विविध (अर्थव्यवस्था) भाग-III

Total Questions: 50

1. वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान किस सरकार द्वारा 'जल क्रांति अभियान' शुरू किया गया था? [CHSL (T-I) 25 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) भारत सरकार
Solution:
  • वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान भारत सरकार के तात्कालिक जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय (वर्तमान में जल संसाधन मंत्रालय) ने 'जल क्रांति अभियान' शुरू किया था।
  • इस अभियान का उद्देश्य सिंचाई प्रबंधन के लिए पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय इकाइयों सहित सभी हितधारकों की भागीदारी को सुदृढ़ करना है।
  • अभियान का प्रारंभ
    • यह अभियान केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय के तहत शुरू हुआ।
    • सुश्री उमा भारती, जो उस समय मंत्री थीं, ने 5 जून 2015 को इसे लॉन्च किया,
    • जो विश्व पर्यावरण दिवस पर मेल खाता है।
    • वर्ष 2015-16 को विशेष रूप से 'जल क्रांति वर्ष' घोषित किया गया ताकि जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाया जा सके।
  • मुख्य उद्देश्य
    • अभियान का लक्ष्य देश भर में जल संरक्षण एवं प्रबंधन को मजबूत बनाना था।
    • इसमें वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण और सूक्ष्म सिंचाई जैसी तकनीकों को बढ़ावा दिया गया।
    • सभी हितधारकों जैसे किसानों, समुदायों और राज्य सरकारों को शामिल कर जल का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित करना प्रमुख था।
  • जल ग्राम पहल
    • 672 जिलों में प्रत्येक से कम से कम एक जल-कमी प्रभावित गांव को 'जल ग्राम' चुना गया
    • कुल लगभग 1001 गांवों तक विस्तार हुआ।
    • इन गांवों में जल संरक्षण योजनाएं जैसे पुराने जलाशयों का पुनरुद्धार, बायो-ड्रेनेज और समुदाय-आधारित निगरानी लागू की गईं।
    • चयन इंडेक्स वैल्यू (जल मांग-अवेलेबिलिटी अंतर) पर आधारित था।
  • प्रमुख गतिविधियां
    • जल निकायों (तालाब, टैंक) की मरम्मत और पुनरुद्धार।
    • किसानों के लिए जागरूकता शिविर और कुशल जल उपयोग प्रशिक्षण।
    • नदियों (जैसे गंगा) के बहाव निगरानी और प्रदूषण रोकथाम।
    • एकीकृत जलग्रहण प्रबंधन, MGNREGA से जुड़े कार्य और राष्ट्रीय जल मिशन को समर्थन।​
  • प्रारंभिक लॉन्च स्थल
    • अभियान की शुरुआत राजस्थान (जयपुर), उत्तर प्रदेश (झांसी) और हिमाचल प्रदेश (शिमला) से हुई।
    • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल संरक्षण पर जोर ने इसे राष्ट्रीय स्तर का बना दिया।
  • दीर्घकालिक प्रभाव
    • यह अभियान जल संकट से निपटने के लिए पारंपरिक और आधुनिक तरीकों का मिश्रण था
    • जो बाद में अन्य योजनाओं जैसे जल जीवन मिशन का आधार बना।
    • 2015-16 में शुरू होकर यह जन आंदोलन के रूप में विकसित हुआ
    • हालांकि आर्सेनिक-प्रभावित क्षेत्रों में विशेष गहरे ट्यूबवेल भी शामिल किए गए।

