विविध (जीव विज्ञान) भाग-I

Total Questions: 40

1. वसा और चीनी का क्रीमीकरण, अंडे की सफेदी को फेंटना, या भारी क्रीम को फेंटना किस प्रकार के किण्वन के उदाहरण हैं? [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) यांत्रिक किण्वन
Solution:
  • यांत्रिक किण्वन
  • इस शब्द का प्रयोग अक्सर बेकिंग और खाद्य विज्ञान में किया जाता है
  • जहाँ हवा को भौतिक रूप से मिश्रण में शामिल किया जाता है
  • जिससे आयतन बढ़ता है और एक हल्की, हवादार बनावट बनती है।
  • क्रीमीकरण
    • वसा (जैसे मक्खन) और चीनी को एक साथ फेंटने पर, चीनी के क्रिस्टल मक्खन में छोटी हवा की जेब बनाते हैं
    • जिससे मिश्रण हल्का और झागदार हो जाता है।
  • अंडे की सफेदी को फेंटना
    •  तेजी से फेंटने से अंडे की सफेदी में हवा मिल जाती है
    • जिससे यह झागदार और कठोर हो जाती है (जैसे मेरिंग्यू बनाने के लिए)।
  • भारी क्रीम को फेंटना
    •  हवा के बुलबुले क्रीम में फंस जाते हैं, जिससे यह गाढ़ी और हल्की हो जाती है।
  • वसा और चीनी का क्रीमीकरण कैसे काम करता है?
    • वसा (जैसे मक्खन) और चीनी को इलेक्ट्रिक मिक्सर या हाथ से तब तक फेंटें जब तक मिश्रण हल्का, फूला हुआ और क्रीमी न हो जाए।
    • इस दौरान हवा की थैलियां बनती हैं
    • जो वसा के अणुओं से घिरी रहती हैं। बेकिंग के समय ये थैलियां गर्म होकर फैलती हैं
    • जिससे केक या कुकीज में नरम बनावट आती है।
    • ज्यादा फेंटने से मक्खन पिघल सकता है, इसलिए सही स्थिरता जरूरी है।​
  • अंडे की सफेदी को फेंटना
    • अंडे की सफेदी (egg whites) में प्रोटीन (मुख्यतः एल्ब्यूमिन) होते हैं
    • जो फेंटने पर फैलकर एक मजबूत नेटवर्क बनाते हैं।
    • यह नेटवर्क हवा के बुलबुले को पकड़ लेता है, जिससे मेरिंग्यू जैसी फूली संरचना बनती है।
    • चीनी मिलाने से स्थिरता बढ़ती है, और बेकिंग में यह मूस या एंजेल फूड केक को हल्का बनाता है।
    • तापमान कम रखें व बर्तन साफ हो ताकि हवा अच्छे से फंसे।​
  • भारी क्रीम को फेंटना
    • भारी क्रीम (heavy cream) में 30-36% वसा होती है, जो फेंटने पर वसा ग्लोब्यूल्स हवा को घेर लेते हैं
    • व्हिप्ड क्रीम बनाते हैं। यह प्रक्रिया क्रीम को कई गुना फुला देती है
    • जो डेजर्ट टॉपिंग या बैटर में फुलाव देती है।
    • ज्यादा फेंटने से बटर बन जाता है, इसलिए सॉफ्ट पीक्स पर रोकें।​

2. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म गलत मिलान किया गया है? [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) एंकिलोस्टोमा - पिनकृमि
Solution:
  • एंकिलोस्टोमा - पिनकृमि: ऐन्किलोस्टोमा (Ancylostoma) एक प्रकार का अंकुशकृमि (Hookworm) है।
  • पिनकृमि (Pinworm) एंटेरोबियस वर्मीक्यूलरिस (Enterobius vermicularis) है। इसलिए, यह युग्म गलत है।
  • सामान्य उदाहरण
    • भारतीय परीक्षाओं में ऐसे प्रश्नों के लोकप्रिय उदाहरण निम्न हैं:
    • जैविकी से: न्यूनकारी विभाजन को अर्द्धसूत्री-I से जोड़ना गलत है
    • क्योंकि न्यूनकारी विभाजन में गुणसूत्र संख्या कम होती है
    • लेकिन अर्द्धसूत्री-I में नहीं। सही युग्म समविभाजन-अर्द्धसूत्री-II होता है।​
    • पेशी ऊतक से: ट्रोपोनिन-फाइब्रस प्रोटीन गलत मिलान है
    • क्योंकि ट्रोपोनिन नियामक प्रोटीन है, फाइब्रस नहीं। मायोसिन कॉन्ट्रेक्टाइल सही है।​
    • पादप संरचना से: खुली संवहनी तंत्र-द्विबीजपत्री जड़ें गलत है, क्योंकि द्विबीजपत्री में बंद संवहनी तंत्र होता है।​
