Correct Answer: (c) इनकी स्थापना आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य को पूरा करने के लिए की गई है।
Solution:- भारत में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों की स्थापना आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्यों का पूरा करने के लिए की गई थी।
- सही कथन
- केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों की स्थापना के संबंध में सही कथन यह है
- वे आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य को पूरा करने के लिए स्थापित किए गए हैं।
- ये उपक्रम ऊर्जा, रक्षा, भारी उद्योग और बुनियादी ढांचे जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देकर आयात निर्भरता कम करते हैं।
- वे बड़े पैमाने पर निवेश के माध्यम से राष्ट्र की आर्थिक प्रगति को गति प्रदान करते हैं और रोजगार सृजन तथा कौशल विकास में योगदान देते हैं।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
- स्वतंत्रता के बाद भारत ने मिश्रित अर्थव्यवस्था अपनाई, जहां सार्वजनिक क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई।
- औद्योगिक नीति संकल्प 1948 और 1956 में सार्वजनिक क्षेत्र को आधारभूत उद्योगों (जैसे इस्पात, कोयला, बिजली) के लिए चुना गया
- निजी क्षेत्र की सीमाओं को पार किया जा सके। डॉ. वी. कृष्णमूर्ति को भारत में सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों का जनक माना जाता है
- जिन्होंने इनकी स्थापना और प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- वर्गीकरण और श्रेणियां
- CPSEs को उनके प्रदर्शन के आधार पर महारत्न, नवरत्न और मिनिरत्न में वर्गीकृत किया जाता है।
- महारत्न (2010 से): उच्चतम स्वायत्तता, जैसे ONGC, NTPC।
- नवरत्न (1997 से): परिचालन स्वतंत्रता, जैसे BEL, HAL।
- मिनिरत्न (1997 से): सीमित स्वायत्तता।
- ये श्रेणियां CPSEs को निवेश, संयुक्त उद्यम और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सशक्त बनाती हैं।
- CPSEs राष्ट्रीय खजाने में लाभांश, कर और राजस्व के रूप में योगदान देते हैं।
- वे वित्तीय संकटों में अर्थव्यवस्था को स्थिर रखते हैं और लाखों प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करते हैं।
- रणनीतिक क्षेत्रों जैसे रक्षा और ऊर्जा में ये राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
- अन्य कथनों की असत्यता
- निजी क्षेत्र के महत्व को कम करना: गलत, क्योंकि CPSEs निजी क्षेत्र के साथ सह-अस्तित्व में हैं और प्रतिस्पर्धा बढ़ाते हैं।
- केवल लाभ कमाने हेतु: गलत, मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय विकास है, लाभ द्वितीयक।
- ये उपक्रम सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियां हैं जहां केंद्र सरकार की 51% या अधिक हिस्सेदारी होती है।
- वर्तमान स्थिति (जनवरी 2026 तक)
- लगभग 300 से अधिक CPSEs हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
- हाल के वर्षों में विनिवेश और सुधारों से उनकी दक्षता बढ़ी है
- लेकिन आत्मनिर्भरता ही मूल उद्देश्य बना हुआ है। NTPC जैसी कंपनियां वैश्विक स्तर पर अग्रणी हैं।