2. भारत वन स्थिति रिपोर्ट, 2019 के अनुसार भारत में कुल कितना वन क्षेत्र है? [CHSL (T-I) 25 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) 21.67%
Solution:
  • भारत वन स्थिति रिपोर्ट, 2019 के अनुसार, भारत में कुल वनावरण भौगोलिक क्षेत्रफल का 21.67 प्रतिशत था।
  • भारत वन स्थिति रिपोर्ट, 2021 के अनुसार, भारत में कुल वनावरण 71.38 मिलियन हेक्टेयर है
  • जो कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 21.71 प्रतिशत है। ध्यातव्य है कि क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत में मध्य प्रदेश में सबसे अधिक वन क्षेत्र हैं
  • रिपोर्ट का अवलोकन
    • जो 1987 से नियमित रूप से प्रकाशित हो रही है।
    • इसमें उपग्रह डेटा (रिसोर्ससैट-2) और देशभर के 2,200 से अधिक स्थानों पर जमीनी सत्यापन के आधार पर वन संसाधनों का आकलन किया गया है।​​
    • रिपोर्ट में वन आवरण को घनत्व के आधार पर वर्गीकृत किया गया:
    • अत्यधिक घने वन (Very Dense Forest): 99,278 वर्ग किमी (3.02%)।
    • मध्यम घने वन (Moderately Dense Forest): 3,08,472 वर्ग किमी (9.38%)।
    • खुले वन (Open Forest): 3,04,499 वर्ग किमी (9.26%)।​
  • कुल वन एवं वृक्ष आवरण
    • केवल वन आवरण के अलावा, वृक्ष आवरण (Tree Cover, जो वनों के बाहर 1 हेक्टेयर या उससे अधिक क्षेत्र में 10% घनत्व वाले वृक्ष शामिल हैं
    • 95,027 वर्ग किमी (2.89%) है। इस प्रकार, कुल वन एवं वृक्ष आवरण 8,07,276 वर्ग किमी है
    • जो देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 24.56% है।
    • ISFR 2017 की तुलना में इसमें 5,188 वर्ग किमी (0.65%) की वृद्धि हुई
    • जिसमें वन आवरण में 3,976 वर्ग किमी और वृक्ष आवरण में 1,212 वर्ग किमी की बढ़ोतरी शामिल है।
  • राज्यवार प्रमुख आंकड़े
    • रिपोर्ट राज्यवार वन आवरण की विस्तृत जानकारी देती है। शीर्ष वन वाले राज्य:
    • पूर्वोत्तर राज्यों में कुल वन क्षेत्र 1,70,541 वर्ग किमी (79.05%) है
    • लेकिन असम और त्रिपुरा को छोड़कर अन्य में मामूली कमी देखी गई।​
  • अन्य महत्वपूर्ण निष्कर्ष
    • रिकॉर्डेड फॉरेस्ट एरिया (RFA): इसमें 330 वर्ग किमी की मामूली कमी। भारत में 62,466 आर्द्रभूमियां RFA के 3.83% क्षेत्र को कवर करती हैं।​
    • पहाड़ी जिले: 2,84,006 वर्ग किमी वन (40.30%), 2017 से 544 वर्ग किमी वृद्धि।​
    • जनजातीय जिले: 4,22,351 वर्ग किमी वन (37.54%)।​
    • मैंग्रोव: 54 वर्ग किमी वृद्धि (कुल 4,975 वर्ग किमी, 1.1% बढ़ोतरी), गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा में मुख्य।​
    • बांस क्षेत्र: 3,229 वर्ग किमी (2.06% वृद्धि)।​

3. संदिग्ध दिव्यांग विद्यार्थियों की जांच के लिए दिल्ली के स्कूलों में आरंभ किया गया NCERT द्वारा विकसित डिसएबिलिटी स्क्रीनिंग मोबाइल ऐप निम्नलिखित में से कौन-सा है? [CGL (T-I) 25 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) प्रशस्त (PRASHAST)
Solution:
  • प्रशस्त (PRASHAST) राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) द्वारा विकसित डिसएबिलिटी स्क्रीनिंग मोबाइल ऐप है।
  • यह ऐप संदिग्ध दिव्यांग विद्यार्थियों की जांच के लिए दिल्ली के स्कूलों में शुरू किया गया।
  • ऐप का नाम और पूर्ण रूप
    • PRASHAST का पूरा नाम Pre-Assessment Holistic Screening Tool है।
    • यह RPwD Act 2016 के तहत 21 प्रकार की दिव्यांगताओं (जैसे दृष्टि दोष, श्रवण बाधा, बौद्धिक अक्षमता, ऑटिज्म, शारीरिक विकलांगता) की स्क्रीनिंग करता है।
    • यह ऐप स्कूल शिक्षकों और विशेष शिक्षकों के लिए डिज़ाइन किया गया, जो आसानी से छात्रों की पहचान कर सकते हैं।
  • उद्देश्य और महत्व
    • ऐप का मुख्य लक्ष्य स्कूल स्तर पर ही संदिग्ध दिव्यांग बच्चों का जल्दी पता लगाना है
    • उन्हें समय पर हस्तक्षेप और समर्थन मिल सके।
      दिल्ली स्कूलों में शुरूआती लॉन्च के बाद, यह DEPwD (विकलांगजन सशक्तिकरण विभाग) के सहयोग से विकसित हुआ, जो समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देता है।
  • कार्यप्रणाली
    • शिक्षक ऐप में छात्र की उम्र, व्यवहार और गतिविधियों (जैसे चलना, पकड़ना, बोलना) के आधार पर चेकलिस्ट भरते हैं।
    • यह डिजिटल टूल परिणाम उत्पन्न करता है, जो आगे मूल्यांकन के लिए सुझाव देता है।
    • Google Play Store पर उपलब्ध, यह मुफ्त और उपयोगकर्ता-अनुकूल है।

