यूजीसी नेट/जेआरएफ परीक्षा, जून-2019 योग (YOGA)

Total Questions: 100

91. अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस कब मनाया जाता है?

Correct Answer: (c) 21 जून
Solution:

योग के महत्व और तथ्यों के दृष्टिगत भारत और विदेश में लाखों लोग प्रतिदिन योगाभ्यास करने के साथ-साथ प्रत्येक वर्ष 21 जून को मनाए जाने वाले अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस में भाग लेते हैं।

92. योग चिकित्सा निम्नलिखित में से किसके मध्य संतुलन बनाने में सफल है?

Correct Answer: (a) तंत्रिका तंत्र और अन्तः स्रावी तंत्र
Solution:

योग चिकित्सा तंत्रिका तंत्र और अन्तः स्रावी तंत्रों में संतुलन स्थापित करने में सफल है, जिसका शरीर के सभी अंगों पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। योग विभिन्न रोगों पर नियंत्रण के लिए चिकित्सा के रुप में सफल हुआ है।

93. योग निम्नलिखित में से किन समग्र सिद्धांतों क्रियान्वित होता है?

Correct Answer: (d) सामंजस्य और एकात्मता
Solution:

योग सामंजस्य और एकात्मता के समग्र सिद्धांतों पर क्रियान्वित होता है। इससे व्यक्तित्व के सभी पक्ष अर्थात शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक प्रभावित होते हैं।

94. आध्यात्मिक पद 'जोड़ना' की व्याख्या निम्नलिखित में से किसके मिलन के रूप में की गई है?

Correct Answer: (b) व्यष्टि और सार्वभौम चेतना
Solution:

आध्यात्मिक पद 'जोड़ना' की व्याख्या व्यष्टि और सार्वभौम चेतना के मिलन के रूप में की गई है। योग समग्र जीवन का विज्ञान है जिससे 'जोड़ना' अभिप्रेत है। आध्यात्मिक जगत में इस संयोजन की व्याख्या व्यष्टि चेतना का सार्वभौम चेतना के साथ मिलन के रूप में की जाती है।

95. महर्षि पतंजलि के अनुसार चेतना साम्य में व्यवधान उत्पन्न करने वाले पाँच क्लेश हैं- अविद्या, अस्मिता, राग, द्वेष और अभिनिवेश । सत्यज्ञान का अभाव सभी दुःखों को स्रोत है चाहे वे प्रसुप्त तनु विच्छिन्न या पूर्णरूपेण उदार हैं।

अविद्या सभी क्लेशों की जननी है। शरीर और आत्मा भिन्न-भिन्न है किन्तु अस्मिता के कारण व्यक्ति को इनके एक होने की अनुभूति होतीहै। सुखद अनुभवों से काम और भावनात्मक आसक्ति उत्पन्न होती है। अप्रसन्नता के परिणामस्वरूप घृणा और महत्त्वहीनता का भाव उत्पन्न होता है।

जीवन के प्रति आसक्ति अथवा मृत्यु भय सभी मनुष्यों में निहित है और विवेकीजन भी इससे अछूते नहीं हैं। ये पाँच क्लेश बौद्धिक, भावनात्मक और सहज इन तीन स्तरों वाले होते हैं। अविद्या और अस्मिता बुद्धि के क्षत्र से संबंधित हैं। राग और द्वेष भावनाओं और अनुभूतियों से संबंधित हैं। अभिनिवेश क्लेश की प्रवृत्ति सहज होती है। इन पाँच क्लेशों के मूल कारण व्यवहारपरक प्रकार्य एवं चिंतन हैं।

सभ्यता के आरम्भ से ही विचार और कर्म की प्रक्रियाएँ विद्यमान रही हैं और मनुष्य यथार्थ ज्ञान की खोज करता रहा है। साधना के संदर्भ में बुद्धि की विभेदक शक्ति अंततः विशुद्ध प्रज्ञा में परिणत होती है जो शाश्वत रहती है। सच्चा साधक योग के माध्यम से आरंभ में ही क्लेशों को नष्ट करने में सक्षम होता है।

बुद्धि की विभेदक शक्ति अंततः इनमें से किसमें परिणत होती है?

Correct Answer: (c) विशुद्ध प्रज्ञा में
Solution:

साधना के संदर्भ में बुद्धि की विभेदक शक्ति अंततः विशुद्ध प्रज्ञा में परिणत होती है जो शाश्वत् रहती है। सच्चा साधक योग के माध्यम से आरंभ में ही क्लेशों को नष्ट करने में सक्षम होता है।

96. निम्नलिखित में से कौन सा क्लेश बुद्धि के क्षेत्र से संबंधित है?

(A) राग
(B) अविद्या
(C) अस्मिता
(D) द्वेष

सही विकल्प चुनिए :

Correct Answer: (a) (B) और (C)
Solution:

अविद्या और अस्मिता बुद्धि के क्षेत्र से संबंधित है। महर्षि पतंजलि के अनुसार चेतना साम्य में व्यवधान उत्पन्न करने वाले पाँच क्लेश हैं- अविद्या, अस्मिता, राग, द्वेष और अभिनिवेश । अविद्या सभी क्लेशों की जननी है। शरीर और आत्मा भिन्न-भिन्न है किन्तु अस्मिता के कारण व्यक्ति को इनके एक होने की अनुभूति होती है।

97. जीवन के प्रति आसक्ति अथवा मृत्यु भय का भाव निम्नलिखित में से किन में निहित होता है?

Correct Answer: (a) सभी मानव में
Solution:

जीवन के प्रति आसक्ति अथवा मृत्यु भय का भाव सभी मानव में निहित होता है और विवेकीजन भी इससे अछूते नही हैं। ये पाँच क्लेश बौद्धिक, भवानात्मक और सहज इन तीन स्तरों वाले होते हैं।

98. निम्नलिखित में से किसके कारण ऐसी अनुभूति होती है कि शरीर और शाश्वत स्वरूप एक ही हैं?

Correct Answer: (c) अस्मिता
Solution:

अस्मिता के कारण ऐसी अनुभूति होती है कि शरीर और शाश्वत स्वरुप एक ही हैं। शरीर और आत्मा भिन्न-भिन्न हैं किन्तु अस्मिता के कारण व्यक्ति को इनके एक होने की अनुभूति होती है। सुखद अनुभवों से काम और भावनात्मक आसक्ति उत्पन्न होती है।

99. निम्नलिखित में से क्या क्या क्लेश के प्रकार नहीं हैं?

(A) अविद्या
(B) अहिंसा
(C) अस्मिता
(D) अस्तेय

सही विकल्प चुनिए :

Correct Answer: (e) *
Solution:

प्रश्नगत अनुच्छेद में चेतना साम्य में व्यवधान उत्पन्न करने वाले पाँच क्लेशों की व्याख्या की गयी है। ये पाँचों क्लेश, क्लेश के प्रकार नहीं हैं अपितु क्लेश को उत्पत्ति करने वाले कारक हैं। इस प्रकार प्रश्न का प्रारुप ठीक न होने के कारण परीक्षा एजेंसी NTA ने इस प्रश्न को निरस्त कर दिया है।

100. सभी क्लेशों की जननी है

Correct Answer: (b) अविद्या
Solution:

अनुच्छेद के प्रथम पैराग्राफ से ही स्पष्ट है कि सभी क्लेशों की जननी अविद्या है। सत्यज्ञान का अभाव सभी दुःखों का स्त्रोत है चाहे वे प्रसुप्त तनु विच्छित्र या पूर्णरुपेण उदार हैं। अविद्या सभी क्लेशों की जननी है।