विश्व जलवायु (विश्व का भूगोल)

Total Questions: 13

1. एक लंबी अवधि तक, जैसे 25 वर्ष में, किसी स्थान के मौसम के एकत्रित आंकड़ों के आधार पर बना मौसम का पैटर्न, उस स्थान की/का ....... कहलाता है। [MTS (T-I) 14 जून, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (a) जलवायु
Solution:
  • किसी स्थान के मौसम के एकत्रित आंकड़ों के आधार पर बना मौसम का पैटर्न, उस स्थान की/का जलवायु कहलाता है।
  • जलवायु किसी क्षेत्र में लंबे समय की दैनिक मौसमी दशाओं का माध्य है
  • जो तापमान, वर्षण, वायुदाब, पवनों एवं आर्द्रता द्वारा व्यक्त किया जाता है।
  • परिभाषा
    • जलवायु एक स्थान के मौसम के दीर्घकालिक एवम औसत व्यवहार को दर्शाती है
    • यानी कई दशकों के भीतर मौसम की सामान्य स्थितियाँ, रुझान और परिवर्तन।
    • यह 25 वर्ष जैसी लम्बी अवधि के औसत-आयामों पर आधारित पैटर्न को संरचित रूप में बताती है.​
    • मौसम एक विशिष्ट समय-आयु में वातावरण की स्थिति का वर्णन करता है
    • जिसमें किसी स्थान पर दिन-प्रतिदिन, सप्ताह-प्रति-सप्ताह परिवर्तन और अल्पकालिक घटनाएँ शामिल होती हैं.​
  • जलवायु बनाम मौसम के बीच अंतर
    • जलवायु: दीर्घकालिक औसत, समरूपता और क्रमिक पैटर्न को संदर्भित करता है
    • इसे समझने के लिए 25 वर्ष या उससे अधिक के डेटा की आवश्यकता होती है.​
    • मौसम: तात्कालिक और अल्पकालिक परिस्थितियाँ होती हैं
    • दिनों के भीतर या महीनों में बदलती रहती हैं.​
  • कैसे निर्धारित किया जाता है
    • डेटा स्रोत: तापमान, वर्षा, आर्द्रता, दबाव आदि के वर्षों-दर-वर्ष संग्रहित रिकॉर्ड्स से औसत, विचलन, प्रवृत्ति और मौसमी चक्र (जैसे गर्म-सीजन, ठंडा-सीजन) निकलते हैं.​
    • विश्लेषण पद्धति: समय-श्रृंखला विश्लेषण, क्लाइमेट मॉडलिंग और क्षेत्रीय विविधताओं के साथ संकेतों की पहचान शामिल होती है ताकि वैश्विक और स्थानीय प्रभावों को समझा जा सके.​
  • उदाहरण
    • भारत जैसे विविध भूगोल वाले देश में जलवायु को क्षेत्रीय रूप से एकत्रित कर तुलना किया जाता है
    • मानसून का महीना-वार पैटर्न, तापमान का औसत स्ट्रक्चर, सूखे/बारिश के क्रम आदि जलवायु चर के अंतर्गत आते हैं.​
    • समुद्री जलवायु, पर्वतीय जलवायु आदि भिन्न प्रकार की जलवायु-परिचयात्मक श्रेणियाँ बनाते हैं जो संदर्भ स्थान के अनुसार भिन्न दिखती हैं.​
  • महत्व
    • दीर्घकालीन जलवायु जानकारी खेती, जल आपूर्ति, शहर-योजना, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय जोखिम के प्रबंधन में मदद करती है.​
    • अकाल, बाढ़, तापमान-उच्च घटनाओं के पूर्वानुमान और अनुकूलन रणनीतियों के लिए भी आधार बनती है.​

