संसदीय समितियां

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1. संसदीय समितियों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा / से कथन सत्य है/हैं? [CGL (T-I) 21 जुलाई, 2023 (III-पाली)]

  • A. एक मंत्री लोक लेखा समिति का सदस्य नहीं हो सकता है।
  • B. प्राक्कलन समिति के सदस्यों को लोक सभा के अध्यक्ष द्वारा नामित किया जाता है।
  • C. एक मंत्री प्राक्कलन समिति का सदस्य हो सकता है, यदि उसे अध्यक्ष (स्पीकर) द्वारा मनोनीत किया जाता है।
  • D. सार्वजनिक उपक्रमों की समिति के सदस्य का कार्यकाल 2 वर्ष का होगा।
Correct Answer: (d) केवल A
Solution:
  • लोक लेखा समिति संसद के दोनों सदनों के कुल 22 सदस्यों से मिलकर गठित होती है।
  • इसके सदस्य दोनों सदनों द्वारा (लोक सभा 15 तथा राज्य सभा 7) निर्वाचित किए जाते हैं।
  • कोई मंत्री लोक लेखा समिति का सदस्य नहीं हो सकता है। अतः कथन A सत्य है। प्राक्कलन समिति में केवल लोक सभा के 30 सदस्य होते हैं
  • जो लोक सभा द्वारा निर्वाचित किए जाते हैं। कोई मंत्री प्राक्कलन समिति का सदस्य नहीं हो सकता है। अतः कथन B एवं C असत्य हैं।
  • सार्वजनिक उपक्रमों की समिति के सदस्य का कार्यकाल 1 वर्ष का होता है। अतः कथन D भी असत्य है।
  • संसद को उसके कार्यों में सहायता देने के लिए संसदीय समितियाँ बनाई जाती हैं।
  • संसदीय समितियाँ तीन प्रकार की होती हैं - स्थायी समितियाँ, प्रवर समितियाँ और संयुक्त समितियाँ।
  • इन समितियों के सदस्य संसद या उसके अध्यक्ष द्वारा निर्वाचित या नामांकित होते हैं।
  •  कथन A सही है।
    •  नियमों के मुताबिक, कोई मंत्री लोक लेखा समिति (PAC) का सदस्य नहीं हो सकता क्योंकि यह एक निगरानी समिति है जो सरकार के खर्चों की जांच करती है।
  •  कथन B ग़लत है।
    • प्राक्कलन समिति के सदस्यों को लोकसभा अध्यक्ष द्वारा नामित नहीं किया जाता है। वे लोकसभा द्वारा अपने सदस्यों में से चुने जाते हैं।
  •  कथन C ग़लत है।
    • कोई मंत्री प्राक्कलन समिति का सदस्य नहीं हो सकता, भले ही उसे अध्यक्ष द्वारा नामित किया गया हो।
  •  कथन D ग़लत है।
    •  सार्वजनिक उपक्रम समिति के सदस्य का कार्यकाल एक वर्ष का होता है।
      Other Information
  • लोक लेखा समिति (PAC) सबसे पुरानी और सबसे महत्वपूर्ण संसदीय समिति है।
  • प्राक्कलन समिति विभिन्न मंत्रालयों के व्यय के अनुमानों की जांच करती है।
  •  सार्वजनिक उपक्रमों की समिति सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों के कामकाज की जांच करती है।