भौतिक विज्ञान (रेलवे) भाग-III

Total Questions: 50

41. किसी भौतिक संकेत को विद्युत संकेत में बदलने के लिए किस उपकरण का उपयोग किया जाता है? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 25.01.2019 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (4) ट्रांसड्यूसर
Solution:

ट्रांसड्यूसर का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक संचार प्रणालियों में विभिन्न भौतिक रूपों के संकेतों को इलेक्ट्रॉनिक संकेतों में बदलने के लिए इसके विपरीत किया जाता है।
• वे इनपुट (भौतिक मात्रा) के आनुपातिक विद्युत संकेत उत्पन्न करते हैं।

प्रकार

⇒ सेंसर एक ऐसा उपकरण है जो अपने आसपास के वातावरण से भौतिक राशियों (जैसे प्रकाश, गर्मी, दबाव, गति आदि) का पता लगाता है और उन्हें ऐसे संकेत में बदलता है जिसे मापा या पढ़ा जा सकता है।
⇒ माइक्रोफोन: ध्वनि संकेतों को विद्युत संकेतों में बदलता है।
⇒ स्पीकर: विद्युत संकेतों को ध्वनि संकेतों में बदलता है।
⇒ थर्मामीटर: तापमान को विद्युत संकेत में बदलता है।
⇒ सोलर प्लेट: सौर ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलती है।

42. निम्नलिखित में से किसे वोल्टीय सेल कहा जाता है? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 25.01.2019 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (4) गैल्वेनिक सेल
Solution:

गैल्वेनिक सेल (Galvanic Cell) या वोल्टाई सेल (Voltaic Cell) एक विद्युत रासायनिक युक्ति है, जो स्वतःस्फूर्त रेडॉक्स अभिक्रियाओं के माध्यम से रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करती है। इसे आमतौर पर गैल्वेनिक सेल के रूप में भी जाना जाता है। गैल्वेनिक सेल या वोल्टाइक सेल का नाम क्रमशः वैज्ञानिकों लुइगी गैलवानी और एलेसेंड्रो वोल्टा के नाम पर रखा गया है।

• क्लार्क सेल (Clark Cell): यह एक मानक रासायनिक सेल है जिसका उपयोग शुद्ध विद्युत वाहक बल (EMF) के संदर्भ (Standard) के रूप में किया जाता है, जिसमें जस्ता और पारे का उपयोग होता है।

• इलेक्ट्रोलाइटिक सेल (Electrolytic Cell): यह वह उपकरण है जो बाहरी स्रोत से विद्युत ऊर्जा का उपयोग करके किसी रासायनिक घोल में अ-स्वतः (Non-spontaneous) रासायनिक अभिक्रिया करवाता है।

• आयोनिक सेल (Ionic Cell): सामान्यतः इसे 'गैल्वेनिक' या 'वोल्टाइक' सेल के रूप में जाना जाता है, जो रासायनिक ऊर्जा को आयनों की गति के माध्यम से सीधे विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है।

43. किसी वस्तु के द्रव्यमान और वेग गुणनफल को ___ कहा है। [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 25.01.2019 (तृतीय पाली)]

Correct Answer: (3) संवेग
Solution:

किसी वस्तु के द्रव्यमान (m) और वेग (𝓋) के गुणनफल को संवेग (Momentum) कहा जाता है। इसे p से दर्शाते हैं और p = m𝓋सूत्र है। यह एक सदिश राशि (Vector quantity) है, जिसकी दिशा वही होती है जो वेग की होती है।  इसे अक्सर "रैखिक संवेग" (Linear Momentum) भी कहा जाता है। इसे शरीर की गति की मात्रा के रूप में परिभाषित किया गया है।

• अभिकेन्द्रीय त्वरण
वह त्वरण है जो किसी वस्तु को वृत्ताकार पथ पर बनाए रखने के लिए उसके केंद्र की ओर निर्देशित होता है।
• जड़त्व किसी वस्तु का वह गुण है जिसके कारण वह अपनी गति की अवस्था में किसी भी तरह के बदलाव का विरोध करती है।

44. एकल आवृत्ति की ध्वनि ___ कहलाती है। [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 25.01.2019 (तृतीय पाली)]

Correct Answer: (2) सुर
Solution:

स्वर एकल आवृत्ति की ध्वनि है।
• कई आवृत्तियों के मिश्रण के बाद उत्पन्न होने वाली ध्वनि को नोड के रूप में जाना जाता है।
• ध्वनि तरंगों की आवृत्ति मानव कान की श्रव्य सीमा के अनुसार होती है, जो लगभग 20 हर्ट्ज़ से 20 किलोहर्ट्ज़ तक होती है।
• ध्वनि की तीव्रता को डेसिबल (dB) नामक इकाई में मापा जाता है।

45. द्रव्यमान और वेग का गुणनफल क्या है? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 02.02.2019 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (1) आवेग
Solution:

किसी वस्तु के द्रव्यमान और वेग के गुणनफल को (समीकरण m𝓋 द्वारा) संवेग कहते हैं।
• इसे समीकरण
P(संवेग) = m𝓋 से दर्शाया गया है)

जहाँ
P = संवेग
m = द्रव्यमान
𝓋 = वेग
• संवेग एक सदिश राशि है जिसकी दिशा वस्तु के वेग के समान होती है।