2. 30°- 40° अक्षांशों के बीच उपोष्णकटिबंधीय अक्षांशों में महाद्वीपों के पश्चिमी तट के साथ किस प्रकार की जलवायु होती है, जो दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में तट के साथ मध्य कैलिफोर्निया, मध्य चिली को कवर करती है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 28 जून, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (a) भूमध्य सागरीय जलवायु
Solution:
  • 30°-40° अक्षांशों के बीच उपोष्णकटिबंधीय अक्षांशों में महाद्वीपों के पश्चिमी तट के साथ भूमध्य सागरीय जलवायु होती है।
  • क्षेत्र और तापमान पैटर्न:
    • यह क्षेत्र गर्मियों में उच्च उपोष्णकटिबंधीय गैप (subtropical high) के प्रभाव में होते हैं
    • सर्दियों में पश्चिमी हवाओं (westerlies) से प्रभावित रहते हैं.​
    • गर्मियों में तापमान सामान्यतः उच्च रहता है, जबकि सर्दियों में मौसम ठंडा रहता है
    • बहुत कठोर नहीं होता; वर्षा गर्मियों के मुकाबले सर्दियों में अधिक होती है
    • जिससे गर्मी में सूखा और ठंडे महीनों में नमी/ वर्षा मिलती है.​
  • क्षेत्रीय उदाहरण और विस्तार:
    • प्रशांत महासागर की पश्चिमी महाद्वीपीय तटों के साथ यह जलवायु मध्य कैलिफ़ोर्निया, मध्य चिली, दक्षिण-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के तटरेखा क्षेत्रों में स्पष्ट तौर पर दिखती है.​
    • ऑस्ट्रेलिया में ग्रेट डिवाइडिंग रेंज के पूर्वी ढाल पर वर्षा होती है
    • पश्चिमी तट पर भी इस प्रकार का जलवायु-संरेखण देखा जा सकता है
    • इस कारण पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों में गर्म और सूखा ग्रीष्मकाल और हल्की-वर्षा वाले सर्दियाँ मिलती हैं.​
  • जलवायु-गुणधर्म (मैक्रो-विशेषताएँ):
    • गर्म गर्मी और शुष्क गर्मी-गुलाबी के साथ, सर्दियाँ में हल्की से मध्यम वर्षा, और मध्यम से उच्च तापमान वाले दिन-रात के चक्र.​
    • मौसमी पैटर्न में गर्मी में उच्च दबाव (subtropical high) की प्रविष्टि और सर्दियों में पश्चिमी हवाओं का प्रभाव प्रमुख होता है
    • जिसका परिणाम विस्तृत वर्षा-गणना और तापमान-उपस्थिति के रूप में मिलता है.​
  • संभावित गलतफहमी/क्लैरिफिकेशन
    • यदि लक्ष्य "भूमध्यसागरीय जलवायु" से बाहर के क्षेत्र जैसे समुद्री या उष्ण-उपोष्ण क्षेत्रों के जलवायु-प्रकार देखें, तो यह स्पष्ट होगा कि उपरोक्त-वर्णित 30°–40° अक्षांशों के भीतर पश्चिमी तटों पर फैला यह प्रकार विशेष रूप नाम से जाना जाता है
    • जिसमें गर्मी में शुष्क और सर्दी में हल्की वर्षा प्रमुख गुण होते हैं.​
  • उपयुक्त शब्दावलियाँ
    •  (भूमध्यसागरीय जलवायु)
    •  (उपोष्णकटिबंधीय उच्च-दाब)
    • (पश्चिमी हवाएं)
    •  (महाद्वीप के पश्चिमी तट का जलवायु)

3. वर्षण पैटर्न के संदर्भ में, गर्म समशीतोष्ण जलवायु में Cf का क्या अर्थ है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 21 नवंबर, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (b) साल भर वर्षण
Solution:
  • वर्षण पैटर्न के संदर्भ में गर्म समशीतोष्ण जलवायु में Cf का अर्थ साल भर वर्षण है।
  • संकल्पना का सार
    • कोपन जलवायु वर्गीकरण में C से समशीतोष्ण जलवायु (temperate) का संकेत मिलता है
    • पूरे वर्ष वर्षण (humid) और a से गर्म गर्मी के महीने होते हैं।
    • संयोजन खासकर भूमध्यरेखीय से भी दूर, समुद्री पश्चिमी तटों या अन्य समशीतोष्ण क्षत्रों में पाया जाता है।
    • Cf को हिन्दी में “गर्मी-उष्णकटिबंधीय सीमा पर वर्षणयुक्त समशीतोष्ण जलवायु” समझना चाहिए
    • जहाँ वार्षिक वर्षण पर्याप्त होता है और शीतकाल सामान्य से ऊपर रहता है
    • लेकिन वर्षा का वितरण वर्षभर समान नहीं रहता।
  • Cf के स्वरूप और उप-वर्ग
    • Cfa: नम गर्म उपसमशीतोष्ण जलवायु (humid subtropical climate). गर्म गर्मी के साथ वर्षा साल भर होती है
    • लेकिन गर्मियों में बहुत अधिक आर्द्रता और उच्च तापमान देखने को मिलते हैं।
    • Cfb: समुद्री पश्चिमी तटीय समशीतोष्ण जलवायु (temperate oceanic climate). Year-round वर्षण होता है
    • गर्मियाँ नरम, सर्दियाँ ठंडी लेकिन बर्फ़बारी अक्सर कम होती है; तापमान में मौसमी पारी-परिवर्तन मध्यम होता है।
    • Cs: भूमध्यसागरीय जलवायु (Mediterranean climate). गर्म सुखाड़-गर्मी पर निर्भर, सर्दियों में वर्षा अधिक और गर्मियों में सूखा रहता है
    • साथ Cs में वर्षण की मौसमी अस्थिरता अधिक स्पष्ट रहती है।
    •  गर्मी में भारी वर्षा, सर्दियों में सूखा या कम वर्षा होती है; यह Cf के भीतर एक विशिष्ट उप-वर्ग है
    • जिसमें आर्द्र गर्मी और शुष्क ठंडी ऋतु की परस्पर-विकासशीलता होती है।
  • जलवायु-आकारिकी में Cf का स्थान
    • क्षेत्र पश्चिमी ऊँचाईदार महाद्वीपीय उपकेंद्रों की समशीतोष्ण जलवायु सीमा के साथ जुड़ते हैं
    • जहाँ समुद्री प्रभाव, उष्णकटिबंधीय और ध्रुवीय वायुमान के बीच संतुलन रहता है।
    • समुद्री प्रभाव के कारण Cf क्षेत्रों में आर्द्रता उच्च रहती है, वर्षण समान रूप से और अधिक होता है
    • जिससे कृषि, वनस्पति और जलवायु-आधारित जीवन चक्र प्रभावित होते हैं।
  • तापमान-वार्षण वितरण
    • Cf क्षेत्रों में वार्षिक औसत तापमान सामान्यतः 0°C से ऊपर रहता है
    • गर्मियों में तापमान 25–30°C या उससे ऊपर पहुँच सकता है
    • जबकि सर्दियाँ ठंडी हो सकती हैं पर कठोर नहीं।
    • यह तापमान-पार्श्विकरण Cf को “समशीतोष्ण” में रखता है, उच्चतम तापमान सीमाओं के साथ।
    • वर्षा वर्षभर होती है पर वितरण क्षेत्र-विशिष्ट होता है
    • वर्षा हर महीना थोड़ा-थोड़ा गर्मियों में अधिक आर्द्रता, और Cs में सर्दियों में वर्षा अधिक और गर्मियों में सूखा।
  • उपयोग और दृश्य-प्रयोग
    • CF प्रकार के जलवायु वाले क्षेत्र कृषि के लिए उपयुक्तता, वनस्पति चयन, पेयजल प्रबंधन और प्राकृतिक आपदाओं (जैसे बाढ़, सूखा-चरम) की जोखिम-आकलन में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
    • शिक्षा और भूगोल पाठ्यक्रम में Cf के अंतर्गत Cfa, Cfb, Cs, Cwa जैसी उप-वर्गीकरणों के उदाहरण दिए जाते हैं—जैसे न्यू ऑरलिन्स (Cfa), लंदन या बर्न (Cfb), मॉस्को के कुछ हिस्से (क्लेमेटिक-उच्च-सीमा के बजाय) आदि—ताकि विद्यार्थी वितरण और प्रभाव समझ सकें।
  • ध्वन्यात्मक संकेत और भ्रम
    • Cf शब्द-समूह में “C” जलवायु मॉड्यूल को दर्शाता है, “f” वर्षण को दर्शाता है
    • उप-वर्ग (a, b, c, d) स्थानीय वर्षण और तापमान-चार्ट के अनुसार भिन्न होते हैं।
    • कुछ प्रामाणिक स्रोत CF के उप-वर्गों के स्पष्ट उदाहरण और उनके वैश्विक वितरण भी बताते हैं
    • जिससे क्षेत्रीय जलवायु-आकृतियाँ समझना आसान होता है।
  • संक्षिप्त निष्कर्ष
    • Cf गर्म समशीतोष्ण जलवायु के भीतर एक व्यापक समूह है
    • जिसमें अक्सर गर्मियों में उच्च आर्द्रता के साथ वर्षण और पूरे साल वर्षण का प्रभाव रहता है।
    • Cf के मुख्य उप-वर्ग, जैसे Cfa, Cfb, Cs, Cwa, स्थानीय जलवायु-परिसरों के अनुसार तापमान-वार्षण और वर्षण के वितरण में भिन्नता दिखाते हैं।
    • यह क्लासिफिकेशन भू-आकृति, कृषि-व्यवस्था, जलवायु-परिवर्तन के प्रभावों और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन के लिए अहम मानदंड प्रदान करता है।

