Correct Answer: (d) राष्ट्रीय रेल एवं परिवहन संस्थान
Solution:- केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2022 ने राष्ट्रीय रेल एवं परिवहन संस्थान (NRTI) को गतिशक्ति विश्वविद्यालय के रूप में परिवर्तित करने का प्रस्ताव दिया।
- यह विश्वविद्यालय वड़ोदरा, गुजरात में स्थित है। इसका मुख्य उद्देश्य परिवहन और अवसंरचना क्षेत्रों में ज्ञान, कौशल और अनुसंधान को बढ़ावा देना है
- जिससे प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान को समर्थन मिल सके।
- विधेयक का परिचय
- यह विधेयक 1 अगस्त 2022 को लोकसभा में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा पेश किया गया था।
- यह 2009 के केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन करता है
- जो विभिन्न राज्यों में केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रावधान करता है।
- लोकसभा ने इसे 2 अगस्त 2022 को पारित किया, और बाद में यह कानून बन गया।
- मुख्य प्रस्ताव
- विधेयक का प्रमुख उद्देश्य एनआरटीआई को एक स्वायत्त केंद्रीय विश्वविद्यालय, गतिशक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) के रूप में बदलना था, जो गुजरात के वडोदरा में स्थित है।
- एनआरटीआई पहले एक डीम्ड विश्वविद्यालय था
- जिसे 2018 में स्थापित किया गया था और यूजीसी एक्ट 1956 के तहत मान्यता प्राप्त थी।
- यह विश्वविद्यालय रेल मंत्रालय द्वारा प्रायोजित और वित्त पोषित होगा।
- विश्वविद्यालय का उद्देश्य
- गतिशक्ति विश्वविद्यालय परिवहन, बुनियादी ढांचा, तकनीक और प्रबंधन से जुड़े क्षेत्रों में उच्च शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास पर केंद्रित होगा।
- इसमें मास्टर और डॉक्टरल डिग्री प्रोग्राम शामिल हैं।
- विश्वविद्यालय भारत और विदेशों में केंद्र स्थापित कर सकेगा, जिससे परिवहन क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन की कमी पूरी होगी।
- पृष्ठभूमि और महत्व
- भारत सरकार की प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना से प्रेरित यह कदम मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए है।
- एनआरटीआई पहले से रेलवे और परिवहन प्रशिक्षण दे रहा था, लेकिन केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने से इसका दायरा बढ़ेगा।
- 6 दिसंबर 2022 को अधिनियम के तहत इसे औपचारिक रूप से केंद्रीय विश्वविद्यालय घोषित किया गया।
- अन्य प्रावधान
- विश्वविद्यालय एक निगमित निकाय के रूप में कार्य करेगा, जिसका क्षेत्रफल पूरे भारत में होगा।
- इसमें नियुक्ति, वेतन और सेवा शर्तों के नए नियम जोड़े गए, जैसे पारिश्रमिक समकक्ष के आधार पर कर्मचारियों का समापन।
- यह परिवहन क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को सपोर्ट करेगा।