महान्यायवादी, महाधिवक्ता और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (भाग- 2)(भारतीय राजव्यवस्था एवं शासन)

Total Questions: 29

11. निम्नलिखित कर्तव्यों में से कौन से एक का भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा पालन नहीं किया जाता ? [I.A.S. (Pre) 2001 U.P. P.C.S. (Mains) 2004]

Correct Answer: (d) सार्वजनिक धन की प्राप्ति और निर्गम का नियंत्रण करना और यह सुनिश्चित करना कि सार्वजनिक राजस्व राजकोष में जमा हो
Solution:भारत में नियंत्रक महालेखा परीक्षक सार्वजनिक धन की प्राप्ति और निर्गम पर नियंत्रण का कार्य नहीं करता है, बल्कि इसकी लेखा परीक्षा करता है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के निम्नलिखित कर्तव्य हैं -

(1) वह केंद्र तथा राज्य सरकारों के राजस्व से भारत के अंदर तथा बाहर किए गए व्ययों एवं लेन-देन की लेखा परीक्षा करता है।

(2) वह व्यापारिक, निर्माण संबंधी लाभ तथा हानि के लेखों की लेखा परीक्षा करता है।

(3) वह भंडारगृहों की लेखा परीक्षा करता है।

(4) राष्ट्रपति के आदेश पर वह स्थानीय निकायों की लेखा परीक्षा करता है।

(5) वह सरकारी कंपनियों एवं निगमों के लेखा परीक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक अपने नाम के अनुरूप भारत के वित्त पर नियंत्रक का कार्य न करके, केवल उसकी परीक्षा का कार्य करता है। जबकि ब्रिटेन का नियंत्रक एवं लेखा परीक्षक दोनों प्रकार के अधिकार रखता है।

12. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : [M.P.P.C.S. (Pre) 2020]

(i) नियंत्रक-महालेखा परीक्षक का कर्तव्य होगा कि वह उन सभी प्राप्तियों की लेखा परीक्षा करें, जो भारत की संचित निधि में संदेय है।

(ii) नियंत्रक-महालेखा परीक्षक को संघ या किसी राज्य के किसी कार्यालय या विभाग में रखे गए भंडारों या स्टॉक के लेखाओं की लेखा परीक्षा करने और उनकी बाबत में रिपोर्ट देने का प्राधिकार होगा।

सही विकल्प का चुनाव कीजिए :

Correct Answer: (b) (i) तथा (ii) दोनों सत्य हैं।
Solution:भारत में नियंत्रक महालेखा परीक्षक सार्वजनिक धन की प्राप्ति और निर्गम पर नियंत्रण का कार्य नहीं करता है, बल्कि इसकी लेखा परीक्षा करता है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के निम्नलिखित कर्तव्य हैं -

(1) वह केंद्र तथा राज्य सरकारों के राजस्व से भारत के अंदर तथा बाहर किए गए व्ययों एवं लेन-देन की लेखा परीक्षा करता है।

(2) वह व्यापारिक, निर्माण संबंधी लाभ तथा हानि के लेखों की लेखा परीक्षा करता है।

(3) वह भंडारगृहों की लेखा परीक्षा करता है।

(4) राष्ट्रपति के आदेश पर वह स्थानीय निकायों की लेखा परीक्षा करता है।

(5) वह सरकारी कंपनियों एवं निगमों के लेखा परीक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक अपने नाम के अनुरूप भारत के वित्त पर नियंत्रक का कार्य न करके, केवल उसकी परीक्षा का कार्य करता है। जबकि ब्रिटेन का नियंत्रक एवं लेखा परीक्षक दोनों प्रकार के अधिकार रखता है।

13. लोक निधि के फलोत्पादक और आशयित प्रयोग को सुरक्षित करने के साथ-साथ भारत में नियंत्रक-महालेखा परीक्षक (CAG) के कार्यालय का महत्व क्या है? [I.A.S (Pre) 2012]

1. CAG संसद की ओर से राजकोष पर नियंत्रण रखता है जब भारत का राष्ट्रपति राष्ट्रीय आपात/वित्तीय आपात घोषित करता है।

2. CAG की मंत्रालयों द्वारा कार्यान्वित परियोजनाओं या कार्यक्रमों पर जारी किए गए प्रतिवेदनों पर लोक लेखा समिति विचार- विमर्श करती है।

3. CAG के प्रतिवेदनों से मिली जानकारियों के आधार पर जांचकर्ता एजेंसियां उन लोगों के विरुद्ध आरोप दाखिल कर सकती हैं, जिन्होंने लोक निधि प्रबंधन में कानून का उल्लंघन किया हो।

4. CAG को ऐसी निश्चित न्यायिक शक्तियां प्राप्त हैं कि सरकारी कंपनियों के लेखा-परीक्षा और लेखा जांचते समय वह कानून का उल्लंघन करने वालों पर अभियोग लगा सके।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

Correct Answer: (c) केवल 2 और 3
Solution:अनुच्छेद 148(1) के तहत भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के पद का सृजन किया गया है, जिसे संघ के और राज्यों के लेखाओं के संबंध में विशेष नियंत्रक एवं अधीक्षण शक्तियां प्रदान की गई हैं। इसके द्वारा प्रस्तुत लेखाओं (केंद्रीय मंत्रालयों से संबंधित) पर संसद की लोक लेखा समिति में विचार-विमर्श होता है और इसके प्रतिवेदनों के आधार पर जांच एजेंसियां आरोपियों के विरुद्ध आरोप-पत्र दाखिल कर सकती हैं। अन्य दोनों प्रश्नगत कथन सही नहीं हैं।

14. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की टीका-टिप्पणी पर उचित कार्यवाही करने की अंतिम जिम्मेदारी है- [U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2014]

Correct Answer: (c) संसद की
Solution:संविधान के अनुच्छेद 151 (1) के तहत नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट राष्ट्रपति के द्वारा संसद के दोनों सदनों के समक्ष प्रस्तुत करवाई जाती है। अतः नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की टीका-टिप्पणी पर उचित कार्यवाही करने की अंतिम जिम्मेदारी संसद की है।

15. निम्नलिखित में से कौन संसद की लोक लेखा समिति की बैठकों में उपस्थित रहता है? [U.P.P.C.S. (Mains) 2011]

Correct Answer: (c) भारत के नियंत्रक-महालेखा परीक्षक
Solution:भारत का नियंत्रक-महालेखा परीक्षक संसद की लोक लेखा समिति की बैठकों में भाग ले सकता है। संविधान के अनुच्छेद 149 में नियंत्रक महालेखा परीक्षक के कर्तव्य एवं शक्तियां वर्णित हैं।

16. संविधान का कौन-सा अनुच्छेद भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक के कर्तव्य को निर्धारित करता है? [M.P.P.C.S. (Pre) 2019]

Correct Answer: (d) अनुच्छेद 149
Solution:भारत का नियंत्रक-महालेखा परीक्षक संसद की लोक लेखा समिति की बैठकों में भाग ले सकता है। संविधान के अनुच्छेद 149 में नियंत्रक महालेखा परीक्षक के कर्तव्य एवं शक्तियां वर्णित हैं।

17. निम्नलिखित सूची-P (CAG) को सूची-R (अनुच्छेद) के साथ सुमेलित कीजिए - [Raj.P.C.S. (Pre) 2023]

सूची-Pसूची-R
A. CAG की नियुक्तिi. अनुच्छेद 148
B. CAG के कर्तव्य और शक्तियांii. अनुच्छेद 151
C. संघ के खातों का प्रपत्रiii.अनुच्छेद 149
D. ऑडिट रिपोर्टiv.अनुच्छेद 150
(A)(B)(C)(D)
(a)iiiiivii
(b)iiiiiiiv
(c)iiiiivii
(d)iiiiiivi
Correct Answer: (a) A-(i), B-(iii), C-(iv), D-(ii)
Solution:सही सुमेलन इस प्रकार है-
सूची-Pसूची-R
CAG की नियुक्तिअनुच्छेद 148
CAG के कर्तव्य और शक्तियांअनुच्छेद 149
संघ के खातों का प्रपत्र (संघ और राज्यों के लेखाओं का प्रारूप)अनुच्छेद 150
CAG की ऑडिट रिपोर्टअनुच्छेद 151

18. नियंत्रक एवं लेखा परीक्षक की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा होती है। अपने पद से उसे हटाया जाता है : [U.P.P.C.S. (Pre) 2006]

Correct Answer: (a) राष्ट्रपति द्वारा
Solution:अनुच्छेद 148(1) के अनुसार, भारत का एक नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (Comptroller and Auditor General) होगा, जिसे राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा नियुक्त करेगा और उसे उसके पद से केवल उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जाएगा, जिस रीति से और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है। अनु. 124(4) के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को साबित कदाचार या असमर्थता के आधार पर ऐसे हटाए जाने के लिए संसद के समावेदन पर राष्ट्रपति के आदेश द्वारा उनके पद से हटाया जा सकता है। उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश को पद से हटाने के लिए समावेदन प्रत्येक सदन की कुल सदस्य संख्या के बहुमत द्वारा तथा सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत द्वारा समर्थित होना चाहिए। ऐसा समावेदन संसद के एक ही सत्र में प्रस्तावित और स्वीकृत होना चाहिए और राष्ट्रपति के समक्ष उसी सत्र में रखा जाना चाहिए।

19. निम्नलिखित में से कौन-सा/से नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के बारे में सत्य नहीं है/हैं? [Jharkhand P.C.S. (Pre) 2023]

(i) उनके कार्यालय के प्रशासनिक खर्च संसद के मत के अधीन हैं।

(ii) अपने पद को छोड़ने के बाद वह भारत सरकार या राज्य के अधीन अन्य कोई पद पाने के योग्य नहीं है।

(iii) संसद के दोनों सदनों में अक्षमता या दुर्व्यवहार साबित होने के आधार पर ही नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक को उसके पद से हटाया जा सकता है।

सही उत्तर का चयन कीजिए -

Correct Answer: (a) केवल (i)
Solution:संविधान के अनुच्छेद 148 के खंड (6) के अनुसार, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के कार्यालय के प्रशासनिक व्यय, जिनके अंतर्गत उस कार्यालय में सेवा करने वाले व्यक्तियों को या उनके संबंध में संदेय सभी वेतन, भत्ते और पेंशन हैं, भारत की संचित निधि पर भारित होते हैं। इस पर संसद में मतदान नहीं हो सकता है। अतः कथन (i) सही नहीं है। अनुच्छेद 148 के खंड (1) के अनुसार कथन (iii) सत्य है, जबकि खंड (4) के अनुसार कथन (ii) भी सत्य है। अतः सही उत्तर विकल्प (a) है।

20. भारत का नियंत्रक एवं महालेखाकार निम्नलिखित का एक मित्र एवं मार्गदर्शक होता है: [U.P. P.C.S. (Mains) 2006]

Correct Answer: (d) लोक लेखा समिति
Solution:लोक लेखा समिति की कार्यवाही की मध्यस्थता नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) करते हैं। इस प्रकार वे इस समिति के मित्र एवं मार्गदर्शक होते हैं।