राष्ट्रीय (अद्यतन सामान्य ज्ञान) भाग-IV

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1. नवंबर, 2022 में कौन-सा राज्य मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक देखभाल नीति (Mental Health and Social Care Policy) को मंजूरी देने वाला पहला उत्तर-पूर्वी राज्य बन गया? [MTS (T-I) 13 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (c) मेघालय
Solution:
  • नवंबर, 2022 में, मेघालय मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक देखभाल नीति (Mental Health and Social Care Policy) को मंजूरी देने वाला पहला उत्तर-पूर्वी राज्य बन गया।
  • इस नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य के नागरिकों को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करना है, साथ ही इससे जुड़े सामाजिक कलंक (stigma) को कम करना है।
  • नीति की मंजूरी और तिथि
    • मेघालय कैबिनेट ने 29 नवंबर 2022 को इस नीति को औपचारिक रूप से स्वीकृति प्रदान की।
    • मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने इसे उत्तर-पूर्व का पहला और पूरे भारत का तीसरा राज्य बताया, जो स्थानीय संस्कृति से जुड़ा है।​
    • यह नीति मानसिक बीमारियों से जुड़े कलंक को कम करने और समुदाय-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने पर केंद्रित है।​
  • नीति के मुख्य उद्देश्य
    • नीति का लक्ष्य सामान्य और गंभीर मानसिक विकारों के लिए पहुंच योग्य देखभाल प्रदान करना है, साथ ही विकलांगता, मृत्यु दर और सामाजिक कष्टों को घटाना।​
    • यह विशेष रूप से बच्चों, किशोरों और युवाओं पर फोकस करती है, तथा स्थानीय जनजातीय परंपराओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई।
    • राज्य सरकार ने स्वास्थ्य पेशेवरों की ट्रेनिंग, जागरूकता अभियान और मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थापना के प्रावधान शामिल किए।​
  • प्रमुख विशेषताएं
    • हितधारकों के नेटवर्क को मजबूत करना, प्राथमिक स्तर पर गुणवत्तापूर्ण देखभाल और मानव संसाधन विकास।​
    • जनजातीय समुदायों के साथ साझेदारी, पारंपरिक और चिकित्सा देखभाल के बीच पुल बनाना।​
    • गरीबी और अभाव से बचाव के लिए सामाजिक कल्याण योजनाएं, रोजगार अवसर और आय सहायता।​
    • रोकथाम और प्रचार के लिए प्रारंभिक पहचान, जानकारी प्लेटफॉर्म और समुदाय शिक्षा कार्यक्रम।​
    • सहायता समूह, हेल्पलाइन, हाफ-वे होम और जीवन कौशल मॉडल कमजोर वर्गों के लिए।​
    • मेघा हेल्थ इंश्योरेंस योजना के तहत इनपेशेंट देखभाल कवरेज।​
  • पृष्ठभूमि और महत्व
    • नीति चेन्नई की NGO द बैनन और अन्य विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई
    • जिसमें स्थानीय जनजातीय नेताओं, चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग से फीडबैक लिया गया।​
    • मेघालय की भौगोलिक चुनौतियों (पहाड़ी इलाका) को ध्यान में रखते हुए यह सांस्कृतिक रूप से उपयुक्त और टिकाऊ है।​
    • यह राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NMHS) की सिफारिशों और MHCA 2017 पर आधारित है, जो उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए विशेष प्रावधान सुझाती है।​
    • मुख्यमंत्री ने इसे मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, पुनर्वास और सुधार के लिए मॉडल बताया।​
  • अन्य संदर्भ
    • यह नीति भारत में मानसिक स्वास्थ्य को सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे में एकीकृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।​
