मुगल वंश : बाबर (UPPCS)

Total Questions: 26

1. बाबर को भारत पर आक्रमण करने के लिए आमंत्रित करने वालों में से एक आलम खान- [I.A.S. (Pre) 2003]

Correct Answer: (a) इब्राहिम लोदी के संबंधी थे तथा वह दिल्ली के राजसिंहासन के दावेदार थे।
Solution:

आलम खां, इब्राहिम लोदी का चाचा था। उसने दिल्ली के राजसिंहासन पर अपना अधिकार जताते हुए बाबर को भारत पर आक्रमण के लिए आमंत्रित किया। 1524 ई. में बाबर के चौथी बार भारत अभियान के दौरान दिल्ली के सुल्तान इब्राहिम लोदी तथा पंजाब के गवर्नर दौलत खां के मध्य कटु संबंध हो गए थे। सुल्तान इब्राहिम लोदी ने दौलत खां को राजधानी आने का आदेश दिया था, जिसका दौलत खां ने उल्लंघन किया था। दौलत खां ने अपने पुत्र दिलावर खान को बाबर के पास इस संदेश के साथ भेजा कि वह सुल्तान इब्राहिम लोदी को दिल्ली के सिंहासन से अपदस्थ कर उसके स्थान पर उसके चाचा आलम खां को पदस्थ करने में सहायता करे। बाबर के लिए यह स्वर्णिम अवसर था, क्योंकि उसे मेवाड़ के राजा राणा सांगा का भी निमंत्रण प्राप्त हो चुका था; अतः बाबर को यह विश्वास हो गया कि भारत विजय का अवसर आ गया है।

2. अफगानिस्तान पर आधिपत्य के समय बाबर को किसने भारत पर आक्रमण करने के लिए निमंत्रण दिया था? [U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2021]

Correct Answer: (c) दौलत खां
Solution:

अफगानिस्तान पर आधिपत्य के समय बाबर को पंजाब के सूबेदार दौलत खां लोदी ने भारत पर आक्रमण करने के लिए आमंत्रित किया था। दौलत खां लोदी को यह भ्रम था कि अन्य लुटेरे शासकों की तरह बाबर भी हिंदुस्तान को लूटकर वापस लौट जाएगा। जिससे इब्राहिम लोदी की स्थिति कमजोर हो जाएगी इसका लाभ उठाकर वह अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है। इसी आमंत्रण और भारतीय शासकों की आपसी फूट का लाभ उठाकर बाबर ने 1526 ईस्वी में पानीपत के प्रथम युद्ध में इब्राहिम लोदी को पराजित किया और भारत में मुगल साम्राज्य की नींव रखी। हालांकि, बाद में बाबर वापस नहीं गया, जिससे उसके और उसे बुलाने वाले सरदारों व राजाओं के बीच संघर्ष की स्थिति पैदा हो गई।

3. मध्यकालीन भारत के मुगल शासक वस्तुतः थे- [U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2010]

Correct Answer: (c) चगताई तुर्क
Solution:

मुगल शासक वास्तव में तुर्कों की चगताई नामक शाखा के थे। वे मध्य एशिया के तुर्क-मंगोल मूल के थे। 'मुगल' शब्द 'मंगोल' का ही एक अपभ्रंश है, लेकिन वे स्वयं को मंगोल कहलाने के बजाय 'तैमूरी' कहलाना अधिक पसंद करते थे। इस शाखा का नाम प्रसिद्ध मंगोल नेता चंगेज खां के द्वितीय पुत्र के नाम पर पड़ा था, जिसके अधिकार में मध्य एशिया तथा तुर्कों का देश तुर्किस्तान थे।

4. इनमें से किसने बाबर को सर-ए-पुल के युद्ध में पराजित किया था? [U.P. Lower Sub. (Pre) 2015]

Correct Answer: (b) शैबानी खां
Solution:

सर-ए-पुल के युद्ध (1501 ईस्वी) में बाबर को शैबानी खान ने पराजित किया था। यह युद्ध बाबर के शुरुआती जीवन की एक अत्यंत निर्णायक हार थी, जिसने उसे मध्य एशिया की राजनीति से बाहर धकेलने में बड़ी भूमिका निभाई। इस हार के बाद बाबर को अपना पैतृक राज्य फरगाना और सपनों का शहर समरकंद छोड़ना पड़ा। वह कई वर्षों तक भटकता रहा और अंततः उसने काबुल की ओर रुख किया। इसी युद्ध में शैबानी खान ने बाबर के विरुद्ध 'तुलुगमा' सैन्य रणनीति का प्रयोग किया था। बाद में बाबर ने इसी तकनीक को सीखा और 1526 में पानीपत के प्रथम युद्ध में इब्राहिम लोदी को हराने के लिए इसका सफल प्रयोग किया।

