Solution:पानीपत का द्वितीय युद्ध (5 नवंबर, 1556) इतिहास की एक अत्यंत निर्णायक घटना थी। यह युद्ध मुगल सम्राट अकबर (जिनका नेतृत्व बैराम खाँ कर रहे थे) और दिल्ली के अंतिम हिंदू सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य 'हेमू' के बीच लड़ा गया था। हेमू, जो कि हरियाणा के रेवाड़ी से थे, अपनी विशाल सेना और हाथियों के बल पर लगभग जीत ही चुके थे, लेकिन तभी एक दुर्भाग्यपूर्ण तीर उनकी आँख में लग गया। उनके गिरते ही सेना में भगदड़ मच गई और जीती हुई बाजी मुगलों के पक्ष में चली गई।
• पानीपत का प्रथम युद्ध (21 अप्रैल 1526): बाबर की आधुनिक तोपखाने और 'तुलुगमा' नीति के आगे इब्राहिम लोदी की विशाल सेना हार गई।
• हल्दीघाटी का युद्ध (18 जून 1576): यह युद्ध अदम्य साहस का प्रतीक है, जहाँ महाराणा प्रताप ने मुग़ल अधीनता स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।