भारतीय राजव्यवस्था एवं संविधान (रेलवे) भाग-III

Total Questions: 50

11. यदि किसी व्यक्ति को संसद के दोनों सदनों के लिए चुना जाता है, तो उस व्यक्ति को सदन के वाछित हॉल ____ के भीतर काम करने के बारे में सूचित किया जाना चाहिए। [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 17.01.2019 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (2) 10 दिन
Solution:

यदि कोई व्यक्ति राज्य सभा और लोक सभा दोनों के लिए एक साथ निर्वाचित होता है और यदि उसने अभी तक किसी भी सदन में अपना स्थान ग्रहण नहीं किया है, तो वह उन सदनों के लिए चुने जाने की तारीखों के बाद के 10 दिनों के भीतर चुन सकता है। जिस सदन का वह सदस्य बनना चाहता है।

12. मौलिक अधिकारों में समानता का अधिकार क्या है? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 17.01.2019 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (2) कानून के समक्ष सभी लोग समान हैं
Solution:

भारतीय संविधान के अनुच्छेद-14 के तहत दिया गया समानता का अधिकार मौलिक अधिकारों में से एक है।
• यह प्रत्येक व्यक्ति को कानून के समक्ष समानता का अधिकार और कानूनों के समान संरक्षण की गारंटी देता है।
• यह न केवल भारतीय नागरिकों का बल्कि गैर-नागरिकों का भी अधिकार है।

समानता के अधिकार के प्रमुख अनुच्छेद:
• अनुच्छेद 14 - कानून के समक्ष समानता: भारत के राज्यक्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को कानून के समक्ष समानता या कानूनों के समान संरक्षण से वंचित नहीं किया जाएगा।
• अनुच्छेद 15 - भेदभाव का निषेध: धर्म, जाति, मूलवंश, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता है।
• अनुच्छेद 16 - अवसर की समानता: सार्वजनिक रोजगार (सरकारी नौकरियों) के मामलों में सभी नागरिकों को समान अवसर प्राप्त होगा।
• अनुच्छेद 17 - अस्पृश्यता का अंत: 'छुआछूत' (Untouchability) को समाप्त कर दिया गया है और किसी भी रूप में इसका आचरण प्रतिबंधित है।
• अनुच्छेद 18 - उपाधियों का उन्मूलन: सेना या विद्या संबंधी सम्मान के अलावा, अन्य उपाधियां प्रदान करने पर रोक है।

यह अधिकार भारतीय समाज में समानता, सामाजिक समरसता और निष्पक्षता स्थापित करने के लिए आवश्यक है। 

13. ___ को धार्मिक स्वतंत्रता दी गई है। [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 17.01.2019 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (3) सभी भारतीय नागरिक
Solution:

धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार, अनुच्छेद 25-28 में शामिल है, जो सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता प्रदान करता है और भारत में एक धर्मनिरपेक्ष राज्य सुनिश्चित करता है।
• धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार व्यक्तियों को अपनी पसंद के किसी भी धर्म को मानने का अधिकार देता है।

धार्मिक स्वतंत्रता के मुख्य पहलू (अनुच्छेद 25-28):
• अनुच्छेद 25 (अंतःकरण की स्वतंत्रता): प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता है, लेकिन यह राज्य के सामाजिक सुधारों के अधीन है (जैसे सिख धर्म में कृपाण धारण करना)।
• अनुच्छेद 26 (धार्मिक मामलों के प्रबंधन): धार्मिक संप्रदायों को अपने धर्मार्थ या धार्मिक कार्यों के लिए संस्थाएं स्थापित करने और उनका प्रबंधन करने का अधिकार है।
• अनुच्छेद 27 (कर से स्वतंत्रता): किसी भी व्यक्ति को विशेष धर्म या धार्मिक संप्रदाय के प्रचार या रखरखाव के लिए कर (Tax) देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है।
• अनुच्छेद 28 (धार्मिक शिक्षा में स्वतंत्रता): राज्य निधि से पूर्णतः पोषित किसी भी शैक्षणिक संस्थान में धार्मिक शिक्षा नहीं दी जाएगी।

14. धर्मनिरपेक्ष राज्य का क्या अर्थ है? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 17.01.2019 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (4) सभी धर्मों को समान रूप से देखना
Solution:

धर्मनिरपेक्ष राज्य वह राज्य होता है जिसमें सरकार का कोई आधिकारिक धर्म नहीं होता और वह सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान (equal respect) का भाव रखती है। भारत में धर्मनिरपेक्षता का अर्थ केवल धर्म से दूरी नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव है। भारतीय संविधान के अनुसार राज्य किसी भी नागरिक के साथ धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकता और प्रत्येक व्यक्ति को धर्म मानने, आचरण करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता प्राप्त है (अनुच्छेद 25–28)। 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा संविधान की प्रस्तावना में “धर्मनिरपेक्ष” शब्द जोड़ा गया। धर्मनिरपेक्ष राज्य लोकतंत्र, समानता और मौलिक अधिकारों की रक्षा करता है तथा विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच सौहार्द और सहअस्तित्व को बढ़ावा देता है।

15. भारत के राज्य का राज्यपाल नियुक्त किया जाता है ? [RRB RPF कॉस्टेबल परीक्षा, 17.01.2019 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (3) राष्ट्रपति द्वारा
Solution:

