूँ
    • किसी विशेष राज्य या क्षेत्र के लिए शहरी आबादी का प्रतिशत जान सकें।

4. वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, 2001-11 के बीच ऋणात्मक दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर वाला एकमात्र भारतीय राज्य ....... है। [MTS (T-I) 19 मई, 05 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) नगालैंड
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, वर्ष 2001-11 के बीच ऋणात्मक दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर वाला एकमात्र भारतीय राज्य नगालैंड है।
  • यहां वर्ष 2001-11 के बीच 0.6 प्रतिशत की ऋणात्मक वृद्धि हुई।
  • दशकीय वृद्धि दर विवरण
    • इस अवधि में नागालैंड की जनसंख्या वृद्धि दर -0.58% रही, जो पूरे भारत में इकलौती नकारात्मक दर थी।
    • राज्य की कुल जनसंख्या 2001 में लगभग 19.88 लाख से घटकर 2011 में 19.79 लाख हो गई।
    • यह गिरावट प्रवासन, कम जन्म दर और उच्च मृत्यु दर जैसे कारकों से जुड़ी बताई जाती है।​
  • भारत की समग्र स्थिति
    • भारत की कुल दशकीय वृद्धि दर 17.64% रही, जिसमें पुरुषों की 17.19% और महिलाओं की 18.12% वृद्धि हुई।
    • सबसे अधिक वृद्धि मेघालय (27.8%) और बिहार (25.1%) में दर्ज की गई।
    • केंद्र शासित प्रदेशों में दादरा एवं नगर हवेली (55.88%) और दमन एवं दीव (53.7%) शीर्ष पर रहे।​
  • जनगणना के प्रमुख आंकड़े
    • नागालैंड की 2011 जनसंख्या 1,978,502 थी, जिसमें पुरुष 1,024,649 और महिलाएं 953,853 शामिल हैं।
    • राज्य में 1981-91 के बीच 56.08% वृद्धि हुई थी, लेकिन 1991-2011 में यह 64.41% रही, फिर भी 2001-11 में नकारात्मक हो गई।
    • यह घटना जनसंख्या नीतियों और क्षेत्रीय चुनौतियों को रेखांकित करती है।​

5. निम्नलिखित में से कौन-से कारक जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करते हैं? [MTS (T-I) 19 मई, 2023 (II-पाली)]

I. जलवायु

II. मृदा

III. भौगोलिक स्थिति

IV. जल

Correct Answer: (a) I, II, III, और IV
Solution:
  • जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले कारक हैं-भौगोलिक, आर्थिक तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक कारक।
  • भौगोलिक कारक के अंतर्गत हैं-जल की उपलब्धता, भौगोलिक स्थिति, जलवायु तथा मृदाएं।
  • भौगोलिक कारक
    • स्थलाकृति मैदानी क्षेत्रों को पर्वतीय इलाकों से अधिक आकर्षक बनाती है, क्योंकि मैदान कृषि और परिवहन के लिए उपयुक्त होते हैं
    • जैसे गंगा का मैदान। जलवायु मध्यम जलवायु वाले क्षेत्रों में घनी आबादी को बढ़ावा देती है
    • जबकि चरम गर्मी या ठंड वाले रेगिस्तान और ध्रुवीय क्षेत्रों में जनसंख्या विरल रहती है।
    • मिट्टी की उर्वरता, जल की उपलब्धता और खनिज संसाधन भी महत्वपूर्ण हैं
    • उपजाऊ नदी घाटियां जैसे नील नदी या ब्रह्मपुत्र घाटी घनी आबादी वाली हैं।​
  • आर्थिक कारक
    • औद्योगीकरण और शहरीकरण रोजगार के अवसर पैदा करते हैं
    • जिससे मुंबई या ओसाका जैसे शहरों में जनसंख्या केंद्रित हो जाती है।
    • खनिज संपदा वाले क्षेत्र खनन और उद्योगों के कारण आकर्षक बनते हैं
    • जबकि परिवहन नेटवर्क जैसे रेल और सड़कें वितरण को सुगम बनाते हैं।
    • व्यापारिक केंद्र और कृषि-आधारित अर्थव्यवस्थाएं भी ग्रामीण-शहरी प्रवास को प्रेरित करती हैं।​
  • सामाजिक-सांस्कृतिक कारक
    • शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसी सुविधाएं पुणे या दिल्ली जैसे शहरों को घनी आबादी प्रदान करती हैं।
    • धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र जैसे वाराणसी या जेरुसलेम तीर्थयात्रियों और अनुयायियों को आकर्षित करते हैं।
    • सामाजिक संरचना और जातीय समूह भी स्थानीय वितरण को प्रभावित करते हैं।​
  • राजनीतिक कारक
    • सरकारी नीतियां, सीमाएं और युद्ध जनसंख्या को स्थानांतरित करते हैं; शरणार्थी शिविर या सीमा क्षेत्रों में घनत्व बढ़ जाता है।
    • विकास योजनाएं जैसे विशेष आर्थिक क्षेत्र पिछड़े इलाकों को आकर्षित करती हैं।​

