रसायन विज्ञान (रेलवे) भाग-VIII

Total Questions: 50

31. प्लास्टर ऑफ पेरिस को सीलबंद कंटेनरों में संग्रहीत किया जाना चाहिए। निम्न में से कौन सा दिए गए अभिकथन की सही व्याख्या करता है? [RRB Group 'D' CBT परीक्षा, 20.09.2022 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (1) वह वायु में मौजूद नमी से अभिक्रिया करके ठोस में परिवर्तित हो जाता है।
Solution:

प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) एक सफेद पाउडर है जो जिप्सम को लगभग 150°C पर गर्म करने से बनता है। इसका उपयोग टूटी हुई हड्डियों पर प्लास्टर लगाने, मूर्तिकला, निर्माण और दंत चिकित्सा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में होता है।
• वायु में उपस्थित नमी से अभिक्रिया करके यह कठोर ठोस में बदल जाता है।
• प्लास्टर ऑफ पेरिस कैल्शियम सल्फेट है और जब इसमें क्रिस्टलीकरण का पानी मिलाया जाता है, तो जिप्सम बनता है, जो एक कठोर पदार्थ है।
•  CaSO₄.1/2 HO + 3/2 HO → CaSO.2H₂O
• इसलिए इसे वाटर प्रूफ कंटेनर में संग्रहित किया जाना चाहिए।

32. प्राकृतिक रूप से कितने तत्व पाए जाते हैं? [RRB Group 'D' CBT परीक्षा, 20.09.2022 (प्रथम पाली)]

Correct Answer: (3) 94
Solution:

आवर्त सारणी में 118 तत्व हैं।
• इन 118 तत्वों में से 94 पृथ्वी पर प्राकृतिक रूप से पाए जाते हैं।
• इनमें से छह बहुत कम मात्रा में पाए जाते हैं: टेक्नेटियम, प्रोमीथियम एस्टैटाइन, फ्रैशियम, नेप्टुनियम और प्लूटोनियम।
• आधुनिक आवर्त सारणी की खोज मोसले (Moseley) ने की थी।
• आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों को परमाणु क्रमांक के बढ़ते क्रम में रखा गया है।
• आधुनिक आवर्त सारणी में सात आवर्त और अठारह समूह हैं।
• सबसे हल्की धातु लिथियम (Li) है।
• सबसे हल्की गैस हाइड्रोजन (H) है।
• विद्युत का सबसे अच्छा सुचालक चांदी (Ag) है।
• पौधों के पर्णहरिम में पाया जाने वाला धातु मैग्नीशियम (Mg) है।

33. धातुओं के संबंध में इनमें से कौन-सा कथन सही नहीं है? [RRB Group 'D' CBT परीक्षा, 20.09.2022 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (3) सामान्यतः, धातुएं अम्लीय ऑक्साइड बनाती हैं।
Solution:

धातु वे तत्व हैं जो इलेक्ट्रॉनों को खौ देने की प्रवृति रखते हैं। अधातु वे तत्व हैं जो इलेक्ट्रॉन प्राप्त करने की प्रवृत्ति रखते हैं।
• धातुओं के ऑक्साइड क्षारीय प्रकृति के होते हैं जबकि अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते हैं।
• धातु ऑक्साइड पानी में घुलने पर हाइड्रॉक्सिल आयन छोड़ते हैं जिसके कारण यह क्षारीय होते हैं।
• गैर-धात्विक ऑक्साइड पानी में घुलने पर हाइड्रोनियम आयन छोड़ते हैं ये इसलिए अम्लीय होते हैं।
• धातु चमकीली, कठोर, आघातवर्धनीय (पीटकर चादर बनाना), तन्य (खींचकर तार बनाना) होती हैं और ऊष्मा व विद्युत की सुचालक होती हैं।
• अधातु सामान्यत मंद, भंगुर होती हैं और ऊष्मा व विद्युत की कुचालक होती हैं।

34. पांच-कार्बन परमाणु वाले यौगिक 'पेंटानल' में क्रियात्मक समूह का चयन कीजिए। [RRB Group 'D' CBT परीक्षा, 20.09.2022 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (2) एल्डिहाइड
Solution:

