प्रमुख योजनाएं (अर्थव्यवस्था) (भाग-III)

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1. PMJJBY (प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना) योजना, एक प्रकार की ....... है। [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 24 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) जीवन बीमा योजना
Solution:
  • प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) एक बीमा योजना है, जो किसी भी कारण से मृत्यु के लिए जीवन बीमा कवर प्रदान करती है।
  • इस योजना का आरंभ कोलकाता से 9 मई, 2015 को किया गया।
  • योजना का उद्देश्य
    • यह योजना भारत सरकार द्वारा 2015 में शुरू की गई थी
    • जो बैंक या पोस्ट ऑफिस खाता धारकों को कम प्रीमियम पर 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर देती है।
    • इसका मुख्य लक्ष्य कम आय वाले परिवारों को बीमित व्यक्ति की मृत्यु पर आर्थिक सहायता पहुंचाना है
    • परिवार पर कोई बड़ा संकट न आए। यह जन धन योजना से जुड़ी तीन प्रमुख बीमा योजनाओं (PMJJBY, PMSBY, APY) में से एक है।
  • पात्रता मानदंड
    • उम्र: 18 से 50 वर्ष के बीच के व्यक्ति। 50 वर्ष से अधिक उम्र में नई सदस्यता नहीं ली जा सकती
    • लेकिन पहले से जुड़े सदस्यों का कवर 55 वर्ष तक जारी रहता है।
    • खाता: भाग लेने वाले बैंकों या पोस्ट ऑफिस में एकल या संयुक्त बचत खाता होना चाहिए।
    • एक व्यक्ति केवल एक खाते से ही योजना में शामिल हो सकता है।
    • आधार: खाते को आधार से लिंक करना अनिवार्य है। स्वास्थ्य प्रमाणपत्र या जांच की कोई जरूरत नहीं।​
  • कवरेज और लाभ
    • मृत्यु लाभ: बीमित व्यक्ति की किसी भी कारण से मृत्यु पर नामांकित व्यक्ति (नॉमिनी) को 2 लाख रुपये का भुगतान।
    • कोई परिपक्वता लाभ या निवेश घटक नहीं; यह शुद्ध मृत्यु-केवल कवर है।​
    • क्लेम रेट: 99% से अधिक, जो योजना की विश्वसनीयता दर्शाता है। अप्रैल 2023 तक 17 करोड़ से अधिक लोग जुड़े।​
  • नामांकन प्रक्रिया
    • अवधि: 1 जून से 31 मई तक का एक वर्षीय कवर, जो ऑटो-नवीनीकरण का विकल्प चुनने पर जारी रहता है।​
    • तरीका: बैंक शाखा या ऑनलाइन पोर्टल (https://www.pmjby.gov.in) पर फॉर्म भरें और ऑटो-डेबिट की सहमति दें।​
    • नवीनीकरण: हर साल 31 मई से पहले प्रीमियम जमा करें, अन्यथा कवर समाप्त।​
  • समाप्ति के कारण
    • 55 वर्ष की आयु पूरी होना।
    • खाता बंद होना या अपर्याप्त बैलेंस।
    • डुप्लिकेट कवर पर प्रीमियम जब्त।​
  • महत्वपूर्ण विशेषताएं
    • कोई चिकित्सा जांच नहीं।
    • सभी कारणों से मृत्यु कवर (प्राकृतिक, दुर्घटना आदि)।
    • LIC द्वारा संचालित, सभी सार्वजनिक/निजी बैंक शामिल।
    • लाभ केवल नॉमिनी को; कोई लोन या सरेंडर वैल्यू नहीं।​
    • यह योजना वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देती है और लाखों परिवारों को सुरक्षा का जाल प्रदान करती है।
    • अधिक जानकारी के लिए बैंक शाखा या आधिकारिक वेबसाइट देखें।

2. सर्व शिक्षा अभियान भारत सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसे 2001 में ....... प्राप्त करने के लिए शुरू किया गया था। [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 28 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) प्रारंभिक शिक्षा का सार्वभौमीकरण
Solution:
  • सर्व शिक्षा अभियान भारत सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है
  • जिसका उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा को 'समयबद्ध तरीके से' सार्वभौमिक बनाना है। इसे वर्ष 2001 में शुरू किया गया था।
  • यह अभियान 6 से 14 वर्ष की आयु वर्ग के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर केंद्रित है।
  • पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में नौवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान इसकी शुरुआत हुई
  • जो जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यक्रम (DPEP) की सफलता पर आधारित था।
  • उद्देश्य
    • सभी योग्य बच्चों का पूर्ण नामांकन सुनिश्चित करना, जिसमें लड़कियां, अनुसूचित जाति/जनजाति के बच्चे और विशेष आवश्यकता वाले बच्चे शामिल हैं।
