राष्ट्रीय (अद्यतन सामान्य ज्ञान) भाग-III

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1. जून, 2022 में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) के नए महानिदेशक के रूप में किसे नियुक्त किया गया था? [CHSL (T-I) 15 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) दिनकर गुप्ता
Solution:
  • जून, 2022 में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) के नए महानिदेशक के रूप में दिनकर गुप्ता को नियुक्त किया गया था।
  • वह 1987 बैच के पंजाब कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं
  • उन्होंने इस पद पर योगेश चंद्र मोदी का स्थान लिया। उन्होंने NIA का नेतृत्व तब संभाला जब यह एजेंसी आतंकवाद और उग्रवाद से संबंधित प्रमुख मामलों की जांच कर रही थी।
  • दिनकर गुप्ता का पृष्ठभूमि
    • दिनकर गुप्ता 1987 बैच के IPS अधिकारी हैं, जो अखिल भारतीय सेवाओं में शीर्ष पदों पर रह चुके हैं।
    • पंजाब कैडर के होने के कारण उन्होंने आतंकवाद और उग्रवाद से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, विशेष रूप से पंजाब पुलिस प्रमुख रहते हुए।
    • उनकी नियुक्ति NIA के लिए एक रणनीतिक निर्णय था, क्योंकि NIA मुख्य रूप से आतंकवाद, उग्रवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों की जांच करती है।
  • नियुक्ति का विवरण
    • नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा केंद्र सरकार ने की, और इसे नियुक्ति समिति ने मंजूरी दी।
    • उनका कार्यकाल मूल रूप से 31 मार्च 2024 तक निर्धारित था, जो उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि थी।
    • इस दौरान उन्होंने NIA को मजबूत करने और उच्च-स्तरीय आतंकवाद विरोधी जांचों को गति प्रदान करने में योगदान दिया।
    • बाद में, मार्च 2024 में उन्हें आईपीएस अधिकारी सदानंद वसंत ने succeed किया, जिनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 तक था।
  • NIA का संक्षिप्त परिचय
    • NIA की स्थापना 2009 में भारत सरकार द्वारा की गई थी, जो एक संघीय एजेंसी है।
    • इसका मुख्य उद्देश्य आतंकवादी कृत्यों, उग्रवाद, आतंकवादी वित्तपोषण और भारत की संप्रभुता को खतरे में डालने वाले अपराधों की जांच करना है।
    • यह राज्य पुलिस के साथ समन्वय करती है, खुफिया जानकारी साझा करती है
    • विशेष न्यायालयों के माध्यम से अभियोजन सुनिश्चित करती है।
    • दिनकर गुप्ता की नियुक्ति ने एजेंसी को उनके पुलिस अनुभव से मजबूती प्रदान की।​
  • बाद की विकास
    • जून 2022 के बाद NIA के नेतृत्व में बदलाव हुए। 2024 में सदानंद वसंत नियुक्त हुए
    • हाल ही में जनवरी 2026 में हिमाचल प्रदेश कैडर के 1994 बैच IPS अधिकारी राकेश अग्रवाल को नया महानिदेशक बनाया गया
    • जिनका कार्यकाल 31 अगस्त 2028 तक है। यह श्रृंखला NIA की निरंतरता दर्शाती है।

2. भारत-मध्य एशिया शिखर सम्मेलन की पहली बैठक की मेजबानी किस देश ने की थी? [CHSL (T-I) 11 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) भारत
Solution:
  • भारत-मध्य एशिया शिखर सम्मेलन की पहली बैठक की मेजबानी भारत ने की थी।
  • यह बैठक जनवरी 2022 में वर्चुअल फॉर्मेट में आयोजित की गई थी
  • जिसमें भारत के प्रधानमंत्री और कजाकिस्तान, किर्गिज गणराज्य, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों ने भाग लिया था।
  • इसका उद्देश्य आपसी सहयोग को बढ़ाना और सुरक्षा, व्यापार तथा कनेक्टिविटी पर ध्यान केंद्रित करना था।
  • आयोजन का पृष्ठभूमि
    • यह शिखर सम्मेलन भारत और मध्य एशिया के पांच देशों—कजाकिस्तान, किर्गिज़ गणराज्य, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान तथा उज़्बेकिस्तान—के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 30वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया गया।
