Solution:कोठारी आयोग स्वतंत्रता के बाद भारत में गठित छठा आयोग था, जिसका गठन 14 जुलाई 1964 के एक प्रस्ताव के द्वारा भारत सरकार द्वारा शिक्षा के सभी स्तरों एवं सभी पक्षों के विकास हेतु समान सिद्धांतों एवं नीतियों पर एवं शिक्षा के राष्ट्रीय प्रतिरूप पर सरकार को परामर्श देने के लिए किया गया गया था।
• कोठारी आयोग द्वारा अनुशंसित राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा प्रणाली को 10+2+3 पैटर्न में वर्गीकृत गया था।
• सरकारिया आयोग का गठन भारत सरकार द्वारा जून 1983 में केंद्र-राज्य संबंधों और उनके बीच शक्ति संतुलन की समीक्षा के लिए किया गया था। सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजीत सिंह सरकारिया की अध्यक्षता में, इस तीन सदस्यीय आयोग ने 1988 में अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें सहकारी संघवाद को मजबूत करने के लिए 247 सिफारिशें दी गई थीं।
• पुंछी आयोग (Punchhi Commission) अप्रैल 2007 में भारत सरकार द्वारा गठित एक महत्वपूर्ण आयोग था, जिसका उद्देश्य केंद्र-राज्य संबंधों की समीक्षा करना था। पूर्व मुख्य न्यायाधीश मदन मोहन पुंछी की अध्यक्षता वाले इस आयोग ने 2010 में सात खंडों वाली रिपोर्ट पेश की, जिसमें राज्यपाल की भूमिका, केंद्रीय बलों की तैनाती और वित्तीय संबंधों पर 273 सिफारिशें शामिल थीं।
• राजमन्नार समिति (1969-71) तमिलनाडु सरकार द्वारा डॉ. पी.वी. राजमन्नार की अध्यक्षता में गठित एक समिति थी, जिसका उद्देश्य केंद्र-राज्य संबंधों की समीक्षा कर राज्यों के लिए अधिक स्वायत्तता की सिफारिश करना था। इसने राज्यों को व्यापक शक्तियां, अनुच्छेद 356 की समाप्ति, और अंतर-राज्यीय परिषद के गठन जैसे प्रमुख सुझाव दिए, जिन्हें केंद्र सरकार ने अस्वीकार कर दिया।