बहुउद्देश्यीय नदी घाटी परियोजनाएं (भारत का भूगोल)

Total Questions: 9

1. प्रसिद्ध हीराकुड (Hirakud) कैप्टिव थर्मल पॉवर प्लांट निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है? [MTS (T-I) 10 मई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) उड़ीसा
Solution:
  • प्रसिद्ध हीराकुड कैप्टिव थर्मल पॉवर प्लांट ओडिशा राज्य में इस पॉवर प्लांट के लिए सिविल कार्य सितंबर, 2010 में प्रारंभ हुआ तथा अप्रैल
  • 2013 में इससे वाणिज्यिक उत्पादन प्रारंभ हुआ।
  • पूरा विवरण
    • स्थिति: यह प्लांٹ Sambalpur जिले के Burla (Burla town) के पास Hirakud क्षेत्र में स्थित है, जोOdisha की राजधानी भुवनेश्वर से दूरी पर है.​
    • संचालक और उद्देश्य: यह कैप्टिव तापीय बिजली संयंत्र Hindalco Industries (Aditya Birla Group) के लिए ऊर्जा आपूर्ति करता है
    • Hindalco के Hirakud स्मेल्टर को बिजली देता है.​
    • क्षमता: स्थापित क्षमता लगभग 467.5 मेगावॉट है, जो इसे Odisha के प्रमुख कैप्टिव थर्मल पावर साइटों में से एक बनाती है.​
    • जल-सप्लाई और संसाधन: Hirakud Dam के पास स्थित होने से मीन नदी (Mahanadi) के Reservoir से पानी का उपयोग आसानी से किया जा सकता है
    • जो कूलिंग और अन्य संचालन के लिए लाभदायक है.​
    • पृष्ठभूमि: Hirakud बांध का इतिहास Odisha में बहुउद्देशीय परियोजनाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में जाना जाता है
    • बांध और बांध के जलाशय का क्षेत्र औद्योगिक विकास के लिए उपयुक्त माना गया है.​
    • आप इसके बारे में और उच्च-स्तरीय तकनीकी विवरण (जैसे कैप्टिव प्लांट का कॉन्ट्रैक्ट मॉडल, बैच-चालित बनाम क्रमिक चलन, या पर्यावरणीय मानक) चाहते हैं?

2. निम्न में से कौन-सा जानवर भारत में केवल गिर के जंगलों में पाया जाता है? [MTS (T-I) 04 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) एशियाई शेर
Solution:
  • एशियाई शेर गिर के जंगलों में पाया जाता है। गिर का जंगल गुजरात राज्य के अंतर्गत आता है।
  • पूरा विवरण
    • मौलिक पहचान: गिर जंगल एक ऐसे क्षेत्र के रूप में प्रसिद्ध है जहाँ एशियाई शेर (पैंथेरा leo persicus) एकमात्र प्राकृतिक आबादी के रूप में पाए जाते हैं।
    • यह एशियाई शेर की भारत-गुजरात सीमा के भीतर संरक्षित प्रवास का केंद्र है [गिर वन्यजीव अभ्यारण्य/गुजरात स्रोत]।
    • भौगोलिक विस्तार: गिर जंगल गुजरात के दक्षिण-पूर्वी भाग में स्थित है और प्रायद्वीप के दक्षिणी क्षेत्र में फैला है
    • जहाँ विशिष्ट संवर्धन-नियोजन के तहत शेरों की सुरक्षा की जाती है [गिर राष्ट्रीय उद्यान/गुजरात संदर्भ]।
    • जैव विविधता: गिर क्षेत्र में शेर के अलावा अन्य बड़े स्तनपायी भी रहते हैं
    • जैसे चीतों (अक्सर इतिहास में उल्लेखित, वर्तमान स्थिति स्थानीय संरक्षण के अनुसार बदलती है), सांभर हिरण, चीतल, नीलगाय आदि, साथ ही व्यापक पक्षी विविधता भी है
    • [गिर अभ्यारण्य/विकि-स्रोत]।
    • संरक्षण महत्त्व: गिर राष्ट्रीय उद्यान तथा गिर वन्यजीव अभयारण्य, एशिया का एकमात्र क्षेत्र माना जाता है