4. शब्द 'मानसून', किस विशिष्ट समयावधि के दौरान, पवन की दिशा में होने वाले मौसमी परिवर्तन को दर्शाता है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 14 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) एक वर्ष
Solution:
  • 'मानसून' का अर्थ, एक वर्ष के दौरान वायु की दिशा में ऋतु के अनुसार परिवर्तन है।
  • मानसून शब्द की उत्पत्ति अरबी भाषा के शब्द 'मौसिम' से हुई है, जिसका शाब्दिक अर्थ है-मौसम।
  • मुख्य बिंदु
    • समयावधि: दक्षिण-पश्चिम मानसून मुख्य रूप से जून से सितंबर के बीच सक्रिय रहता है
    • उत्तर-पूर्व मानसून (या शुष्क मानसून) अक्टूबर से दिसंबर तक प्रमुख रहता है, कुछ क्षेत्रों में वर्षभर परिवर्तन रहते हैं।
    • गतिशीलता: गर्मियों में दक्षिण-पश्चिम से आकाश-स्तर के तापमान में वृद्धि के कारण आंतरिक एशिया और अरब सागर क्षेत्र में निम्न दबाव बनता है
    • तब ये हवाएँ भारतीय उपमहाद्वीप की ओर बहती हैं और भारी वर्षा लाती हैं।
    • सर्दियों में भूमि पर उच्च दबाव बनता है, और हवाएँ समुद्र की तरफ पलटकर उत्तर-पूर्वी दिशा में शुष्क हवा ले जाती हैं।
    • क्षेत्रीय प्रभाव: मानसून भारत-प्रशांत क्षेत्र के लिए प्रमुख जल-वर्षा चक्र है
    • बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली मौसमीय पैटर्न मौसम-प्रदेशों के हिसाब से भिन्न-भिन्न वर्षा और तापमान को प्रभावित करते हैं।
    • बहिर्वाहक कारक: आईटीसीZ (Intertropical Convergence Zone), एल-नीनो/ला-नीना जैसी समुद्री ऊष्मा स्थितियाँ, और महासागरीय धाराओं का परिवर्तन मानसून की तीव्रता और अवधि में परिवर्तन कराते हैं।
    • संक्षिप्त प्रभाव: भारी वर्षा, जलधाराओं में वृद्धि, फसल-चक्र पर प्रभाव, बाढ़ और सुखा जैसे चरम मौसम घटनाओं के लिए मानसून प्रमुख वर्षा-चक्र बनाता है।

5. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन कोपेन की 'A' प्रकार की जलवायु से संबंधित है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 24 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (c) सबसे ठण्डे महीने का औसत तापमान 18°C या अधिक होता है
Solution:
  • कोपेन के 'A' प्रकार की जलवायु के लिए सबसे ठंडे महीनों का औसत तापमान 18°C से अधिक होता है। अतः सही उत्तर विकल्प (c) होगा।
  • सारांश
    • Köppen के A प्रकार की जलवायु = Tropical (उष्णकटिबंधीय) जलवायु।
    • प्रमुख विशेषताएं: गर्म सालभर तापमान, असमान (या नियमित) वर्षा के साथ प्रमुख बार्षिक ऋतु-आधारित पैटर्न; ठंडे माह नहीं होते; अधिकांश जगहों पर तापमान 18°C से ऊपर रहता है.
    • A प्रकार के उप-वर्ग: Af (Wet Equatorial/गहन वर्षा वाला उष्णकटिबंधीय), Am (Tropical Monsoon/मानसून जलवायु), Aw (Tropical Wet-Dry/वर्षा-शुष्क ऋतु वाला).
  • व्यापक विवरण
    • स्थानिक वितरण और कारण: A प्रकार की जलवायु पृथ्वी पर लगभग हर जगह समतापमेरु (equatorial) बेल्ट के भीतर पाई जाती है
    • खासकर 15°N–15°S के आस-पास, जहां निरंतर और उच्च सूर्य स radiation उपलब्ध रहता है
    • जैसे मौसमी कारण जलवायु को प्रभावित करते हैं
    • यह जलवायु व्यापारिक पवनों, ITCZ की बार-बार होने वाली प्रवृत्ति और मौसमी मानसून के कारण नियंत्रित होती है.​
    • तापमान का काफी तुमुलन: A प्रकार में औसतन तापमान को सामान्यतः 18°C से ऊपर माना जाता है
    • सबसे ठंडा महीने भी 18°C से अधिक रहता है (Af, Am) या अत्यंत ऊष्मा रहती है (Aw में चर थोड़ा भिन्न होता है).​
    • वर्षा-धर्म: A प्रकार में वर्षा का वितरण स्थान-स्थान पर भिन्न रहता है
    • लगातार वर्षा (Af), भारी वर्षा-शुष्क ऋतु वाला मोड (Am), या गर्मी में द्विमासिक/बारम्बार मानसून के साथ वर्षा के शॉर्ट-ड्राई पीरियड (Aw) का संयोजन पाया जाता है.​
  • A प्रकार के उप-वर्ग (कौन-से प्रकार किस प्रकार)
    •  वर्षा वर्ष भर समान रूप से होती है; शुष्क महीनों का अधिकांश वर्षा नहीं होता और तापमान उच्च बना रहता है।
    • यह अक्सर घने अरण्यों/जंगलों के क्षेत्र में मिलता है (उदा., अमेज़न, दक्षिणपूर्व एशिया के कुछ भाग).​
    • भारी वर्षा मौसूमी परिवर्तन के साथ साल के दौरान मुद्रित होती है
    • मानसून के कारण वर्षा का सीज़न और सूखा महीना कम अंतर के साथ आता-जाता है। गर्म तापमान बना रहता है
    • यह दक्षिण एशिया के कुछ हिस्सों और अफ्रीका के भागों में सामान्य है.​
    • वर्षा ऋतु के साथ शुष्क ऋतु का स्पष्ट अंतर होता है
    • कुछ महीनों में वर्षा नहीं के बराबर होती, जबकि अन्य महीनों में भारी वर्षा होती है।
    • तापमान सामान्यतः ऊँचा रहता है; यह भारत के पश्चिमी भागों, अफ्रीका के कुछ क्षेत्रों और उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में उपस्थित है.​
  • USP के दृष्टिकोण से कुछ स्पष्ट बिंदु
    • जलवायु-vegetation लिंक: A प्रकार की जलवायु में स्थायित्व नहीं होते, बल्कि वार्षिक वर्षा-क्रम और तापमान के हलचल पर निर्भर रहते हैं
    • धूप-धाराओं और मानसून के कारण वनस्पति प्रकार (उष्णकटिबंधीय वर्षा वनों से लेकर शुष्क समृद्ध क्षेत्रों तक) भिन्न दिखते हैं.​
    • शिक्षा/परीक्षा संदर्भ: UPSC/NCERT संदर्भ में A प्रकार के तीन उप-वर्गों के मानदंड-चर (जैसे कि Af: हर महीने वर्षा; Am: भारी वर्षा वाले महीनों के साथ हल्का शुष्क महीना; Aw: वर्षा-शुष्क ऋतु स्पष्ट अंतर) को पढ़ना सुविधाजनक है.​
  • यदि चाहें, नीचे एक छोटा-स्पष्ट तुलना तालिका में A प्रकार के उप-वर्गों की प्रमुख विशेषताएं दी जा सकती हैं:
    •  हर महीने वर्षा; वर्षा वार्षिक वितरण समान; तापमान ऊँचा।
    • अत्यधिक वर्षा-बार्षिक मानसून; एक महीना अधिक वर्षा+अन्य महीनों में हल्की कमी; तापमान ऊँचा।
    •  वर्षा का मुख्य मॉनसन-सीज़न; शुष्क महीनों की स्पष्ट कमी/अभाव; तापमान ऊँचा।
  • नोट्स
    •  जलवायु वर्गीकरण में A प्रकार के तीन प्रमुख समूह Af, Am, Aw को सबसे कम-से-अधीक वर्षा-आधारित उष्णकटिबंधीय जलवायु के रूप में माना गया है
    • यह संकल्पना ऊष्णकटिबंधीय कम-उच्च अक्षांशों के भीतर फैली है
    • ITCZ/Trade winds के कारण समय-समय पर परिवर्तनशील रहती है.​