पेंटानल (जिसे वेलेरल्डिहाइड भी कहा जाता है) एक संतृप्त वसायुक्त एल्डिहाइड है जो एक सीधी श्रृंखला में पाँच कार्बन से बना होता है।
• इसमें पांच कार्बन की सबसे लंबी श्रृंखला होती है और इसमें एल्डिहाइड (कार्यात्मक समूह) होता है।
• एल्केन, संतृप्त हाइड्रोकार्बन होते हैं, जिनमें केवल कार्बन-कार्बन एकल सहसंयोजक बंध होते हैं और इनका सामान्य सूत्र (CₙH₂ₙ₊₂) होता है। मिथेन, प्रोपेन और ब्यूटेन एल्केन के उदाहरण हैं।
• अल्कोहल एक कार्बनिक यौगिक है जो मादक पेय पदार्थों का मुख्य घटक है और इसे विलायक, ईंधन और एंटीसेप्टिक के रूप में भी उपयोग किया जाता है। शराब के अत्यधिक सेवन से उच्च रक्तचाप, अनियमित हृदय गति, स्ट्रोक और लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

35. मेंडेलीफ की आवर्त सारणी की खोज के समय, निम्न में से किस तत्व समूह की खोज नहीं हुई थी? [RRB Group 'D' CBT परीक्षा, 20.09.2022 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (2) उत्कृष्ट गैसें (Noble gases)
Solution:

मेंडलीफ की आवर्त सारणी में हीलियम, नियॉन और आर्गन क्रिप्टन, रेडॉन तथा जेनॉन जैसी उत्कृष्ट गैसों का उल्लेख नहीं था।
• उत्कृष्ट गैसें आवर्त सारणी के समूह 18 के सदस्य हैं
• ऐसा इसलिए था क्योंकि वे उस समय ये ज्ञात नहीं थे तथा बहुत बाद में खोजे गए थे।
• चूंकि वे अक्रिय गैसें हैं, इसलिए उन्हें प्राचीन तकनीक से पहचानना मुश्किल था।
• आवर्त सारणी के तत्त्व लिथियम (Li), सोडियम (Na), पोटैशियम (K), रुबिडियम (Rb), सीज़ियम (Cs) और फ्रांसियम (Fr) के समूह को क्षार धातुएँ (Alkali metals) कहते हैं। यह समूह आवर्त सारणी के एस-ब्लॉक में स्थित है।
क्षारीय मृदा धातुएँ तत्वों के दूसरे सबसे अधिक अभिक्रियाशील परिवार हैं। बेरिलियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम, स्ट्रोंटियम, बेरियम और रेडियम सभी चमकदार और चांदी जैसे सफ़ेद होते हैं।
• हैलोजन आवर्त सारणी में समूह 17 के तत्व हैं: फ्लोरीन (F), क्लोरीन (Cl), ब्रोमीन (Br), आयोडीन (I), और एस्टैटीन (At)। फ्लोरीन और क्लोरीन गैसें हैं। ब्रोमीन द्रव है। आयोडीन और एस्टैटीन ठोस हैं।

36. बेकिंग सोडा का उपयोग सामान्यतः ......... नहीं किया जाता है। [RRB Group 'D' CBT परीक्षा, 20.09.2022 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (1) विसंक्रामक के रूप में
Solution:

सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO) जिसे बेकिंग सोडा के रूप में भी जाना जाता है, का उपयोग मुख्य रूप से खाना पकाने (बेकिंग) में एक खमीर घटक के रूप में किया जाता है।
• यह घोल में अम्लीय घटकों के साथ प्रतिक्रिया करता है तथा कार्बन डाइऑक्साइड को मुक्त करता है जो पेनकेक्स, केक, क्विक ब्रेड आदि में विशिष्ट बनावट और दाने बनाता है।
• ब्लीचिंग पाउडर या कैल्शियम हाइपोक्लोराइट (CaOCl) का उपयोग विसंक्रामक (disinfectant) और कीटाणुनाशक के रूप में, विशेष रूप से पीने के पानी के रोगाणुनाशन में किया जाता है।

37. इनमें से कौन-सी संरचना कार्बन परमाणुओं की एक बंद श्रृंखला से बनती है? [RRB Group 'D' CBT परीक्षा, 20.09.2022 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (3) वलयी संरचना
Solution:

श्रृंखलन (catenation) एक स्व-संयोजी गुण है जो कार्बन में पाया जाता है, जिसके द्वारा यह असीमित कार्बन परमाणुओंके साथ संयोजन कर सकता है तथा विभिन्न प्रकौर की श्रृंखला या रिंग संरचना बना सकता है।
श्रृंखलन गुण के कारण कार्बन सीधी श्रृंखला, शाखा श्रृंखला और चक्रीय यौगिकों का निर्माण करता है।
• उदाहरण: बेंजीन में एक (CH) रिंग-कार्बन श्रृंखला संरचना होती है।
• सीधी श्रृंखला वाले एल्केन्स को एक प्रकार के हाइड्रोकार्बन के रूप में परिभाषित किया जाता है, जिसकी विशेषता कार्बन परमाणुओं की एक सतत रैखिक व्यवस्था होती है, जहाँ प्रत्येक कार्बन परमाणु दो से अधिक अन्य कार्बन परमाणुओं से बंधा नहीं होता है । ये एल्केन्स का एक उपवर्ग हैं, जिनका सामान्य सूत्र CₙH₂ₙ₊₂ है और ये संतृप्त होते हैं, जिनमें केवल एकल बंध होते हैं।
• शाखित श्रृंखला संरचना (Branched Chain Structure) एक ऐसी व्यवस्था है जहाँ एक मुख्य श्रृंखला (जैसे कार्बन परमाणुओं की लंबी श्रृंखला) से छोटी श्रृंखलाएँ या समूह अलग से जुड़े होते हैं, जो एक पेड़ की शाखाओं जैसा स्वरूप बनाते हैं।
• अचक्रीय संरचना (Acyclic structure) का मतलब ऐसी संरचना से है जिसमें कोई बंद वलय (closed ring) या चक्र (cycle) नहीं होता, बल्कि कार्बन श्रृंखला खुली (open chain) होती है, जो सीधी या शाखित (branched) हो सकती है।

38. अमोनिया और जल की उपस्थिति में, सोडियम क्लोराइड की कार्बन डाईऑक्साइड के साथ अभिक्रिया के फलस्वरूप इनमें से कौन-सा यौगिक बनता है? [RRB Group 'D' CBT परीक्षा, 20.09.2022 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (4) NaHCO₃
Solution:

जब सोडियम क्लोराइड का एक ठंडा और सान्द्रित घोल कार्बन डाइऑक्साइड और अमोनिया के साथ प्रतिक्रिया करता है, तो यह अमोनियम क्लोराइड और सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (NaHCO) बनाता है।
• ब्लीचिंग पाउडर या कैल्शियम हाइपोक्लोराइट (CaOCl₂ ) का उपयोग विसंक्रामक (disinfectant) और कीटाणुनाशक के रूप में विशेष रूप से पीने के पानी के रोगाणुनाशन में किया जाता है। सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट (NaHCO )
• NaCl + NH + H₂O + CO₂ → NaHCO + NHCl
को सोडियम बाइकार्बोनेट या बेकिंग सोडा भी कहा जाता है।

39. उदासीनीकरण अभिक्रिया में निम्न में से कौन-से उत्पाद बनते हैं? [RRB Group 'D' CBT परीक्षा, 20.09.2022 (द्वितीय पाली)]

Correct Answer: (3) लवण और जल
Solution:

एक उदासीनीकरण प्रतिक्रिया को एक रासायनिक प्रतिक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें एक अम्ल और क्षार मात्रात्मक रूप से एक साथ प्रतिक्रिया करते हैं ताकि उत्पादों के रूप में नमक और पानी बन सके।
• उदासीनीकरण अभिक्रिया में H⁺ आयन और OH⁻ आयन मिलकर जल बनाते हैं।
• उदाहरण: HCI (हाइड्रोक्लोरिक एसिड) + NaOH (सोडियम हाइड्रोक्साइड) → NaCl (सोडियम क्लोराइड) + H₂O (जल)

40. दी गई अभिक्रिया में निम्न में से किसका अपचयन होगा? [RRB Group 'D' CBT परीक्षा, 20.09.2022 (द्वितीय पाली)]

ZnO + C ⟶ Zn + CO

Correct Answer: (2) ZnO
Solution:

ZnO, जिंक ऑक्साइडका रासायनिक सूत्र है।
• किसी पदार्थ में ऑक्सीजन जोड़ना (Gain) और किसी पदार्थ से हाइड्रोजन को हटाना (Remove) ऑक्सीकरण प्रतिक्रिया के रूप में जाना जाता है।
• ऑक्सीजन के योग से C से CO का ऑक्सीकरण होता है।
• दिये गए अभिक्रिया में ऑक्सीजन समाप्त हो जाती है, क्योंकि ZnO, Zn में परिवर्तित हो जाता है।