Correct Answer: (a) जयपुर, बनारस, लखनऊ
Solution:- कथक को चार अलग-अलग शैलियों में विभाजित किया गया है जिन्हें 'घराना' कहा जाता है
- जिनका नाम उन स्थानों के नाम पर रखा गया है, जहां कथक नृत्य की परंपरा विकसित हुई।
- इन घरानों में शामिल हैं-जयपुर, रायगढ़, बनारस और लखनऊ घराना।
- घरानों के शहर
- कथक के ये चार घराने नृत्य शैलियों में विविधता लाते हैं। मुख्य शहर इस प्रकार हैं:
- जयपुर
- लखनऊ
- बनारस (वाराणसी)
- रायगढ़
- जयपुर घराना
- यह घराना राजस्थान के जयपुर शहर से जुड़ा है।
- इसमें तेज़ पैरों की गति (तत्कार), चक्कर और लयबद्ध तकनीक पर जोर दिया जाता है।
- यह शैली शक्तिशाली और जटिल फुटवर्क के लिए प्रसिद्ध है।
- लखनऊ घराना
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ शहर से उत्पन्न यह घराना नवाबी दरबारों से प्रभावित है।
- अभिनय, भाव-भंगिमा, कोमल हस्तमुद्राएँ और अभिव्यक्ति इसकी विशेषता है। यह सबसे लोकप्रिय घराना माना जाता है।
- बनारस घराना
- वाराणसी (बनारस) से विकसित यह शैली भक्ति और कथावाचन पर केंद्रित है।
- चेहरे के भाव, आकर्षक हस्तgesture और धार्मिक कहानियों का चित्रण इसमें प्रमुख है। यह लखनऊ से मिलता-जुलता लेकिन अधिक नाटकीय है।
- रायगढ़ घराना
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ से जुड़ा यह कम प्रसिद्ध लेकिन महत्वपूर्ण घराना है। यह अन्य घरानों का मिश्रण है
- जिसमें तेज़ फुटवर्क और अभिनय दोनों शामिल हैं। महाराजा चक्रपाणि से इसकी शुरुआत मानी जाती है।
- ये घराने कथक की गुरु-शिष्य परंपरा से विकसित हुए, और आजकल कलाकार अक्सर इन्हें मिलाकर प्रस्तुत करते हैं।