    • भारत ने इसकी मेजबानी नई दिल्ली से की, जिसमें मध्य एशियाई राष्ट्रों के राष्ट्रपतियों ने भाग लिया
    • कजाकिस्तान के कासिम-जोमार्ट तोकायेव, किर्गिज़ के सादिर जापरोव, ताजिकिस्तान के इमोमाली रहमोन,
    • तुर्कमेनिस्तान के गुरबांगुली बर्दीमुहामेदोव तथा उज़्बेकिस्तान के शवकत मिर्ज़ियोयेव।
    • यह नेताओं के स्तर पर अपनी तरह का पहला सम्मेलन था, जो क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू हुआ।
  • प्रमुख चर्चित मुद्दे
    • सम्मेलन में सुरक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी, विकास तथा लोगों-से-लोगों के संपर्क जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
    • नेताओं ने दिल्ली घोषणा जारी की, जिसमें भारत-मध्य एशिया केंद्र की स्थापना का प्रस्ताव स्वागतयोग्य बताया गया, जो शिखर सम्मेलन का सचिवालय बनेगा।​
    • अन्य बिंदुओं में मध्य एशिया में सुरक्षा परिषद सचिवों की नियमित बैठकें, राज्यों-क्षेत्रों के बीच साझेदारी, व्यापार वृद्धि के लिए रोडमैप तथा युवा एवं छात्र आदान-प्रदान शामिल थे
    • उदाहरणस्वरूप, भारत हर साल 100 मध्य एशियाई युवाओं की मेजबानी करेगा।​
    • नेताओं ने SCO, CICA जैसे मंचों पर सहयोग बढ़ाने तथा अफगानिस्तान संबंधी मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया।
  • परिणाम और महत्व
    • दिल्ली घोषणा के माध्यम से अगले शिखर सम्मेलन को 2024 में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
    • यह भारत की विस्तारित पड़ोस नीति का हिस्सा था, जो मध्य एशिया को स्थिरता व विकास के केंद्र के रूप में देखता है।
    • भारत ने चाबहार बंदरगाह, INSTC कॉरिडोर तथा ऊर्जा सहयोग जैसे क्षेत्रों में योगदान पर जोर दिया, जबकि मध्य एशियाई नेता भारत के प्रयासों की सराहना की।
    • यह सम्मेलन भारत की मध्य एशिया नीति में नया अध्याय खोलने वाला साबित हुआ
    • जो ऊर्जा सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग तथा आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देता है।

3. जून, 2022 में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के नए अध्यक्ष के रूप में किसे नियुक्त किया गया था? [CHSL (T-I) 15 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) नितिन गुप्ता
Solution:
  • जून, 2022 में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के नए अध्यक्ष के रूप में नितिन गुप्ता को नियुक्त किया गया था।
  • वह भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के 1986 बैच के अधिकारी हैं और उन्होंने यह पद जगत मोहन के सेवानिवृत्त होने के बाद संभाला।
  • CBDT, वित्त मंत्रालय के तहत कार्यरत, प्रत्यक्ष करों की वसूली और प्रशासन के लिए जिम्मेदार शीर्ष निकाय है।
  • नियुक्ति का विवरण
    • नितिन गुप्ता, 1986 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (IRS, इनकम टैक्स) अधिकारी थे, जो नियुक्ति से पहले CBDT में सदस्य (जांच) के पद पर कार्यरत थे।
    • मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने 25 जून 2022 को यह नियुक्ति मंजूर की, और 26 जून को आधिकारिक अधिसूचना जारी हुई।
    • उनका कार्यकाल अगले वर्ष सितंबर में सेवानिवृत्ति तक निर्धारित था, लेकिन बाद में इसे विस्तार दिया गया।
  • पृष्ठभूमि और योग्यता
    • नितिन गुप्ता आयकर विभाग में लंबे समय से सक्रिय रहे, विशेष रूप से जांच और प्रत्यक्ष कर नीतियों के क्षेत्र में।
    • CBDT में उनकी भूमिका ने उन्हें बोर्ड की प्रमुख जिम्मेदारियों के लिए उपयुक्त बनाया, जहां वे कर संग्रह, नीति निर्माण और अनुपालन सुनिश्चित करने में विशेषज्ञता रखते थे।