संविधान के अनुच्छेद-155 के अनुसार राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है।
• राज्यपाल राज्य कार्यपालिका का प्रधान होता है।
• राज्यपाल राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत या पाँच वर्षों तक अपने पद पर बना रहता है।
• प्रधानमंत्री → राष्ट्रपति (लोकसभा में बहुमत वाले दल/नेता को)
• केंद्रीय मंत्री → राष्ट्रपति (प्रधानमंत्री की सलाह पर)
• राज्यपाल → राष्ट्रपति
• मुख्य न्यायाधीश (CJI) → राष्ट्रपति
• सुप्रीम कोर्ट/हाईकोर्ट के न्यायाधीश → राष्ट्रपति
• मुख्य चुनाव आयुक्त व अन्य चुनाव आयुक्त → राष्ट्रपति
• भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) → राष्ट्रपति
• संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) अध्यक्ष व सदस्य → राष्ट्रपति
• अटॉर्नी जनरल → राष्ट्रपति
• राज्य के मुख्यमंत्री → राज्यपाल
• राज्य के मंत्री → राज्यपाल (मुख्यमंत्री की सलाह पर)

16. राज्य परिषद् को ___ भी कहा जाता है। [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 17.01.2019 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (3) राज्यसभा
Solution:

राज्यसभा को राज्यों की परिषद (Council of states) के रूप में भी जाना जाता है।
• राज्य सभा एक स्थायी और उच्च सदन है और कभी भी भंग नहीं होती है।
• राज्यसभा के एक तिहाई सदस्य हर दूसरे वर्ष के बाद सेवानिवृत्त हो जाते हैं।
• राज्य सभा में कुल सदस्यों की संख्या 250 होती है।
• राज्य सभा के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्षों का होता है।

17. राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को कौन हटा सकता है? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 17.01.2019 (तृतीय पाली)]

Correct Answer: (1) राष्ट्रपति
Solution:

राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) 'मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993' के तहत स्थापित एक वैधानिक व स्वायत्त संस्था है, जो राज्य स्तर पर मानव अधिकारों (जीवन, स्वतंत्रता, समानता) के उल्लंघन की जांच करती है। यह 1 अध्यक्ष और 2 सदस्यों का बहु-सदस्यीय निकाय है (पूर्व में 4 सदस्य), जो सिविल न्यायालय की शक्तियों का उपयोग करते हैं।
• राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
• राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है।
• राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्य पांच वर्ष या सत्तर वर्ष की उम्र तक, जो भी पहले हो, तक पद पर रहेंगे।

18. संसद के संयुक्त सत्र का संचालन करने के लिए अध्यक्ष के रूप में अनुपस्थित रहते हुए सत्र का संयोजक कौन होता है? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 17.01.2019 (तृतीय पाली)।]

Correct Answer: (1) लोकसभा उपाध्यक्ष
Solution:

संसद की संयुक्त बैठक (अनुच्छेद -108) राष्ट्रपति द्वारा बुलाई जाती है और इसकी अध्यक्षता स्पीकर (लोकसभा अध्यक्ष) या उनकी अनुपस्थिति में लोकसभा के डिप्टी स्पीकर या उनकी अनुपस्थिति में राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन द्वारा की जाती है।
• यदि उपरोक्त में से कोई भी अधिकारी उपस्थित न हो तो संसद का कोई अन्य सदस्य दोनों सदनों की सर्वसम्मति से अध्यक्षता कर सकता है।

19. कौन-सा अंतर्राज्यीय परिषद मंत्रालय के अंतर्गत आता है? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 17.01.2019 (तृतीय पाली)]

Correct Answer: (2) गृह मंत्रालय
Solution:

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 263 एक अंर्तराज्यीय परिषद की स्थापना का प्रावधान करता है।
• यह गृह मंत्रालय के तहत सरकारिया आयोग की सिफारिशों के अनुसार पहली बार राष्ट्रपति के अध्यादेश के माध्यम से 1990 में स्थापित किया गया था।

20. भारत की आकस्मिक निधि किस अनुच्छेद के तहत आती है? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 17.01.2019 (तृतीय पाली)]

Correct Answer: (1) अनुच्छेद 267
Solution:

भारत की आकस्मिकता निधि की स्थापना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 267(1) के तहत की गई है।

• आर्टिकल 263 भारतीय संविधान का वह प्रावधान है जो राष्ट्रपति को अंतर-राज्य परिषद (Inter-State Council - ISC) के गठन का अधिकार देता है, ताकि केंद्र और राज्यों के बीच तथा राज्यों के आपसी हितों के मुद्दों पर समन्वय और सहयोग बढ़ाया जा सके, विवादों की जांच हो सके और नीतियों पर सलाह दी जा सके।

• निष्कर्ष भारतीय संविधान का अनुच्छेद 266 सार्वजनिक धन के प्रबंधन से संबंधित है। यह सुनिश्चित करने के लिए नियम निर्धारित करता है कि सरकार की सभी आय और व्यय कानूनी, पारदर्शी और जवाबदेह हों। यह अनुच्छेद राष्ट्र के वित्त की रक्षा के लिए एक मजबूत प्रणाली का निर्माण करता है।

• भारतीय संविधान का अनुच्छेद 280 एक अर्ध-न्यायिक निकाय के रूप में वित्त आयोग (Finance Commission) की स्थापना का प्रावधान करता है, जिसका गठन राष्ट्रपति द्वारा हर 5 साल या उससे पहले किया जाता है। यह केंद्र और राज्यों के बीच करों की शुद्ध आय के वितरण, राज्यों को अनुदान-सहायता और पंचायतों/नगरपालिकाओं के संसाधनों को बढ़ाने के उपाय सुझाता है।