6. निम्नलिखित में से किस अवधि को भारत में जनसंख्या विस्फोट की अवधि के रूप में जाना जाता है? [MTS (T-I) 19 मई, 2023 (I-पाली), CGL (T-I) 24 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) वर्ष 1951 - 1981
Solution:
  • प्रश्नगत विकल्पों में वर्ष 1951-81 की अवधि को भारत में जनसंख्या विस्फोट की अवधि के रूप में जाना जाता है
  • क्योंकि यह देश में मृत्यु दर में तीव्र ह्रास और जनसंख्या की उच्च प्रजनन दर के कारण हुआ।
  • वर्ष 1901 से 1921 की अवधि में वृद्धि दर अत्यंत निम्न थी, यहां तक कि वर्ष 1911-1921 के दौरान ऋणात्मक वृद्धि दर्ज की गई।
  • 1921-1951 के दशकों को जनसंख्या की लगभग स्थिर वृद्धि की अवधि के रूप में जाना जाता है।
  • वर्ष 1981 के पश्चात वर्तमान तक देश की जनसंख्या की वृद्धि दर, यद्यपि ऊंची बनी रही, परंतु धीरे-धीरे मंद गति से घटने लगी।
  • व्यापक विवरण
    • परिभाषा: जनसंख्या विस्फोट की अवधि वह समयावधि है
    • जिसमें मृत्यु दर में तेज गिरावट के साथ जन्म दर उच्च बनी रहने के कारण कुल जनसंख्या तेजी से बढ़ती है.​
    • कौन-सी अवधि है: स्वतंत्रता के पश्चात 1951 से 1981 के दशकों को विशेषतः इस प्रकार जाना गया
    • क्योंकि इस समय भारत की प्राकृतिक वृद्धि दर उच्च रही और औसत वार्षिक वृद्धि दर लगभग 2.2% के आसपास दर्ज हुई, जिससे जनसंख्या तीव्र गति से बढ़ी.​
    • कारण: प्रमुख कारणों में नियंत्रणीय मृत्यु दर में कमी, जन्म दर उच्च रहना, स्वास्थ्य सेवा में सुधार, भोजन-सुरक्षा और जीवन स्तर में उन्नति के संकेत आदि सम्मिलित हैं
    • इसका परिणाम यह हुआ किpopulation growth entered a phase of rapid expansion despite ongoing development efforts.​
    • विश्लेषण के अन्य बिंदु: इस अवधि के दौरान परिवार नियोजन और शासन-नीतियाँ लागू होने लगीं, पर उन्नत तकनीकी, चिकित्सा और सामाजिक परिवर्तन से वृद्धि की गति पहले जैसी तेज बनी रही; बाद के वर्षों में वृद्धि की गति धीमी होने की प्रारम्भिक संकेत भी दिखे.​
  • यदि चाहें, तो आगे:
    • इस अवधि के दौरान भारत के राज्यों में प्रजनन दर, मृत्यु दर और जनसंख्या संरचना के विशिष्ट आँकड़े (जन्म दर, प्राकृतिक वृद्धि दर, जीवन प्रत्याशा) की तालिका बनाकर दिखा सकता/सकती हैं।
    • आसपास के संदर्भ में अन्य आयु-समूहों पर प्रभाव, संसाधन- माँग और नीति-नियोजन की भूमिका का विश्लेषण भी दिया जा सकता है।

