विविध (भौतिक विज्ञान)

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11. ऊर्जा के संबंध में कौन-सा कथन सही नहीं है? [CHSL (T-I) 14 मार्च, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (c) वेग V से गतिमान, द्रव्यमान m की एक वस्तु में (mv)/2 की गतिज ऊर्जा होती है।
Solution:
  • वेग v से गतिमान, द्रव्यमान m की एक वस्तु में 1/2mv² की गतिज ऊर्जा विद्यमान होती है।
  • अतः ऊर्जा के संबंध में विकल्प (c) में दिया गया कथन सही नहीं है।
  • मुख्य कथन
    • प्रश्न के विकल्प इस प्रकार होते हैं:
    • कथन 1: फैले हुए या संपीड़ित वसंत में संभावित ऊर्जा संग्रहीत रहती है।
    • कथन 2: वस्तु की गति दोगुनी हो जाए तो उसकी गतिज ऊर्जा भी दोगुनी हो जाती है।
    • कथन 3: किसी वस्तु की गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा उसके द्रव्यमान तथा ऊँचाई के गुणनफल के समानुपाती होती है।
    • कथन 4: गतिमान वस्तु में गतिज ऊर्जा होती है।
  • गलत कथन
    • कथन 2 सही नहीं है। गतिज ऊर्जा का सूत्र KE=12mv2 है
    • जहाँ m द्रव्यमान और v वेग है। यदि वेग v दोगुना (2v) हो जाए
    • तो गतिज ऊर्जा 12m(2v)2=12m⋅4v2=4 गुनी हो जाती है
    • यह वेग के वर्ग के कारण होता है।
  • अन्य कथनों की व्याख्या
    • कथन 1 सही है क्योंकि लोचदार वसंत में यांत्रिक संभावित ऊर्जा (PE=12kx2) संग्रहीत रहती है
    • जहाँ k स्प्रिंग स्थिरांक और x विस्थापन है। कथन 3 सही है
    • क्योंकि गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा PE=mgh है
    • जो द्रव्यमान (m) और ऊँचाई (h) के गुणनफल के समानुपाती है
    • (g स्थिरांक है)। कथन 4 स्पष्ट रूप से सही है क्योंकि गति से ही गतिज ऊर्जा उत्पन्न होती है।
  • ऊर्जा के मूल सिद्धांत
    • ऊर्जा कार्य करने की क्षमता है और इसका संरक्षण सिद्धांत कहता है
    • ऊर्जा न तो बनाई जा सकती है न नष्ट, केवल रूपांतरित होती है।
    • ऊर्जा के रूपों में गतिज, स्थितिज, उष्मा, रासायनिक, विद्युत आदि शामिल हैं।
    • सरल लोलक में स्थितिज और गतिज ऊर्जा का पारस्परिक रूपांतरण इसका उदाहरण है।

12. प्रकाश उत्सर्जित होने पर फॉस्फर-लेपित ग्लास स्क्रीन पर केंद्रित एक इलेक्ट्रॉन बीम युक्त सीलबंद ग्लास वैक्यूम ट्यूब की पहचान करें। [CHSL (T-I) 27 जुलाई, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) कैथोड रे ट्यूब
Solution:
  • प्रकाश उत्सर्जित होने पर फॉस्फर लेपित ग्लास स्क्रीन पर केंद्रित एक इलेक्ट्रॉन बीम युक्त सीलबंद ग्लास वैक्यूम ट्यूब कैथोड रे ट्यूब है।
  • कैथोड रे ट्यूब एक निर्वात ट्यूब होती है
  • जिसमें इलेक्ट्रॉन गन (Gun) तथा प्रदीप्त पटल होता है। यह एक प्रेजेंटेशन स्क्रीन होती है।
  • CRT का कार्य सिद्धांत
    • CRT एक वैक्यूम ट्यूब होती है जिसमें इलेक्ट्रॉन गन से इलेक्ट्रॉन बीम उत्पन्न होती है
    • जो उच्च वोल्टेज द्वारा त्वरित होकर विक्षेपण प्लेटों से गुजरती है।
    • यह बीम फॉस्फर-लेपित स्क्रीन से टकराती है
    • जहां फॉस्फर क्रिस्टल उत्तेजित होकर प्रकाश उत्सर्जित करते हैं
    • जिससे चमकदार बिंदु बनते हैं। इलेक्ट्रॉन की संख्या और दिशा नियंत्रित करके चित्र बनाया जाता है।
  • मुख्य घटक
    • इलेक्ट्रॉन गन: कैथोड से इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित करता है, ग्रिड द्वारा नियंत्रित और एनोड द्वारा त्वरित होता है।
    • विक्षेपण प्लेटें: X (क्षैतिज) और Y (ऊर्ध्वाधर) प्लेटें विद्युत क्षेत्र से बीम को निर्देशित करती हैं।
    • फॉस्फर स्क्रीन: ग्लास की सामने वाली सतह फॉस्फर से लेपित, जो इलेक्ट्रॉन टक्कर से विभिन्न रंगों का प्रकाश पैदा करती है।
    • एक्वाडैग कोटिंग: द्वितीयक इलेक्ट्रॉनों को एकत्र करती है।
  • विशेषताएं और उपयोग
    • CRT में वैक्यूम बनाए रखने के लिए ट्यूब पूरी तरह सीलबंद होती है
    • जो उच्च घनत्व वाली इलेक्ट्रॉन बीम को सक्षम बनाती है।
    • यह RGB फॉस्फर डॉट्स से पूर्ण रंग चित्र बनाता था
    • लेकिन भारी और उच्च ऊर्जा खपत के कारण अब LCD/LED से प्रतिस्थापित हो गया है।