वैदिक काल (UPPCS) Part-1

Total Questions: 50

1. 'आर्य' शब्द इंगित करता है- [I.A.S. (Pre) 1999 & U.P.P.C.S. (Pre) 1999]

Correct Answer: (d) श्रेष्ठ वंश को
Solution:

आर्य शब्द प्राचीन भारोपीय एवं प्राचीन ईरानी भाषा बोलने वालों के लिए प्रयुक्त शब्द है। वैदिक संस्कृति में आर्य शब्द श्रेष्ठ, शिष्ट अथवा सज्जन तथा नैतिक अर्थ में महाकुल, कुलीन, सभ्य, साधू, आदि के लिए प्रयुक्त हुआ है। सायणाचार्य ने अपने ऋग्भाष्य में आर्य का अर्थ विज्ञ, यज्ञ का अनुष्ठाता, विज्ञ स्रोता, आदरणीय अथवा सर्वत्र गंतव्य, उत्तम वर्ष, मनु, कर्मयुक्त और कर्मानुष्ठान से श्रेष्ठ आदि बताया है। अतः आर्य का शाब्दिक अर्थ 'श्रेष्ठ' या 'कुलीन' है।

2. क्लासिकीय संस्कृति में 'आर्य' शब्द का अर्थ है- [U.P. Lower Sub. (Pre) 1998]

Correct Answer: (d) एक उत्तम व्यक्ति
Solution:

क्लासिकीय (शास्त्रीय) संस्कृत में 'आर्य' शब्द का अर्थ "कुलीन""श्रेष्ठ""सम्माननीय" या "उत्तम व्यक्ति" होता है। यह शब्द किसी नस्ल को नहीं बल्कि एक उच्च नैतिक और सामाजिक आचरण वाले व्यक्ति को संदर्भित करता है जिसे वैदिक संस्कृति में आदरणीय माना जाता था।

3. सबसे पुराना वेद कौन-सा है? [U.P.P.C.S. (Pre) 1995 & Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2010 & Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2007]

Correct Answer: (b) ऋग्वेद
Solution:

वेद हिंदू धर्म के सबसे प्राचीन पवित्र और सर्वोपरि धर्मग्रंथ हैं जो ज्ञान के भंडार माने जाते हैं। "विद्" धातु से बने इस शब्द का अर्थ 'जानना' या 'ज्ञान' है। इन्हें 'श्रुति' (सुना हुआ) भी कहा जाता है क्योंकि मान्यता है कि इन्हें ऋषियों ने ईश्वर से प्राप्त किया था। कुल चार वेद—ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद—भारतीय संस्कृति के मूल आधार हैं।
वेदों का वर्गीकरण और प्रमुखता:
• ऋग्वेद: सबसे प्राचीन और बड़ा वेद जिसमें देवताओं की स्तुति के मंत्र हैं।
• यजुर्वेद: यज्ञ हवन और कर्मकांड की विधियों का वर्णन करता है।
• सामवेद: संगीत का जनक जिसमें देवताओं की स्तुति के मंत्र संगीतमय रूप में हैं।
• अथर्ववेद: इसमें चिकित्सा, आयुर्वेद, जीवन की समस्याओं और उनके समाधान का ज्ञान है।

4. 'त्रयी' नाम है- [U.P.P.S.C. (GIC) 2010]

Correct Answer: (a) तीन वेदों का
Solution:

वैदिक साहित्य में 'त्रयी' शब्द का प्रयोग मुख्य रूप से प्रथम तीन वेदों— ऋग्वेद, सामवेद और यजुर्वेद के सामूहिक नाम के रूप में किया जाता है। इन्हें 'त्रयी' इसलिए कहा जाता है क्योंकि ये तीनों वेद विषय-वस्तु और शैली की दृष्टि से एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं (ऋग्वेद में ऋचाएँ हैं, सामवेद में गान है और यजुर्वेद में यज्ञ की प्रक्रियाएँ हैं)। विशेष रूप से, अथर्ववेद को 'त्रयी' के अंतर्गत शामिल नहीं किया जाता है क्योंकि इसकी विषय-वस्तु (जादू-टोने, औषधियां और लौकिक विषय) अन्य तीनों वेदों के आध्यात्मिक और यज्ञीय विषयों से भिन्न मानी जाती थी। अतः, प्राचीन काल में जब केवल 'वेदों' की बात की जाती थी, तो अक्सर उसका तात्पर्य इन्हीं तीन वेदों से होता था।

5. किस वैदिक ग्रंथ में 'वर्ण' शब्द का सर्वप्रथम नामोल्लेख मिलता है ? [Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2012]

Correct Answer: (a) ऋग्वेद
Solution:

'वर्ण' शब्द का सर्वप्रथम उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है। ऋग्वेद में 'वर्ण' शब्द रंग के अर्थ में तथा कहीं-कहीं व्यवसाय-चयन के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है। आर्यों को गौर वर्ण तथा दासों को कृष्ण वर्ण का कहा गया है। ऋग्वेद के दसवें मंडल के पुरुष सूक्त में सर्वप्रथम 'शूद्र' वर्ण का उल्लेख मिलता है।