6. जलवायु वर्गीकरण की योजना को संशोधित करने के लिए 1961 में किस जलवायु वैज्ञानिक ने कोपेन (Koppen) के साथ सहयोग किया? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 29 नवंबर, 2023 (II-पाली)]

Correct Answer: (b) रुडोल्फ गीगर
Solution:
  • कोपेन जलवायु वर्गीकरण सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली जलवायु वर्गीकरण प्रणालियों में से एक है।
  • बाद में जर्मन जलवायु विज्ञानी रुडोल्फ गीगर ने वर्गीकरण प्रणाली में कुछ बदलाव किए जिसे कभी-कभी कोपेन-गीगर जलवायु वर्गीकरण कहा जाता है।
  • पृष्ठभूमि और भूमिका
    • कोपेन ने 1900–1936 के बीच अपने तरीके से जलवायु वर्गीकरण प्रस्तुत किया, जिसमें वनस्पति कवरेज और मौसम संबंधी आँकड़े आधार थे।
    • 1936 तक उनकी योजना व्यापक रूप से मान्य हुई, और बाद के सुधारों के लिए पब्लिकेशन और हैंडबुक में स्पष्ट उल्लेख मिलता है.​
    • 1961 में कोपेन जलवायु वर्गीकरण को और परिष्कृत करने की दिशा में सहयोग का उल्लेख व्यापक शिक्षण-स्रोतों और आईएएस/जीके प्रश्नों में मिलता है
    • जिसमें स्पष्ट उत्तर रूडोल्फ गीगर के रूप में दिए जाते हैं.​
  • 1961 का संशोधन: योगदान और महत्व
    • गीगर ने 1961 में कोपेन वर्गीकरण को उन्नत किया, जिसमें तापमान, वर्षा के वास्तविक मान, और भू-उच्चावच (altitude) जैसी विविधताओं को अधिक ठोस तौर पर समाहित किया गया।
    • इससे प्रणाली की वैश्विक उपयोगिता और पर्यावरण-विज्ञान में अनुप्रयोग बढ़े.​
    • गीगर और कोपेन की यह साझेदारी Köppen-Gieger प्रणाली के रूप में प्रसिद्ध हो गई
    • जो बाद में जलवायु-उपयुक्त कृषि, वनस्पति विज्ञान, और जलवायु परिवर्तन अनुसंधान के लिए मानक संदर्भ बन गई.​
  • कोपेन-गीगर प्रणाली: संक्षेप
    • प्रारंभिक कोपेन वर्गीकरण वनस्पति-आधारित था और तापमान-बारिश के वास्तविक आँकड़ों के साथ उन्नयन के बाद 1936 तक वनस्पति, तापमान, वर्षा और उच्चावच को समाहित किया गया. 1936 संस्करण विश्व-स्तर पर मान्य माना गया.​
    • बाद के संशोधनों में गीगर की भागीदारी ने प्रणाली को अधिक empirical-आधारित और परिशुद्ध बनाकर इसे जलवायु-पर्यावरण अध्ययन के लिए एक मानक मॉडल बना दिया.​
    • 1960s के बाद के संस्करणों में यह प्रणाली अभी भी व्यापक रूप से उपयोगी है
    • कई भूगोल, कृषि, और जलवायु-योजनाओं में लागू की जाती है.​
  • संबद्ध जानकारी और पूरक स्रोत
    • हिंदी-भाषाई स्रोतों में 1961 के संशोधन के बारे में अक्सर रुडोल्फ गीगर के योगदान का उल्लेख मिलता है
    • यह Köppen-Climate Classification के साथ जुड़ा मानक ज्ञान बन चुका है.​
    • Köppen-गीगर प्रणाली के विवरण और ऐतिहासिक क्रम के बारे में शिक्षण-नोट्स और विकी-समरी में भी गीगर के सहयोग का उल्लेख मिलता है.​

