1. भारत का राष्ट्रपति ऐसे स्थान पर जिसे वह ठीक समझे, संसद का सत्र आहूत (आह्वान) कर सकता है।
2. भारत का संविधान एक वर्ष में संसद के तीन सत्रों का प्रावधान करता है, किंतु सभी तीन सत्रों का चलाया जाना अनिवार्य नहीं है।
3. एक वर्ष में दिनों की कोई न्यूनतम संख्या निर्धारित नहीं है, जब संसद का चलना आवश्यक हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Correct Answer: (c) केवल 1 और 3
Solution:भारतीय संविधान के अनुच्छेद 85 (1) में वर्णित है कि राष्ट्रपति समय-समय पर संसद के प्रत्येक सदन को ऐसे समय और स्थान पर, जो वह ठीक समझे, अधिवेशन के लिए आहूत करेगा, किंतु उसके एक सत्र की अंतिम बैठक और आगामी सत्र की प्रथम बैठक के लिए नियत तारीख के बीच छह मास का अंतर नहीं होगा। अतः इससे स्पष्ट है कि भारत का राष्ट्रपति ऐसे स्थान पर जिसे वह ठीक समझे, संसद का सत्र आहूत (आह्वान) कर सकता है। अनुच्छेद 85(1) से यह अर्थ भी लगाया जा सकता है कि दो अधिवेशन बैठकों के मध्य छह मास से अधिक का अंतर नहीं होगा। अतः संविधान एक वर्ष में संसद के न्यूनतम दो सत्रों का प्रावधान करता है। परंतु एक वर्ष में दिनों की कोई न्यूनतम संख्या निर्धारित नहीं है, जब संसद का चलना आवश्यक हो।