    • अन्य राज्य इससे प्रेरणा ले सकते हैं, खासकर सामाजिक कारकों को संबोधित करने के लिए।
    • मेघालय सरकार स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए सक्रिय रही है।

2. निम्नलिखित में से किस राज्य केंद्रशासित प्रदेश ने आत्म सुरक्षा की भावना पैदा करने और गांवों के आस-पास के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ग्राम रक्षा गार्ड योजना (Village Defence Guards scheme) की शुरुआत की? [MTS (T-I) 11 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) जम्मू और कश्मीर
Solution:
  • जम्मू और कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश ने आत्म-सुरक्षा की भावना पैदा करने और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ग्राम रक्षा गार्ड योजना (Village Defence Guards scheme) की शुरुआत की।
  • यह योजना ग्राम रक्षा समिति (VDC) का संशोधित रूप है, जिसके तहत स्वयंसेवकों को नामित किया जाता है
  • उन्हें प्रशिक्षण देकर गांवों की रक्षा का दायित्व दिया जाता है, खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों में।
  • योजना का उद्देश्य
    • ग्राम रक्षा गार्ड योजना (Village Defence Guards Scheme) का मुख्य लक्ष्य सीमावर्ती तथा संवेदनशील गांवों में स्वयंसेवी सशस्त्र नागरिकों का समूह गठित करना है।
    • यह आतंकवाद, घुसपैठ और स्थानीय खतरों से सुरक्षा प्रदान करता है।
    • योजना ग्रामीणों को सशक्त बनाकर सुरक्षा बलों के लिए गुणक का काम करती है।
  • इतिहास और पुनरुद्धार
    • यह योजना 1990 के दशक में शुरू हुई ग्राम रक्षा समितियों (Village Defence Committees - VDCs) का आधुनिक रूप है।
    • 2020 में जम्मू संभाग में इसे पुनर्जीवित किया गया, जबकि ग्राम रक्षा गार्ड योजना-2022 को 15 अगस्त 2022 से औपचारिक रूप से जम्मू-कश्मीर में लागू किया गया।
    • गृह मंत्रालय ने इसकी मंजूरी दी, जो पहले VDCs के तहत सेना व पुलिस द्वारा प्रशिक्षित स्वयंसेवकों पर आधारित थी।
  • संरचना और चयन
    • प्रत्येक ग्राम रक्षा समूह में अधिकतम 15 सदस्य होते हैं
    • जिनका चयन पंचायत स्तर पर स्थानीय सिफारिशों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के आकलन से होता है।
    • समूह का नेतृत्व सेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CPMF) या जम्मू-कश्मीर पुलिस के सेवानिवृत्त अधिकारी करते हैं। सभी सदस्यों को मासिक वेतन मिलता है, जो प्रेरणा बनाए रखता है।
  • प्रशिक्षण और जिम्मेदारियां
      • सदस्यों को भारतीय सेना, CRPF या स्थानीय पुलिस द्वारा हथियार संभालने, निगरानी, टोह और आपातकालीन प्रतिक्रिया का प्रशिक्षण दिया जाता है।
      • वे गांवों की सामुदायिक सुविधाओं (जैसे स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र) की रक्षा, गश्त, खुफिया जानकारी एकत्र करने और सुरक्षा अभियानों में सहायता करते हैं।
      • जिला एसपी/एसएसपी के अधीन कार्यरत ये गार्ड LoC के निकटवर्ती क्षेत्रों में प्राथमिक रक्षा रेखा का काम करते हैं।
  • महत्वपूर्ण आंकड़े
    • जम्मू-कश्मीर में वर्तमान में 4,153 ग्राम रक्षा समूह सक्रिय हैं
    • जो 32,355 विशेष पुलिस अधिकारियों (SPOs) के साथ मिलकर काम करते हैं।
    • यह आंकड़ा गृह मंत्रालय की रिपोर्ट पर आधारित है।
    • योजना ने स्थानीय समुदायों में विश्वास बढ़ाया है।​
  • रणनीतिक भूमिका
    • यह योजना जम्मू-कश्मीर की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करती है
    • खासकर पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में। यह सुरक्षा बलों की पहुंच बढ़ाती है
    • आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाती है।
    • ग्रामीणों को सशस्त्र बनाकर यह आत्मनिर्भरता सिखाती है।

3. निम्नलिखित में से किस राज्य से पहला जनजाति खेल महोत्सव आयोजित किया गया था? [MTS (T-I) 11 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) ओडिशा
Solution:
  • पहला जनजाति खेल महोत्सव ओडिशा राज्य के भुवनेश्वर में आयोजित किया गया था।
  • इसका आयोजन केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (KISS) द्वारा किया गया था।
  • इस महोत्सव का उद्देश्य देश भर के आदिवासी एथलीटों की प्रतिभा को बढ़ावा देना और पारंपरिक जनजातीय खेलों को संरक्षित करना था।
  • आयोजन विवरण
    • यह महोत्सव 9 से 12 जून 2023 तक भुवनेश्वर, ओडिशा में संपन्न हुआ।
    • कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (KIIT) और कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (KISS) ने इसका आयोजन किया
    • जिसमें ओडिशा सरकार और भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने सहयोग किया।
  • भाग लेने वाले
    • लगभग 5,000 से 6,000 आदिवासी एथलीटों और 1,000 अधिकारियों ने 18 से 26 राज्यों का प्रतिनिधित्व किया। इसमें झारखंड, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ जैसे राज्य शामिल थे।
  • खेल और गतिविधियाँ
    • मुख्य खेल थे: तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी, खो-खो, कबड्डी, रग्बी, तैराकी, वॉलीबॉल, योगासन और प्रदर्शनी खेल जैसे बूमरैंग।
    • कुल 10 प्रतियोगी खेल आयोजित हुए, जो पारंपरिक आदिवासी खेलों पर केंद्रित थे।
  • उद्देश्य
    • यह 'आजादी का अमृत महोत्सव' के तहत खेलो इंडिया ग्रामीण और स्वदेशी खेल पहल का हिस्सा था।
    • इसका लक्ष्य आदिवासी समुदायों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना, प्रतिभा पहचानना, पारंपरिक खेलों का संरक्षण और राज्यों के बीच एकता स्थापित करना था।
  • परिणाम
    • ओडिशा पुरुष और महिला दोनों वर्गों में समग्र विजेता बना। झारखंड रनर-अप रहा।
    • उद्घाटन में ओडिशा के राज्यपाल प्रोफेसर गणेशी लाल, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और KIIT संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत शामिल हुए।

4. निम्नलिखित में से किस राज्य ने कम-से-कम 2,00,000 नए रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से एक समर्पित सेमीकंडक्टर नीति 2022-27 पेश की है? [MTS (T-I) 11 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) गुजरात
Solution:
  • गुजरात राज्य ने कम-से-कम 2,00,000 नए रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से एक समर्पित सेमीकंडक्टर नीति 2022-27 पेश की है।
  • गुजरात, सेमीकंडक्टर निर्माण क्षेत्र के लिए ऐसी विशिष्ट नीति बनाने वाला भारत का पहला राज्य है।
  • इसका लक्ष्य इस महत्वपूर्ण उद्योग में निवेश को आकर्षित कर भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का केंद्र बनाना है।
  • नीति का परिचय
    • गुजरात सरकार ने 27 जुलाई 2022 को 'गुजरात सेमीकंडक्टर नीति 2022-27' की घोषणा की, जो 2027 तक चलेगी।
    • यह भारत की पहली समर्पित सेमीकंडक्टर नीति है, जिसका मुख्य उद्देश्य अगले पांच वर्षों में कम से कम 2,00,000 नए रोजगार सृजित करना है।
    • मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में लॉन्च हुई यह नीति केंद्र सरकार के 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' (ISM) से जुड़ी है।
  • रोजगार सृजन का लक्ष्य