    • जहां शेर भारत-गुजरात सीमा के बाहर कुल-विशिष्ट आजीवन आबादी एक साथ मिलती है
    • इसे विश्व धरोहर और संरक्षण-संबंधी दृष्टिकोण से अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना जाता है [गिर संरक्षण स्रोत]।
    • इतिहास और वैज्ञानिक महत्त्व: गिर क्षेत्र की सुरक्षा से एशियाई शेरों की संख्या और स्थायित्व सुनिश्चित हुआ है
    • जो भारतीय उपमहाद्वीप में शेर-रक्षण के लिए एक प्रमुख मॉडल माना जाता है [गिर संरक्षण/इतिहास स्रोत]।
  • यदि चाहें, इस विषय पर निम्न बिंदुओं पर और गहराई से जानकारी दे सकता हूँ:
    • गिर शेरों के आबादी आंकड़े और ट्रेंड्स (हाल के दशक का आकलन)
    • गिर क्षेत्र के प्रमुख संरक्षण नीतियाँ और उनका प्रभाव
    • गिर के पर्यावरणीय चुनौतियाँ (जंगल का आर्द्रता-मान, मानव-वन्यजीव संघर्ष, आदि) और समाधान
    • गिर में पर्यटन का प्रभाव और उन्नत नियंत्रण उपाय

3. तीस्ता निम्न बांध (Teesta low dam) निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 28 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) पश्चिम बंगाल
Solution:
  • तीस्ता निम्न बांध (Teesta low dam) पश्चिम बंगाल राज्य में स्थित है। तीस्ता नदी ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी है।
  • स्थान विवरण
    • इसी प्रकार, तीस्ता लो डैम-IV 160 मेगावाट का है
    • जो कालीझोरा, कलिम्पोंग जिला में बना है।
    • ये परियोजनाएं रन-ऑफ-द-रिवर प्रकार की हैं
    • जो नदी के प्राकृतिक प्रवाह पर निर्भर करती हैं।​
  • अन्य तीस्ता बांधों से तुलना
    • तीस्ता नदी पर सिक्किम में अन्य बांध जैसे तीस्ता-V (डिक्चु, गंगटोक जिला) और तीस्ता-III (चुंगथांग, मंगन जिला) स्थित हैं
    • लेकिन "निम्न बांध" (Low Dam) श्रृंखला विशेष रूप से पश्चिम बंगाल तक नीचे की ओर है।​
  • महत्व और पृष्ठभूमि
    • यह बांध तीस्ता नदी के निचले हिस्से पर बने हैं, जो सिक्किम से होकर पश्चिम बंगाल पहुंचती है।
    • ये परियोजनाएं विद्युत उत्पादन के साथ-साथ सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण में सहायक हैं
    • हालांकि भारत-बांग्लादेश जल बंटवारे के विवाद से जुड़े हैं।
    • निर्माण NHPC द्वारा किया गया, और ये 2000 के दशक में चालू हुए।
  • सटीक स्थान
    • Teesta Low Dam - IV: कालीझोरा (Kalijhora), कालिम्पोंग जिला, पश्चिम बंगाल।
    • निर्देशांक: 26°56′02″N 88°26′49″E। यह तीस्ता बाजार गांव के पास तीस्ता ब्रिज से 18.3 किमी नीचे है।​
    • Teesta Low Dam - III: रंबी बाजार (Rambi Bazar), कालिम्पोंग जिला, पश्चिम बंगाल।
    • निर्देशांक: 27°00′07″N 88°26′26″E। जिला दार्जिलिंग (वर्तमान कालिम्पोंग)।​
  • पहुंच
    • निकटतम रेल स्टेशन: न्यू जलपाईगुड़ी। हवाई अड्डा: बागडोगरा। दोनों NHPC द्वारा संचालित हैं

4. निम्नलिखित में से किस औद्योगिक संयंत्र को भद्रावती नदी से जल आपूर्ति होती है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 28 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) विश्वेश्वरैया लौह एवं इस्पात संयंत्र