4. फरवरी, 2022 में शिक्षा मंत्रालय (MoE) ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप वयस्क शिक्षा के सभी पहलुओं को शामिल करने हेतु अगले पांच वर्षों के लिए किस नई योजना को स्वीकृति दी? [CHSL (T-I) 25 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) नव भारत साक्षरता कार्यक्रम
Solution:
  • फरवरी, 2022 में शिक्षा मंत्रालय द्वारा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप वयस्क शिक्षा के सभी पहलुओं को शामिल करने हेतु अगले पांच वर्षों (वर्ष 2022-23 से 2026-27) की अवधि के लिए नव भारत साक्षरता कार्यक्रम जिसे 'उल्लास'
  • (ULLAS: Understanding of Life long Learning for All in Society) के नाम से भी जाना जाता है
  • नामक नई योजना को स्वीकृति प्रदान की गई। उल्लेखनीय है
  • 'नव भारत साक्षरता कार्यक्रम' का अनुमानित कुल परिव्यय 1037.90 करोड़ रुपये (केंद्र का हिस्सा 700 करोड़ रुपये + राज्य का हिस्सा 337.90 करोड़ रुपये) है।
  • योजना का उद्देश्य
    • यह कार्यक्रम 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के गैर-साक्षर व्यक्तियों को लक्षित करता है
    • जिसमें महिलाएं, SC/ST समुदाय, अल्पसंख्यक और दिव्यांग शामिल हैं।
    • मुख्य लक्ष्य साक्षरता के साथ-साथ जीवन कौशल, व्यावसायिक प्रशिक्षण और सतत शिक्षा प्रदान करना है
    • आजीवन सीखने को बढ़ावा मिले। कुल बजट ₹1,037.90 करोड़ निर्धारित है
    • जो स्कूलों को क्रियान्वयन इकाई बनाकर समुदाय-आधारित दृष्टिकोण अपनाता है।
  • प्रमुख घटक
    • बुनियादी साक्षरता: पढ़ना, लिखना, अंकगणित (प्रारंभिक से माध्यमिक स्तर तक समकक्षता के साथ)।
    • महत्वपूर्ण जीवन कौशल: वित्तीय साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य जागरूकता, बाल देखभाल और परिवार कल्याण।
    • व्यावसायिक कौशल: स्थानीय रोजगार के लिए कौशल विकास।
    • सतत शिक्षा: कला, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, संस्कृति, खेल आदि में उन्नत पाठ्यक्रम।
  • क्रियान्वयन प्रक्रिया
    • स्कूलों को प्राप्तकर्ताओं और स्वयंसेवी शिक्षकों (VTS) की निगरानी के लिए उपयोग किया जाएगा
    • जिसमें ऑनलाइन शिक्षण, अधिगम और मूल्यांकन प्रणाली (OTLAS) का सहारा लिया जाएगा।
    • राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), NCERT और NIOS के सहयोग से डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं।
    • स्वयंसेवक शिक्षक समुदाय से चुने जाते हैं, और कार्यक्रम केंद्र प्रायोजित है जिसमें राज्य सरकारें भागीदार हैं।
  • NEP 2020 से संरेखण
    • NEP 2020 वयस्क शिक्षा को मुख्यधारा में लाने पर जोर देती है, जिसमें GER बढ़ाना और समावेशी शिक्षा शामिल है।
    • यह योजना पूर्व Saakshar Bharat (2009-2017) का उत्तराधिकारी है, लेकिन अधिक व्यापक और डिजिटल-केंद्रित है
    • जो 5 करोड़ से अधिक गैर-साक्षरों को कवर करने का लक्ष्य रखती है।
  • उपलब्धियां और प्रभाव
    • 2022 के बाद से यह योजना पूरे भारत में लागू हो चुकी है
    • विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में साक्षरता दर बढ़ाने में सहायक।
    • यह लिंग असमानता को कम करने और आर्थिक सशक्तिकरण पर केंद्रित है
    • जिसमें NIOS के माध्यम से प्रमाणन प्रदान किया जाता है।

