Correct Answer: (a) कुमकुम धर - कुचिपुड़ी
Solution:- कुमकुम घर एक प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना हैं, जिन्होंने कला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
- कुमकुम घर को कथक नृत्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
- गलत जोड़ी का विवरण
- कुमकुम धर कुचिपुड़ी नृत्य से जुड़ी नहीं हैं। वे मुख्य रूप से भरतनाट्यम या अन्य शैलियों की नृत्यांगना हो सकती हैं
- लेकिन कुचिपुड़ी के प्रसिद्ध कलाकार यामिनी कृष्णमूर्ति, राजा रेड्डी एवं राधा रेड्डी जैसे हैं।
- कुचिपुड़ी आंध्र प्रदेश की शास्त्रीय नृत्य शैली है, जो तीव्र लय, प्रवाहपूर्ण गति और नाटकीय अभिनय के लिए जानी जाती है।
- अन्य सामान्य गलत जोड़ियाँ
- कभी-कभी परीक्षाओं में ये भी गलत बताई जातीभारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा अत्यंत समृद्ध है
- जिसमें विभिन्न नर्तक-नर्तकियों ने विशिष्ट शैलियों को लोकप्रिय बनाया। प्रश्न में "निम्नलिखित में से" कहा गया है
- लेकिन कोई विकल्प सूचीबद्ध नहीं हैं, इसलिए सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नों के आधार पर सबसे आम गलत जोड़ी कुमकुम धर - कुचिपुड़ी है।
- शास्त्रीय नृत्य शैलियाँ
- भारत की मान्यता प्राप्त 8 शास्त्रीय नृत्य शैलियाँ हैं
- भरतनाट्यम (तमिलनाडु), कथक (उत्तर भारत), कथकली (केरल), कुचिपुड़ी (आंध्र प्रदेश), ओडिसी (ओडिशा), मोहिनीअट्टम (केरल), मणिपुरी (मणिपुर) और सत्रिया (असम)।
- ये नृत्य नाट्यशास्त्र पर आधारित हैं और भाव, राग, ताल के समन्वय पर केंद्रित हैं।
- प्रसिद्ध जोड़ियाँ
- सितारा देवी - कथक: कथक की थारी वंश की प्रमुख नर्तकी, जिन्होंने तेज़ चक्कर और घुंघरू की धुन से इसे वैभव प्रदान किया।
- यामिनी कृष्णमूर्ति - भरतनाट्यम: भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी दोनों में निपुण, लेकिन मुख्यतः भरतनाट्यम से जुड़ी।
- पंडित बिरजू महाराज - कथक: लखनऊ घराने के आचार्य, जिन्होंने कथक को वैश्विक पहचान दी।
- पद्म सुब्रह्मण्यम - भरतनाट्यम: तंजावुर घराने की प्रमुख, जिन्होंने शरद राम की परंपरा को आगे बढ़ाया।
- इंद्राणी रहमान - ओडिसी: ओडिसी को पुनर्जनन देने वाली प्रमुख नर्तकी।
- गलत जोड़ी का विश्लेषण
- कुमकुम धर कुचिपुड़ी से संबंधित नहीं हैं।
- कुमकुम धर मुख्य रूप से कथक नृत्य से जुड़ी हैं
- जबकि कुचिपुड़ी के प्रमुख कलाकार राजा रेड्डी, राधा रेड्डी और यामिनी कृष्णमूर्ति हैं।
- यह जोड़ी SSC जैसी परीक्षाओं में बार-बार गलत के रूप में आती है।
- अन्य सामान्य गलतियाँ
- शोभना नारायण - कथक: सही, कथक की विशेषज्ञ।
- दमयंती जोशी - कथक: जयपुर घराने की।
- कुछ प्रश्नों में पंडित बिरजू महाराज को सत्रिया से जोड़ा जाता है, जो गलत है (सही: कथक)।
- नृत्य शैलियों की विशेषताएँ
- कुचिपुड़ी: पुरुष प्रधान, तीव्र लय, आंध्र से; इसमें नृत्य-नाटक का मिश्रण।
- भरतनाट्यम: स्थिर धड़, जटिल पद, भावपूर्ण हस्तमुद्राएँ।
- यह ज्ञान प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी है, जहाँ ऐसी जोड़ियाँ बारंबार परीक्षित होती हैं।