7. जनगणना 2011 के अनुसार, निम्नलिखित में से किसका जनसंख्या घनत्व न्यूनतम है? [MTS (T-I) 17 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) अरुणाचल प्रदेश
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, राज्यों में अरुणाचल प्रदेश का जनसंख्या घनत्व (17) न्यूनतम है। जबकि बिहार का जनसंख्या घनत्व (1106) सर्वाधिक है।
  • विस्तारपूर्ण विश्लेषण
    • आधारभूत परिप्रेक्ष्य: जनसंख्या घनत्व मापता है प्रति वर्ग किलोमीटर कितने लोग रहते हैं।
    • 2011 की गणना के अनुसार भारत का औसत घनत्व 382 व्यक्ति/किमी² रहा, जो एक बड़ा देश होने के बावजूद राज्यों में भारी भिन्नता दर्शाता है.​
    • न्यूनतम क्षेत्र: अरुणाचल प्रदेश 2011 में सबसे कम घनत्व वाला राज्य था
    • जो अपेक्षाकृत बड़े भौगोलिक विस्तार और पर्वतीय terrain के कारण कई क्षेत्रों में आबादी के फैलाव को सीमित करता है.​
    • अन्य राज्यों के मुकाबले स्थिति: इसके विपरीत बिहार, पश्चिम बंगाल जैसी जगहों में अत्यधिक घनत्व रहा
    • जबकि राज्यों के भीतर भी असमानता थी—उदा. सिक्किम और अन्य पर्वतीय प्रदेशों में घनत्व कम रहा, पर अरुणाचल प्रदेश सबसे नीचे रहा.​
  • महत्वपूर्ण आँकड़े
    • 2011 जनगणना: औसत घनत्व 382 व्यक्ति/किमी² था; अरुणाचल प्रदेश में यह सबसे न्यूनतम रहा [web sources for 2011 census data].​
    • बिहार का चरित्र: बिहार राज्यों में सबसे ऊँचा घनत्व रहा (लगभग 1106 व्यक्ति/किमी²), जबकि पश्चिम बंगाल और केरल पीछे क्रमशः आते हैं
    • यह संदर्भ व्यापक वितरण दर्शाता है.​
    • संकलन के caveats: घनत्व एक अनुमानित माप है जोempuan भूगोलिक और प्रशासनिक सीमाओं के अनुसार बदला जा सकता है।
    • 2011 के इतिहास में राज्य-वार वृद्धि दरों और मॉडलों में अंतर दिखता है, पर न्यूनतम घनत्व का स्पष्ट उत्तर अरुणाचल प्रदेश ही रहा.​
  • सीधे उत्तर के साथ संदर्भ
    • न्यूनतम जनसंख्या घनत्व: अरुणाचल प्रदेश.​
    • 2011 जनगणना के अनुसार भारत का औसत घनत्व: 382 प्रति किमी²; बिहार के उच्च घनत्व का उल्लेख भी समान स्रोतों में पाया गया.​
    • राज्य-वार रैंकिंग और अन्य आँकड़े: बिहार (1106/किमी²) सबसे ऊँचा, पश्चिम बंगाल (1028/किमी²), केरल (860/किमी²) आदि की सूचियाँ 2011 के डेटा में सामान्य रूप से बताई जाती हैं.​
  • यदि चाहें, निम्न शामिल कर सकता/सकती हूँ
    • 2011 के अनुसार राज्य-वार घनत्व की तालिका: न्यूनतम, अन्य निम्न-घनत्व राज्यों की रैंकिंग आदि।
    • अरुणाचल प्रदेश के भूगोल, आबादी-वितरण और बुनियादी ढांचे पर प्रभाव का विश्लेषण।
    • 2011 से 2021 की तुलना और आधुनिक प्रवृत्ति (यदि आप अपडेट चाहते हों)।
  • उद्धरण
    • भारत की जनगणना 2011 के अनुसार जनसंख्या घनत्व 382 प्रति वर्ग किलोमीटर है, और अरुणाचल प्रदेश न्यूनतम रहा.​
    • बिहार 1106/किमी² के साथ उच्चतम घनत्व दिखाता है, पश्चिम बंगाल 1028/किमी² और केरल 860/किमी² का क्रम रहा.​

8. राष्ट्रीय जनसंख्या नीति (NPP) 2000 का दीर्घकालीन उद्देश्य वर्ष ....... तक स्थायी आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के साथ देश की आबादी को स्थिर बनाए रखना है। [MTS (T-I) 17 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) 2045
Solution:
  • राष्ट्रीय जनसंख्या नीति (NPP) 2000 का दीर्घकालीन उद्देश्य वर्ष 2045 तक स्थायी आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के साथ देश की आबादी को स्थिर बनाए रखना है।
  • नीति का परिचय
    • भारत सरकार ने 11 अप्रैल 2000 को राष्ट्रीय जनसंख्या नीति-2000 को मंजूरी दी
    • जिसका उद्देश्य जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करते हुए जन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना था।
    • यह नीति जनसंख्या को संसाधन के रूप में देखती है और परिवार कल्याण कार्यक्रमों को लक्ष्य-मुक्त, स्वैच्छिक तथा सूचित सहमति पर आधारित बनाती है।​
  • तात्कालिक उद्देश्य
    • नीति के तात्कालिक लक्ष्य अपर्याप्त प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य सेवाओं वाले क्षेत्रों में गर्भनिरोधक उपलब्धता सुनिश्चित करना, स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार तथा आवश्यक स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती करना थे।
    • इसमें मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी, सभी बच्चों का टीकाकरण तथा जन्म-मृत्यु पंजीकरण को 100% पहुंचाना शामिल था।
    • ये कदम जनसंख्या स्थिरीकरण की आधारशिला तैयार करने के लिए थे।​
  • मध्यमकालिक उद्देश्य
    • मध्यम अवधि का लक्ष्य 2010 तक कुल प्रजनन दर (TFR) को प्रतिस्थापन स्तर (2.1 बच्चे प्रति महिला) तक लाना था।
    • इससे जनसंख्या वृद्धि पर अंकुश लगाने का प्रयास किया गया, जो आर्थिक बोझ कम करने में सहायक होता।​
  • दीर्घकालिक उद्देश्य विस्तार
    • 2045 तक स्थिर जनसंख्या प्राप्त करना नीति का मुख्य दीर्घकालिक लक्ष्य है
    • जो सतत आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय तथा पर्यावरण संरक्षण के अनुरूप हो।
    • यह जनसंख्या को विकास प्रक्रिया में बाधक न बनाकर सकारात्मक योगदानकर्ता बनाने पर केंद्रित है।
    • नीति में लोकसभा सीटों के पुनर्निर्धारण की अवधि को 25 वर्ष बढ़ाने का प्रावधान भी किया गया।​
  • प्रमुख प्रावधान
    • गर्भनिरोधक साधनों की नि:शुल्क उपलब्धता तथा परिवार नियोजन को मौलिक अधिकार मानना।
    • महिलाओं का सशक्तिकरण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर।
    • राष्ट्रीय जनसंख्या आयोग का गठन तथा राज्य-स्तरीय आयोगों की सिफारिश।
    • संक्रामक रोग नियंत्रण तथा घर-घर प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं।​