5. निम्नलिखित में से किस राज्य ने अपनी वार्षिक वित्तीय योजना के एक भाग के रूप में मार्च, 2022 में पहली बार 'चाइल्ड बजट' प्रस्तुत किया? [CGL (T-I) 25 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (c) मध्य प्रदेश
Solution:
  • मध्य प्रदेश राज्य की सरकार ने अपनी वार्षिक वित्तीय योजना के एक भाग के रूप में मार्च, 2022 में पहली बार 'चाइल्ड बजट' प्रस्तुत किया।
  • यह बजट मुख्यतः बच्चों के विकास और कल्याण को सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
  • बाल बजट का परिचय
    •  जिसमें पहली बार अलग से 'चाइल्ड बजट' शामिल किया गया।
    • यह बजट 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के कल्याण पर केंद्रित था
    • जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और विकास से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी गई।
    • सरकार ने 17 विभागों की 220 योजनाओं के लिए कुल 57,803 करोड़ रुपये आवंटित किए।
  • बजट आवंटन के प्रमुख आंकड़े
    • बच्चों के लिए विशेष प्रावधान निम्नलिखित थे:
    • कुल चाइल्ड बजट: 57,803 करोड़ रुपये (कुछ स्रोतों में 17,792 करोड़ का उल्लेख भी, लेकिन मुख्य रूप से 57,803 करोड़ ही दर्ज)।
    • विभाग शामिल: महिला एवं बाल विकास, स्कूली शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल एवं युवा कल्याण, आदिवासी कल्याण आदि।
    • उद्देश्य: कुपोषण कम करना, शिशु मृत्यु दर घटाना, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना।
  • पृष्ठभूमि और महत्व
    • यह कदम बच्चों को राज्य बजट में पारदर्शी तरीके से प्रतिनिधित्व देने के लिए उठाया गया
    • जो राष्ट्रीय स्तर पर गहन बच्चा बजट (Outcome Budget Child) का हिस्सा था।
    • शिवराज सिंह चौहान सरकार ने इसे नवाचार बताया, जिसमें कोई नया कर नहीं लगाया गया।
    • इससे पहले अन्य राज्य जैसे आंध्र प्रदेश या उत्तर प्रदेश ने ऐसा नहीं किया था।
    • यह पहल संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से प्रेरित थी, विशेषकर लक्ष्य 2 (जीरो हंगर) और 4 (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा)।
  • अन्य राज्यों से तुलना
    • आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश: इनमें मार्च 2022 तक चाइल्ड बजट का कोई रिकॉर्ड नहीं।
    • मध्य प्रदेश पहला राज्य बना, जिसने इसे अपनी वार्षिक योजना में एकीकृत किया। बाद में अन्य राज्य प्रेरित हो सकते हैं।​

6. उस विकल्प का चयन कीजिए, जो भारत के निम्नलिखित पड़ोसी देशों की रैंकिंग को मानव विकास सूचकांक (HDI) 2021-22 के अनुसार आरोही क्रम में व्यवस्थित करता है। [CGL (T-I) 18 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

