Solution:भारत में फसलों को मुख्य रूप से ऋतुओं के आधार पर तीन वर्गों में बांटा गया है: खरीफ (जून-सितंबर: धान, मक्का), रबी (अक्टूबर-मार्च: गेहूं, सरसों) और जायद (मार्च-जून: तरबूज, सब्जियां)। उपयोग के आधार पर, ये खाद्य (गेहूं, चावल), नकदी (गन्ना, कपास), और तिलहन (सोयाबीन, सरसों) फसलों में भी वर्गीकृत की जाती हैं।
ऋतुओं के आधार पर फसलों का वर्गीकरण:
• खरीफ फसलें (Kharif Crops): ये फसलें मानसून के आगमन (जून-जुलाई) के साथ बोई जाती हैं और अक्टूबर के आसपास काटी जाती हैं। इन्हें अधिक पानी की आवश्यकता होती है।
• उदाहरण: चावल (धान), मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, कपास, जूट, बाजरा, ज्वार।
• रबी फसलें (Rabi Crops): ये फसलें अक्टूबर से दिसंबर के बीच बोई जाती हैं और मार्च-अप्रैल में काटी जाती हैं। इन्हें ठंडी जलवायु और सिंचाई की आवश्यकता होती है।
• उदाहरण: गेहूं, जौ, चना, मटर, सरसों, अलसी, आलू।
• जायद फसलें (Zaid Crops): ये फसलें रबी और खरीफ के बीच, यानी गर्मियों (फरवरी-मार्च से मई-जून) में उगाई जाती हैं।
• उदाहरण: तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी, मूंग, सब्जियां।