संसद-I. लोक सभा

Total Questions: 50

11. प्रत्येक राज्य में लोक सभा की सीटों का निर्धारण परिसीमन आयोग द्वारा किया जाता है। इस परिसीमन को किस वर्ष तक रोक दिया गया है? [67th B.P.S.C. (Pre) (Re. Exam) 2022]

Correct Answer: (c) 2026
Solution:संविधान के 84 वें संशोधन अधिनियम, 2001 द्वारा अनु. 81(3) एवं अनुच्छेद 82 के परंतुकों में संशोधन करके वर्ष 2000 के स्थान पर लोक सभा में राज्यवार सीटों के आवंटन का निर्धारण वर्ष 2026 के पश्चात की गई पहली जनगणना के सुसंगत आंकड़े प्रकाशित होने तक संशोधित न किए जाने का प्रावधान किया गया है तथा इसके निर्धारण के लिए तब तक वर्ष 1971 की जनगणना ही आधार होगी।

12. भारत के संविधान में निर्धारित की गई लोक सभा में सदस्यों की अधिकतम संख्या हो सकती है : [M.P.P.C.S. (Pre) 2008]

Correct Answer: (d) इनमें से कोई नहीं
Solution:लोक सभा के सदस्य जनता द्वारा प्रत्यक्ष निर्वाचन से चुने जाते हैं। इसके सदस्यों की अधिकतम संख्या 552 (530 राज्यों + 20 संघ राज्यों + 2 एंग्लो-इंडियन समुदाय से) हो सकती थी। [अनुच्छेद 81, 331]। 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा लोक सभा एवं राज्य विधानसभाओं में आंग्ल-भारतीय समुदाय के प्रतिनिधित्व के लिए सदस्यों को नामित करने की व्यवस्था को आगे न बढ़ाते हुए निष्प्रभावी कर दिया गया है और तदनुसार अब लोक सभा के सदस्यों की अधिकतम संख्या 550 ही हो सकती है।

13. निम्न सांविधानिक संशोधन में से कौन-से राज्यों से निर्वाचित होने वाले लोक सभा के सदस्यों की संख्या में वृद्धि करने से संबंधित हैं? [I.A.S. (Pre) 2003 Uttarakhand P.C.S. (Pre) 2005]

Correct Answer: (c) 7 वां तथा 31वां
Solution:सातवें संविधान संशोधन अधिनियम, 1956 द्वारा राज्यों का पुनर्गठन किया गया और अनुच्छेद 81 के तहत राज्यों से निर्वाचित होने वाले लोक सभा सदस्यों की संख्या अधिकतम 500 और संघ राज्यक्षेत्रों से चुने जाने वाले लोक सभा सदस्यों की संख्या अधिकतम 20 (कुल 520) निर्धारित की गई। 31वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1973 द्वारा राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों से चुने जाने वाले लोक सभा सदस्यों की अधिकतम संख्या क्रमशः 525 और 20 (कुल 545) निर्धारित की गई (14वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1962 द्वारा संघ राज्यक्षेत्रों से चुने जाने वाले लोक सभा सदस्यों की अधिकतम संख्या को बढ़ाकर 25 किया गया था, जिसे 31वें संशोधन से पुनः 20 कर दिया गया। तत्पश्चात गोवा, दमन और दीव पुनर्गठन अधिनियम, 1987 के द्वारा निर्वाचित लोक सभा सदस्यों की कुल अधिकतम संख्या बढ़ाकर 550 (530 से अनधिक राज्यों से तथा 20 से अनधिक संघ राज्यक्षेत्रों से) निर्धारित की गई है।

14. संविधान के किस संशोधन ने लोक सभा के सदस्यों की संख्या 525 से बढ़ाकर 545 कर दी? [U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2004]