(A) श्रीलंका

(B) मालदीव

(C) भूटान

(D) बांग्लादेश

Correct Answer: (a) A-B-C-D
Solution:
  • मानव विकास रिपोर्ट 2021/2022 के अनुसार, वर्ष 2021 के लिए दिए गए मानव विकास सूचकांक में श्रीलंका 73वें स्थान पर
  • मालदीव 90वें स्थान पर, भूटान 127वें स्थान पर तथा बांग्लादेश 129वें स्थान पर स्थित था। अतः इनके आरोही क्रम क्रमशः इस प्रकार हैं
  • श्रीलंका, मालदीव, भूटान तथा बांग्लादेश। मानव विकास रिपोर्ट, 2023/2024 के अनुसार, विकल्पगत देशों की HDI रैंकिंग इस प्रकार है
  • श्रीलंका 78वें स्थान पर, मालदीव 87 वें स्थान पर, भूटान 125वें स्थान पर तथा बांग्लादेश 129वें स्थान पर। अतः वर्तमान में भी विकल्प (a) सही उत्तर है।
  • भारत के पड़ोसी देश
    • भारत के सात सीमावर्ती पड़ोसी देश हैं: पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार।
    • (श्रीलंका समुद्री पड़ोसी है।) इनकी HDI 2021-22 रैंकिंग निम्न है, जो आरोही क्रम (सबसे निचली रैंक से उच्चतर) में व्यवस्थित है।
  • आरोही क्रम व्याख्या
    • आरोही क्रम में रैंकिंग का अर्थ है सबसे कम रैंक (निम्न HDI) से शुरू करके सबसे अच्छी रैंक तक: अफगानिस्तान (169) < पाकिस्तान (161) < नेपाल (143) < बांग्लादेश (129) < भूटान (127) < श्रीलंका (73) < चीन (79)।
    • ध्यान दें, श्रीलंका (73) चीन (79) से बेहतर है, इसलिए क्रम सही है। म्यांमार की रैंक 149 थी
    • जो नेपाल (143) से निचली है, लेकिन प्रश्न सामान्यतः मुख्य पड़ोसियों पर केंद्रित है।
  • भारत की स्थिति
    • भारत की HDI रैंक 132 रही, HDI मान 0.633 के साथ मध्यम श्रेणी में।
    • यह भूटान (127) और बांग्लादेश (129) से पीछे था, लेकिन पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आगे।
    • रिपोर्ट का शीर्षक "अनसर्टेन टाइम्स, अनसेटल्ड लाइव्स" था
    • जो कोविड-19 और वैश्विक संकटों के प्रभाव को रेखांकित करता है।