    • ड्रॉपआउट दर को शून्य करना और प्रत्येक बच्चे को कम से कम पांच वर्ष की स्कूली शिक्षा पूरी करने में सहायता प्रदान करना।​
    • ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्कूलों की पहुंच बढ़ाना, जैसे हर 1 किमी में प्राथमिक स्कूल और हर 3 किमी में उच्च प्राथमिक स्कूल।​
  • प्रमुख विशेषताएं
    • समुदाय स्वामित्व: स्थानीय समुदायों को योजना के नियोजन, प्रबंधन और निगरानी में भागीदार बनाया गया है।​
    • लड़कियों की शिक्षा पर जोर: विशेष प्रोत्साहन योजनाएं, जैसे मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और छात्रवृत्ति।​
    • बुनियादी ढांचा विकास: नए स्कूल खोलना, अतिरिक्त कक्षाएं बनाना, शौचालय, पीने का पानी और शिक्षक प्रशिक्षण।
    • गुणवत्ता सुधार: कंप्यूटर शिक्षा, जीवन कौशल और पैरेंट-टीचर एसोसिएशन (PTA) की स्थापना।​
  • कानूनी आधार
    • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A (2002 में जोड़ा गया) ने 6-14 वर्ष के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाया
    • जिसे SSA ने प्रभावी रूप से लागू किया। 2009 का RTE (Right to Education) अधिनियम SSA का कानूनी विस्तार है
    • जो 25% आरक्षण निजी स्कूलों में भी सुनिश्चित करता है।
  • उपलब्धियां
    • SSA ने नामांकन दर को 96% से अधिक बढ़ाया और लिंग समानता सूचकांक में सुधार किया।
    • ग्रामीण क्षेत्रों में 1.5 मिलियन से अधिक स्कूल स्थापित हुए
    • ड्रॉपआउट दर घटी, और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा बढ़ी।
    • हालांकि, गुणवत्ता और शिक्षक कमी जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं।
  • वर्तमान स्थिति (2026 तक)
    • SSA को समग्र शिक्षा अभियान (Samagra Shiksha Abhiyan) में विलय कर दिया गया है
    • जो प्री-स्कूल से सीनियर सेकेंडरी तक कवरेज प्रदान करता है।
    • केंद्र और राज्य सरकारें 90:10 के अनुपात में धनराशि साझा करती हैं।
    • यह योजना भारत को सतत विकास लक्ष्य (SDG 4) की ओर ले जा रही है।

3. अटल भूजल योजना (अटल जल) को स्थायी ....... प्रबंधन पर लक्षित किया गया है। [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 28 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) भूजल
Solution:
  • अटल भूजल योजना (अटल जल) का मुख्य उद्देश्य चिह्नित राज्यों में चुनिंदा जल संकट क्षेत्रों में भूजल संसाधनों के प्रबंधन में सुधार करना है।
  • योजना का परिचय
    • अटल भूजल योजना (Atal Bhujal Yojana) को 25 दिसंबर 2019 को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग द्वारा लॉन्च किया गया।
    • यह विश्व बैंक समर्थित केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसकी कुल लागत 6,000 करोड़ रुपये है
    • जिसमें विश्व बैंक का योगदान 3,000 करोड़ और शेष भारत सरकार का है।
    • योजना का मुख्य फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल की कमी वाले इलाकों में समुदाय-आधारित प्रबंधन को बढ़ावा देना है।
  • उद्देश्य
    • योजना का प्राथमिक लक्ष्य चयनित क्षेत्रों में भूजल संसाधनों के प्रबंधन में सुधार लाना है।
    • यह स्थायी भूजल प्रबंधन के लिए सामुदायिक स्तर पर व्यवहार परिवर्तन लाने, संस्थागत ढांचे को मजबूत करने और केंद्र-राज्य योजनाओं के अभिसरण पर केंद्रित है।
    • विशेष रूप से, यह मांग-पक्ष प्रबंधन (जैसे सूक्ष्म सिंचाई, फसल विविधीकरण) पर जोर देती है ताकि उपलब्ध भूजल का कुशल उपयोग हो।
  • कार्यान्वयन क्षेत्र
    • यह योजना 7 राज्यों—गुजरात, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र—के 8,220 ग्राम पंचायतों में लागू हो रही है
    • जो कुल 80 जिलों के भूजल-तनावग्रस्त ब्लॉकों को कवर करते हैं।
    • इन क्षेत्रों का चयन भूजल की कमी, कृषि-निर्भरता और सामाजिक-आर्थिक स्थिति के आधार पर किया गया। हरियाणा में कैथल जैसे जिले भी इससे लाभान्वित हो रहे हैं।
  • प्रमुख घटक
  • संस्थागत मजबूती और क्षमता निर्माण
    • राज्यों में भूजल निगरानी नेटवर्क को मजबूत करना, जल उपयोगकर्ता समूहों का गठन, डेटा संग्रहण-विश्लेषण और हितधारकों का प्रशिक्षण।