  • विस्तृत विश्लेषण प्रक्रिया
    • ऐसे प्रश्न हल करने के लिए:
    • प्रत्येक युग्म की परिभाषा सत्यापित करें।
    • वैज्ञानिक तथ्यों से मिलान जाँचें—उदाहरणस्वरूप, जिम्नोस्पर्म में साइकस आता है, न कि टेरिडोफाइटा।​
    • बहुविकल्पी गुणसूत्र मटर के भंड संश्लेषण से सही जुड़ता है, लेकिन XO लिंग निर्धारण टिड्डे से सही है।​
  • अन्य विषयों से उदाहरण
    • लोक संस्कृति: मल्लीनाथ जी-गागरोण गलत है; वे मेड़ता से हैं। पाबूजी-कोलू सही है।​​
    • राजनीति: "गरीबी हटाओ"-इंदिरा गांधी सही, लेकिन कुछ संदर्भों में अन्य नारों से भ्रम हो सकता।​
    • पूर्ण प्रश्न (विकल्प सहित) प्रदान करें तो सटीक गलत युग्म बता सकेंगे।

3. निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प स्टार्च का दूसरा नाम है जो विशेष रूप से मकई, आलू, गेहूं और चावल के बीजों, फलों, कंदों, पौधों की जड़ों और तनों के गूदे में पाया जाता है? [CGL (T-I) 17 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) ऐमिलम
Solution:
  • ऐमिलम
    • यह स्टार्च (Starch) का एक पुराना या वैकल्पिक नाम है।
    • स्टार्च पौधों में ऊर्जा भंडारण का मुख्य रूप है
    • यह मकई, आलू, गेहूं, चावल और अन्य पौधों के भागों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
  • स्टार्च की रासायनिक संरचना
    • स्टार्च एक जटिल कार्बोहाइड्रेट है जो ग्लूकोज इकाइयों से बने पॉलीसैकेराइड श्रृंखलाओं का निर्माण करता है।
    • इसकी दो मुख्य घटक संरचनाएँ हैं: अमाइलोज़ (सीधी श्रृंखला) और एमाइलोपेक्टिन (शाखित श्रृंखला)।
    • एमाइलम लैटिन शब्द से लिया गया है, जो स्टार्च के दानेदार रूप को दर्शाता है
    • पौधों में ऊर्जा भंडारण के लिए उपयोग होता है।​
  • स्रोतों में उपलब्धता
    • मकई (कॉर्न स्टार्च), आलू (पोटैटो स्टार्च), गेहूं और चावल के बीजों या कंदों में स्टार्च 60-80% तक होता है।
    • यह पौधों की जड़ों, तनों और फलों के गूदे में ऊर्जा के रूप में संग्रहित रहता है
    • जो पाचन के दौरान ग्लूकोज में टूटता है।
    • उदाहरणस्वरूप, आलू के कंदों में यह सफेद पाउडर के रूप में निकाला जाता है।​
  • अन्य विकल्पों का खंडन
    • जिंक एक खनिज तत्व है, ओलेस्ट्रा कृत्रिम वसा प्रतिस्थापन है
    • सैपोनिन साबुन जैसे यौगिक हैं—ये स्टार्च से असंबंधित हैं।
    • प्रश्न के विकल्पों में केवल एमाइलम ही सही है।​
  • उपयोग और महत्व
    • खाद्य उद्योग में स्टार्च को गाढ़ा करने, बेकिंग और प्रसंस्करण के लिए प्रयुक्त किया जाता है।
    • यह ग्लूटेन-मुक्त होता है और ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है।​

4. निम्नलिखित में से कौन-सा जोड़ा गलत सुमेलित है? [CGL (T-I) 21 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) एक्रोमेगाली - एड्रेनालिन
Solution:
  • एक्रोमेगाली रोग पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा स्रावित सोमाटोट्रोपिन या वृद्धि हॉर्मोन के अतिस्रावण से होता है
  • जिसमें शरीर गोरिल्ला की भांति बेडौल एवं कुरूप आनुपातिक भीमकाय (Disproportionate giant) हो जाता है।
  • इसे एक्रोमेगाली कहते हैं। मधुमेह इन्सुलिन, घेघा थायरॉक्सिन और कुशिंग सिंड्रोम कोटिसोल का जोड़ा सही है।
  • सामान्य जीवविज्ञान उदाहरण
    • पुष्पीभूतक - साइकस गलत जोड़ा है
    • क्योंकि साइकस जिम्नोस्पर्म वर्ग का है, न कि पुष्पीभूतक (प्टेरीडोफाइटा) का।
    • ब्रायोफाइटा-मॉस, ऐंगियोस्पर्म-गुलाब और जिम्नोस्पर्म-पाइनस सही हैं।​