    • नियुक्ति सरकारी प्राथमिकताओं जैसे कर सुधारों और डिजिटल अनुपालन को मजबूत करने के अनुरूप थी।
  • CBDT की संरचना
    • CBDT में एक अध्यक्ष और अधिकतम छह सदस्य होते हैं, सभी IRS अधिकारी जो पदेन विशेष सचिव के रैंक पर कार्य करते हैं।
    • यह वित्त मंत्रालय के तहत कार्य करता है और आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों को लागू करता है।
    • नितिन गुप्ता की नियुक्ति पूर्व अध्यक्ष के स्थान पर हुई, जो बोर्ड की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण थी।
  • बाद की घटनाएं
    • नितिन गुप्ता का कार्यकाल 2023 में सेवानिवृत्ति के बाद विस्तारित हुआ, लेकिन जून 2024 में रवि अग्रवाल (1988 बैच IRS) ने उनका स्थान लिया।
    • रवि अग्रवाल को 1 जुलाई 2024 से अध्यक्ष बनाया गया, जो 30 सितंबर 2024 तक पद पर रहे और फिर अनुबंध पर विस्तार मिला।
    • यह परिवर्तन CBDT की नेतृत्व निरंतरता को दर्शाता है।

4. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोदी शैक्षणिक संकुल नाम से एक शैक्षिक परिसर के पहले चरण का उद्घाटन अक्टूबर, 2022 में ....... में किया है। [CHSL (T-I) 15 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) अहमदाबाद
Solution:
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोदी शैक्षणिक संकुल नाम से एक शैक्षिक परिसर के पहले चरण का उद्घाटन अक्टूबर, 2022 में अहमदाबाद में किया था।
  • इस शैक्षिक परिसर का निर्माण मोढ वणिक मोदी समाज द्वारा किया गया है।
  • इसका उद्देश्य छात्रों को समग्र विकास के लिए सुविधाएं और अवसर प्रदान करना है, जिससे शिक्षा के माध्यम से समाज सशक्त हो सके।
  • स्थान और तिथि
    • यह उद्घाटन 10 अक्टूबर 2022 को गुजरात के अहमदाबाद के निकट छरोदी क्षेत्र में हुआ।
    • संकुल मोढ वणिक मोदी समाज द्वारा स्थापित किया गया है
    • जो जरूरतमंद छात्रों के लिए बनाया गया एक आधुनिक शैक्षणिक परिसर है।
  • सुविधाएँ
    • पहले चरण में 12 मंजिला इमारत शामिल है, जिसमें 116 कमरे हैं।
    • यह लगभग 400 से अधिक छात्रों के रहने, खाने-पीने और शिक्षा प्राप्त करने की व्यवस्था प्रदान करता है।
    • परिसर छात्रों के समग्र विकास के लिए आवश्यक सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराता है, जैसे आधुनिक कक्षाएँ और आवासीय व्यवस्था।​
  • उद्घाटन समारोह
    • उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री ने फीता काटा, दीप प्रज्ज्वलित किया और भवन का निरीक्षण किया।
    • उन्होंने छात्रों से बातचीत की और संस्था की प्रगति की सराहना की।
  • प्रधानमंत्री का संदेश
    • पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने वाले समाज ही सफल होते हैं।
    • उन्होंने जोर दिया कि युवाओं के लिए शिक्षा अधिक सुलभ बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
    • यह परियोजना समाज के कमजोर वर्गों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

5. कौन-सा भारतीय शहर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव, 2023 का मेजबान है? [CHSL (T-I) 15 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (b) अहमदाबाद
Solution:
  • अहमदाबाद शहर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव, 2023 का मेजबान रहा। यह महोत्सव 'उत्तरायण' के अवसर पर जनवरी 2023 में आयोजित किया गया था।
  • यह गुजरात पर्यटन द्वारा आयोजित एक प्रसिद्ध वार्षिक कार्यक्रम है
  • जो दुनिया भर के पतंगबाजों को आकर्षित करता है, और राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उत्साह को प्रदर्शित करता है।
  • आयोजन विवरण