    • पंचायत स्तर पर जल सुरक्षा योजनाएं (Water Security Plans) तैयार की जाती हैं।​
  • समुदाय भागीदारी
    • ग्राम सभाओं, पंचायतों और स्थानीय समुदायों को शामिल कर जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं।
    • व्यवहार परिवर्तन के लिए कार्यशालाएं, ट्रेनिंग और निगरानी समितियां बनाई जाती हैं।
  • योजनाओं का अभिसरण
    • मौजूदा योजनाओं जैसे जल जीवन मिशन, मानव जल संचय, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना आदि के साथ समन्वय।
    • इससे धन का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित होता है।
  • उपलब्धियां और प्रगति
    • 2025 तक योजना के तहत हजारों जल संकटग्रस्त पंचायतों में सुधार दर्ज किया गया है।
    • राष्ट्रीय स्तर की समीक्षा समितियां प्रगति पर नजर रखती हैं
    • राज्यों को जल सुरक्षा योजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए जाते हैं।
    • यह स्केलेबल मॉडल है जो पूरे देश में विस्तार योग्य है।
  • चुनौतियां
    • भूजल पुनर्भरण बढ़ाना, जल उपयोग दक्षता सुधारना और राज्य-विशिष्ट संस्थागत ढांचे विकसित करना प्रमुख चुनौतियां हैं।
    • हालांकि, समुदाय-आधारित दृष्टिकोण से लंबे समय में स्थिरता संभव है।​
  • भविष्य की दिशा
    • योजना 2026 तक जारी रहेगी, और सफल ब्लॉकों को अन्य क्षेत्रों में प्रतिकृति दी जाएगी।
    • यह भारत के सतत विकास लक्ष्यों (SDG 6: स्वच्छ जल और स्वच्छता) से जुड़ी है।

4. ....... का उद्देश्य, शेल्टर फॉर अर्बन होमलेस (SUH) योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से शहरी बेघरों को आवश्यक सेवाओं सहित स्थायी आवास प्रदान करना है। [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 29 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन
Solution:
  • राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (NULM) का उद्देश्य चरणबद्ध तरीके से शहरी बेघर लोगों को आवश्यक सेवाओं से सुसज्जित आश्रय उपलब्ध कराना है।
  • एन.यू.एल.एम. योजना 23 सितंबर, 2013 को आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा शुरू की गई थी।
  • इसने स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना को प्रतिस्थापित किया था। फरवरी, 2016 में NULM को DAY-NULM में पुनर्संरचित कर दिया गया है।
  • योजना का उद्देश्य
    • SUH योजना का प्राथमिक लक्ष्य शहरी समाज के सबसे गरीब वर्ग, विशेष रूप से बेघर लोगों को 24x7 उपलब्ध स्थायी आश्रय उपलब्ध कराना है।
    • यह योजना शहरी बेघरों की पहचान, उनके लिए आश्रय निर्माण और सेवाओं का प्रावधान करती है
    • जिसमें विशेष रूप से कमजोर समूह जैसे बच्चे, वृद्ध, विकलांग, मानसिक रोगी और गंभीर बीमारियों से उबर रहे लोग शामिल हैं।
    • योजना के तहत आश्रयों में बुनियादी ढांचा जैसे पानी की आपूर्ति, शौचालय, सुरक्षा और चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जाती है, ताकि बेघर लोग सड़कों पर न रहें।
  • कार्यान्वयन और कवरेज
    • यह योजना सभी जिला मुख्यालयों और 1 लाख से अधिक आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में लागू की जाती है।
    • प्रत्येक 1 लाख शहरी आबादी के लिए कम से कम 100 व्यक्तियों के लिए स्थायी सामुदायिक आश्रय का प्रावधान है
    • जिसमें प्रति आश्रय न्यूनतम 50 व्यक्तियों की क्षमता होनी चाहिए।
    • राज्य सरकारें या शहरी स्थानीय निकाय (ULBs) इन आश्रयों का निर्माण और संचालन करते हैं
    • NGOs या अन्य एजेंसियों के माध्यम से भी संचालित किया जा सकता है।
    • आश्रयों की लोकेशन रेलवे स्टेशन, बस डिपो, बाजार आदि बेघरों के एकत्रित होने वाले स्थानों के निकट रखी जाती है।
  • सुविधाएं और सेवाएं
    • आश्रयों में निम्नलिखित आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाती हैं:
    • आवास: दिन-रात उपलब्ध स्थायी कमरे, बिस्तर और लॉकर।
    • स्वास्थ्य: प्राथमिक चिकित्सा, दवा और विशेषज्ञ सेवाओं का लिंकेज।
    • खान-पान: गर्म भोजन, पेयजल और रसोई सुविधा।
    • स्वच्छता: स्नानघर, शौचालय और कपड़े धोने की व्यवस्था।
    • सुरक्षा: CCTV, सुरक्षा गार्ड और विशेष क्षेत्र कमजोर वर्गों के लिए।
    • विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और विकलांगों के लिए अलग सेक्शन बनाए जाते हैं
    • शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार लिंकेज भी उपलब्ध कराया जाता है।​
  • वित्त पोषण और केंद्र सरकार का योगदान
    • केंद्र सरकार निर्माण लागत का 60% (प्रति आश्रय अधिकतम ₹1 करोड़ तक) वहन करती है
    • जबकि राज्य/ULBs शेष 40% प्रदान करते हैं। संचालन के लिए अलग से फंडिंग होती है।
    • योजना NUHM और अन्य योजनाओं से अभिसरण करती है।
    • 2015 के संशोधन के बाद क्षमता मानदंडों को लचीला बनाया गया।​
  • उपलब्धियां और चुनौतियां
    • 2016 तक कई राज्यों जैसे दिल्ली, ओडिशा, असम में सैकड़ों आश्रय निर्मित हो चुके थे।
    • हालांकि, कार्यान्वयन में भूमि उपलब्धता, रखरखाव और जागरूकता की चुनौतियां बनी हुई हैं।
    • यह योजना शहरी गरीबी उन्मूलन का महत्वपूर्ण कदम है, जो बेघरों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने पर केंद्रित है।

5. योजना आयोग पंचवर्षीय योजनाओं के निर्माण, कार्यान्वयन और विनियमन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान देता है। किस वर्ष योजना आयोग को नीति (NITI) आयोग नामक थिंक टैंक द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 1 दिसंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) 2015
Solution:
  • योजना आयोग पंचवर्षीय योजनाओं के निर्माण, कार्यान्वयन और विनियमन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान देता था।
  • वर्ष 2015 में योजना आयोग को नीति (NITI) आयोग नामक थिंक टैंक द्वारा प्रतिस्थापित किया गया था।
  • योजना आयोग का परिचय
    • योजना आयोग की स्थापना 15 मार्च 1950 को भारत सरकार के एक प्रस्ताव द्वारा की गई थी।
    • यह पंचवर्षीय योजनाओं के निर्माण, कार्यान्वयन और विनियमन के लिए जिम्मेदार था
    • जिसमें आर्थिक विकास, संसाधन आवंटन और लक्ष्य निर्धारण जैसे कार्य शामिल थे।
    • प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते थे, और यह केंद्रीकृत योजना मॉडल पर आधारित था जो ऊपर से नीचे की दिशा में काम करता था।
  • NITI आयोग की स्थापना
    • NITI आयोग (नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया) की स्थापना 1 जनवरी 2015 को हुई
    • जिसने योजना आयोग को पूरी तरह प्रतिस्थापित कर दिया। यह बदलाव नरेंद्र मोदी सरकार के पहले वर्ष में हुआ
    • जो विकेंद्रीकृत शासन और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने का प्रयास था।
    • लगभग 65 वर्षों बाद यह परिवर्तन आया, जब भारत एक उभरती वैश्विक अर्थव्यवस्था बन चुका था।
  • प्रमुख कारण और अंतर
    • योजना आयोग केंद्रीकृत था, जहां केंद्र राज्यों के लिए अनिवार्य लक्ष्य तय करता और धन आवंटित करता
    • जबकि NITI आयोग नीचे से ऊपर के दृष्टिकोण पर जोर देता है। NITI थिंक टैंक के रूप में कार्य करता है
    • जो राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और हितधारकों से परामर्श लेकर नीतियां बनाता है।
    • यह गतिशील वैश्विक जरूरतों के अनुरूप नीति निर्माण, निगरानी और नवाचार पर फोकस करता है, न कि केवल आर्थिक योजनाओं पर।
  • NITI आयोग की विशेषताएं
    • विकेंद्रीकरण और सहकारी संघवाद: राज्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करता है।​
    • ज्ञान केंद्र: स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सलाह देता है।​
    • नवाचार प्रोत्साहन: अटल इनोवेशन मिशन (AIM) जैसे प्लेटफॉर्म चलाता है।​
    • निगरानी उपकरण: SDG इंडेक्स, इंडिया एनर्जी डैशबोर्ड जैसी प्रगति ट्रैकिंग प्रणालियां।​
    • NITI आयोग अधिकतम शासन और न्यूनतम सरकार की अवधारणा को मजबूत करता है।​
  • पंचवर्षीय योजनाओं का अंत
    • पंचवर्षीय योजनाएं योजना आयोग के तहत 1951 से 2014 तक चलीं, कुल 12 योजनाएं पूरी हुईं।
    • NITI आयोग के आने के बाद इन्हें बंद कर रणनीतिक नीतियों जैसे 15-वर्षीय विजन, 7-वर्षीय रणनीति और 3-वर्षीय कार्य योजनाओं से बदल दिया गया।
    • यह बदलाव भारत की बदलती अर्थव्यवस्था को अधिक लचीला बनाने के लिए था।