7. निम्नलिखित में से कौन अंतरण अदायगियों (transfer payments) को सर्वोत्तम रूप से परिभाषित करता है? [MTS (T-I) 01 सितंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (d) बिना किसी संगत वस्तुओं या सेवाओं के उत्पादन के सरकार द्वारा व्यक्तियों को किया गया भुगतान
Solution:
  • अंतरण अदायगी (Transfer Payments) को राष्ट्रीय आय में शामिल नहीं किया जाता है
  • क्योंकि यह बिना किसी संगत वस्तुओं या सेवाओं के उत्पादन के सरकार द्वारा व्यक्तियों को किया गया भुगतान होता है।
  • जैसे-बेरोजगारी भत्ता, पेंशन, सब्सिडी, राष्ट्रीय ऋण पर ब्याज आदि।
  • परिभाषा
    •  बिना इसके बदले में कोई माल, सेवा या उत्पादन योगदान प्राप्त किए।
    • अर्थशास्त्र में इन्हें सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की गणना से बाहर रखा जाता है
    • क्योंकि ये उत्पादन प्रक्रिया से जुड़े नहीं होते।
    • उदाहरणस्वरूप, ये भुगतान सामाजिक कल्याण, असमानता कम करने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए होते हैं।
  • प्रकार
    • अंतरण अदायगियों को निम्नलिखित प्रमुख प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है:
    • सामाजिक सुरक्षा भुगतान: जैसे वृद्धावस्था पेंशन, विकलांगता भत्ता और बेरोजगारी लाभ। ये कार्यरत व्यक्तियों के योगदान पर आधारित होते हैं।
    • कल्याणकारी कार्यक्रम: गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को दी जाने वाली सहायता, जैसे खाद्य सब्सिडी या नकद सहायता।​
    • शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी: छात्रवृत्तियां या चिकित्सा लाभ, हालांकि ये हमेशा सरकारी नहीं होते।
    • अन्य: दान, उपहार या अंतरराष्ट्रीय सहायता, लेकिन आर्थिक विश्लेषण में मुख्यतः सरकारी अंतरण पर जोर दिया जाता है।​
  • उदाहरण
    • बेरोजगारी भत्ता: जब कोई व्यक्ति बेरोजगार होता है
    • तो सरकार उसे भुगतान करती है बिना किसी सेवा के बदले, ताकि वह बुनियादी जरूरतें पूरी कर सके।​
    • सेवानिवृत्ति पेंशन: रिटायरमेंट के बाद नियमित भुगतान, जो पूर्व योगदानों पर आधारित होता है लेकिन वर्तमान उत्पादन से जुड़ा नहीं।
    • किसान सब्सिडी: कुछ मामलों में, हालांकि सब्सिडी को कभी-कभी उत्पादन से जुड़ा माना जाता है
    • लेकिन शुद्ध अंतरण के रूप में गिना जाता है यदि कोई प्रत्यक्ष वस्तु न ली जाए।​
  • आर्थिक महत्व
    • ये भुगतान आय असमानता को कम करते हैं और मांग को स्थिर रखते हैं।
    • करों से वित्त पोषित होने के कारण ये धन का पुनर्वितरण करते हैं
    • धनी वर्ग से कर लेकर गरीबों तक पहुंचाते हैं। हालांकि, ये GDP में शामिल नहीं होते, क्योंकि कोई नया मूल्य सृजित नहीं होता।
    • भारत जैसे विकासशील देशों में मनरेगा या पीएम किसान जैसी योजनाएं आधुनिक उदाहरण हैं।
  • GDP से बहिष्कार का कारण
    • अंतरण अदायगियां उत्पादन के चक्र को प्रभावित नहीं करतीं
    • इसलिए राष्ट्रीय आय की गणना (जैसे NDP या GNP) में इन्हें घटा दिया जाता है।
    • ये केवल मौजूदा आय का हस्तांतरण हैं, न कि नई आय सृजन।

8. भारत में उत्पादित वस्तुओं को आयात से बचाने के लिए सरकार द्वारा अपनाए गए निम्नलिखित तरीकों पर विचार करें। [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 22 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

(i) आयातित वस्तुओं पर भारी टैक्स लगाया जाता था।

(ii) देशी उपयोगकर्ता द्वारा किसी वस्तु के आयात की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई थी।