    • यह महोत्सव 8 जनवरी 2023 को शुरू हुआ और 14 जनवरी तक चला, मुख्य रूप से साबरमती रिवरफ्रंट पर। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इसका उद्घाटन किया।
    • G20 की थीम "एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य" पर आधारित यह आयोजन दो वर्ष के कोविड अंतराल के बाद हुआ। इसमें 65-68 देशों से 800 से अधिक पतंगबाजों ने भाग लिया।
    • प्रतिभागियों ने अनूठी पतंगें उड़ाईं, कार्यशालाएं आयोजित कीं, और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया—एक साथ सबसे अधिक पतंगें उड़ाने का।
  • अन्य आयोजन स्थल
    • अहमदाबाद के अलावा गुजरात के सूरत, वड़ोदरा, राजकोट, द्वारका, सोमनाथ, धोरडो और केवड़िया में भी समांतर उत्सव हुए। ये सभी स्थल उत्तरायण की परंपरा को समृद्ध करते हैं।
    • यह महोत्सव गुजरात पर्यटन निगम द्वारा प्रायोजित था
    • जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की परेड, पतंग इतिहास प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे।
  • सांस्कृतिक महत्व
    • उत्तरायण गुजरात का प्रमुख त्योहार है, जहां लोग छतों से पतंगें उड़ाते हैं
    • "काई पूछे" जैसे नारों से प्रतिस्पर्धा करते हैं। पतंग उद्योग ने 8-10 करोड़ से बढ़कर 625 करोड़ रुपये का कारोबार किया।
    • यह उत्सव प्रगति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है
    • जो पर्यटकों को आकर्षित करता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है।

6. केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2022 ने ....... को गतिशक्ति विश्वविद्यालय के रूप में परिवर्तित करने का प्रस्ताव दिया। [CHSL (T-I) 03 अगस्त, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) राष्ट्रीय रेल एवं परिवहन संस्थान
Solution:
  • केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2022 ने राष्ट्रीय रेल एवं परिवहन संस्थान (NRTI) को गतिशक्ति विश्वविद्यालय के रूप में परिवर्तित करने का प्रस्ताव दिया।
  • यह विश्वविद्यालय वड़ोदरा, गुजरात में स्थित है। इसका मुख्य उद्देश्य परिवहन और अवसंरचना क्षेत्रों में ज्ञान, कौशल और अनुसंधान को बढ़ावा देना है
  • जिससे प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान को समर्थन मिल सके।
  • विधेयक का परिचय
    • यह विधेयक 1 अगस्त 2022 को लोकसभा में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा पेश किया गया था।
    • यह 2009 के केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन करता है
    • जो विभिन्न राज्यों में केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रावधान करता है।
    • लोकसभा ने इसे 2 अगस्त 2022 को पारित किया, और बाद में यह कानून बन गया।
  • मुख्य प्रस्ताव
    • विधेयक का प्रमुख उद्देश्य एनआरटीआई को एक स्वायत्त केंद्रीय विश्वविद्यालय, गतिशक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) के रूप में बदलना था, जो गुजरात के वडोदरा में स्थित है।
    • एनआरटीआई पहले एक डीम्ड विश्वविद्यालय था
    • जिसे 2018 में स्थापित किया गया था और यूजीसी एक्ट 1956 के तहत मान्यता प्राप्त थी।
    • यह विश्वविद्यालय रेल मंत्रालय द्वारा प्रायोजित और वित्त पोषित होगा।​
  • विश्वविद्यालय का उद्देश्य
    • गतिशक्ति विश्वविद्यालय परिवहन, बुनियादी ढांचा, तकनीक और प्रबंधन से जुड़े क्षेत्रों में उच्च शिक्षा, अनुसंधान और कौशल विकास पर केंद्रित होगा।
    • इसमें मास्टर और डॉक्टरल डिग्री प्रोग्राम शामिल हैं।
    • विश्वविद्यालय भारत और विदेशों में केंद्र स्थापित कर सकेगा, जिससे परिवहन क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन की कमी पूरी होगी।