    • हार्मोन प्रश्नों में ग्लूकागन - बीटा कोशिकाएँ गलत है
    • क्योंकि ग्लूकागन अल्फा कोशिकाओं से निकलता है; इंसुलिन बीटा कोशिकाओं से आता है।​
  • तर्कपूर्ण समाधान विधि
    • सभी सही जोड़ों को पहले हटाएँ, शेष गलत रहेगा।
    • उदाहरण: टाइफून-पूर्वी अटलांटिक गलत क्योंकि टाइफून उत्तर-पश्चिम प्रशांत का चक्रवात है।​
  • परीक्षा संदर्भ
    • आरएसएमएसएसबी, आरपीएससी या यूपीपीएससी जैसे परीक्षाओं में आता है। पूर्ण प्रश्न के लिए विकल्प दें।​

5. अवर्णी लवक (ल्यूकोप्लास्ट) का कौन-सा रूप तेल संश्लेषण और भंडारण में दक्ष होता है और परागकणों में उन कोशिकाओं की परत में मुख्य रूप से पाया जाता है, जो परागकणों को विकसित करती हैं? [CGL (T-I) 24 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) इलायोप्लास्ट
Solution:
  • इलायोप्लास्ट वसा का संग्रह करते हैं और बीजों में पाए जाते हैं।
  • अतः अवर्णी लवक (ल्यूकोप्लास्ट) का इलायोप्लास्ट तेल संश्लेषण और भंडारण में दक्ष होता है
  • परागकणों में उन कोशिकाओं की परत में मुख्य रूप से पाया जाता है, जो परागकणों को विकसित करते हैं।
  • ल्यूकोप्लास्ट की परिभाषा
    • जो गैर-प्रकाश संश्लेषी ऊतकों जैसे जड़ों, कंदों और बीजों में स्थित रहते हैं।
    • ये स्टार्च, प्रोटीन या तेल जैसे पदार्थों का संग्रहण करते हैं और तीन मुख्य प्रकारों में विभाजित होते हैं
    • एमाइलोप्लास्ट (स्टार्च संग्रहण), प्रोटीनोप्लास्ट या एलेउरोप्लास्ट (प्रोटीन संग्रहण), तथा इलायोप्लास्ट (तेल संग्रहण)।
    • इनकी संरचना में बाहरी और आंतरिक झिल्लियां, स्ट्रोमा और स्टाइलाकॉइड जैसे घटक शामिल होते हैं
    • जो भंडारण कार्य को सुगम बनाते हैं।​
  • इलायोप्लास्ट की विशेषताएं
    • इलायोप्लास्ट फैटी एसिड, टेरपेन्स और अन्य लिपिड के संश्लेषण तथा भंडारण में विशेषज्ञ होते हैं।
    • ये छोटे, गोलाकार या अंडाकार आकार के होते हैं और तेल बूंदों (oil droplets) से भरे रहते हैं।
    • परागकण विकास के दौरान टेपेटम कोशिकाओं में ये प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं
    • जहां वे परागकणों को पोषण प्रदान करने के लिए आवश्यक वसा तत्वों का उत्पादन करते हैं।
    • इसके अलावा, ये तिलहन फसलों, खट्टे फलों के बीजों और कुछ फूलों के ऊतकों में भी मौजूद होते हैं।​
  • परागकणों में भूमिका
    • परागकणों का विकास एंडोथीसियम, मध्य परत, टेपेटम और पराग माता के माध्यम से होता है
    • जिसमें टेपेटम की कोशिकाएं पोषक तत्वों का मुख्य स्रोत होती हैं।
    • इलायोप्लास्ट टेपेटम में तेल संश्लेषित कर परागकणों की दीवार (exine) को स्पोरोपोलेनिन जैसे लिपिड यौगिक प्रदान करते हैं
    • जो परागकणों को पर्यावरणीय क्षति से बचाते हैं।
    • यह प्रक्रिया परागकणों की परिपक्वता और प्रजनन सफलता के लिए महत्वपूर्ण है।

6. फलों में पाए जाने वाले घुलनशील फाइबरों में से कौन-सा खाना पकाने और बेकिंग में एक थिकनर के रूप में उपयोग किया जाता है? [CGL (T-I) 24 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) पेक्टिन
Solution:
  • पेक्टिन (Pectin)
    • यह फलों (विशेषकर सेब, खट्टे फल, जामुन) में पाया जाने वाला एक प्रकार का घुलनशील फाइबर है।
    • यह पानी के साथ मिलकर एक जेल बनाता है
    • इसलिए इसे खाना पकाने और बेकिंग में एक थिकनर, गेलिंग एजेंट और स्टेबलाइजर के रूप में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है
    • खासकर जैम, जेली और संरक्षण में।
  • पेक्टिन क्या है?
