Solution:कथन I अस्थगित कर देयताएँ (निवल) लेखा आय और कर योग्य आय के बीच अस्थायी अंतर पर कर राशि है। जब लेखा आय कर योग्य आय में अधिक होती है, यह उद्भव होती है। अतः कथन-1 सही है।
कथन - II आस्थगित कर देयताएँ (निवल) और आस्थगित कर सम्पत्तियाँ (निवल) पुस्तकीय प्रविष्टियाँ मात्र हैं, अर्थात् वे न तो वास्तविक देयता हैं, और न तो वास्तविक सम्पत्ति । अतः कथन-II सही है। दोनों कथन सही हैं।