Correct Answer: (c) ठंडी उत्तरी पवनों
Solution:- हिमालय पर्वत अपने सभी विस्तारों के साथ एक प्रभावी जलवायु विभाजक की भूमिका निभाता है।
- यह ऊंची पर्वत श्रृंखला भारतीय उपमहाद्वीप को ठंडी उत्तरी पवनों से अभेद्य सुरक्षा प्रदान करती है। अहंक
- जलवायु विभाजक के रूप में भूमिका
- परिणामस्वरूप ठंडे सर्दी के समय दक्षिणी एशिया की जलवायु अपेक्षाकृत तुलनात्मक गर्म रहती है.
- ऊँचे पर्वत और बर्फ़ीली चोटियों के कारण हिमालय प्रकाशीय ऊष्मा और वायुमंडलीय दाब में असामान्य परिवर्तन को भी प्रभावित करते हैं
- जो शीतकाल में उत्तरी भारत की जलवायु को नरम रखने में मदद करते हैं.
- हिमालय का व्यापक भू-आकृति-निर्माण मानसून के प्रवाह को भी प्रभावित करता है
- यह मानसून हवाओं के रास्ते और वर्षा के वितरण पर सीधे प्रभाव डालता है
- जिससे बंगाल की खाड़ी, अरब सागर और थार के क्षेत्र में वर्षा का असंतुलन बन सकता है.
- हिमालय की जलवायु संबंधी अन्य प्रभाव
- मानसून संबंधी भूमिका: दक्षिण-पश्चिम मानसून को बाधित कर या उसे फँसाकर हिमालय दक्षिण एशिया में वर्षा के पैटर्न को निर्धारित करता है
- जिससे फसलचक्र और जल संसाधन प्रभावित होते हैं.
- ठंडी हवाओं से सुरक्षा: हिमालय पिघलती ग्लेशियरों से भूगर्भीय उथल-पुथल भी तेज़ी से हो सकता है
- ऊँचे क्षेत्र हिमालय को उत्तरी भारत को ठंडी चक्रीय हवाओं से बचाने में मुख्य भूमिका निभाते हैं.
- जलवायु स्थिरता में योगदान: व्यापक रूप से यह क्षेत्र मध्य एशिया से आने वाली चरम मौसमी घटनाओं को रोकने और सुस्थिर जलवायु बनाने में योगदान देता है
- जिससे कृषि और संसाधन प्रबंधन अधिक सक्षम रहते हैं.
- वैश्विक संदर्भ
- हिमालय के संरक्षण और जलवायु संबंधी भूमिका पर शोध संकेत देते हैं
- यह क्षेत्र जलवायु-निर्भर देशों के लिए अत्यंत निर्णायक है
- मौसमी चरम घटनाओं के बढ़ते जोखिम के बावजूद जलवायु संतुलन बनाए रखने में अहम है.
- भू-वैज्ञानिक दृष्टि से भी हिमालय इंडियन प्लेट और यूरेशियन प्लेट के टकराव से बना एक युवा पर्वत है
- जिसका निर्माण और ध्रुवीय पारी में स्थित होने से जलवायु पर स्थायी प्रभाव पड़ता है.
- महत्वपूर्ण बिंदु (संक्षेप)
- हिमालय जलवायु विभाजक के रूप में ठंडी हवाओं को रोकता है और मानसून के वितरण को नियंत्रित करता है.
- यह क्षेत्र भारतीय उपमहाद्वीप के लिए गर्मियों में ग्रीष्म उच्च दबाव और वर्षा वितरण के पैटर्न बनाने में सहायक है.
- जलवायु परिवर्तन और वन्यजीव/पारिस्थितिकी पर जोखिम के कारण हिमालय के संरक्षण और सतत प्रबंधन की महत्ता बढ़ती जा रही है.