Solution:सभी प्रकाश किरणें जो उत्तल दर्पण के मुख्य अक्ष के समानांतर होती हैं, दर्पण से परावर्तन के बाद मुख्य फोकस (F) से विचलन करती हुई प्रतीत होती हैं।
• समतल दर्पण: यह एक सपाट, चिकनी सतह वाला दर्पण है, जैसे कि घरों में इस्तेमाल होने वाला सामान्य दर्पण।
• गोलीय दर्पण: इसका परावर्तक तल गोलीय होता है। इसके दो प्रकार हैं:
→ अवतल दर्पण: यह अंदर की ओर वक्रित (धंसा हुआ) होता है।
→ उत्तल दर्पण: यह बाहर की ओर वक्रित होता है।