सही उत्तर का चयन करें।

Correct Answer: (a) (i) और (ii) दोनों सत्य हैं
Solution:
  • भारत में उत्पादित वस्तुओं को आयात से बचाने के लिए सरकार द्वारा आयातित वस्तुओं पर भारी टैक्स (टैरिफ) लगाया जाता था
  • देशी उपयोगकर्ता द्वारा किसी वस्तु के आयात की अधिकतम सीमा (कोटा) निर्धारित किया जाता है। अतः विकल्प (a) सही उत्तर है।
  • आयात शुल्क (Tariffs)
    • आयातित वस्तुओं पर भारी शुल्क लगाकर उन्हें महंगा बनाया जाता है
    • जिससे उपभोक्ता स्वदेशी उत्पादों की ओर आकर्षित होते हैं।
    • उदाहरणस्वरूप, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टील और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में उच्च कस्टम्स ड्यूटी लगाई जाती है
    • स्थानीय उद्योग सुरक्षित रहें। यह विधि संरक्षणवाद का मूल आधार है और घरेलू रोजगार व उत्पादन को बढ़ावा देती है।
  • आयात कोटा (Quotas)
    • सरकार किसी वस्तु के आयात पर अधिकतम मात्रा की सीमा निर्धारित करती है
    • जिससे विदेशी आपूर्ति सीमित हो जाती है।
    • एक घरेलू उपयोगकर्ता या आयातक द्वारा आयात की ऊपरी सीमा तय करके बाजार में स्वदेशी वस्तुओं का हिस्सा सुनिश्चित किया जाता है।
    • इससे नवोदित उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय दबाव से राहत मिलती है, जैसे कि कुछ रसायनों और कृषि उत्पादों में।
  • एंटी-डंपिंग उपाय (Anti-Dumping Measures)
    • सस्ते आयातित वस्तुओं के डंपिंग (अनुचित रूप से कम कीमत पर बिक्री) को रोकने के लिए डीजीटीआर (व्यापार उपचार महानिदेशालय) जांच करता है।
    • यदि विदेशी उत्पादक नुकसान उठाकर बाजार में घुसपैठ करते हैं, तो एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई जाती है।
    • हाल के वर्षों में स्टील, सोलर पैनल और केमिकल्स पर ऐसी कार्रवाई की गई है।​
  • गुणवत्ता मानक और गैर-शुल्क बाधाएँ (NTBs)
    • आयातित वस्तुओं पर कठोर गुणवत्ता, सुरक्षा और पर्यावरण मानक लागू करके उन्हें अवरुद्ध किया जाता है।
    • ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) प्रमाणन अनिवार्य बनाकर खराब या निम्न गुणवत्ता वाले आयात रोके जाते हैं।
    • लाइसेंसिंग, सीमा शुल्क प्रक्रियाएँ और तकनीकी बाधाएँ भी घरेलू उद्योगों की रक्षा करती हैं।
  • आयात प्रतिबंध और नकारात्मक सूची (Import Bans and Negative Lists)
    • कुछ संवेदनशील वस्तुओं पर पूर्ण आयात प्रतिबंध लगाया जाता है, जैसे 100+ रक्षा-संबंधी आइटमों की नकारात्मक सूची।
    • वाणिज्य मंत्रालय 100 आयातित आइटमों की पहचान कर उन्हें रोकर घरेलू विकल्प विकसित कर रहा है।
    • स्टील और इलेक्ट्रॉनिक्स में आत्मनिर्भरता के लिए कच्चे माल के आयात पर नियंत्रण बढ़ाया गया है।
  • उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI Schemes)
    • घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई योजनाएँ चलाई जाती हैं
    • जो सब्सिडी और प्रोत्साहन प्रदान करती हैं।
    • मोबाइल, फार्मा और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों में इससे आयात निर्भरता घटी है।
    • स्वदेशी अभियान के तहत मंत्रालय कच्चे माल के विकल्प तलाश रहे हैं।
  • एक्जिम नीति के माध्यम से नियमन
    • विदेश व्यापार विकास अधिनियम, 1992 के तहत हर पांच वर्ष में एक्जिम नीति घोषित की जाती है
    • जो आयात-निर्यात को विनियमित करती है।
    • आयात पर प्रतिबंधित/प्रतिबंधित सूचियाँ जारी कर घरेलू उत्पादन सुरक्षित किया जाता है।
    • यह नीति निर्यात बढ़ाने के साथ आयात कम करने पर केंद्रित है।

