Correct Answer: (c) दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना
Solution:- दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना 'ग्रामीण गरीब युवाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और वैश्विक रूप से प्रासंगिक कार्यबल में बदलने' के लिए एक कौशल और प्लेसमेंट पहल है। इसकी शुरुआत 25 सितंबर, 2014 को हुई थी।
- योजना का उद्देश्य
- यह योजना विशेष रूप से 15-35 वर्ष (विशेष श्रेणियों के लिए 35-45 वर्ष) आयु वर्ग के ग्रामीण गरीब युवाओं को लक्षित करती है
- जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 40,000 रुपये से कम हो।
- इसका मुख्य लक्ष्य इन्हें उद्योग-प्रासंगिक कौशल प्रशिक्षण देकर उच्च वेतन वाली नौकरियों में स्थापित करना है
- वे वैश्विक रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धी बन सकें।
- योजना के तहत 70% प्रशिक्षित युवाओं को न्यूनतम 6 महीने का रोजगार सुनिश्चित किया जाता है
- जिसमें वेतन 8,000 रुपये प्रति माह से अधिक होता है।
- NRLM से संबंध
- DDU-GKY राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) का एक प्रमुख घटक है
- जो स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से ग्रामीण गरीबी उन्मूलन पर केंद्रित है।
- NRLM की व्यापक परिकल्पना ग्रामीण परिवारों को संगठित कर स्थायी आजीविका प्रदान करना है
- जबकि DDU-GKY विशेष रूप से युवाओं के कौशल विकास पर फोकस करता है।
- यह NRLM के "कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार" घटक को मजबूत बनाता है।
- कार्यान्वयन संरचना
- प्रशिक्षण भागीदार: SERP, UPSRLM जैसे राज्य-स्तरीय मिशन और प्रशिक्षण प्रदाताओं द्वारा संचालित।
- प्रशिक्षण मोडल: Residential (आवासीय), Non-residential, और विशेष कोर्स (कृषि, हॉस्पिटैलिटी, IT, लॉजिस्टिक्स आदि)।
- प्लेसमेंट: 70% प्लेसमेंट अनुपात अनिवार्य, जिसमें 50% स्थानीय रोजगार और शेष वैश्विक अवसर शामिल।
- वित्त पोषण: केंद्र सरकार 60% और राज्य 30% योगदान, शेष CSR/निजी क्षेत्र से। कुल बजट 6,000 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित।
- उपलब्धियां (जनवरी 2026 तक)
- योजना ने 14 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया है, जिनमें 10 लाख को रोजगार मिला।
- हरियाणा जैसे राज्यों (जैसे कैथल जिले) में स्थानीय युवाओं को कृषि-आधारित और सेवा क्षेत्रों में जोड़ा गया।
- COVID-19 के बाद डिजिटल कौशल पर जोर बढ़ा, जिससे रिटेंशन रेट 40% से अधिक हो गया।
- लाभार्थी चयन
- BPL/APL परिवारों से चयन, प्राथमिकता SC/ST/महिलाओं/दिव्यांगों को।
- काउंसलिंग, मोबिलाइजेशन और मूल्यांकन प्रक्रिया।
- SC/ST को 2 वर्ष अतिरिक्त प्लेसमेंट ट्रैकिंग।
- चुनौतियां और सुधार
- प्रारंभिक चुनौतियां जैसे कम प्लेसमेंट रेट को दूर करने के लिए 2016 में संशोधन हुए
- जिसमें 30% कोर्स फीस प्रदाता वहन करता है।
- अब AI-सक्षम ट्रैकिंग और ग्लोबल पार्टनरशिप (जैसे UAE, जापान) पर फोकस।