Correct Answer: (a) 31वें संशोधन ने
Solution:31वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1973 द्वारा लोक सभा में राज्यों के प्रतिनिधित्व की अधिकतम संख्या 500 से बढ़ाकर 525 तथा केंद्रशासित प्रदेशों के सदस्यों की अधिकतम संख्या 25 से घटाकर 20 की गई [अनु. 81(1) में संशोधन द्वारा]। इस प्रकार लोक सभा में कुल निर्वाचित सदस्यों की अधिकतम संख्या 525 से बढ़ाकर 545 की गई। ज्ञातव्य है कि वर्तमान में लोक सभा की अधिकतम निर्वाचित सदस्य संख्या 550 हो सकती है, जिसमें 530 से अनधिक सदस्य राज्यों से तथा 20 से अनधिक सदस्य केंद्रशासित प्रदेशों से निर्वाचित हो सकते हैं (गोवा, दमन एवं दीव पुनर्गठन अधिनियम, 1987 से)। 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा लोक सभा में दो आंग्ल-भारतीय सदस्यों के मनोनयन के प्रावधान को आगे न बढ़ाते हुए निष्प्रभावी कर दिया गया है। वर्तमान में 543 लोक सभा निर्वाचन क्षेत्रों में 524 निर्वाचन क्षेत्र राज्यों के हैं, जबकि शेष 19 निर्वाचन क्षेत्र केंद्रशासित प्रदेशों के (दिल्ली-7, अंडमान एवं निकोबार-1, दादरा और नागर हवेली तथा दमन एवं दीव-2, लक्षद्वीप-1, पुडुचेरी-1, चंडीगढ़-1, जम्मू एवं कश्मीर-5, लद्दाख-1) हैं।

15. लोक सभा में सदस्यों की जो अधिकतम संख्या निर्धारित की गई है, वह है- [U.P. U.D.A./L.D.A. (Pre) 2006]

Correct Answer: (c) 550
Solution:31वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1973 द्वारा लोक सभा में राज्यों के प्रतिनिधित्व की अधिकतम संख्या 500 से बढ़ाकर 525 तथा केंद्रशासित प्रदेशों के सदस्यों की अधिकतम संख्या 25 से घटाकर 20 की गई [अनु. 81(1) में संशोधन द्वारा]। इस प्रकार लोक सभा में कुल निर्वाचित सदस्यों की अधिकतम संख्या 525 से बढ़ाकर 545 की गई। ज्ञातव्य है कि वर्तमान में लोक सभा की अधिकतम निर्वाचित सदस्य संख्या 550 हो सकती है, जिसमें 530 से अनधिक सदस्य राज्यों से तथा 20 से अनधिक सदस्य केंद्रशासित प्रदेशों से निर्वाचित हो सकते हैं (गोवा, दमन एवं दीव पुनर्गठन अधिनियम, 1987 से)। 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा लोक सभा में दो आंग्ल-भारतीय सदस्यों के मनोनयन के प्रावधान को आगे न बढ़ाते हुए निष्प्रभावी कर दिया गया है। वर्तमान में 543 लोक सभा निर्वाचन क्षेत्रों में 524 निर्वाचन क्षेत्र राज्यों के हैं, जबकि शेष 19 निर्वाचन क्षेत्र केंद्रशासित प्रदेशों के (दिल्ली-7, अंडमान एवं निकोबार-1, दादरा और नागर हवेली तथा दमन एवं दीव-2, लक्षद्वीप-1, पुडुचेरी-1, चंडीगढ़-1, जम्मू एवं कश्मीर-5, लद्दाख-1) हैं।

16. लोक सभा की वर्तमान सदस्य संख्या क्या है? [M.P.P.C.S. (Pre) 2010]

Correct Answer: (b) 543
Solution:31वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1973 द्वारा लोक सभा में राज्यों के प्रतिनिधित्व की अधिकतम संख्या 500 से बढ़ाकर 525 तथा केंद्रशासित प्रदेशों के सदस्यों की अधिकतम संख्या 25 से घटाकर 20 की गई [अनु. 81(1) में संशोधन द्वारा]। इस प्रकार लोक सभा में कुल निर्वाचित सदस्यों की अधिकतम संख्या 525 से बढ़ाकर 545 की गई। ज्ञातव्य है कि वर्तमान में लोक सभा की अधिकतम निर्वाचित सदस्य संख्या 550 हो सकती है, जिसमें 530 से अनधिक सदस्य राज्यों से तथा 20 से अनधिक सदस्य केंद्रशासित प्रदेशों से निर्वाचित हो सकते हैं (गोवा, दमन एवं दीव पुनर्गठन अधिनियम, 1987 से)। 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा लोक सभा में दो आंग्ल-भारतीय सदस्यों के मनोनयन के प्रावधान को आगे न बढ़ाते हुए निष्प्रभावी कर दिया गया है। वर्तमान में 543 लोक सभा निर्वाचन क्षेत्रों में 524 निर्वाचन क्षेत्र राज्यों के हैं, जबकि शेष 19 निर्वाचन क्षेत्र केंद्रशासित प्रदेशों के (दिल्ली-7, अंडमान एवं निकोबार-1, दादरा और नागर हवेली तथा दमन एवं दीव-2, लक्षद्वीप-1, पुडुचेरी-1, चंडीगढ़-1, जम्मू एवं कश्मीर-5, लद्दाख-1) हैं।