  • पृष्ठभूमि और महत्व
    • भारत सरकार की प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना से प्रेरित यह कदम मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए है।
    • एनआरटीआई पहले से रेलवे और परिवहन प्रशिक्षण दे रहा था, लेकिन केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने से इसका दायरा बढ़ेगा।
    • 6 दिसंबर 2022 को अधिनियम के तहत इसे औपचारिक रूप से केंद्रीय विश्वविद्यालय घोषित किया गया।
  • अन्य प्रावधान
    • विश्वविद्यालय एक निगमित निकाय के रूप में कार्य करेगा, जिसका क्षेत्रफल पूरे भारत में होगा।
    • इसमें नियुक्ति, वेतन और सेवा शर्तों के नए नियम जोड़े गए, जैसे पारिश्रमिक समकक्ष के आधार पर कर्मचारियों का समापन।​
    • यह परिवहन क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को सपोर्ट करेगा।

7. निम्नलिखित में से किस शहर ने 2022 में लगातार छठी बार भारत के सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार जीता है? [CHSL (T-I) 09 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) इंदौर
Solution:
  • इंदौर शहर ने 2022 में लगातार छठी बार भारत के सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार जीता है।
  • यह पुरस्कार 'स्वच्छ सर्वेक्षण 2022' के तहत प्रदान किया गया था, जो आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित किया जाता है।
  • इंदौर की यह उपलब्धि उसके ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता और नागरिक भागीदारी के प्रति निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।
  • स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 का परिचय
    • स्वच्छ सर्वेक्षण भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित वार्षिक सर्वेक्षण है
    • जो देश के शहरों और कस्बों में स्वच्छता स्तर का आकलन करता है।
    • 2022 संस्करण में 4,354 शहरों का मूल्यांकन किया गया
    • जिसमें स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन, नागरिक भागीदारी और अन्य मानदंडों पर आधारित रैंकिंग दी गई।
  • इंदौर की लगातार जीत
    • मध्य प्रदेश का इंदौर शहर 1 लाख से अधिक आबादी वाली श्रेणी में सबसे स्वच्छ शहर बना।
    • यह उसकी छठी लगातार जीत थी (2017 से 2022 तक), जो शहर की मजबूत स्वच्छता नीतियों, नागरिक जागरूकता और कचरा प्रबंधन प्रणाली का प्रमाण है।
    • इंदौर को "झीलों और महलों का शहर" भी कहा जाता है, और इस उपलब्धि ने इसे राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल कायम किया।
  • अन्य शीर्ष शहर
    • दूसरा स्थान: गुजरात का सूरत, जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।
    • तीसरा स्थान: महाराष्ट्र का नवी मुंबई, जो लगातार दूसरी बार तीसरे स्थान पर रहा।
  • अन्य महत्वपूर्ण पुरस्कार
    • सबसे स्वच्छ राज्य (100+ शहरी निकाय): मध्य प्रदेश पहला, छत्तीसगढ़ दूसरा, महाराष्ट्र तीसरा।​
    • फास्ट मूवर सिटी: कर्नाटक का शिवमोग्गा।​
    • सर्वश्रेष्ठ गंगा टाउन: उत्तराखंड का हरिद्वार।​
    • ये पुरस्कार स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत दिए गए, जो 2014 से चल रहा है और 2016 से सर्वेक्षण शुरू हुआ।
  • इंदौर की सफलता के कारण
    • इंदौर ने कचरा संग्रहण में 100% दर, स्रोत पर छंटाई, और जन-भागीदारी पर जोर देकर यह उपलब्धि हासिल की।
    • शहर की महापौर, आयुक्त और स्थानीय टीम ने राष्ट्रपति से पुरस्कार प्राप्त किया। यह जीत मध्य प्रदेश को स्वच्छ राज्य बनाने में भी सहायक रही।

8. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अक्टूबर, 2022 में ....... में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 14 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया है। [CHSL (T-I) 16 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) बिहार