7. कोपेन जलवायु का कौन-सा अक्षर कूट उष्ण-ग्रीष्म आर्द्र महाद्वीपीय जलवायु की विशेषता का उल्लेख करता है? [दिल्ली पुलिस कांस्टेबिल 30 नवंबर, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (d) Dfa
Solution:
  • कोपेन जलवायु का Dfa अक्षर कूट उष्ण-ग्रीष्म आर्द्रमहाद्वीपीय जलवायु की विशेषता का उल्लेख करता है।
  • कोपेन क्लाइमेट क्लासिफिकेशन कैसे काम करता है
    • कोपेन सिस्टम में जलवायु प्रदेशों को अक्षरों से चिन्हित किया गया है
    • A (उष्णकटिबंधीय), B (शुष्क), C (शीतोष्ण आर्द्र), D (ठण्डा/सूखे-ठंडे), E (ध्रुवी)।
    • C समूह का मतलब है शीतोष्ण आर्द्र जलवायु, जिसमें गर्मी की मौसमचर (ग्रीष्म) उष्ण होते हैं
    • औसत ठंडे माह भी मृदु रहते हैं, और वर्षा विभाजित नहीं रहती बल्कि वर्षभर पर्याप्त होती है, जिससे उष्ण-ग्रीष्म आर्द्र स्थितियाँ बनती हैं।
  • C समूह के उपप्रकार
    • Cfa, Cfb, Cwa, Cwb आदि उपप्रकार होते हैं, जो विशेषतः मौसमी वर्षा, तापमान और शीत ऋतु की कठोरता के आधार पर भिन्न होते हैं।
    • उदाहरण: Cfa = नम गर्म गर्मियाँ और पर्याप्त वर्षा; Cfb = ठंडी गर्मियाँ और वर्षा साल भर, लेकिन ठंडे महीनों में कमी का अनुपात अधिक नहीं होता
    • Cwa/Cwb में गर्मियों में विशेष मानसून/सूखा फर्क देखा जाता है।
  • महत्त्वपूर्ण विशेषताएँ
    • औसत वार्षिक तापमान आम तौर पर 0°C से ऊपर रहता है।
    • गर्मियों में तापमान 20–30°C के आसपास रहता है, जबकि सर्दियाँ मृदु से ठंडी होती हैं।
    • वर्षा विभाजन के अनुसार الأنواع: समान रूप से वर्षा होने वाले (Cf/Cfb/Cwa) बनाम गर्मियों में अधिक वर्षा वाले (Cwa/Cfa) प्रकार मिलते हैं।
  • भारत के संदर्भ में
    • भारत में कोपेन के C प्रकार के उपप्रकारों की विविधता मिलती है
    • जैसे Cwa (उष्णकटिबंधीय मानसूनी जलवायु वाले क्षेत्र) और Cfa/Cwb प्रकारों के संकेत भी मिलते हैं
    • जो उत्तर-पूर्वी हिमालयी शृंखला और मराठी/मैदानी क्षेत्रों में दिखते हैं।
    • इस धारा में मौसमी वर्षा का प्रवाह और तापमानीय सीमा प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
  • अन्य संदर्भ
    • शिक्षण सामग्री में C समूह को अक्सर "शीतोष्ण आर्द्र जलवायु" कहा गया है
    • जिसमें मानव-उद्योगीकरण और कृषि-स्थापना के लिए उपयुक्त जलवायु स्थितियाँ मिलती हैं।

8. कोपेन की योजना के अनुसार भारत में किस प्रकार की जलवायु को अक्षर 'E' से निरूपित किया जाता है? [CGL (T-I) 24 जुलाई, 2023 (IV-पाली)]

Correct Answer: (b) ध्रुवीय प्रकार
Solution:
  • कोपेन ने पांच प्रमुख जलवायु समूह निर्धारित किए, जिनमें से चार तापमान पर और एक वर्षण पर आधारित हैं।
  • वस्तुतः कोपेन की योजना तापमान, वर्षा और वनस्पति के आधार पर जलवायु के लिए एक वर्गीकरण प्रणाली है।
  • कोपेन की योजना में 'E' अक्षर ध्रुवीय प्रकार की जलवायु को दर्शाता है
  • जो बेहद कम तापमान और शुष्क स्थितियों की विशेषता है।
  • कोप्पेन जलवायु वर्गीकरण क्या है
    • कोप्पेन की योजना तापमान, वर्षा और वनस्पति के आधार पर वैश्विक जलवायु प्रदेशों की एक मानक प्रणाली है
    • जिसमें अक्षरों A, B, C, D, E आदि से प्रकार दर्शाए जाते हैं.​
    • E अक्षर आम तौर पर बर्फीली या ध्रुवीय जलवायु को दर्शाता है
    • जो अत्यंत कम तापमान और सामान्यतः बहुत कम वर्षा या बर्फ के रूप में मिलती है.​
  • भारत में अक्षर E की मौजूदगी
    • इतिहास और शिक्षा-संबंधी स्रोतों में यह स्पष्ट किया गया है
    • भारत में ध्रुवीय प्रकार की जलवायु नहीं पाई जाती है
    • भारत के लिए E प्रकार का उल्लेख सामान्यतः नहीं माना जाता है.​
    • कुछ शिक्षण सामग्री या क्विज-क्वेश्चनों में E को ध्रुवीय प्रकार के रूप में परिभाषित किया गया है
    • वास्तविक भूगोल-मानचित्र पर भारत में वहाव नहीं पाया जाता है
    • यह संदर्भ अक्सर प्रश्नोत्तर-सेटिंग या भ्रमण-उद्धरण के रूप में होता है.​
  • क्यों भ्रम हो सकता है
    • कुछ स्रोतों में कोप्पेन के अक्षर-कोडिंग को संक्षेप में प्रस्तुत करते समय E को “ध्रुवीय” बताने के साथ साथ अन्य_TOOLTIP-प्रकारों की तुलना में संक्षेप में गलत या अतिशोधन के कारण भ्रम बन सकता है.​
    • हिन्दी-भूगोल संदर्भों में भी कई बार कोप्पेन के अक्षर-कोडिंग के मूल तत्त्वों की व्याख्या करते समय अक्षरों के साथ वनस्पति-उल्लेख को जोड़ते हुए E को ध्रुवीय बताने की त्रुटि दिख सकती है.​
  • भारत के जलवायु प्रदेशों के सामान्य वर्गीकरण
    • भारत को कोप्पेन के अनुसार आम तौर पर 5 मुख्य वर्गों से जोड़ा जाता है: A (उष्णकटिबंधीय), B (शुष्क), C (गर्म), D (हिम) आदि, पर इनमें E को शामिल नहीं किया जाता या उसका क्षेत्र-विशिष्ट वर्णन नहीं पाया जाता है.​
    • वास्तविक भूगोल में भारत के जलवायु प्रदेशों के विस्तार में आभास होता है
    • जैसे उष्णकटिबंधीय नम-झड़ी, मानसून-आधारित मौसम आदि; ये अक्सर A, C जैसे वर्गों के अंतर्गत आते हैं, E नहीं.​
  • संक्षिप्त निष्कर्ष
    • कोप्पेन योजना के अनुसार E अक्षर ध्रुवीय जलवायु को दर्शाता है
    • जो भारत में पाया नहीं जात
    • इसलिए भारत में E प्रकार की जलवायु के बारे में पर्यवेक्षण-उद्धृत विवरण सामान्य स्रोतों में नहीं मिलते, बल्कि यह प्रश्न-प्रस्तुति में भ्रम रखने वाले उदाहरण के रूप में देखा जा सकता है.​
    • अगर किसी पाठ में E को भारत के लिए उद्धृत किया गया हो, तो संभव है
    • वह शिक्षा-स्तरीय अभ्यास/परिक्षण-समझौतों के लिए किया गया हो और वास्तविक भूगोल से भिन्न हो सकता है.​