17. लोक सभा में केंद्रशासित क्षेत्रों का सर्वाधिक प्रतिनिधित्व कितना हो सकता है? [U.P.P.C.S. (Pre) 2018]

Correct Answer: (b) 20
Solution:31वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1973 द्वारा लोक सभा में राज्यों के प्रतिनिधित्व की अधिकतम संख्या 500 से बढ़ाकर 525 तथा केंद्रशासित प्रदेशों के सदस्यों की अधिकतम संख्या 25 से घटाकर 20 की गई [अनु. 81(1) में संशोधन द्वारा]। इस प्रकार लोक सभा में कुल निर्वाचित सदस्यों की अधिकतम संख्या 525 से बढ़ाकर 545 की गई। ज्ञातव्य है कि वर्तमान में लोक सभा की अधिकतम निर्वाचित सदस्य संख्या 550 हो सकती है, जिसमें 530 से अनधिक सदस्य राज्यों से तथा 20 से अनधिक सदस्य केंद्रशासित प्रदेशों से निर्वाचित हो सकते हैं (गोवा, दमन एवं दीव पुनर्गठन अधिनियम, 1987 से)। 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा लोक सभा में दो आंग्ल-भारतीय सदस्यों के मनोनयन के प्रावधान को आगे न बढ़ाते हुए निष्प्रभावी कर दिया गया है। वर्तमान में 543 लोक सभा निर्वाचन क्षेत्रों में 524 निर्वाचन क्षेत्र राज्यों के हैं, जबकि शेष 19 निर्वाचन क्षेत्र केंद्रशासित प्रदेशों के (दिल्ली-7, अंडमान एवं निकोबार-1, दादरा और नागर हवेली तथा दमन एवं दीव-2, लक्षद्वीप-1, पुडुचेरी-1, चंडीगढ़-1, जम्मू एवं कश्मीर-5, लद्दाख-1) हैं।

18. आम चुनाव 2009 में 543 लोक सभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चुनाव हुआ। इनमें से कितने लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र राज्यों के थे? [U.P.P.C.S. (Mains) 2007]

Correct Answer: (c) 530
Solution:आम चुनाव 2009 के कुल 543 लोक सभा निर्वाचन क्षेत्रों में से 530 राज्यों से तथा 13 संघ राज्य क्षेत्रों से थे। जम्मू और कश्मीर राज्य के दो संघ राज्यक्षेत्रों में परिवर्तन के बाद वर्तमान में 524 निर्वाचन क्षेत्र राज्यों से तथा 19 संघ राज्यक्षेत्रों से हैं।

19. लोक सभा में केंद्रशासित प्रदेशों के लिए कितनी सीटें (स्थान) आरक्षित हैं? [Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2007 U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2008]

Correct Answer: (a) 20
Solution:संविधान के अनु. 81 (31वें संविधान संशोधन, 1973 तथा गोवा, दमन एवं दीव पुनर्गठन अधिनियम, 1987 द्वारा यथा संशोधित) के अनुसार, लोक सभा के लिए अधिकतम 530 सदस्य राज्यों के निर्वाचन क्षेत्रों से तथा अधिकतम 20 सदस्य केंद्रशासित प्रदेशों से निर्वाचित हो सकते हैं। वर्तमान में संघ राज्यक्षेत्रों की लोक सभा सीटों की निर्धारित संख्या 19 (दिल्ली- 7, अंडमान-निकोबार-1, चंडीगढ़-1, दादरा और नागर हवेली तथा दमन और दीव-2, लक्षद्वीप-1, पुडुचेरी-1, जम्मू एवं कश्मीर-5 तथा लद्दाख 1) है, जबकि राज्य सभा में यह निर्धारित संख्या 8 (दिल्ली-3, पुडुचेरी-1 और जम्मू एवं कश्मीर-4) है।

20. भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत लोक सभा में अनुसूचित जातियों के आरक्षण का प्रावधान किया गया था? [64th B.P.S.C. (Pre) 2018]

Correct Answer: (a) अनुच्छेद 330
Solution:भारतीय संविधान के अनु. 330 (1) के उपखंड (क) के तहत लोक सभा में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है। वहीं अनु. 330 (1) के उपखंड (ख) में असम के स्वशासी जिलों की अनुसूचित जनजातियों को छोड़कर अन्य अनुसूचित जनजातियों के लिए तथा उपखंड (ग) में असम के स्वशासी जिलों की अनुसूचित जनजातियों के लिए लोक सभा में आरक्षण की व्यवस्था की गई है।