Solution:
  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अक्टूबर, 2022 में बिहार में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 14 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया था।
  • यह प्रतिमा सारण जिले के सिताब दियारा में, जो जयप्रकाश नारायण का जन्मस्थान है, स्थापित की गई।
  • यह अनावरण उनकी जयंती के अवसर पर किया गया, जो भारतीय राजनीति में उनके महत्वपूर्ण योगदान को श्रद्धांजलि देता है।
  • घटना का विवरण
    • यह अनावरण 11 अक्टूबर 2022 को जयप्रकाश नारायण की 120वीं जयंती पर हुआ
    • जो उनके पैतृक गांव सीताबदियारा (सारण जिला, बिहार) में स्थित है। अमित शाह ने प्रतिमा का अनावरण करने के बाद एक जनसभा को संबोधित किया
    • जेपी के समग्र क्रांति के सपनों को साकार करने पर जोर दिया।
    • उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा स्थापित करने के संकल्प का उल्लेख किया, जो इस अवसर पर पूरा हुआ।
  • जयप्रकाश नारायण का परिचय
    • लोकनायक जयप्रकाश नारायण (जेपी), जिनका जन्म 11 अक्टूबर 1902 को इसी सीताबदियारा गांव में हुआ था
    • स्वतंत्रता सेनानी, समाजवादी नेता और राजनीतिक क्रांतिकारी थे।
    • उन्होंने 1970 के दशक में भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ 'संपूर्ण क्रांति' आंदोलन का नेतृत्व किया
    • जिसने भारतीय राजनीति को गहराई से प्रभावित किया। 1999 में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
  • कार्यक्रम के मुख्य बिंदु
    • अमित शाह ने जेपी को राष्ट्र और समाज के लिए समर्पित जीवन का प्रतीक बताया तथा गांधीवादी मार्ग पर स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला।
    • केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने जेपी के आदर्शों से प्रेरित विकास पर जोर दिया।
    • इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई नेता उपस्थित थे।
  • महत्व और संदर्भ
    • सीताबदियारा उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा पर स्थित है, लेकिन प्रशासनिक रूप से बिहार के सारण जिले का हिस्सा है।
    • यह घटना जेपी की विरासत को जीवंत करने का प्रयास था, जो बिहार में विशेष रूप से लोकप्रिय हैं।
    • प्रतिमा स्थापना उनके जन्मस्थान को एक स्मारक स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था।

9. ISRO ने ....... से संचार उपग्रह GSAT-24 को सफलतापूर्वक लांच किया। [CHSL (T-I) 16 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) फ्रेंच गुयाना में कौरू
Solution:
  • ISRO ने संचार उपग्रह GSAT-24 को सफलतापूर्वक फ्रेंच गुयाना में कौरू से लांच किया।
  • यह प्रक्षेपण जून 2022 में एरियनस्पेस के एरियन 5 रॉकेट द्वारा किया गया था।
  • GSAT-24, एक 4-टन वर्ग का संचार उपग्रह है
  • जो डायरेक्ट-टू-होम (DTH) अनुप्रयोग आवश्यकताओं के लिए पूरे भारत को कवरेज प्रदान करने हेतु बनाया गया है।
  • लॉन्च विवरण
    • रॉकेट ने उपग्रह को निर्धारित गति और कक्षा में पहुँचाया
    • उसके बाद ISRO के नियंत्रण से इसे अंतिम भूस्थिर पोजीशन में पहुँचाया गया। मिशन जीवनकाल 15 वर्ष का है।
  • उद्देश्य और क्षमताएँ
    • यह उपग्रह मुख्य रूप से DTH एप्लीकेशनों के लिए बनाया गया
    • जिसमें टाटा प्ले (Tata Play) को NSIL द्वारा पूरी क्षमता लीज पर दी गई।
    • यह देशव्यापी संचार इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करता है
    • जिसमें उच्च गुणवत्ता वाली टेलीविजन प्रसारण सेवाएँ शामिल हैं।