46. वह कौन-सा गुण है जो एक चालक में इलेक्ट्रॉनों के प्रवाह में अवरोध उत्पन्न करता है? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 02.02.2019 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (3) प्रतिरोध
Solution:

प्रतिरोध उस अवरोध की मात्रा का माप है जो एक कंडक्टर अपने इलेक्ट्रॉनों के मुक्त प्रवाह को प्रदान कर सकता है।
• वस्तु की लंबाई, क्षेत्रफल और प्रकृति कंडक्टर के प्रतिरोध को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण कारकों के रूप में कार्य करती है।

47. निम्नलिखित में से कौन विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के आधार पर कार्य करता है? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 02.02.2019 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (1) विद्युत जनित्र
Solution:

विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के सिद्धांत पर मुख्य रूप से विद्युत जनित्र, डायनेमो, ट्रांसफॉर्म, और इंडक्शन कुकटॉप कार्य करते हैं। ये उपकरण बदलते चुंबकीय क्षेत्र का उपयोग करके बिजली उत्पन्न करते हैं या प्रेरित धारा (Induced Current) बनाते हैं।

प्रमुख उदाहरण:
• विद्युत जनित्र/डायनेमो: यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलते हैं।
• ट्रांसफॉर्मर: अन्योन्य प्रेरण (Mutual Induction) पर कार्य करते हैं।
• इंडक्शन कुकटॉप: भंवर धाराओं (Eddy Currents) का उपयोग करते हैं।

• इंसुलेटर (Insulator), जिसे हिंदी में 'विद्युतरोधी' कहा जाता है, वे पदार्थ होते हैं जिनमें से विद्युत धारा (Electric Current) आसानी से प्रवाहित नहीं हो पाती।

• साइक्लोट्रॉन (Cyclotron) एक ऐसा उपकरण है जिसका उपयोग भारी आवेशित कणों (जैसे प्रोटॉन, ड्यूट्रॉन या $\alpha$-कणों) को बहुत उच्च ऊर्जा और गति तक त्वरित (Accelerate) करने के लिए किया जाता है। इसका आविष्कार 1934 में ई.ओ. लॉरेंस (E.O. Lawrence) और एम.एस. लिविंगस्टन ने किया था।

48. किस प्रकाशीय उपकरण का निर्माण कैल्साईट क्रिस्टल से किया जाता है और उसका उपयोग समतल ध्रुवित प्रकाश के अवलोकन और उत्पादन के लिए किया जाता है? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 11.02.2019 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (2) निकोल प्रिज्म
Solution:

निकोल प्रिज्म एक ऑप्टिकल उपकरण है जिसका उपयोग व्यवहार में समतल ध्रुवीकृत प्रकाश के उत्पादन और विश्लेषण के लिए किया जाता है।
• इसे इस तरह से बनाया गया है कि यह पूर्ण आंतरिक परावर्तन द्वारा एक किरण को समाप्त कर देता है, अर्थात सामान्य किरण समाप्त हो जाती है और प्रिज्म के माध्यम से केवल असाधारण किरण का संचार होता है।

ट्रायंगुलर प्रिज्म एक त्रिकोणीय या पंचफलक होता है, जिसमें दो समान त्रिकोणीय आधार और तीन आयताकार फलक होते हैं।

रिफ्रेक्टिव प्रिज्म एक पारदर्शी सामग्री (जैसे कांच) का टुकड़ा होता है, जो प्रकाश को मोड़ने (अपवर्तित करने) के लिए उपयोग किया जाता है।

ऑप्टिकल प्रिज्म एक पारदर्शी वस्तु होती है जिसमें सपाट, पॉलिश की हुई सतहें होती हैं जो प्रकाश को अपवर्तित, परावर्तित या प्रकीर्णित करती हैं।

49. पृथ्वी और बादलों अथवा बादलों की विभिन्न सतहों के बीच विद्युत् विसर्जन की प्रक्रिया ...... के कारण होती है- [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 15.02.2019 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (1) आकाशीय विद्युत
Solution:

पृथ्वी और बादलों अथवा बादलों की विभिन्न सतहों के बीच विद्युत् विसर्जन (Electric Discharge) की प्रक्रिया तड़ित (Lightning) या बिजली का चमकना के कारण होती है। यह घटना बादलों में आवेशों (charges) के संचय के कारण होती है, जब धनात्मक और ऋणात्मक आवेशों का भारी अंतर वायु के प्रतिरोध को पार कर जाता है।

50. सिक्के को पानी के अंदर रखने पर यह खड़ा हुआ प्रतीत होता है, इसका कारण क्या है? [RRB RPF कांस्टेबल परीक्षा, 15.02.2019 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (1) प्रकाश का अपवर्तन
Solution:

यह प्रकाश के अपवर्तन के कारण होता है।
• जैसे ही प्रकाश पानी से हवा में जाता है, यह सामान्य से दूर मुड़ जाता है। अपवर्तित किरणें सिक्के की वास्तविक स्थिति से ऊपर एक बिंदु से आती हुई प्रतीत होती हैं, इसलिए सिक्का उठा हुआ प्रतीत होता है।
• प्रकीर्णन एक भौतिक प्रक्रिया है जिसमें प्रकाश या अन्य विकिरण किसी माध्यम में मौजूद कणों से टकराकर सभी दिशाओं में फैल जाता है। यह आकाश के नीले रंग और सूर्योदय व सूर्यास्त के समय सूर्य के लाल दिखने जैसी घटनाओं का कारण है।