6. सांसद आदर्श ग्राम योजना का लक्ष्य मार्च, 2019 तक ....... आदर्श ग्राम विकसित करना था। [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 1 दिसंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) तीन
Solution:
  • सांसद आदर्श ग्राम योजना एक ग्राम विकास कार्यक्रम है, जिसका लक्ष्य मार्च, 2019 तक 'तीन' आदर्श ग्राम विकसित करना था।
  • वर्ष 2024 तक ऐसे पांच आदर्श ग्रामों का चयन और विकास का लक्ष्य रखा गया है।
  • योजना का परिचय
    • सांसद आदर्श ग्राम योजना को 11 अक्टूबर 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोक नायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में लॉन्च किया गया।
    • यह ग्रामीण विकास मंत्रालय की एक अनूठी पहल है, जो महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सिद्धांतों से प्रेरित है।
    • योजना का उद्देश्य सांसदों के नेतृत्व में ग्राम पंचायतों को आदर्श गांवों के रूप में बदलना है
    • जहां सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन, बुनियादी ढांचा और सामुदायिक मूल्यों का समावेश हो।
  • समयबद्ध लक्ष्य
    • मार्च 2019 तक प्रत्येक सांसद को तीन आदर्श ग्राम विकसित करने का लक्ष्य था
    • जिसमें से पहला गांव 2016 तक, दूसरा 2017-18 तक और तीसरा 2019 तक पूरा होना था।
    • इसके बाद, 2019 से 2024 तक प्रति वर्ष पांच अतिरिक्त आदर्श ग्राम चुनकर विकसित करने का प्लान था, जिससे कुल आठ गांव प्रति सांसद बनें।
    • कुल मिलाकर, योजना से 2024 तक लगभग 2,500 से अधिक गांवों को कवर करने का इरादा था, क्योंकि देश में सांसदों की संख्या को ध्यान में रखा गया।
  • चयन प्रक्रिया
    • सांसद अपने निर्वाचन क्षेत्र (लोकसभा या राज्यसभा) से ग्राम पंचायत चुन सकते थे
    • लेकिन अपने गांव, पति/पत्नी के गांव या रिश्तेदारों के गांव को नहीं।
    • प्राथमिकता पिछड़े, अनुसूचित जाति/जनजाति बहुल या 1,000 से कम आबादी वाले गांवों को दी गई।
    • चयनित पंचायत का विकास ग्राम सभा की भागीदारी से योजना-आधारित होना था।
  • विकास के प्रमुख क्षेत्र
    • योजना में गांवों का समग्र विकास पर जोर दिया गया:
    • बुनियादी ढांचा: स्वच्छ पानी, बिजली, सड़कें, स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, शौचालय (स्वच्छ भारत अभियान से लिंक)।​
    • आर्थिक विकास: कृषि, पशुपालन, कुटीर उद्योग, रोजगार सृजन, कौशल प्रशिक्षण।
    • सामाजिक मूल्य: राष्ट्रीय गौरव, देशभक्ति, सामुदायिक सहभागिता, अंत्योदय (गरीबों का उत्थान), महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समावेश।
    • ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 127 केंद्रीय/केंद्र प्रायोजित योजनाओं और 1,806 राज्य योजनाओं को SAGY से जोड़ा।​
    • कार्यान्वयन तंत्र
    • सांसद ग्राम विकास योजना तैयार करते, जिसे ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित किया जाता।
    • संसदीय समिति, मॉनिटरिंग कमेटी और ऑनलाइन पोर्टल (sagy.gov.in) से ट्रैकिंग।
    • फंडिंग: सांसद निधि (MPLADS), केंद्र/राज्य योजनाएं, निजी दान। सांसद व्यक्तिगत रूप से नेतृत्व करते।​
  • उपलब्धियां और चुनौतियां
    • योजना शुरूआती वर्षों में उत्साहजनक रही, लेकिन 2019 तक केवल कुछ सांसदों ने लक्ष्य पूरा किया।
    • 2019 के आंकड़ों में केवल 252 सांसदों ने तीसरा गांव चुना।
    • चुनौतियां: सांसदों की उदासीनता, फंडिंग सीमाएं, मॉनिटरिंग की कमी।
    • फिर भी, कई गांवों में उल्लेखनीय प्रगति हुई, जैसे बेहतर बुनियादी सुविधाएं।​
  • वर्तमान स्थिति (2026 तक)
    • 2024 के लक्ष्य के बाद योजना जारी रही, लेकिन आधिकारिक आंकड़े सीमित।
    • यह ग्रामीण मॉडल गांवों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी। सांसद अब भी नए गांव गोद ले सकते हैं।

7. मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना किस राज्य में शुरू की गई है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 1 दिसंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) झारखंड
Solution:
  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और 2024 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए
  • 'झारखंड' सरकार द्वारा 10 अगस्त, 2020 को 'मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना' शुरू की गई।
  • योजना का उद्देश्य
    • झारखंड सरकार ने इस योजना के माध्यम से किसानों को खरीफ एवं अन्य फसलों के लिए प्रति एकड़ 5,000 रुपये की सहायता देने का लक्ष्य रखा।
    • यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है, ताकि वे बीज, खाद और अन्य कृषि इनपुट खरीद सकें।
    • योजना से राज्य के लगभग 35 लाख किसानों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया
    • जिसमें पहले प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के साथ जोड़कर न्यूनतम 11,000 से अधिकतम 31,000 रुपये सालाना देने की बात कही गई।
  • पात्रता मानदंड
    • योजना का लाभ झारखंड के लघु एवं सीमांत किसानों को मिलता है, जिनके पास अधिकतम 5 एकड़ तक कृषि योग्य भूमि हो।
    • किसान का झारखंड का मूल निवासी होना आवश्यक है, और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर अतिरिक्त भूमि न होना चाहिए।
    • पंजीकरण कृषि विभाग के माध्यम से होता है, जिसमें आधार कार्ड, बैंक खाता और भूमि दस्तावेजों की जांच की जाती है।​
  • लाभ वितरण प्रक्रिया
    • योजना का शुभारंभ 10 अगस्त 2019 को उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू के हाथों किया गया।
    • पहली किस्त के तहत 15 लाख किसानों को राशि दी गई, जो लगभग 452 करोड़ रुपये की थी।
    • दूसरी किस्त दिवाली से पहले 23 अक्टूबर 2019 को गिरिडीह में वितरित की गई, और बाकी किस्तें दिसंबर तक पूरी हो गईं।
    • वितरण के लिए जिलों में 24 घंटे डेटा एंट्री और सत्यापन की टीमें लगाई गईं।
  • योजना का प्रभाव
    • इससे किसानों को साहूकारों के चक्कर से मुक्ति मिली और कृषि विकास दर में सुधार हुआ
    • 2013-14 में -4.5% से बढ़कर 14.2% हो गई।
    • योजना ने खरीफ फसलों पर विशेष फोकस किया, जिससे उत्पादकता और आय में वृद्धि हुई।
    • हालांकि, बाद के वर्षों में इसकी स्थिति (जारी या संशोधित) पर आधिकारिक अपडेट की पुष्टि के लिए झारखंड कृषि विभाग की वेबसाइट जांचें।
  • अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
    • योजना का नाम कभी-कभी 'मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना' या 'MMKAY' के रूप में भी जाना जाता है।​
    • यह डबल इंजन सरकार (केंद्र-राज्य) की पहल का हिस्सा थी, जो PM किसान योजना के पूरक के रूप में कार्य करती है।​
    • हजारीबाग जैसे जिलों में स्थानीय प्रशासन ने पंजीकरण और वितरण का प्रबंधन किया।​

8. ' ग्रामीण गरीब युवाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और विश्व स्तर पर प्रासंगिक कार्यबल में बदलना' किस ग्रामीण आजीविका मिशन की परिकल्पना है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 2 दिसंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना
Solution:
  • दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना 'ग्रामीण गरीब युवाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और वैश्विक रूप से प्रासंगिक कार्यबल में बदलने' के लिए एक कौशल और प्लेसमेंट पहल है। इसकी शुरुआत 25 सितंबर, 2014 को हुई थी।
  • योजना का उद्देश्य
    • यह योजना विशेष रूप से 15-35 वर्ष (विशेष श्रेणियों के लिए 35-45 वर्ष) आयु वर्ग के ग्रामीण गरीब युवाओं को लक्षित करती है
    • जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 40,000 रुपये से कम हो।
    • इसका मुख्य लक्ष्य इन्हें उद्योग-प्रासंगिक कौशल प्रशिक्षण देकर उच्च वेतन वाली नौकरियों में स्थापित करना है
    • वे वैश्विक रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धी बन सकें।
    • योजना के तहत 70% प्रशिक्षित युवाओं को न्यूनतम 6 महीने का रोजगार सुनिश्चित किया जाता है
    • जिसमें वेतन 8,000 रुपये प्रति माह से अधिक होता है।
  • NRLM से संबंध
    • DDU-GKY राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) का एक प्रमुख घटक है
    • जो स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से ग्रामीण गरीबी उन्मूलन पर केंद्रित है।