Solution:
  • विश्वेश्वरैया आयरन एंड स्टील प्लांट कर्नाटक राज्य के भद्रावती में स्थित है।
  • भद्रावती या भद्रा नदी से इसी संयंत्र को जल आपूर्ति की जाती है।
  • इस नदी का उद्गम कर्नाटक के चिकमंगलूर जिले में स्थित कुद्रेमुख के निकट पश्चिमी घाट है।
  • भद्रावती नदी से जल आपूर्ति होने वाले प्रमुख औद्योगिक संयंत्र के बारे में स्पष्ट जानकारी यही है
  • विश्वेश्वरैया लौह एवं इस्पात संयंत्र (Visvesvaraya Iron and Steel Plant, VISP) भद्रावती नदी से जल आपूर्ति प्राप्त करता है।
  • यह संयंत्र कर्नाटक के वाराणसी नहीं बल्कि भद्रावती जिले के आसपास स्थित है और इसे पूर्व में मैसूर आयरन वर्क्स के नाम से जाना जाता था
  • बाद में इसे सर एम. विश्वेश्वरैया के सम्मान में नामांकित किया गया।
  • इस्पात संयंत्र के जल स्रोत के रूप में भद्रावती नदी को प्रमुख स्थान दिया गया है
  • क्योंकि नदी इस क्षेत्र के लिए एक महत्त्वपूर्ण जल स्रोत मानी जाती है और औद्योगिक गतिविधियों के लिये पानी उपलब्ध करवाती है.​
  • नीचे कुछ मुख्य बिंदु दिए जा रहे हैं ताकि स्पष्टता बनी रहे:
    • संयंत्र का औपचारिक नाम: विश्वेश्वरैया लौह एवं इस्पात संयंत्र (Visvesvaraya Iron and Steel Plant, VISP).​
    • लोकेशन: कर्नाटक राज्य के भद्रावती (Bhadravati) शहर के पास, नदी के किनारे स्थित.​
    • जल आपूर्ति: भद्रावती नदी से पानी की आपूर्ति मुख्य पर्याय मानी जाती है, क्योंकि यह क्षेत्र के उद्योगों के लिये एक महत्त्वपूर्ण जल स्रोत है.​
    • ऐतिहासिक संदर्भ: इसे प्रारम्भ में मैसूर आयरन वर्क्स के रूप में स्थापित किया गया
    • बाद में विश्वेश्वरैया के नाम पर नामित किया गया; भारत के प्रमुख इंजीनियर सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का स्थानीय औद्योगीकरण से गहरा संबंध रहा है.​

5. इंदिरा सागर बहुउद्देशीय परियोजना किस राज्य में स्थित है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 29 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) मध्य प्रदेश
Solution:
  • इंदिरा सागर मध्य प्रदेश में एक बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना है।
  • इंदिरा सागर बांध नर्मदा नदी पर खंडवा जिले में नर्मदा नगर स्थान पर निर्मित है।
  • इस बांध की नींव वर्ष 1984 में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा रखी गई थी और मुख्य बांध का निर्माण वर्ष 1992 में शुरू हुआ।
  • स्थान और भूगोल
    • राज्य: मध्य प्रदेश
    • जिले/गाँव पास: खंडवा जिले के पुनासा के पास नर्मदा नदी पर स्थित है.​
    • यह बांध नर्मदा नदी basin में बना है और क्षेत्रीय जल संसाधन के लिए महत्त्वपूर्ण है.​
  • उद्देश्य और निर्माण
    • यह बहुउद्देशीय परियोजना है, जिसका उद्देश्य जल विद्युत उत्पादन, सिंचाई, जल आपूर्ति और बाढ़ नियंत्रण है.​
    • बांध का निर्माण/स्थिति:
    • मुख्य बांध और नदी-तट विद्युत संयंत्र (1,000 MW) का निर्माण पूरा हो चुका है और क्षेत्र में विद्युत उत्पादन एक प्रमुख आयाम है.​