5. किस मुगल शासक ने भारत में ऑटोमन युद्ध पद्धति को अपनाया? [Jharkhand P.S.C. (Mains) 2016]

Correct Answer: (c) बाबर
Solution:

मुगल शासक बाबर ने भारत में ऑटोमन युद्ध पद्धति को पानीपत के प्रथम युद्ध (1526 ई.) में अपनाया था। इस युद्ध में बाबर की सफलता का मुख्य कारण उसका विशाल तोपखाना था, जिसका नेतृत्व उस्ताद अली कुली एवं बंदूकचियों का नेतृत्व मुस्तफा ने किया था।

6. पानीपत का प्रथम युद्ध किसके मध्य हुआ था? [U.P. P.C.S. (Pre) 1996 & Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2005 & U. P. P. C. S. (Mains) 2012]

Correct Answer: (d) बाबर और इब्राहिम लोदी
Solution:

पानीपत का प्रथम युद्ध 21 अप्रैल, 1526 को बाबर और इब्राहिम लोदी के मध्य हुआ था। यह युद्ध भारतीय इतिहास के सबसे निर्णायक युद्धों में से एक माना जाता है क्योंकि इसने दिल्ली सल्तनत के लोदी वंश का अंत किया और भारत में मुगल साम्राज्य की नींव रखी।  27 अप्रैल, 1526 को बाबर ने अपने आप को 'बादशाह' घोषित कर भारत में मुगल साम्राज्य की नींव डाली।

बाबर ने इस युद्ध में उज्बेगों से सीखी गई 'तुलुगमा' रणनीति का प्रयोग किया, जिसमें सेना को चारों ओर से घेरकर हमला किया जाता था। भारत में पहली बार बड़े स्तर पर बारूद और तोपों का सफल प्रयोग इसी युद्ध में हुआ। बाबर के दो प्रसिद्ध तोपची— उस्ताद अली और मुस्तफा ने इस जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इब्राहिम लोदी मध्यकालीन भारत का एकमात्र ऐसा सुल्तान था जो युद्ध स्थल पर मारा गया।

7. पानीपत के युद्ध में बाबर की जीत का मुख्य कारण क्या था? [39th B.P.S.C. (Pre) 1994]

Correct Answer: (b) उसकी सैन्य कुशलता
Solution:

पानीपत की पहली लड़ाई 21 अप्रैल, 1526 को बाबर एवं इब्राहिम लोदी के बीच हुई, जिसमें अपनी सैन्य कुशलता के बल पर बाबर ने विजय प्राप्त की। बाबर की सैन्य संख्या लोदी सेना से कम थी, फिर भी उसकी कुशल सैन्य नीति के चलते विजयश्री ने उसका वरण किया।

8. बाबर की इब्राहिम लोदी पर विजय का कारण था- [U.P. P.C.S. (Pre) 1990]

Correct Answer: (d) कुशल सेनानायक
Solution:

बाबर की इब्राहिम लोदी पर विजय का कारण कुशल सेनानायकत्व था।

9. निम्नलिखित में से किस युद्ध में एक पक्ष द्वारा प्रथम बार तोपों का उपयोग किया गया था? [U.P. P.C.S. (Pre) 1996]

Correct Answer: (a) पानीपत का प्रथम युद्ध
Solution:

पानीपत के प्रथम युद्ध में बाबर द्वारा तोपों का प्रयोग किया गया था। यह लड़ाई बाबर एवं इब्राहिम लोदी के बीच 21 अप्रैल, 1526 को संपन्न हई थी। जिसमें अपनी सैन्य कुशलता के बल पर बाबर ने विजय प्राप्त की। बाबर की तोपों का संचालन उस्ताद बली कुली एवं बंदूकचियों का नेतृत्व मुस्तफा ने किया था, परंतु बाबर प्रथम उपयोग का उल्लेख किया है। भारत में तोप और बंदूक दाखिल 1519 ई. में बाजौर (पाकिस्तान) की लड़ाई में तोपों और बंदूकों के करने का श्रेय आमतौर पर बाबर को दिया गया है।

10. पानीपत की पहली लड़ाई में बाबर ने किसको हराया था? [M.P. P.C.S. (Pre) 2005]

Correct Answer: (b) इब्राहिम लोदी
Solution:

उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।