    • नीति स्पष्ट रूप से राज्य में 2 लाख से अधिक उच्च-कुशल नौकरियां पैदा करने पर केंद्रित है, खासकर सेमीकंडक्टर विनिर्माण, डिस्प्ले फैब्रिकेशन और संबद्ध क्षेत्रों में।
    • हालांकि प्रारंभिक निवेशों से 53,000 रोजगार की उम्मीद है (1.24 लाख करोड़ रुपये के निवेश से चार प्रमुख कंपनियों द्वारा), समग्र लक्ष्य 2 लाख का है।
    • यह रोजगार धोलेरा जैसे क्षेत्रों में फैब्रिकेशन इकाइयों, ATMP (एसेम्बली, टेस्टिंग, मार्किंग, पैकेजिंग) सुविधाओं और सहायक उद्योगों से आएंगे।​
  • प्रमुख प्रोत्साहन और सुविधाएं
    • राज्य ISM के तहत केंद्र की पूंजीगत सहायता का 40% अतिरिक्त देगा; एक-एक सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले फैब प्रोजेक्ट को प्राथमिकता।​
    • बिजली, पानी, जमीन पर भारी छूट; पात्र परियोजनाओं को 100% स्टांप ड्यूटी छूट और ब्याज सब्सिडी।
    • उच्चाधिकार समिति परियोजनाओं का चयन करेगी।​
  • सेमीकॉन सिटी का विकास
    • धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (SIR) में 'सेमीकॉन सिटी' बनेगी, जो अहमदाबाद के पास स्थित होगी।
    • यह सिटी सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र का केंद्र बनेगी, जिसमें फैब्स, ATMP इकाइयां और R&D शामिल होंगे।​
    • गुजरात स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन की स्थापना से नीति का क्रियान्वयन तेज होगा।​
  • निवेश और प्रगति
    • चार कंपनियां (जैसे प्रमुख सेमीकंडक्टर फर्म्स) 1.24 लाख करोड़ निवेश कर रही हैं, जो 53,000 नौकरियां देगी।
    • भारत का सेमीकंडक्टर बाजार 2020 में 15 अरब डॉलर का था
    • जो 2026 तक 63 अरब डॉलर पहुंच सकता है—गुजरात इसमें अग्रणी भूमिका निभा रहा।​
    • नीति ने गुजरात को कंपनियों के लिए पसंदीदा राज्य बना दिया।

5. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (2018-19) के अनुसार, भारत का कौन-सा राज्य रबर का सबसे बड़ा उत्पादक है? [MTS (T-I) 08 सितंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) केरल
Solution:
  • वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (2018-19) के अनुसार, भारत का केरल राज्य रबर का सबसे बड़ा उत्पादक है।
  • केरल भारत के प्राकृतिक रबर उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा पैदा करता है, क्योंकि यहाँ की जलवायु और मिट्टी रबर के बागानों के लिए अत्यंत अनुकूल है।
  • पूरा विवरण (विस्तृत समझ के साथ):
    • संदर्भ वर्ष और स्रोत: मंत्रालय के साल 2018-19 की रिपोर्ट के अनुसार केरल भारत में प्राकृतिक रबर का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य माना गया है
    • यह आंकड़ा औपचारिक सरकारी डेटा आधारित है।
    • उत्पादन का क्रम: केरल के बाद तमिलनाडु और उत्तर पूर्वी राज्य मुख्य रबर उत्पादन में आते हैं
    • केरल उत्पादन के बड़े हिस्से के कारण देश के कुल रबर उत्पादन में एक प्रमुख भाग सम्मिलित होता है.
    • क्षेत्रीय वितरण: केरल के रबर बागान मुख्यतः कोट्टायम, कोल्लम, एर्नाकुलम जिलों में केंद्रित हैं
    • इस क्षेत्रीय वितरण से राज्य की उत्पादन क्षमता और रोजगार दोनों प्रभावित होते हैं.
    • वैश्विक तुलना: वैश्विक संदर्भ में थाईलैंड और इंडोनेशिया जैसे देश अग्रिम हैं
    • जबकि भारत विश्व में रबर के उत्पादन और खपत के पैटर्न के अनुसार मजबूत घरेलू उद्योग रखता है.
  • महत्वपूर्ण नोट्स:
    • 2018-19 के आंकड़े में केरल का योगदान प्रमुख माना गया है, पर समय के साथ उत्पादन में परिवर्तन हो सकता है
    • नवीनतम सरकारी सालाना आंकड़े भी देखना उपयोगी रहेगा ताकि वर्तमान स्थिति स्पष्ट हो सके.

