संसद-I. लोक सभा

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21. निम्नांकित राज्यों में अनुसूचित जनजातियों के लिए लोक सभा में स्थान आरक्षित नहीं है- [U.P.P.C.S. (Pre) 1998]

Correct Answer: (a) केरल तथा तमिलनाडु
Solution:प्रश्नावधि में अग्रांकित राज्यों/ संघ राज्यक्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के लिए लोक सभा में स्थान आरक्षित नहीं थे अरुणाचल प्रदेश, बिहार, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, कर्नाटक, केरल, मेघालय, नगालैंड, पंजाब, सिक्किम, तमिलनाडु, उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश राज्यों में तथा दादरा और नगर हवेली एवं लक्षद्वीप के अतिरिक्त अन्य संघ राज्यक्षेत्रों में। वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद कर्नाटक और मेघालय में अनुसूचित जनजातियों के लिए लोक सभा में स्थान आरक्षित (2-2 सीटें) किए गए हैं, जबकि शेष उपर्युक्त राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों में पूर्वस्थिति है। इस प्रकार वर्तमान में विकल्प (a) सही उत्तर है। वर्तमान में अनुसूचित जातियों के लिए लोक सभा में अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा राज्यों में तथा दिल्ली को छोड़कर अन्य सभी संघ राज्यक्षेत्रों (जम्मू और कश्मीर एवं लद्दाख सहित) में स्थान आरक्षित नहीं हैं।

22. किस राज्य की लोक सभा में अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण नहीं है? [U.P.P.C.S. (Pre) 2000]

Correct Answer: (e) (a) & (b)
Solution:प्रश्नावधि में अग्रांकित राज्यों/ संघ राज्यक्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के लिए लोक सभा में स्थान आरक्षित नहीं थे अरुणाचल प्रदेश, बिहार, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, कर्नाटक, केरल, मेघालय, नगालैंड, पंजाब, सिक्किम, तमिलनाडु, उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश राज्यों में तथा दादरा और नगर हवेली एवं लक्षद्वीप के अतिरिक्त अन्य संघ राज्यक्षेत्रों में। वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद कर्नाटक और मेघालय में अनुसूचित जनजातियों के लिए लोक सभा में स्थान आरक्षित (2-2 सीटें) किए गए हैं, जबकि शेष उपर्युक्त राज्यों/संघ राज्यक्षेत्रों में पूर्वस्थिति है। इस प्रकार वर्तमान में विकल्प (a) सही उत्तर है। वर्तमान में अनुसूचित जातियों के लिए लोक सभा में अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा राज्यों में तथा दिल्ली को छोड़कर अन्य सभी संघ राज्यक्षेत्रों (जम्मू और कश्मीर एवं लद्दाख सहित) में स्थान आरक्षित नहीं हैं।

23. लोक सभा में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित स्थानों की संख्या कितनी है? [M.P.P.C.S. (Pre) 2018]

Correct Answer: (d) 84
Solution:लोक सभा में संविधान के अनुच्छेद 330 के तहत अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण का प्रावधान है। वर्तमान में लोक सभा में कुल 84 सीटें अनुसूचित जातियों के लिए तथा 47 सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित हैं।

24. यदि किसी राज्य के लिए लोक सभा के स्थानों की आवंटित संख्या 42 हो, तो उस राज्य के लिए अनुसूचित जातियों हेतु आरक्षित स्थानों की संख्या होगी- [I.A.S. (Pre) 1996 U.P.R.O./A.R.O. (Mains) 2014]

Correct Answer: (d) 6
Solution:अनुच्छेद 330(2) के अधीन किसी राज्य (या संघ राज्यक्षेत्र) में अनुसूचित जातियों या अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित स्थानों की संख्या का अनुपात, लोक सभा में उस राज्य (या संघ राज्यक्षेत्र) को आवंटित स्थानों की कुल संख्या से वही होगा, जो उस राज्य (या संघ राज्यक्षेत्र) की अनुसूचित जातियों की अथवा उस राज्य (या संघ राज्यक्षेत्र) की या उस राज्य (या संघ राज्यक्षेत्र) के भाग की अनुसूचित जनजातियों की, जिनके संबंध में स्थान इस प्रकार आरक्षित हैं, जनसंख्या का अनुपात उस राज्य या संघ राज्यक्षेत्र की कुल जनसंख्या से है। उदाहरणार्थ, वर्ष 1996 में पश्चिम बंगाल एवं तत्कालीन आंध्र प्रदेश में लोक सभा सदस्यों की संख्या 42 थी, जिसमें अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित सीटें क्रमशः 8 एवं 6 थीं। वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद इन दोनों राज्यों में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित स्थान क्रमशः 10 एवं 7 थे। वर्तमान में (तेलंगाना राज्य के गठन के बाद) आंध्र प्रदेश तथा तेलंगाना में अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित स्थान क्रमशः 4 एवं 3 हैं। तदनुसार, अब 42 लोक सभा सीटों वाला एकमात्र राज्य पश्चिम बंगाल है, जहां अनुसूचित जातियों के लिए 10 तथा अनुसूचित जनजातियों के लिए 2 लोक सभा सीटें आरक्षित हैं।

25. लोक सभा में अनुसूचित जनजातियों के लिए निम्न में से किस राज्य में सर्वाधिक आरक्षित सीटें हैं? [U.P. P.C.S. (Mains) 2005]

Correct Answer: (c) मध्य प्रदेश
Solution:

वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद देश के सभी राज्यों में लोक सभा में अनुसूचित जनजातियों के लिए सर्वाधिक आरक्षित सीटें मध्य प्रदेश में (6) हैं। उत्तर प्रदेश एवं बिहार में ऐसी सीटों की संख्या शून्य है, जबकि गुजरात में ऐसी सीटें 4 हैं।

26. निम्नलिखित में से कौन-सा राज्य लोक सभा में अनुसूचित जनजातियों के सर्वाधिक प्रतिनिधि निर्वाचित करता है? [U.P.P.C.S. (Pre) 1997]

Correct Answer: (c) मध्य प्रदेश
Solution:

वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद देश के सभी राज्यों में लोक सभा में अनुसूचित जनजातियों के लिए सर्वाधिक आरक्षित सीटें मध्य प्रदेश में (6) हैं। उत्तर प्रदेश एवं बिहार में ऐसी सीटों की संख्या शून्य है, जबकि गुजरात में ऐसी सीटें 4 हैं।

27. निम्न में से किस राज्य से लोक सभा की सबसे ज्यादा सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं? [Chhattisgarh P.C.S. (Pre) 2021]

Correct Answer: (d) मध्य प्रदेश
Solution:

वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद देश के सभी राज्यों में लोक सभा में अनुसूचित जनजातियों के लिए सर्वाधिक आरक्षित सीटें मध्य प्रदेश में (6) हैं। उत्तर प्रदेश एवं बिहार में ऐसी सीटों की संख्या शून्य है, जबकि गुजरात में ऐसी सीटें 4 हैं।

28. लोक सभा में आंग्ल-भारतीय समुदाय से सदस्य मनोनीत करने की शक्ति किसके पास है? [44th B.P.S.C. (Pre) 2000]

Correct Answer: (b) भारत के राष्ट्रपति
Solution:अनुच्छेद 331 के अनुसार, यदि राष्ट्रपति की राय में लोक सभा में आंग्- ल-भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व पर्याप्त नहीं है, तो वह इस समुदाय के अधिकतम 2 सदस्यों को मनोनीत कर सकता था। यह प्रावधान मूल संविधान में अनुच्छेद 334 के तहत केवल 10 वर्षों की अवधि के लिए था, जिसे क्रमिक रूप से संविधान संशोधनों द्वारा आगे बढ़ाया जाता रहा था। 95वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2009 द्वारा यह अवधि संविधान के प्रारंभ से 70 वर्ष तक निर्धारित की गई थी। 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 के द्वारा, अनु. 334 में संशोधन कर लोक सभा एवं राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण की अवधि को तो 70 वर्ष से बढ़ाकर 80 वर्ष किया गया है परंतु आंग्ल-भारतीय सदस्यों के नामांकन के प्रावधान को 70 वर्ष के बाद निष्प्रभावी कर दिया गया है।

29. राष्ट्रपति आंग्ल-भारतीय समुदाय से कितने सदस्यों को नामित कर सकता है, यदि वह इस राय का है कि लोक सभा में इस समुदाय का पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है? [U.P.P.C.S. (Pre) 2014]

Correct Answer: (d) 2
Solution:अनुच्छेद 331 के अनुसार, यदि राष्ट्रपति की राय में लोक सभा में आंग्- ल-भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व पर्याप्त नहीं है, तो वह इस समुदाय के अधिकतम 2 सदस्यों को मनोनीत कर सकता था। यह प्रावधान मूल संविधान में अनुच्छेद 334 के तहत केवल 10 वर्षों की अवधि के लिए था, जिसे क्रमिक रूप से संविधान संशोधनों द्वारा आगे बढ़ाया जाता रहा था। 95वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2009 द्वारा यह अवधि संविधान के प्रारंभ से 70 वर्ष तक निर्धारित की गई थी। 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 के द्वारा, अनु. 334 में संशोधन कर लोक सभा एवं राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण की अवधि को तो 70 वर्ष से बढ़ाकर 80 वर्ष किया गया है परंतु आंग्ल-भारतीय सदस्यों के नामांकन के प्रावधान को 70 वर्ष के बाद निष्प्रभावी कर दिया गया है।

30. भारत का राष्ट्रपति लोक सभा में दो सदस्यों को, निम्न में से किसका प्रतिनिधित्व करने के लिए मनोनीत कर सकता है? [Uttarakhand U.D.A./L.D.A. (Pre) 2007]

Correct Answer: (b) आंग्ल-भारतीय
Solution:अनुच्छेद 331 के अनुसार, यदि राष्ट्रपति की राय में लोक सभा में आंग्- ल-भारतीय समुदाय का प्रतिनिधित्व पर्याप्त नहीं है, तो वह इस समुदाय के अधिकतम 2 सदस्यों को मनोनीत कर सकता था। यह प्रावधान मूल संविधान में अनुच्छेद 334 के तहत केवल 10 वर्षों की अवधि के लिए था, जिसे क्रमिक रूप से संविधान संशोधनों द्वारा आगे बढ़ाया जाता रहा था। 95वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2009 द्वारा यह अवधि संविधान के प्रारंभ से 70 वर्ष तक निर्धारित की गई थी। 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 के द्वारा, अनु. 334 में संशोधन कर लोक सभा एवं राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण की अवधि को तो 70 वर्ष से बढ़ाकर 80 वर्ष किया गया है परंतु आंग्ल-भारतीय सदस्यों के नामांकन के प्रावधान को 70 वर्ष के बाद निष्प्रभावी कर दिया गया है।