9. भारत की जनगणना 2011 के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-से राज्य/केंद्र शासित प्रदेश साक्षरता दर के सही अवरोही क्रम को दर्शाते हैं? [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) केरल, लक्षद्वीप, मिजोरम
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की साक्षरता दर का अवरोही क्रम (प्रश्नगत विकल्पों में) है
  • केरल (94.0 प्रतिशत), लक्षद्वीप (91.8 प्रतिशत) और मिजोरम (91.3 प्रतिशत)।
  • शीर्ष 10 साक्षर इकाइयाँ
    • केरल: 94.00%​
    • लक्षद्वीप: 91.85%​
    • मिजोरम: 91.33%​
    • गोवा: 88.70%​
    • त्रिपुरा: 87.22%​
    • दमन और दीव: 87.10%​
    • अंडमान और निकोबार द्वीप: 86.63%​
    • दिल्ली: 86.21%​
    • चंडीगढ़: 86.05%​
    • पुडुचेरी: 85.85%​
  • निचले 5 साक्षर इकाइयाँ
    • बिहार: 61.80% (सबसे कम)​
    • अरुणाचल प्रदेश: 65.38%​
    • राजस्थान: 66.11%​
    • झारखंड: 66.41%​
    • आंध्र प्रदेश: 67.02%​
  • पूर्ण क्रम की मुख्य विशेषताएँ
    • केरल राज्य के रूप में प्रथम तथा लक्षद्वीप केंद्र शासित प्रदेश के रूप में प्रथम स्थान पर रहा।
    • बिहार सबसे निचले पायदान पर था
    • दादरा और नगर हवेली केंद्र शासित प्रदेशों में न्यूनतम साक्षरता दर वाला था।
    • यह आंकड़े 7 वर्ष से अधिक आयु वर्ग पर आधारित हैं।​

10. 2011 में भारत की जनसंख्या का कितना प्रतिशत मुस्लिम धर्म से संबंधित था? [CHSL (T-I) 9 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) 14.2%
Solution:
  • जनगणना 2011 के अनुसार, भारत की जनसंख्या का 79.8 प्रतिशत जनसंख्या हिंदू धर्म से संबंधित है
  • जबकि 14.2 प्रतिशत जनसंख्या मुस्लिम धर्म से संबंधित है।
  •  यह आंकड़ा आधिकारिक स्रोतों से लिया गया है
  • जिसमें कुल जनसंख्या 1,210,854,977 थी और मुस्लिमों की संख्या लगभग 172.2 मिलियन।​
  • विस्तृत आंकड़े
    • जनगणना 2011 में मुस्लिम आबादी 2001 के 13.4% से बढ़कर 14.2% हो गई
    • जो 24.6% की वृद्धि दर दर्शाती है
    • राष्ट्रीय औसत 17.7% से अधिक।
    • हिंदू आबादी 79.8% थी
    • जबकि अन्य धर्मों में ईसाई 2.3%, सिख 1.7%, बौद्ध 0.7%, जैन 0.4% शामिल थे।​
  • प्रमुख राज्य
    • उत्तर प्रदेश (19.3%), पश्चिम बंगाल (27%),
    • बिहार (16.9%) में मुस्लिम आबादी का सबसे अधिक संकेंद्रण था।
    • अन्य राज्यों जैसे केरल (26.6%), जम्मू-कश्मीर (68.3%),
    • दिल्ली (12.9%) में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई।​