    • पेक्टिन एक प्राकृतिक घुलनशील फाइबर है
    • जो मुख्य रूप से सेब के गुदे, खट्टे फलों जैसे संतरा, नींबू और अंगूर के छिलकों में पाया जाता है।
    • यह पानी में घुलकर जेल जैसी संरचना बनाता है, जो जैम, जेली, मुरब्बे और सॉस को गाढ़ा करने में मदद करता है।​
  • थिकनर के रूप में उपयोग
    • खाना पकाने में पेक्टिन चीनी और अम्ल (जैसे नींबू का रस) के साथ मिलकर गर्म करने पर जेलीकरण करता है
    • जिससे तरल पदार्थों की चिपचिपाहट बढ़ जाती है।
    • बेकिंग में यह फलों वाली फिलिंग्स या कस्टर्ड को स्थिर रखता है, बिना स्वाद प्रभावित किए।​
  • अन्य घुलनशील फाइबरों से अंतर
    • फलों में अन्य घुलनशील फाइबर जैसे बीटा-ग्लूकन (ओट्स में अधिक) या इनुलिन पाए जाते हैं
    • लेकिन ये थिकनर के रूप में कम प्रभावी होते हैं।
    • पेक्टिन विशेष रूप से पाक कला के लिए आदर्श है क्योंकि यह तेजी से जेल बनाता है।​
  • स्वास्थ्य लाभ
    • पेक्टिन कोलेस्ट्रॉल कम करने, रक्त शर्करा नियंत्रित करने और पाचन सुधारने में सहायक है
    • जो इसे स्वास्थ्यप्रद थिकनर बनाता है। व्यावसायिक रूप से यह पाउडर के रूप में उपलब्ध होता है
    • जो घरेलू रसोई में भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।​

7. एक ऐसे जीव की पहचान कीजिए जो समैकांतरण (मेटाजेनेसिस) प्रदर्शित करता है। [CGL (T-I) 26 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) ओबेलिया
Solution:
  • जीवन वृत्त (Life-cycle) में अलैंगिक जनन पॉलिप रूप में तथा लैंगिक जनन मेड्यूसा रूप में एकांतरण (Alternation) की प्रक्रिया को समैकांतरण (मेटाजेनेसिस) कहते हैं।
  • संघ नीडेरिया में वर्ग हाइड्रोजोआ के जंतु ओबेलिया में मेटाजेनेसिस पाया जाता है।
  • समैकांतरण क्या है?