    • Left Bank Canal (LBC) का भी बिजली संयंत्र मौजूद है और कृषि-irrigation के लिए नेटवर्क विकसित किया गया है.​
  • प्रबंधन एवं संचालन
    • NHDC (Narmada Water Resources Development Corporation) के द्वारा यह परियोजना संचालित होती है
    • मध्य प्रदेश के जल संसाधन योजना के अंतर्गत आती है.​
  • महत्त्वपूर्ण आँकड़े (संभाव्य)
    • स्थापित क्षमता: लगभग 1,000 मेगावाट (8 x 125 MW) का जलविद्युत यूनिट्स कॉन्फ़िगरेशन के साथ.​
  • जलाशय और सिंचाई
    • जलाशय की सतह तथा जीवित भंडारण क्षमता विभागीय दस्तावेजों में उल्लेखित है
    • स्थानीय कृषि के लिए LBC के माध्यम से बड़ी जमीन पर सिंचाई क्षमताएं जुड़ी हैं.​
  • ऐतिहासिक/समयरेखा:
    • आधारशिला 1980s में रखी गई, निर्माण 1990s में शुरू हुआ और 2000s में पूरा/ चालू स्थिति में आना बताया गया है
    • हालांकि समयरेखा स्रोत के अनुसार थोड़ा अलग हो सकती है.​
  • पर्यावरणीय/स्थानीय प्रभाव
    • नर्मदा नदी पर पड़ने वाला प्रभाव, क्षेत्रीय जलचक्र, और क्षेत्रीय कृषि-समृद्धि में योगदान महत्त्वपूर्ण माना गया है
    • इससे आसपास के khargone, barwani, khandwa जिलों में सिंचाई सुविधाएं बढ़ी हैं.​
  • क्यों यह जानकारी उपयोगी है
    • इतिहास/स्थापत्य के साथ-साथ इसके प्रमुख उद्देश्यों और उत्पादन की शक्ति समझने में मदद मिलती है।
    • मध्य प्रदेश के जल-प्रबंधन, सिंचाई और ऊर्जा रणनीति के संदर्भ में यह एक केंद्रीय केस स्टडी है।
    • अगर चाहें तो मैं स्थानीय संदर्भ (जिलेवार, जल-भंडारण क्षमता, और विद्युत उत्पादन के वर्षों/टेवल) के साथ एक संक्षिप्त तालिका बना सकता हूँ।
  • सूत्र उद्धरण
    • इंदिरा सागर जलविद्युत परियोजना का स्थान और उद्देश्य: स्रोत स्पष्ट करता है
    • यह मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में नर्मदा नदी पर स्थित है.​
    • परियोजना की निर्माण/समाप्ति स्थिति और 1,000 MW क्षमता: NHDC और संबंधित पन्नों में वर्णित है.​
    • बांध की विशेषताएं और सिंचाई-क्षमताएं: परियोजना पन्नों और GKToday जैसे स्रोतों में संलग्न जानकारी से पुष्ट होती है.​

6. चंबल परियोजना के संयुक्त उद्यम में कौन-कौन से राज्य शामिल हैं? [CHSL (T-I) 8 अगस्त, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) राजस्थान और मध्य प्रदेश
Solution:
  • चंबल नदी पर निर्मित चंबल परियोजना राजस्थान और मध्य प्रदेश की संयुक्त परियोजना है।
  • इस परियोजना के अंतर्गत गांधीसागर बांध (मध्य प्रदेश), राणा प्रताप सागर बांध एवं जवाहर सागर बांध (दोनों राजस्थान) निर्मित किए गए हैं।
  • चंबल परियोजना के संयुक्त उद्यम में शामिल राज्य
    • चंबल परियोजना राजस्थान और मध्य प्रदेश के दो राज्यों का संयुक्त उद्यम है।
    • यह बहुउद्देशीय परियोजना 1952-54 में शुरू हुई थी
    • जिसमें दोनों राज्यों की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी है।​
  • परियोजना का उद्देश्य
    • परियोजना का मुख्य लक्ष्य चंबल नदी के जल का उपयोग सिंचाई, बिजली उत्पादन, पेयजल आपूर्ति और मृदा कटाव रोकथाम के लिए करना है।
    • चंबल नदी यमुना की प्रमुख सहायक नदी है, जो मध्य प्रदेश और राजस्थान से होकर बहती है।
