Correct Answer: (a) ओडिशा की रथ यात्रा
Solution:- चेरा पंहारा अनुष्ठान ओडिशा की रथ यात्रा (जगन्नाथ रथ यात्रा) से संबंधित है। इस उत्सव का उद्घाटन चेरा पंहारा द्वारा किया जाता है।
- इसमें भगवान के सेवक के रूप में गजपति शासक, रथों के आगे बढ़ने से पहले प्रत्येक रथ के मंच पर झाडू लगाते हैं।
- भक्त इन बड़े रथों (भगवान जगन्नाथ रथ, देवी सुभद्रा रथ और भगवान बलभद्र रथ) को मुख्य मार्ग पर तीन किमी., देवताओं के 'वाटिका गृह' उनकी मौसी 'गुंडीचा' के घर तक ले जाते हैं।
- एक सप्ताह तक यहां रहने के बाद देवताओं को श्री मंदिर में लाया जाता है।
- अनुष्ठान का अर्थ
- यह शब्द संस्कृत के 'छेरा' (झाड़ू लगाना) और 'पंहारा' (पानी छिड़कना) से बना है, जो रथों के मार्ग को शुद्ध करने की प्रक्रिया दर्शाता है।
- रथ यात्रा के पहले दिन, पोहंडी बिजे (भगवान को रथ पर विराजमान करने) के ठीक बाद यह रस्म होती है।
- कैसे किया जाता है
- पुरी के गजपति महाराज (ओडिशा के पारंपरिक राजा) स्वर्ण झाड़ू (सोने की झाड़ू) से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथों के आगे के रास्ते की सफाई करते हैं।
- इसके बाद चंदन मिश्रित पवित्र जल छिड़का जाता है।
- राजा खुद को भगवान का 'प्रथम सेवक' मानकर यह सेवा निभाते हैं।
- महत्व और संदेश
- यह रस्म विनम्रता, समानता और भक्ति का प्रतीक है
- जो सिखाती है कि ईश्वर के सामने राजा और सामान्य भक्त बराबर हैं।
- यह सदियों पुरानी परंपरा है, जिसका उल्लेख स्कंद पुराण जैसे ग्रंथों में मिलता है, और यह सेवा, शुद्धता व समर्पण का संदेश देती है।