9. कोपेन जलवायु वर्गीकरण प्रणाली के तहत, कौन-सा जलवायु क्षेत्र समान्यतः ऐसे महाद्वीपों के पश्चिमी तटों पर स्थित है, जहां 35-90 सेमी. के बीच वर्षा होती है? [CHSL (T-I) 11 अगस्त, 2023 (III-पाली)]

Correct Answer: (a) भूमध्यसागरीय जलवायु
Solution:
  • कोपेन जलवायु वर्गीकरण प्रणाली के तहत, भूमध्यसागरीय जलवायु क्षेत्र सामान्यतः ऐसे महाद्वीपों के पश्चिमी तटों पर स्थित है
  • जहां 35-90 सेमी. के बीच वर्षा होती है।
  • भूमध्य सागर या रूम सागर के आस-पास विस्तृत होने के कारण इसका नामकरण भूमध्यसागरीय जलवायु किया गया।
  • पूरा विवरण:
    • इन क्षेत्रों में वर्षा का वितरण अक्सर ठंडे मौसम में अधिक और गर्मी महीनों में गर्म जलवायु के अनुरूप होता है
    • जिससे कुल वार्षिक वर्षा 35–90 सेमी तक सीमित रहती है।​
    • भौगोलिक विस्तार: इस प्रकार के महाद्वीपीय पश्चिमी तट भागों में कैलिफ़ोर्निया का भूमध्य-समकक्ष भाग, भूमध्यसागरीय बेसिन के तटीय भाग, ऑस्ट्रेलिया के कुछ भाग और दक्षिण अफ्रीका के पश्चिमी तटीय क्षेत्र शामिल होते हैं
    • जहाँ नमी की उपलब्धता और वैश्विक हवाओं के पैटर्न मिलकर 35–90 सेमी वार्षिक वर्षा बनाते हैं।​
    • वनस्पति और दृश्यता: इस जलवायु क्षेत्र में chaparral, सघन स्क्लेरोफिल वन, तथा कॉर्क ओक जैसे वनस्पति प्रकार आम मिलते हैं
    • जो अक्सर शुष्क ग्रीष्मकाल के बावजूद सर्दियों में हल्की-गीली परिस्थितियों के साथ विकसित होते हैं।​
    • उपयोगी संकेत और गलतफहमी: कुछ स्रोतों में इसे “भूमध्यसागरीय जलवायु” के रूप में भी पहچाना जाता है
    • खासकर जहाँ सर्दियाँ मुलायम और बारिश सितंबर–मई के बीच समरूपी होती है
    • परंतु कुल वार्षिक वर्षा 35–90 सेमी की सीमा के भीतर होने पर इस क्लस्टर के पश्चिमी तट ही सामान्यतः शामिल होते हैं।
    • यह एक ऐसी परिकल्पना है जो विभिन्न पाठों में हल्की भिन्नताओं के साथ देखी जा सकती है।​
    • परीक्षा/शिक्षार्थी संदर्भ: कई UPSC/जीविज्ञान-भूगोल संदर्भ पाठ में यह स्पष्ट किया गया है
    • पश्चिमी तटीय बेल्टों में 35–90 सेमी वर्षा वाले क्षेत्र भूमध्य-सागरीय प्रकार के जलवायु प्रभावों के साथ मिलकर बनते हैं।
    • यह विवरण कुछ प्रश्नों में स्पष्ट उत्तर के रूप में प्रस्तुत होता है।​
  • क्यों यह प्रश्न पूछे जाते हैं:
    • भूगोल के पाठ्यक्रम में कोपेन वर्गीकरण के अंतर्गत इन पश्चिमी-तटीय, मध्यम वर्षा वाले क्षेत्रों की पहचान करना अत्यंत सामान्य है
    • ताकि छात्र मौसमी वर्षा वितरण, पौधों की वनस्पति, और मानचित्र-निर्देशन समझ सकें।