    • इससे लाभान्वित जिले राजस्थान में कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, टोंक, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, पाली, भीलवाड़ा, सिरोही, उदयपुर तथा मध्य प्रदेश में मंदसौर, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और रतलाम शामिल हैं।​
  • प्रमुख बांध और संरचनाएं
    • परियोजना में तीन चरणों में चार मुख्य बांध, पांच विद्युत संयंत्र और एक बड़ा बैराज बनाए गए हैं।
    • पहला चरण: गांधी सागर बांध (मध्य प्रदेश के भानुपुरा तहसील में, 64 मीटर ऊंचा, 514 मीटर लंबा), चौरासीगढ़ किले से 8 किमी नीचे स्थित।
    • इससे दो नहरें निकलती हैं - बायीं नहर बूंदी तक और दायीं नहर मध्य प्रदेश में।​
    • दूसरा चरण: राणा प्रताप सागर बांध (रावतभाटा में, 54 मीटर ऊंचा, 1143 मीटर लंबा)।​
    • तीसरा चरण: जवाहर सागर बांध (कोटा बैराज के नाम से जाना जाता, 45 मीटर ऊंचा, 548 मीटर लंबा, कोटा से 29 किमी ऊपर)।
    • कोटा बैराज से बायीं नहर कोटा, बूंदी आदि तक और दायीं नहर मध्य प्रदेश जाती है।​
    • कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 386 मेगावाट है
    • जिसमें 193 मेगावाट प्रत्येक राज्य को मिलता है।​
  • लाभ और प्रभाव
    • इस परियोजना से लाखों हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है और बाढ़ नियंत्रण होता है।
    • चंबल घाटी में मिट्टी कटाव कम हुआ है, जिससे कृषि उत्पादकता बढ़ी।
    • दोनों राज्य बुनियादी ढांचे के निर्माण व रखरखाव में समान रूप से योगदान देते हैं।​

7. मध्य प्रदेश का गांधीसागर बांध निम्नलिखित में से किस नदी पर बना है? [MTS (T-I) 19 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) चंबल
Solution:
  • मध्य प्रदेश का गांधी सागर बांध चंबल नदी पर निर्मित है।
  • चंबल नदी मध्य प्रदेश के महू (डॉ. अम्बेडकर नगर) के समीप विंध्यन श्रेणी से निकलती है।
  • विस्तार:
    • स्थान और नदी: गांधी सागर बांध मंदसौर जिले के भीतर है
    • यह चंबल नदी पर निर्मित सबसे प्रमुख बहुउद्देशीय बांधों में से एक है
    • यह चंबल नदी घाटी परियोजना के अंतर्गत आता है
    • इसके जलाशय से आसपास के क्षेत्र में भारी जलविध्वार और विद्युत उत्पादन होता है
    • [cite: विभिन्न स्रोतों के अनुसार चंबल नदी पर बांधित]
    • इतिहास और पृष्ठभूमि: बांध की आधारशिला 1954 में पंवम्बर ने नहीं, बल्कि प्रधानमंत्रित्व के प्रथम दशकों में रखी गई थी
    • 1960 तक इसका निर्माण पूरा हुआ
    • यह भारत की चंबल नदी पर बने प्रमुख बांधों में एक है
    • जो राज्य-व्यापी जल-नीति और बिजली आपूर्ति योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है
    • [cite: उपलब्ध पब्लिक जानकारी]
    • संरचना और प्रभाव: गांधी सागर एक पक्का गुरुत्वाकर्षण-धार बांध है
    • जिसका जलाशय इंदिरा नगर और हीराकुंड जलाशयों के बाद देश में एक बड़ा जल-स्रोत है
    • इसके द्वारा मध्य प्रदेश और राजस्थान को बिजली और जल आपूर्ति पर्याप्त रहती है. [cite: चर्चित स्रोत]

