Solution:42वां संविधान संशोधन अधिनियम (1976), जिसे "मिनी-संविधान" कहा जाता है, आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी सरकार द्वारा पारित किया गया था।
42वें संविधान संशोधन (1976) की मुख्य विशेषताएं:
• प्रस्तावना में संशोधन: भारत की प्रस्तावना में तीन नए शब्द जोड़े गए - समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और अखंडता।
• मौलिक कर्तव्य: नागरिकों के लिए 10 मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 51A) जोड़े गए, जो रूस के संविधान से प्रेरित थे।
• समवर्ती सूची में बदलाव: 5 विषयों को राज्य सूची से समवर्ती सूची में स्थानांतरित किया गया: शिक्षा, वन, वन्यजीवों और पक्षियों का संरक्षण, माप-तौल, और न्याय प्रशासन।
• केंद्र की शक्ति: केंद्र सरकार की शक्तियों को बढ़ाया गया और राष्ट्रपति को मंत्रिपरिषद की सलाह मानने के लिए बाध्य किया गया।
• लोकसभा/विधानसभा कार्यकाल: लोकसभा और विधानसभाओं का कार्यकाल 5 साल से बढ़ाकर 6 साल कर दिया गया था (जिसे बाद में 44वें संशोधन द्वारा वापस 5 साल कर दिया गया)।
• न्यायिक समीक्षा पर रोक: सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों की न्यायिक समीक्षा (judicial review) की शक्ति को सीमित किया गया।
• नीति निर्देशक तत्व: नीति निर्देशक तत्वों (DPSP) को मौलिक अधिकारों पर वरीयता दी गई।