Correct Answer: (c) तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा।
Solution:- सुभाष चंद्र बोस द्वारा उद्धृत किया गया था-तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा।
- यह नारा 1944 में भारतीय राष्ट्रीय सेना के सदस्यों को दिया गया था और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बोस की क्रांतिकारी भावनाओं को दर्शाता है।
- इस कथन का उद्देश्य था भारतवासियों में देशभक्ति और स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने का जज़्बा जगाना।
- इसके अलावा, बोस के कई प्रेरणादायक और राष्ट्रीय चेतना जगाने वाले विचार भी प्रसिद्ध हैं, जैसे कि संघर्ष के बिना जीवन का आधा स्वाद खत्म हो जाता है
- सफलता असफलता के स्तंभ पर खड़ी होती है, और जो अपनी ताकत पर भरोसा करते हैं
- वे आगे बढ़ते हैं। ये कथन युवाओं और स्वतंत्रता सेनानियों को हिम्मत और प्रेरणा देते रहे हैं।
- बोस के उद्धृत अन्य प्रेरक कथन इस प्रकार हैं:
- "अगर जीवन में संघर्ष न रहे, किसी भी भय का सामना न करना पड़े, तो जीवन का आधा स्वाद ही समाप्त हो जाता है।"
- "सफलता हमेशा असफलता के स्तंभ पर खड़ी होती है, इसलिए किसी को भी असफलता से घबराना नहीं चाहिए।"
- "शाश्वत नियम याद रखें- यदि आप कुछ पाना चाहते हैं, तो आपको कुछ देना होगा।"
- "अगर कभी झुकने की नौबत आए तो वीरों की तरह झुको।"
- सुभाष चंद्र बोस के ये विचार देशभक्ति, आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत के महत्व को बखूबी दर्शाते हैं और आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
- उनकी यह सोच भारत की आजादी की लड़ाई में एक प्रबल प्रेरक शक्ति थी और उन्होंने देश के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया।
- इस प्रकार, यदि किसी कथन का सीधे तौर पर उल्लेख किया जाए जो बोस से जोड़ा जाता है,
- तो वह होगा "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा," जो उनके क्रांतिकारी दृष्टिकोण का सार है और स्वतंत्रता संग्राम के सबसे प्रभावशाली नारे में से एक है.