    • NRLM की व्यापक परिकल्पना ग्रामीण परिवारों को संगठित कर स्थायी आजीविका प्रदान करना है
    • जबकि DDU-GKY विशेष रूप से युवाओं के कौशल विकास पर फोकस करता है।
    • यह NRLM के "कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार" घटक को मजबूत बनाता है।
  • कार्यान्वयन संरचना
    • प्रशिक्षण भागीदार: SERP, UPSRLM जैसे राज्य-स्तरीय मिशन और प्रशिक्षण प्रदाताओं द्वारा संचालित।
    • प्रशिक्षण मोडल: Residential (आवासीय), Non-residential, और विशेष कोर्स (कृषि, हॉस्पिटैलिटी, IT, लॉजिस्टिक्स आदि)।
    • प्लेसमेंट: 70% प्लेसमेंट अनुपात अनिवार्य, जिसमें 50% स्थानीय रोजगार और शेष वैश्विक अवसर शामिल।
    • वित्त पोषण: केंद्र सरकार 60% और राज्य 30% योगदान, शेष CSR/निजी क्षेत्र से। कुल बजट 6,000 करोड़ रुपये से अधिक आवंटित।
  • उपलब्धियां (जनवरी 2026 तक)
    • योजना ने 14 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया है, जिनमें 10 लाख को रोजगार मिला।
    • हरियाणा जैसे राज्यों (जैसे कैथल जिले) में स्थानीय युवाओं को कृषि-आधारित और सेवा क्षेत्रों में जोड़ा गया।
    • COVID-19 के बाद डिजिटल कौशल पर जोर बढ़ा, जिससे रिटेंशन रेट 40% से अधिक हो गया।​
  • लाभार्थी चयन
    • BPL/APL परिवारों से चयन, प्राथमिकता SC/ST/महिलाओं/दिव्यांगों को।
    • काउंसलिंग, मोबिलाइजेशन और मूल्यांकन प्रक्रिया।
    • SC/ST को 2 वर्ष अतिरिक्त प्लेसमेंट ट्रैकिंग।
  • चुनौतियां और सुधार
    • प्रारंभिक चुनौतियां जैसे कम प्लेसमेंट रेट को दूर करने के लिए 2016 में संशोधन हुए
    • जिसमें 30% कोर्स फीस प्रदाता वहन करता है।
    • अब AI-सक्षम ट्रैकिंग और ग्लोबल पार्टनरशिप (जैसे UAE, जापान) पर फोकस।​

9. किस सरकारी योजना का मुख्य उद्देश्य 'ग्रामीण गरीब युवाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और विश्व स्तर पर प्रासंगिक कार्यबल में बदलना' है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 15 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना
Solution:
  • दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना 'ग्रामीण गरीब युवाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और वैश्विक रूप से प्रासंगिक कार्यबल में बदलने' के लिए एक कौशल और प्लेसमेंट पहल है। इसकी शुरुआत 25 सितंबर, 2014 को हुई थी।
  • ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 25 सितंबर 2014 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर शुरू की गई।
  • योजना का उद्देश्य
    • योजना का मूल विजन ग्रामीण गरीब युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें स्थायी रोजगार प्रदान करना है
    • वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें। यह विशेष रूप से 15-35 वर्ष आयु वर्ग के ग्रामीण युवाओं को लक्षित करती है
    • जिसमें SC/ST, अल्पसंख्यक और कमजोर वर्गों पर फोकस रहता है। प्रशिक्षण प्लेसमेंट-आधारित होता है
    • जो वैश्विक स्तर की नौकरियों (जैसे पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, खुदरा और आईटी) के लिए तैयार करता है।
  • प्रमुख विशेषताएं
    • प्लेसमेंट-लिंक्ड ट्रेनिंग: 60-70% प्रशिक्षित युवाओं को न्यूनतम 6 महीने का रोजगार सुनिश्चित।​
    • उद्योग भागीदारी: निजी कंपनियां प्रशिक्षण और प्लेसमेंट करती हैं।
    • हाशिए पर समूहों को प्राथमिकता: 50% महिलाओं, 25% SC/ST और 15% अल्पसंख्यकों का कोटा।​
    • डिजिटल और सॉफ्ट स्किल्स: भाषा, कंप्यूटर और संचार कौशल पर जोर।​
  • कार्यान्वयन संरचना
    • योजना राज्य ग्रामीण आजीविका मिशनों (SRLMs) के माध्यम से चलाई जाती है
    • जो प्रोजेक्ट इंप्लीमेंटेशन एजेंसियों (PIAs) के साथ समन्वय करती हैं। प्रशिक्षण केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित होते हैं
    • ट्रैकिंग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म (पायनियर) का उपयोग होता है। केंद्र सरकार 60-75% फंडिंग देती है, शेष राज्य वहन करते हैं।
  • उपलब्धियां और प्रभाव
    • 2014 से अब तक लाखों युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है, जिसमें उच्च प्लेसमेंट दर (70%+) शामिल है।