    • समैकांतरण, या मेटाजेनेसिस, जीव विज्ञान में पीढ़ी परिवर्तन का एक रूप है
    • जिसमें अलैंगिक प्रजनन वाली पीढ़ी (एज़ोओस्पोरॉफाइट) और लैंगिक प्रजनन वाली पीढ़ी (गैमेटोफाइट) एक-दूसरे का अनुसरण करती है।
    • निडारिया जैसे समुद्री जीवों में यह प्रक्रिया प्रमुख रूप से देखी जाती है
    • जहाँ स्थिर पॉलीप अवस्था अलैंगिक रूप से प्रजनन करती है
    • मुक्त-तैरने वाली मेडुसा अवस्था लैंगिक प्रजनन करती है।
    • यह प्रक्रिया पर्यावरणीय अनुकूलन सुनिश्चित करती है
    • क्योंकि अलैंगिक चरण तेजी से वृद्धि करता है जबकि लैंगिक चरण विविधता उत्पन्न करता है।​
  • ओबेलिया का जीवन चक्र
    • ओबेलिया का जीवन चक्र जटिल और चक्रवर्ती होता है:
    • पॉलीप अवस्था (अलैंगिक): एक प्लानुला लार्वा किसी ठोस सतह पर आसंजन करके पॉलीप में बदल जाती है।
    • पॉलीप स्थिर, ट्यूबनुक्लर संरचना वाला होता है जो कलीकरण द्वारा उपनिवेश बनाता है।​
    • मेडुसा उत्पादन: पॉलीप से गोनैंगिया नामक विशेष कली बनती हैं
    • जो मेडुसा मुक्त करती हैं। मेडुसा मुक्त-तैराकी, छतरी आकार की होती हैं।
    • लैंगिक प्रजनन: मेडुसा नर और मादा गैमेट्स (शुक्राणु और अंडाणु) उत्पन्न करते हैं।
    • निषेचन से प्लानुला लार्वा बनती है, जो पुनः पॉलीप में परिवर्तित हो जाती है।​
    • यह चक्र निरंतर चलता रहता है, जिसमें अलैंगिक पीढ़ी लैंगिक को उत्पन्न करती है
  • अन्य उदाहरण
    • औरेलिया (Aurelia aurita, मून जेलीफिश): पॉलीप स्ट्रोबिलेशन द्वारा इफाइरा उत्पन्न करता है
    • जो वयस्क मेडुसा बनते हैं।​
    • सैल्प्स (Salps): एकाकी रूप अलैंगिक श्रृंखला बनाते हैं
    • जबकि उपनिवेशी रूप लैंगिक प्रजनन करता है।​
    • ये उदाहरण मुख्यतः निडारिया और ट्यूनिकेट्स में पाए जाते हैं
    • लेकिन ओबेलिया सबसे क्लासिक उदाहरण है।​
  • महत्व और विशेषताएँ
    • समैकांतरण ओबेलिया को समुद्री पर्यावरण में तेजी से फैलने में मदद करता है
    • जहाँ पॉलीप उपनिवेश स्थापित करते हैं और मेडुसा फैलाव सुनिश्चित करते हैं।
    • यह प्रक्रिया विकासवादी लाभ प्रदान करती है, जैसे कि जनसंख्या वृद्धि और आनुवंशिक विविधता।
    • स्पंज जैसे अन्य जीव (साइकॉन, यू-स्पंजिया) केवल लैंगिक प्रजनन करते हैं, इसलिए समैकांतरण नहीं दिखाते।​

8. निम्नलिखित में से किसे 'बॉडीबिल्डिंग फूड' के रूप में जाना जाता है? [CGL (T-I) 20 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (d) प्रोटीन
Solution:
  • प्रोटीन एक जटिल नाइट्रोजनयुक्त कार्बनिक पदार्थ है
  • जिसका गठन कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन एवं नाइट्रोजन तत्वों के अणुओं से मिलकर बना होता है।
  • इसमें आंशिक रूप से गंधक, फॉस्फोरस आदि भी उपस्थित होते हैं।
  • प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ ऊतकों के निर्माण-मरम्मत और शारीरिक वृद्धि के लिए आवश्यक होते हैं
  • इसलिए इसे 'बॉडीबिल्डिंग फूड' के रूप में जाना जाता है।
  • समैकांतरण क्या है?