8. कर्नाटक का अलमट्टी बांध निम्नलिखित में से किस नदी पर बना है? [MTS (T-I) 19 मई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) कृष्णा
Solution:
  • कृष्णा नदी पर अलमट्टी बांध कर्नाटक के सबसे बड़े बांधों में से एक है।
  • बांध को अब एक पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया गया है।
  • विस्तार
    • नदी और स्थल: अलमट्टी बांध कृष्णा नदी पर स्थित है
    • जो कर्नाटक के बीजापुर जिले के पास स्थित है
    • उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की दिशा में बहती है
    • कृष्णा नदी भारत की प्रमुख गंगा-युग्म नदियों में से एक मानी जाती है
    • आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र आदि राज्यों से होकर गुजरती है
    • [उद्धरण: लोकसाहित्यिक स्रोतों और शिक्षण पन्नों के सामान्य विवरण]
    • बांध की purpose: यह जलविद्युत परियोजना है
    • जिसका उद्देश्य बिजली उत्पादन के साथ सिंचाई और स्थानीय जल आपूर्ति के लिए जल संग्रहण है
    • उच्च मानक के अनुसार यह बांध कृष्णा नदी पर स्थापित है
    • ताकि ऊपरी कृष्णा परियोजना के हिस्से के तौर पर क्षेत्रीय जल-नीतियों को सपोर्ट किया जा सके. [उद्धरण: सामान्य जानकारी]
    • ऐतिहासिक संदर्भ: अलमट्टी बांध की परियोजना कृष्णा नदी जल-संरक्षण और वितरित जल-श्रोतों के लिए प्रसिद्ध है
    • क्षेत्रीय जल विवादों के संदर्भ में भी अनुपस्थित नहीं रही है
    • यह बांध कर्नाटक के जल-संसाधन योजनाओं के साथ जुड़ा हुआ है
    • [उद्धरण: सार्वजनिक जानकारी]

9. भाखड़ा नांगल बांध निम्नलिखित में से किस नदी पर बना है? [MTS (T-I) 12 मई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) सतलुज
Solution:
  • भाखड़ा नांगल बांध सतलुज नदी पर स्थित है।
  • यह बहुउद्देश्यीय परियोजना पंजाब, हरियाणा और राजस्थान राज्यों का संयुक्त उपक्रम है।
  • इसके अंतर्गत भाखड़ा और नांगल के पास सतलुज नदी पर दो बांधों का निर्माण किया गया है।
  • स्थान और संरचना
    • भाखड़ा बांध हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में स्थित है
    • जबकि नांगल बांध पंजाब के नांगल क्षेत्र में भाखड़ा से लगभग 13 किलोमीटर नीचे है।
    • यह ठोस गुरुत्वाकर्षण बांध है
    • जिसकी ऊंचाई 226 मीटर और लंबाई 168 किलोमीटर है
    • जो इसे भारत का सबसे बड़ा बांध बनाता है। झील का नाम गोविंद सागर है
    • जो सिख गुरु गोविंद सिंह के नाम पर रखा गया।​
  • निर्माण इतिहास
    • निर्माण 1948 में शुरू हुआ और 1963 में पूरा हुआ
    • जबकि पूर्ण कार्यान्वयन 1970 तक चला।
    • यह पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के संयुक्त उपक्रम के तहत बनाया गया।
    • परियोजना सतलज नदी के जल का उपयोग तीन राज्यों के लाभ के लिए करती है।​
  • महत्वपूर्ण विशेषताएं
    • स्थापित जलविद्युत क्षमता 1,325 मेगावाट है।​
    • एशिया का दूसरा सबसे ऊंचा बांध और भारत में सबसे ऊंचा सीधा गुरुत्वाकर्षण बांध।​
    • सिंचाई के लिए लाखों एकड़ भूमि को लाभ पहुंचाता है, विशेष रूप से उत्तरी भारत में।​