9. निम्नलिखित में से कौन-सा उपाय उदारीकरण चरण के दौरान किए गए कर सुधार उपायों से संबंधित नहीं है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 20 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) अप्रत्यक्ष करों से संबंधित सुधार
Solution:
  • अप्रत्यक्ष करों से संबंधित सुधार उदारीकरण चरण के दौरान किए गए कर सुधारों से संबंधित नहीं था।
  • शेष अन्य विकल्प सही हैं। उदारीकरण चरण के दौरान किए गए प्रमुख कर सुधार उपायों में आयकर दरों में कमी, कर प्रक्रियाओं का सरलीकरण, रुपये का अवमूल्यन आदि शामिल हैं।
  • उदारीकरण चरण का संदर्भ
    • भारत में उदारीकरण चरण 1991 में शुरू हुआ जब आर्थिक संकट के कारण नई आर्थिक नीति लागू की गई।
    • इस नीति के तहत LPG (Liberalisation, Privatisation, Globalisation) सुधार हुए, जिनमें कर सुधार राजकोषीय नीतियों का हिस्सा थे।
    • सुधारों ने कराधान व्यवस्था को सरल और प्रभावी बनाने पर ध्यान दिया।
  • कर सुधार क्या थे?
    • उदारीकरण के दौरान कर सुधार मुख्य रूप से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों पर केंद्रित रहे।
    • व्यक्तिगत आयकर दरों में कमी की गई ताकि कर चोरी रुके और बचत बढ़े।​
    • निगम कर दरें घटाई गईं, जिससे कंपनियों के लिए अनुकूल वातावरण बना।​
    • अप्रत्यक्ष करों में सुधार हुए, जैसे आयात शुल्क 130% से घटाकर 30% (बाद में 15%) किया गया।​
    • उत्पाद शुल्क में वृद्धि और कर प्रक्रियाओं का सरलीकरण भी शामिल था।
    • ये सुधार कर संग्रह बढ़ाने, प्रशासन सुधारने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए थे।​
  • रुपये का अवमूल्यन क्यों अलग है?
    • रुपये का अवमूल्यन (22% की कमी) 1991 में किया गया, लेकिन यह मौद्रिक नीति (Monetary Policy) का हिस्सा था।
    • यह विदेशी व्यापार संतुलन सुधारने और निर्यात बढ़ाने के लिए था, न कि कर संग्रह या प्रशासन से जुड़ा।
    • कर सुधार कर दरों, आधार व संरचना परिवर्तन से संबंधित होते हैं, जबकि अवमूल्यन मुद्रा मूल्य घटाने का उपाय है।

10. फर्मों को स्वायत्तता प्रदान करने के लिए कुछ सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों को विशेष दर्जा दिया गया। निम्नलिखित में से कौन-सा उनमें से एक दर्जा नहीं था? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 20 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) देवरत्न
Solution:
  • फर्मों को स्वायत्ता प्रदान करने के लिए महारत्न, नवरत्न व मिनीरत्न के रूप में सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों को विशेष दर्जा प्रदान किया गया।
  • देवरत्न नाम से कोई विशेष दर्जा नहीं है। सार्वजनिक क्षेत्र अर्थव्यवस्था का वह हिस्सा है, जिसका स्वामित्व और नियंत्रण सरकार के पास होता है
  • पृष्ठभूमि
    • भारत सरकार ने 1990 के दशक में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) को अधिक स्वायत्तता देने के लिए एक नीति शुरू
    • जिसमें वित्तीय प्रदर्शन के आधार पर विशेष दर्जे दिए जाते हैं।
    • इनका उद्देश्य PSUs को व्यावसायिक निर्णय लेने की आजादी देना था
    • जैसे निवेश, विलय-अधिग्रहण और प्रबंधन। वास्तविक दर्जे महारत्न, नवरत्न और मिनिरत्न हैं।
  • वास्तविक दर्जे
    • महारत्न: सबसे उच्च दर्जा, जैसे ONGC या NTPC को।
    • इन कंपनियों को शुद्ध संपत्ति का 15% तक निवेश और 5000 करोड़ तक के विलय की स्वायत्तता मिलती है।​
    • नवरत्न: अच्छे प्रदर्शन वाली कंपनियां, जैसे BPCL, को पूंजीगत व्यय में स्वतंत्रता।​
    • मिनिरत्न: छोटे स्तर की, तीन साल का औसत लाभांश 30% से अधिक। इनमें भी वित्तीय शक्तियां बढ़ी हुई।​
  • गलत विकल्प
    • देव रत्न कोई आधिकारिक दर्जा नहीं है। यह काल्पनिक या व्यंग्यात्मक शब्द है
    • जो परीक्षाओं में विकल्प के रूप में आता है
    • उम्मीदवार वास्तविक दर्जों को पहचानें। सरकार ने कभी ऐसा दर्जा घोषित नहीं किया।​
  • नीति का महत्व
    • ये दर्जे PSUs को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर बाजार-उन्मुख बनाते हैं।
    • 2022 तक REC जैसी कंपनियों को महारत्न मिला
    • जिससे बोर्ड को HR, JV और वैश्विक साझेदारियों की शक्ति मिली।