6. वर्णव्यवस्था से संबंधित 'पुरुष सूक्त' मूलतः पाया जाता है- [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2014]

Correct Answer: (c) ऋग्वेद
Solution:

'वर्ण' शब्द का सर्वप्रथम उल्लेख ऋग्वेद में मिलता है। ऋग्वेद में 'वर्ण' शब्द रंग के अर्थ में तथा कहीं-कहीं व्यवसाय-चयन के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है। आर्यों को गौर वर्ण तथा दासों को कृष्ण वर्ण का कहा गया है। ऋग्वेद के दसवें मंडल के पुरुष सूक्त में सर्वप्रथम 'शूद्र' वर्ण का उल्लेख मिलता है।

7. सुमेलित कीजिए- [M.P.P.C.S. (Pre) 1999]

A. अथर्ववेद1. ईश्वर महिमा
B. ऋग्वेद2. बलिदान विधि
C. यजुर्वेद3. औषधियों से संबंधित
D. सामवेद4. संगीत

कूट:

ABCD
(a)3124
(b)1234
(c)2341
(d)3412
Correct Answer: (a)
Solution:

अथर्ववेद ओषधियों से संबंधित है। ऋग्वेद में ईश्वर महिमा (देवताओं की स्तुति), यजुर्वेद में कर्मकांड (बलिदान विधि) एवं सामवेद में संगीत का विस्तृत उल्लेख है।

CodeABCD
(a)4213
(b)3241
(c)4123
(d)2314

8. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए एवं नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही उत्तर चुनिए- [U.P.P.C.S. (Pre) 2003 & U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2002]

सूची-Iसूची-II
A. ऋग्वेद1. संगीतमय स्तोत्र
B. यजुर्वेद2. स्तोत्र एवं कर्मकांड
C. सामवेद3. तंत्र-मंत्र एवं वशीकरण
D. अथर्ववेद4. स्तोत्र एवं प्रार्थनाएं 

कूट :

ABCD
(a)4213
(b)3241
(c)4123
(d)2314
Correct Answer: (a)
Solution:

ऋग्वेद में स्तोत्र एवं प्रार्थनाएं हैं, इसमें कुल 1028 सूक्त तथा 10552 ऋचाएं या मंत्र या श्लोक हैं। यजुर्वेद में स्तोत्र एवं कर्मकांड वर्णित हैं। सामवेद के पद गेय रूप में (संगीतमय स्तोत्र) हैं, जिनको 'उद्‌गाता' नामक पुरोहित गाता था। अथर्ववेद के कुल 20 अध्यायों एवं 730 सूक्तों में तंत्र-मंत्र एवं वशीकरण के संदर्भ में साक्ष्य हैं।

9. निम्नलिखित चार वेदों में से किस एक में जादुई माया और वशीकरण का वर्णन है? [Jharkhand P.C.S. (Pre) 2011]

Correct Answer: (c) अथर्ववेद
Solution:

अथर्ववेद को 'ब्रह्मवेद' भी कहा जाता है और इसकी रचना 'अथर्वा' ऋषि द्वारा की गई मानी जाती है। अन्य तीन वेदों (ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद) के विपरीत, अथर्ववेद का मुख्य विषय आध्यात्मिक यज्ञ न होकर लौकिक जीवन है। इसमें जीवन की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान हेतु जादू-टोने (Magic), वशीकरण (Spells/Incantations), प्रेत-बाधा निवारण और रोगों के उपचार के लिए मंत्र दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, इसमें आयुर्वेद (चिकित्सा), विवाह, प्रेम और शत्रु-नाश से संबंधित सूक्त भी शामिल हैं। यही कारण है कि इसे समाज के तत्कालीन रीति-रिवाजों और अंधविश्वासों को समझने का सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्रोत माना जाता है।

10. ऋग्वेद में ..... ऋचाएं हैं- [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2011]

Correct Answer: (a) 1028
Solution:

ऋग्वेद सनातन धर्म का प्राचीनतम स्रोत है और इसकी संरचना बहुत ही व्यवस्थित है। इसमें कुल 10 मंडल हैं और 1,028 सूक्त (ऋचाएं) हैं। अगर हम मंत्रों की कुल संख्या की बात करें, तो इसमें लगभग 10,580 मंत्र (जिन्हें 'ऋचा' भी कहा जाता है) शामिल हैं। इन ऋचाओं के माध्यम से अग्नि, इंद्र, वरुण और सोम जैसे विभिन्न देवताओं की स्तुति की गई है। ऋग्वेद की इन ऋचाओं को पढ़ने वाले ऋषि को 'होतृ' कहा जाता है। इसकी भाषा वैदिक संस्कृत है, जो उस काल की सांस्कृतिक और दार्शनिक गहराई को दर्शाती है।