6. वर्ष 2004 से 2009 तक झारखंड के पूर्व राज्यपाल रहे ....... का 2022 में लखनऊ में निधन हो गया। [MTS (T-I) 08 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) सैयद सिब्ते रजी
Solution:
  • वर्ष 2004 से 2009 तक झारखंड के पूर्व राज्यपाल रहे सैयद सिब्ते रजी का 2022 में लखनऊ में निधन हो गया।
  • वह एक अनुभवी राजनीतिज्ञ थे जिन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया था।
  • प्रारंभिक जीवन
    • सैयद सिब्ते रजी का जन्म 7 मार्च 1939 को उत्तर प्रदेश के रायबरेली में हुआ था।
    • उन्होंने छात्र जीवन से ही राजनीति में प्रवेश किया
    • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख सदस्य बने। राज्यसभा सदस्य के रूप में भी उन्होंने सेवा की।
  • झारखंड राज्यपाल के रूप में कार्यकाल
    • वे 10 दिसंबर 2004 से 25 जुलाई 2009 तक झारखंड के राज्यपाल रहे, जो राज्य के सबसे लंबे कार्यकालों में से एक था।
    • उनके शासन में राज्य के प्रशासनिक विकास और चुनौतियों पर महत्वपूर्ण योगदान रहा।
    • 2005 में झारखंड विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने एनडीए के बहुमत के बावजूद झामुमो नेता शिबू सोरेन को सरकार बनाने का न्योता दिया, जो विवादास्पद रहा।
  • विवाद और राष्ट्रपति हस्तक्षेप
    • इस फैसले पर सवाल उठे, तब तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने हस्तक्षेप कर इसे पलट दिया।
    • इसके बाद अर्जुन मुंडा को 13 मार्च 2005 को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई। यह घटना उनके कार्यकाल की प्रमुख चर्चित घटना बनी।
  • असम राज्यपाल के रूप में
    • झारखंड के बाद वे असम के राज्यपाल भी बने, जहां उन्होंने राज्य की सेवा जारी रखी।
    • कांग्रेस के कद्दावर नेता के रूप में उनकी राजनीतिक यात्रा लंबी रही।
  • निधन
    • 20 अगस्त 2022 को 83 वर्ष की आयु में लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में उम्र जनित बीमारियों से उनका निधन हो गया।
    • झारखंड के तत्कालीन राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और अन्य नेताओं ने शोक व्यक्त किया।
  • विरासत
    • सैयद सिब्ते रजी को झारखंड के विकास और राजनीतिक स्थिरता में योगदान के लिए याद किया जाता है।
    • उनके निधन से राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई।

7. 2023 में, स्पाइसजेट के प्रमुख अजय सिंह को निम्नलिखित में से किसके अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था? [MTS (T-I) 08 सितंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) एसोचैम (ASSOCHAM)
Solution:
  • 2023 में, स्पाइसजेट के प्रमुख अजय सिंह को एसोचैम के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था।
  • एसोचैम भारत के प्रमुख व्यापार और उद्योग मंडलों में से एक है।
  • नियुक्ति का विवरण
    • अजय सिंह, जो स्पाइसजेट के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं
    • यह नियुक्ति उनके विमानन क्षेत्र में योगदान और व्यवसायिक नेतृत्व को मान्यता देती है।
    • एसोचैम भारत का प्रमुख व्यापार संगठन है, जो नीति निर्माण, व्यापार सुगमता और आर्थिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाता है।
  • एसोचैम के बारे में
    • एसोचैम की स्थापना 1920 में हुई थी और यह 400 से अधिक चैंबरों व संघों से जुड़ा है
    • जो पूरे भारत में 4.5 लाख सदस्यों का प्रतिनिधित्व करता है। संगठन उद्योग की चिंताओं को सरकार तक पहुंचाता है
    • व्यवसायों के लिए अनुकूल माहौल बनाने पर जोर देता है।