    • यह ग्रामीण गरीबी कम करने और प्रवास रोकने में सहायक रही।
    • उदाहरणस्वरूप, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में हजारों युवाओं को कॉर्पोरेट जॉब्स मिले।
    • 2026 तक योजना का विस्तार जारी है, जिसमें हरे रोजगार पर फोकस बढ़ा।
  • पात्रता और आवेदन
    • ग्रामीण गरीब परिवार (BPL/APL सूची में)।
    • आयु: 15-35 वर्ष (कुछ श्रेणियों में 45 तक)।
    • न्यूनतम 5वीं पास। आवेदन SRLM पोर्टल या ग्राम पंचायत के माध्यम से।

10. निम्नलिखित में से कौन-सा मंत्रालय 'पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन स्कीम' के लिए कार्यान्वयन मंत्रालय है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 2 दिसंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
Solution:
  • 'पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रेन स्कीम' 29 मई, 2021 को भारत के माननीय प्रधानमंत्री द्वारा बच्चों के लिए शुरू की गई थी।
  • यह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तहत कार्यान्वित है।
  • योजना का परिचय
    • पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन स्कीम को 29 मई 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था।
    • यह योजना कोविड-19 महामारी में माता-पिता, कानूनी अभिभावक या दत्तक माता-पिता दोनों को खोने वाले या केवल एक को खोने वाले बच्चों (0-18 वर्ष) के लिए है।
    • योजना का मुख्य उद्देश्य इन बच्चों को व्यापक देखभाल, शिक्षा, स्वास्थ्य बीमा और वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
  • कार्यान्वयन की जिम्मेदारी
    • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MWCD) इस योजना का नोडल मंत्रालय है
    • जो विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और जिला प्रशासनों के सहयोग से इसे लागू करता है।
    • जिला मजिस्ट्रेट बच्चों की पहचान, सत्यापन और सहायता सुनिश्चित करते हैं
    • जबकि मंत्रालय दिशानिर्देश जारी करता है।
    • योजना को पीएम केयर्स फंड से वित्त पोषित किया जाता है, जो आपात स्थितियों के लिए स्थापित है।
  • प्रमुख लाभ और सुविधाएँ
    • स्वास्थ्य सहायता: प्रत्येक बच्चे को पीएम-जय हेल्थ कार्ड मिलता है, जो 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज कवर करता है।​
    • शिक्षा समर्थन: मिशन वात्सल्य के तहत स्पॉन्सरशिप (1 अप्रैल 2022 से प्रति माह 4000 रुपये तक) और गैप फंडिंग।​
    • वित्तीय सहायता: 18 वर्ष की आयु पर 10 लाख रुपये का फंड, जिस पर मासिक ब्याज वजीफा के रूप में मिलता है; 23 वर्ष तक जारी।​
    • अन्य: अनुग्रह राशि (प्रति परिवार 50,000 रुपये प्रति अभिभावक), काउंसलिंग और पुनर्वास।​
    • योजना की समयसीमा को फरवरी 2022 में 28 फरवरी 2022 तक बढ़ाया गया था।​
  • पात्रता मानदंड
    • बच्चे 29 मार्च 2020 से 31 दिसंबर 2021 (बाद में बढ़ाई गई) के बीच कोविड-19 के कारण अभिभावक खो चुके हों।​
    • भारतीय नागरिक, अनाथालय या विशेष आवश्यकता वाले बच्चे शामिल।​
    • जिला स्तर पर आवेदन, ऑनलाइन पोर्टल pmcaresforchildren.in के माध्यम से।​
  • प्रगति और आंकड़े
    • 29 मई 2022 तक, योजना के तहत केंद्रीय क्षेत्र छात्रवृत्ति शुरू की गई।
    • विभिन्न राज्यों में हजारों आवेदन प्राप्त हुए
    • जैसे महाराष्ट्र (1511 आवेदन, 855 स्वीकृत) और उत्तर प्रदेश (1007 आवेदन, 467 स्वीकृत)। मंत्रालय नियमित आंकड़े जारी करता है
    • आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने पर काम कर रहा है।​​
  • अन्य विवरण
    • पीएम केयर्स फंड कोविड जैसी आपदाओं के लिए है
    • MWCD महिलाओं-बालिकाओं से जुड़ी अन्य योजनाओं (जैसे ICDS, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ) का भी संचालन करता है।
    • यह योजना संयुक्त दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसमें शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय भी सहयोग करते हैं।
    • विस्तृत जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट या जिला कार्यालय से संपर्क करें।