    • समैकांतरण, या मेटाजेनेसिस, जीव विज्ञान में पीढ़ी परिवर्तन का एक रूप है
    • जिसमें अलैंगिक प्रजनन वाली पीढ़ी (एज़ोओस्पोरॉफाइट) और लैंगिक प्रजनन वाली पीढ़ी (गैमेटोफाइट) एक-दूसरे का अनुसरण करती है।
    • निडारिया जैसे समुद्री जीवों में यह प्रक्रिया प्रमुख रूप से देखी जाती है
    • जहाँ स्थिर पॉलीप अवस्था अलैंगिक रूप से प्रजनन करती है
    • मुक्त-तैरने वाली मेडुसा अवस्था लैंगिक प्रजनन करती है।
    • यह प्रक्रिया पर्यावरणीय अनुकूलन सुनिश्चित करती है
    • क्योंकि अलैंगिक चरण तेजी से वृद्धि करता है जबकि लैंगिक चरण विविधता उत्पन्न करता है।​
  • ओबेलिया का जीवन चक्र
    • ओबेलिया का जीवन चक्र जटिल और चक्रवर्ती होता है:
    • पॉलीप अवस्था (अलैंगिक): एक प्लानुला लार्वा किसी ठोस सतह पर आसंजन (settlement) करके पॉलीप में बदल जाती है।
    • पॉलीप स्थिर, ट्यूबनुक्लर संरचना वाला होता है जो कलीकरण (budding) द्वारा उपनिवेश बनाता है।​
    • मेडुसा उत्पादन: पॉलीप से गोनैंगिया नामक विशेष कली बनती हैं
    • जो मेडुसा मुक्त करती हैं। मेडुसा मुक्त-तैराकी, छतरी आकार की होती हैं।
    • लैंगिक प्रजनन: मेडुसा नर और मादा गैमेट्स (शुक्राणु और अंडाणु) उत्पन्न करते हैं।
    • निषेचन से प्लानुला लार्वा बनती है, जो पुनः पॉलीप में परिवर्तित हो जाती है।​
    • यह चक्र निरंतर चलता रहता है, जिसमें अलैंगिक पीढ़ी लैंगिक को उत्पन्न करती है और vice versa।
  • अन्य उदाहरण
    • औरेलिया (Aurelia aurita, मून जेलीफिश): पॉलीप स्ट्रोबिलेशन द्वारा इफाइरा (juvenile medusae) उत्पन्न करता है
    • जो वयस्क मेडुसा बनते हैं।​
    • सैल्प्स (Salps): एकाकी रूप अलैंगिक श्रृंखला बनाते हैं
    • जबकि उपनिवेशी रूप लैंगिक प्रजनन करता है।​
    • ये उदाहरण मुख्यतः निडारिया और ट्यूनिकेट्स में पाए जाते हैं
    • लेकिन ओबेलिया सबसे क्लासिक उदाहरण है।​
  • महत्व और विशेषताएँ
    • समैकांतरण ओबेलिया को समुद्री पर्यावरण में तेजी से फैलने में मदद करता है
    • जहाँ पॉलीप उपनिवेश स्थापित करते हैं और मेडुसा फैलाव सुनिश्चित करते हैं।
    • यह प्रक्रिया विकासवादी लाभ प्रदान करती है
    • जैसे कि जनसंख्या वृद्धि और आनुवंशिक विविधता।
    • स्पंज जैसे अन्य जीव (साइकॉन, यू-स्पंजिया) केवल लैंगिक प्रजनन करते हैं, इसलिए समैकांतरण नहीं दिखाते।​

9. ....... हवा, प्रकाश, नमी या भोजन को खराब करने वाली जीवाण्विक क्रिया के संपर्क में आने पर वसा और तेलों के पूर्ण या अपूर्ण ऑक्सीकरण या जल अपघटन की प्रक्रिया है। [CGL (T-I) 14 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) विकृति गंधन
Solution:
  • विकृति गंधन हवा, प्रकाश, नमी या जीवाणु क्रिया के संपर्क में आने पर वसा और तेल के खराब होने की प्रक्रिया है
  • जिसे ऑक्सीकरण कहते हैं। ऑक्सीकरण प्रक्रिया वसायुक्त अम्ल को तोड़ती है
  • भोजन में अप्रिय गंध और स्वाद उत्पन्न करती है।
  • भोजन को वायुरोधी पात्रों में संगृहीत करके प्रशीतन में रखकर या प्रतिऑक्सीकरण द्वारा गंधन से रोका जा सकता है।
  • प्रक्रिया का विवरण
    • जहां हवा की ऑक्सीजन वसा अम्लों के डबल बांड से अभिक्रिया करती है।
    • इससे पेरोक्साइड बनते हैं, जो आगे एल्डिहाइड और कीटोन में बदल जाते हैं
    • जो बासी गंध पैदा करते हैं। जल अपघटन (हाइड्रोलिसिस) में नमी या जीवाणु एंजाइम वसा को ग्लिसरीन और फैटी अम्लों में तोड़ते हैं