10. उत्तर ध्रुव वृत्त और उत्तरी ध्रुव के बीच के क्षेत्र को क्या कहा जाता है? [CHSL (T-I) 21 मार्च, 2023 (I-पाली)]

Correct Answer: (d) शीत कटिबंध
Solution:
  • उत्तर ध्रुव वृत्त और उत्तरी ध्रुव के बीच के क्षेत्र को शीत कटिबंध कहा जाता है।
  • आर्कटिक वृत्त और उत्तरी ध्रुव के बीच और अंटार्कटिक वृत्त और दक्षिणी ध्रुव के बीच का क्षेत्र शीतोष्ण क्षेत्र कहलाता है।
  • इस पर सूर्य की तिरछी किरणें पड़ती हैं और इसलिए यह बहुत ठंडा होता है।
  • क्षेत्र की भौगोलिक परिभाषा
    • उत्तरी ध्रुव और Arctic Circle के बीच का क्षेत्र समुद्र, आर्कटिक महासागर के भीतर के जल क्षेत्र
    • इसके आस-पास की आर्कटिक किनारों से मिलकर बना है।
    • कई बार इसे “ Arctic zone” या “ Arctic region” के रूप में रेखांकित किया जाता है।​
  • जलवायु और पर्यावरणीय 특징
    • यह क्षेत्र अत्यंत ठंडा रहता है, वर्षा कम होती है, और बर्फ की मात्रा साल भर अधिक रहती है।
    • तापमान औसतन बहुत कम होता है और गर्मियों में भी उच्च नहीं रहता।
    • यह कम ऊष्मा प्राप्त होने के कारण ऊर्जा-घटाने वाले और ध्रुवीय डिसकाउंटिंग जैसी जलवायु प्रक्रियाओं का केंद्र है।​
    • Arctic region में टुंड्रा, बर्फ-आच्छादित मैदान, ग्लेशियर, आर्कटिक सागर और सीमित उष्णकटिबंधीय नहीं बल्कि ठंडे जलवायु के पौधे-पौधे और जीव रहते हैं।
    • यहाँ के जैव विविधता में ध्रुवीय भालू, अरктиक फॉरेस्ट-टाइप वनस्पति, छोटे स्तनधारी आदि प्रमुख हैं।​
  • भौगोलिक और राजनीतिक आयाम
    • Arctic region में कई देशों के साथ समुद्री और भू-भागीय सीमाएं जुड़ी होती हैं
    • जैसे कनाडा, रूस, नॉर्वे, ग्रीनलैंड (डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र) आदि
    • हालांकि आर्कटिक महासागर के कुछ हिस्से इन देशों के अधिकार-क्षेत्रों के भीतर आते हैं।
    • यह क्षेत्र जलवायु परिवर्तन से सीधे प्रभावी है
    • क्योंकि आर्कटिक पिघलन और हिमाच्छादन में कमी वैश्विक समुद्री स्तर और मौसम-घटक परिवर्तन में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।​
  • ध्रुवीय प्रक्रियाएं
    • Arctic region में दिन-रात की लम्बी फेरी (Midnight sun) या ध्रुवीय रात जैसी छटाएं देखी जाती हैं
    • साल के कुछ महीनों में ध्रुवीय दिन (24 घंटे सूर्य) या ध्रुवीय अंधकार संभव होता है।
    • यह प्रकाश-घंटों की चरम घटनाएं क्षेत्र की जीव-व्यवस्था और मानव गतिविधियों के लिए अनूठे प्रभाव डालती हैं।​
  • तुलनात्मक समवाय
    • यदि North Polar region और Antarctic region की तुलना करें, तो Arctic क्षेत्र उत्तरी गोलार्ध में आर्कटिक वृत्त से ऊपर स्थित है
    • दक्षिणी गोलार्ध में अंटार्कटिक वृत्त से नीचे स्थित है
    • वहां मौसम-चर्या उल्टी हो सकती है। Arctic region में स्थायित्व अधिक जलवायु-उत्तेजनशील है
    • समुद्री वातावरण अधिक ठंडा रहता है।​
  • गलत धारणाओं के विरुद्ध स्पष्टता
    • Arctic region को “उत्तरी ध्रुव क्षेत्र” भी कहा जाता है
    • लेकिन यह सिर्फ ध्रुव तक सीमित नहीं है; यह क्षेत्र Arctic Ocean और उसके किनारों को शामिल करता है।
    • ध्रुव क्षेत्र के भीतर देश-राज्यों के भू-भाग के साथ जल क्षेत्र भी शामिल होते हैं
    • जिससे अंतरराष्ट्रीय जलवायु-नीतियाँ प्रभावी होती हैं।​