    • अजय सिंह की नियुक्ति से पहले वे स्पाइसजेट को दिवालिया होने से बचाने के लिए प्रसिद्ध हो चुके थे, जिसने उनकी क्षमता को प्रमाणित किया।
  • अजय सिंह का पृष्ठभूमि
    • अजय सिंह ने 2005 में स्पाइसजेट की शुरुआत की, 2010 में बेचा, फिर 2015 में इसे खरीदकर पुनर्जीवित किया।
    • स्पाइसजेट भारत की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन फ्लीट वाली कंपनी है।
    • उनकी एसोचैम भूमिका ने भारतीय व्यापार जगत में उनकी स्थिति को मजबूत किया।

8. जून, 2021 में भारत सरकार ने FAME इंडिया स्कीम II का विस्तार किया, जिसका उद्देश्य ....... तक इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास को बढ़ावा देना है। [Phase-XI 30 जून, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) मार्च, 2024
Solution:
  • जून, 2021 में भारत सरकार ने FAME इंडिया स्कीम II (Faster Adoption and Manufacturing of Electric Vehicles in India) का विस्तार किया
  • जिसका उद्देश्य मार्च, 2024 तक इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास को बढ़ावा देना है।
  • इस योजना में इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने के लिए सब्सिडी दी जाती है, ताकि देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को प्रोत्साहन मिल सके।
  • FAME-II योजना का पृष्ठभूमि
    • FAME-II (Faster Adoption and Manufacturing of Electric Vehicles in India Phase-II) राष्ट्रीय इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन प्लान (NEMMP) का हिस्सा है।
    • इसे 1 अप्रैल 2019 से शुरू किया गया था, मूल बजट 10,000 करोड़ रुपये का था
    • जिसे बाद में 11,500 करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया। योजना का फोकस सार्वजनिक और साझा परिवहन के विद्युतीकरण पर रहा
    • जैसे e-बसें, e-2 व्हीलर, e-3 व्हीलर और e-4 व्हीलर।
    • जून 2021 का विस्तार विशेष रूप से इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर सब्सिडी बढ़ाने के लिए था।
  • जून 2021 विस्तार की मुख्य विशेषताएँ
    • इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों (e-2W) के लिए सब्सिडी को 10,000 रुपये प्रति kWh से बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति kWh कर दिया गया, जो 50% की वृद्धि थी।
    • अधिकतम सब्सिडी वाहन की लागत का 40% तक सीमित की गई (पहले 20%)।
    • इसका उद्देश्य EV की अपनायी बढ़ाना था, खासकर दोपहिया सेगमेंट में, जो भारत में सबसे बड़ा बाजार है।
  • योजना के लक्ष्य और समर्थन
    • योजना ने निम्नलिखित लक्ष्यों को लक्षित किया:
    • 7,090 e-बसें
    • 5 लाख e-3 व्हीलर
    • 55,000 e-4 व्हीलर पैसेंजर कारें
    • 10 लाख e-2 व्हीलर
    • इसके अलावा, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी प्रोत्साहन दिया गया
    • जिसमें 10,985 EV चार्जिंग स्टेशन मंजूर किए गए। कुल मिलाकर, 16.15 लाख से अधिक EV को प्रोत्साहन मिला।
  • उपलब्धियों और प्रभाव
    • FAME-II के तहत 14.27 लाख e-2W, 1.59 लाख e-3W, 22,548 e-4W और 5,131 e-बसों को सब्सिडी मिली।
    • यह योजना भारत को स्वच्छ परिवहन की ओर ले गई, प्रदूषण कम करने और आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद की।
    • हालांकि, योजना मार्च 2024 में समाप्त हो गई, उसके बाद PM E-DRIVE जैसी नई योजनाएँ शुरू हुईं।
  • सब्सिडी योग्यता और प्रक्रिया
    • सब्सिडी केवल उन्नत बैटरी (A+ श्रेणी) वाले वाहनों पर मिलती थी।
    • यह डिमांड इंसेंटिव के रूप में सीधे खरीद पर दी जाती थी।
    • पोर्टल fame2.heavyindustries.gov.in के माध्यम से ट्रैक किया जाता था।