    • जो खट्टा स्वाद देते हैं। प्रकाश और गर्मी इस प्रक्रिया को तेज करते हैं।​
  • प्रकार
    • ऑक्सीडेटिव विकृतिगंधन: असंतृप्त वसाओं में ऑक्सीजन का हमला, जैसे चिप्स या तले हुए भोजन में।​
    • हाइड्रोलिटिक विकृतिगंधन: पानी या बैक्टीरिया से वसा का अपघटन, दूध उत्पादों में आम।​
    • माइक्रोबियल: जीवाणु क्रिया से, जहां एंजाइम्स वसा तोड़ते हैं।​
  • प्रभाव
    • यह भोजन की गुणवत्ता बिगाड़ता है, पोषक तत्व नष्ट करता है
    • विषाक्त यौगिक बना सकता है। उदाहरणस्वरूप, लंबे समय तक रखे मक्खन या तेल बासी हो जाते हैं।
    • स्वास्थ्य पर असर से पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।​
  • रोकथाम के उपाय
    • एंटीऑक्सीडेंट जैसे BHT या विटामिन E मिलाएं, जो ऑक्सीकरण रोकते हैं।​
    • वायुरोधी डिब्बों में ठंडी-अंधेरी जगह पर रखें।
    • पूर्ण संतृप्त वसाएं चुनें या नाइट्रोजन से पैकिंग करें

10. विटामिन और खनिज निम्नलिखित में से किसके लिए सहायक होते हैं? [CGL (T-I) 24 जुलाई, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (a) हमारे शरीर में उपापचयी अभिक्रियाओं के लिए
Solution:
  • विटामिन और खनिज
    •  ये आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व हैं
    • जो शरीर के समुचित कार्य के लिए छोटी मात्रा में आवश्यक होते हैं।
    • वे सीधे ऊर्जा प्रदान नहीं करते हैं
    • लेकिन वे हमारे शरीर में होने वाली अनगिनत उपापचयी अभिक्रियाओं  के लिए महत्वपूर्ण हैं।
    • वे एंजाइमों के सह-कारक के रूप में कार्य करते हैं, जिससे शरीर में रासायनिक प्रतिक्रियाएं सुचारू रूप से चल पाती हैं
    • जैसे कि ऊर्जा उत्पादन, प्रतिरक्षा कार्य, हड्डी का स्वास्थ्य, और तंत्रिका कार्य।
  • विटामिनों की भूमिका
    • उदाहरण के लिए, विटामिन A दृष्टि और त्वचा को स्वस्थ रखता है
    • विटामिन C रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है तथा घाव भरने में मदद करता है
    • जबकि विटामिन B समूह ऊर्जा उत्पादन और तंत्रिका तंत्र को समर्थन प्रदान करता है।
    • ये विटामिन सीधे ऊर्जा नहीं देते, लेकिन भोजन को ऊर्जा में बदलने वाली प्रक्रियाओं को सक्रिय करते हैं।​
  • खनिजों की भूमिका
    • खनिज जैसे कैल्शियम, आयरन, जिंक और पोटैशियम हड्डियों, दांतों, रक्त निर्माण, मांसपेशियों के संकुचन और तरल पदार्थ संतुलन में सहायक होते हैं।
    • कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है तथा रक्त के थक्के जमाने में मदद करता है
    • जबकि आयरन हीमोग्लोबिन निर्माण के लिए आवश्यक है
    • जो ऑक्सीजन परिवहन करता है। ट्रेस खनिज जैसे जिंक प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं।​
  • स्वास्थ्य लाभ
    • विटामिन और खनिज पुरानी बीमारियों जैसे हृदय रोग, स्ट्रोक, कैंसर और मधुमेह को रोकने में सहायक होते हैं।
    • ये हार्मोन विनियमन, ऊर्जा चयापचय और पोषक तत्वों की कमी (जैसे एनीमिया या ऑस्टियोपोरोसिस) को रोकते हैं।
    • संतुलित आहार से इनकी पूर्ति सुनिश्चित होती है
    • जो समग्र विकास, मस्तिष्क कार्य और शारीरिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है।​
  • स्रोत और कमी के प्रभाव
    • फल, सब्जियां, साबुत अनाज, डेयरी, मांस और नट्स इनके प्रमुख स्रोत हैं।
    • कमी से थकान, कमजोरी, संक्रमण या हड्डी संबंधी समस्याएं हो सकती हैं
    • इसलिए विविध भोजन आवश्यक है। सप्लीमेंट्स डॉक्टर की सलाह पर ही लें।​