    • Ku-बैंड ट्रांसपोंडर की बदौलत यह बहु-चैनल वीडियो वितरण को सपोर्ट करता है।
    • NSIL ने इस मिशन को पूरी तरह वित्त पोषित किया
    • जिसमें उपग्रह निर्माण, लॉन्च, बीमा और संचालन सब शामिल थे।​
  • तकनीकी विशेषताएँ
    • आयाम और पावर: दो तैनात करने योग्य सोलर ऐरे और बैटरी से लैस।
    • ट्रांसपोंडर: 24 Ku-बैंड।
    • उत्थापन भार: 4181 किग्रा।
    • कक्षा: GEO (भूस्थैतिक)।
    • यह ISRO की संचार उपग्रह श्रृंखला का हिस्सा है, जो INSAT/GSAT सिस्टम को मजबूत बनाता है।
  • महत्व
    • GSAT-24 ने भारत की वाणिज्यिक अंतरिक्ष क्षमता को बढ़ाया, NSIL को स्वतंत्र रूप से मिशन संचालित करने की अनुमति दी।
    • इससे DTH सेवाएँ अधिक विश्वसनीय हुईं, खासकर टाटा प्ले जैसे प्रदाताओं के लिए।
    • यह अंतरिक्ष सुधारों का सफल उदाहरण है, जहाँ निजी कंपनियाँ क्षमता खरीद सकती हैं।
    • उपग्रह अब पूरी तरह ऑपरेशनल है और राष्ट्रीय संचार जरूरतों को पूरा कर रहा है।​

10. स्वच्छ टॉयकैथॉन प्रतियोगिता 2022 भारत में किस मंत्रालय द्वारा शुरू की गई थी? [CHSL (T-I) 15 मार्च, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) आवास और शहरी कार्य
Solution:
  • स्वच्छ टॉयकैथॉन प्रतियोगिता 2022 भारत में आवास और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शुरू की गई थी।
  • इस पहल का उद्देश्य कचरे से खिलौने बनाने के लिए नवीन विचारों को प्रोत्साहित करना है
  • जिससे अपशिष्ट को कम किया जा सके और 'कचरा मुक्त शहर' बनाने के लक्ष्य में योगदान दिया जा सके।
  • यह एक तरह का डिजाइन प्रतियोगिता था जिसने कला और अपशिष्ट प्रबंधन को जोड़ा।
  • लॉन्च की तिथि और पृष्ठभूमि
    • यह प्रतियोगिता 26 सितंबर 2022 को शुरू की गई, जो सेवा दिवस (17 सितंबर) से स्वच्छता दिवस (2 अक्टूबर) तक चलने वाले 'स्वच्छ अमृत महोत्सव' का हिस्सा थी।
    • आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने इसे राष्ट्रीय क्रिया योजना फॉर टॉयज (NAPT) और स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के संयोजन के रूप में लॉन्च किया।​
    • मंत्रालय के सचिव मनोज जोशी ने MyGov पोर्टल पर ऑनलाइन मंच का उद्घाटन किया और टूलकिट जारी की।​
  • प्रतियोगिता का उद्देश्य
    • प्रतियोगिता का मुख्य लक्ष्य कचरे के उपयोग से खिलौनों का निर्माण प्रोत्साहित करना था, ताकि खिलौना उद्योग पर्यावरण-अनुकूल बने।
    • यह व्यक्तिगत और समूह दोनों श्रेणियों में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की गई, जिसमें नवीन विचारों को पुरस्कार दिए गए।
    • कचरे से बने खिलौने, प्ले-ज़ोन डिजाइन और सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल पर जोर दिया गया।​
  • श्रेणियां और भागीदारी
    • प्रतियोगिता तीन मुख्य थीम पर आधारित थी:
    • फन एंड लर्न: घर या आसपास के कचरे से छोटे खिलौनों के प्रोटोटाइप।
    • यूज एंड एन्जॉय: पार्क या खुले क्षेत्रों के लिए कचरे से बने बड़े खेल उपकरण।
    • न्यू फ्रॉम ओल्ड: खिलौना उद्योग में पुनर्चक्रण के नए विचार।
    • पंजीकरण 26 सितंबर से 11 नवंबर 2022 तक पर खुला था। चयन नवंबर में हुआ और विजेताओं को दिसंबर में पुरस्कार मिले।
    • 18 वर्ष से कम और 18 वर्ष से अधिक उम्र के लिए अलग श्रेणियां थीं।​
  • साझेदारी और प्रभाव
    • आइआइटी गांधीनगर का सेंटर फॉर क्रिएटिव लर्निंग ज्ञान साझेदार था, जो रचनात्मकता पर सहायता प्रदान करता।​
    • यह पहल प्रधानमंत्री के पर्यावरण-अनुकूल खिलौना उद्योग के आह्वान से जुड़ी थी, जहां भारत का वैश्विक खिलौना बाजार में योगदान सीमित था।
    • समग्र रूप से, स्वच्छ टॉयकैथॉन ने स्वच्छता, नवाचार और स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा दिया।