9. 2 अक्टूबर, 2021 को किस भारतीय राज्य ने CLAP मिशन शुरू किया? [Phase-XI 28 जून, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) आंध्र प्रदेश
Solution:
  • 2 अक्टूबर, 2021 को आंध्र प्रदेश राज्य ने CLAP मिशन (Clean Andhra Pradesh - Jagananna Swachh Sankalpam) शुरू किया।
  • इस मिशन का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्वच्छता, ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करके राज्य को स्वच्छ बनाना था।
  • आंध्र प्रदेश ने CLAP मिशन शुरू किया।
  • मुख्य उद्देश्य
    • दरवाजा-दरवाजा कचरा संग्रह: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में दैनिक कचरा उठाव सुनिश्चित करना।
    • कचरा प्रसंस्करण इकाइयां: कचरे को अलग-अलग करके रीसाइक्लिंग और प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करना।
    • जागरूकता अभियान: नागरिकों को स्वच्छता के महत्व के बारे में शिक्षित करना, जिसमें 'स्वच्छ वरोत्सवलु' जैसे पूर्व कार्यक्रमों का विस्तार शामिल है।
    • यह मिशन स्वच्छ भारत अभियान के राज्य-स्तरीय प्रयासों को मजबूत करता है
    • जो 2014 में शुरू हुआ राष्ट्रीय कार्यक्रम है। आंध्र प्रदेश सरकार ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय निकायों (नगर निगम, ग्राम पंचायतों) के सहयोग से लागू किया।
  • प्रगति और विशेषताएं
    • मिशन के तहत नए कचरा संग्रहण वाहन 8 जुलाई को लॉन्च किए गए, और मुख्यमंत्री ने नियमित समीक्षा बैठकें कीं।
    • यह राज्य के 1,62,970 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र और 4.95 करोड़ आबादी वाले दक्षिणी तटीय इलाके में सफाई सेवाओं को बेहतर बनाने पर फोकस करता है।

10. सितंबर, 2021 में, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं के लिए ....... में 'साथ (SAATH)' पहल शुरू की गई थी। [Phase-XI 28 जून, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) जम्मू और कश्मीर
Solution:
  • सितंबर, 2021 में, स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं के लिए जम्मू और कश्मीर में 'साथ (SAATH)' पहल शुरू की गई थी।
  • इस पहल का उद्देश्य इन महिलाओं को उद्यमी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें प्रशिक्षित करना और बाजार से जोड़ना था, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके।
  • लॉन्च विवरण
    • जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 1 सितंबर 2021 को इसकी शुरुआत की।
    • जम्मू-कश्मीर में लगभग 48,000 SHGs हैं, जिनसे करीब 4 लाख महिलाएं जुड़ी हैं।
    • पहले चरण में 5,000 महिलाओं के लिए वर्कशॉप आयोजित किए गए, जिनमें से 500 को गहन प्रशिक्षण और 100 को मेंटरिंग दी गई।
  • उद्देश्य
    • 'साथ' पहल का मुख्य लक्ष्य SHG महिलाओं की आजीविका को तेजी से बढ़ाना है, ताकि वे नौकरी तलाशने वाली न रहें बल्कि नौकरी सृजन करने वाली बनें।
    • यह महिलाओं को मेंटरिंग, कौशल प्रशिक्षण, बाजार संपर्क और उत्पाद विपणन में मदद करती है, जिससे उनकी आय बढ़े और आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त हो।
    • दस क्षेत्रों जैसे कृषि, पोल्ट्री, पशुपालन, हथकरघा और हस्तशिल्प पर फोकस है।​
  • प्रभाव और महत्व
    • यह कार्यक्रम JKRLM (जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन) के तहत है, जो महिलाओं को सामाजिक और वित्तीय रूप से मजबूत बनाता है।​
    • सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में 11,000 और SHGs बनाना है, जिससे महिलाओं का जीवन रूपांतरण हो।​
    • SHGs पहले से सामाजिक-आर्थिक विकास में भूमिका निभाते हैं, और 'साथ' इन्हें उद्यमिता की दिशा में मजबूत करता है।